Shuru
Apke Nagar Ki App…
गलियों में अतिक्रमण हटाओ शहर में क्यों नहीं ? प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल.. बांदा में चंदा देवी इंटर कॉलेज के सामने वाली गली में प्रशासन ने अतिक्रमण हटा हुआ अभियान चलाए लेकिन शहर के मुख्य सड़कों पर रोग लगने वाले जाम के बीच सवाल उठ रहा है की कार्रवाई गलियों तक क्यों सीमित रही क्या यह अभियान किसी विशेष शिकायत या दबाव में हुआ ? जनता मुख्य मार्गों पर भी सामान शक्ति की अपेक्षा कर रही है
Amod Kumar
गलियों में अतिक्रमण हटाओ शहर में क्यों नहीं ? प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल.. बांदा में चंदा देवी इंटर कॉलेज के सामने वाली गली में प्रशासन ने अतिक्रमण हटा हुआ अभियान चलाए लेकिन शहर के मुख्य सड़कों पर रोग लगने वाले जाम के बीच सवाल उठ रहा है की कार्रवाई गलियों तक क्यों सीमित रही क्या यह अभियान किसी विशेष शिकायत या दबाव में हुआ ? जनता मुख्य मार्गों पर भी सामान शक्ति की अपेक्षा कर रही है
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- *ब्रेकिंग न्यूज बांदा* *बांदा*-अतिक्रमण हटाते समय पोकलैंड मशीन के ऊपर गिरा पूरा मकान बड़ी घटना होते होते टली घटना का लाइव वीडियो आया सामने घटना में पोकलैंड चालक हुआ घायल सीओ सौरभ् सिंह एवं उप जिलाधिकारी के तत्परता से ड्राइवर को जेसीबी से सकुशल निकाल कर भिजवाया गया अस्पताल चालक को इलाज के लिए अस्पताल में कराया गया भर्ती व्यापारियों ने घटना के लिए तहसील प्रशासन सहित पीडब्ल्यूडी को ठहराया दोषी लापरवाही पूर्ण तरीके से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से किसी भी समय हो सकता है बड़ा हादसा मामला बांदा जनपद के बबेरू कस्बे में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़ा हुआ हैl2
- बांदा में चंदा देवी इंटर कॉलेज के सामने वाली गली में प्रशासन ने अतिक्रमण हटा हुआ अभियान चलाए लेकिन शहर के मुख्य सड़कों पर रोग लगने वाले जाम के बीच सवाल उठ रहा है की कार्रवाई गलियों तक क्यों सीमित रही क्या यह अभियान किसी विशेष शिकायत या दबाव में हुआ ? जनता मुख्य मार्गों पर भी सामान शक्ति की अपेक्षा कर रही है1
- Post by C News भारत1
- Post by Mamta chaurasiya3
- बांदा से बड़ी खबर — योगी सरकार के सख्त आदेश बेअसर! केन नदी में धड़ल्ले से अवैध खनन जारी। न्यू यूरेका माइनस एंड मिनरल्स प्रा० लि० के नाम पट्टा आवंटित है मालिक हिमांशु मीणा और संचालक बबलू सिंह , अशोक यादव , कैलाश यादव उड़ा रहे नियमों की धज्जियां। योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति की हवा निकाल रहे हैं मौरंग माफिया और डीएम जे० रीभा के कड़े निर्देशों के बावजूद साड़ी खंड 77 में केन नदी की जलधारा के बीच पोकलैंड मशीनों से अवैध मौरंग खनन कर रहे हैं। नदी के अंदर कई पुल बनाकर ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी, जलधारा और पर्यावरण पर बड़ा खतरा। ग्रामीणों ने खनिज विभाग पर मिलीभगत के आरोप लगाए — शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं। सवाल बड़ा — क्या कागज़ों तक सीमित है खनन पर रोक… या जिम्मेदारों पर चलेगा बुलडोजर? बांदा प्रशासन के जिम्मेदार मौन1
- मौदहा हमीरपुर प्रदेश सरकार जहां महिला सुरक्षा के नाम पर मिशन शक्ति सहित अन्य जागरूकता अभियान चला रही है तो वहीं कोतवाली के निकट चर्च के आसपास बन चुके कोचिंग हब के आसपास सारा दिन शोहदे छात्रों से छेड़छाड़ करते हैं शुक्रवार शाम भी ऐसे ही मामले को लेकर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बहन से छेड़छाड़ को मना करने पर शोहदे ने भाई के ऊपर तबा तोड़ चाकुओं से किया हमला युवक गंभीर रूप से घायल मौजूद लोगों ने युवक को सीएससी मौदहा में कराया भर्ती युवक की हालत नाजुक देख प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल किया गया रेफर1
- #Apkiawajdigital पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक भयानक आत्मघाती धमाका हुआ, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। तरलाई कलां क्षेत्र स्थित इमामबारगाह खदीजातुल कुबरा (Khadijatul Kubra Imambargah) में यह विस्फोट हुआ, जहां बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग नमाज अदा करने के लिए जमा थे। पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने इमामबारगाह के मुख्य द्वार पर खुद को उड़ा लिया, जिससे जोरदार ब्लास्ट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इमारत की खिड़कियां चूर-चूर हो गईं, आसपास के घरों को नुकसान पहुंचा और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ लोग जमीन पर पड़े थे, जबकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अभी तक की रिपोर्ट्स में कम से कम "31 लोगों की मौत" हो चुकी है और "169 से अधिक घायल"हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह इस्लामाबाद में पिछले एक दशक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इसे सुसाइड बॉम्बिंग बताया गया है। हमलावर को गेट पर रोका गया था, लेकिन वह अंदर दाखिल होकर खुद को उड़ा लिया। कोई संगठन अभी तक जिम्मेदारी नहीं ले सका है, लेकिन जांच एजेंसियां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) या इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी समूहों की संभावना तलाश रही हैं, जो पहले भी शिया समुदाय पर हमले कर चुके हैं। धमाके के बाद इस्लामाबाद में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया है, सड़कों पर भारी पुलिस और रेंजर्स तैनात हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड सक्रिय कर दिए गए हैं और घायलों के इलाज के लिए अतिरिक्त स्टाफ बुलाया गया है। राजनीतिक नेताओं, विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। इसे "मानवता और धर्म पर हमला" करार देते हुए शांति और सुरक्षा की अपील की गई है। यह घटना पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- *3.36 लाख लोगों को खिलाएंगे फाइलेरिया रोधी दवा* बाँदा।प्रदेश फाइलेरिया उन्मूलन की ओर अग्रसर है। जिले के नरैनी ब्लाक को भी इस बीमारी से मुक्त कराना है। इसलिए ब्लाक के सभी पात्र तीन लाख 36 हजार लोगों को 10 से 28 फरवरी के बीच चलने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान के दौरान फाइलेरियारोधी दवाएं खिलानी है। यही फाइलेरिया जैसी गंभीर व दीर्घकालिक बीमारी से बचाव का एकमात्र उपाय है। अभियान के तहत फाइलेरियारोधी दवाएं—आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल, स्वास्थ्यकर्मियों के सामने खिलाई जाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 51 जिलों के 782 ब्लाक में फैली यह बीमारी अब सिमट रही है। इस बार के आईडीए अभियान में 21 जिलों के 64 ब्लाक में ही यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें जिले का नरैनी ब्लाक भी है। हमें अपने जिले से इस बीमारी को भगाना है। इसका एक ही तरीका है कि एक साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व अत्यंत गंभीर मरीजों के अलावा सभी लोग स्वधर्म समझकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करें। सीएमओ कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने बताया कि कालिंजर उत्सव में भी 15 से 17 फरवरी तक कैम्प लगाकर मेले में आने वाले सभी लोगों को दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा 17 फरवरी को फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि आईडीए अभियान पाँच स्तम्भीय रणनीति पर आधारित है, जिसमें डब्ल्यूएचओ अनुशंसित दवाओं का प्रत्यक्ष निगरानी में सेवन, रुग्णता प्रबंधन एवं रोकथाम, वेक्टर नियंत्रण, विभागीय समन्वय तथा जन-आंदोलन के रूप में समुदाय की भागीदारी शामिल है। इसके साथ ही डिजिटल टूल्स के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग एवं नए डायग्नोस्टिक उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि फाइलेरिया, (हाथीपांव) मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला संक्रामक तथा दिव्यांगता उत्पन्न करने वाला रोग है। पहले यह जिले के 10 ब्लाक में फैला था लेकिन दवा सेवन का उच्च कवरेज प्राप्त होने के कारण नौ ब्लाक में प्रसार काफी कम हो गया है, इसलिए इस बार सिर्फ नरैनी ब्लॉक में आईडीए अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। यदि किसी कारणवश घर पर दवा सेवन संभव न हो, तो आशा कार्यकर्ता के घर को डिपो के रूप में चिन्हित किया गया है, जहाँ जाकर दवा का सेवन किया जा सकता है। संवेदीकरण कार्यशाला में समुदाय स्तर पर सीएचओ-पीएसपी प्लेटफार्म के माध्यम से जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने वाली बघेलाबारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ रोशनी ने बताया कि उनका समूह लगातार आसपास के गांव में लोगों में जागरूकता फैलाता है। वे न सिर्फ फाइलेरिया ब्लकि ट्यूबरक्लोसिस समेत अन्य रोगों के प्रति भी लोगों को जागरूक करते हैं। बदौसा गांव से आए फाइलेरिया मरीज दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें 25 साल पहले हाथीपांव हो गया था। बहुत इलाज कराया लेकिन ठीक नहीं हुआ। अब तो बस एक ही लक्ष्य है कि किसी और को यह रोग न हो। इसके लिए भरसक जागरूकता करते रहते हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लाल दिवाकर सिंह ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी का दवा सेवन आवश्यक है, क्योंकि अधिकतर संक्रमित व्यक्ति लक्षणहीन वाहक होते हैं और अनजाने में संक्रमण फैलाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि “कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटे” अभियान का मूल संदेश है, जो प्रदेश सरकार की फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दवा खाली पेट नहीं लेनी है और स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही खाना है। उन्होंने कहा कि दवा सेवन के बाद चक्कर या जी मिचलाने जैसे हल्के लक्षण शुभ संकेत हैं, घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह स्वतः ठीक हो जाते हैं। कार्यशाला में एसीएमओ वीबीडी डॉ आरएन प्रसाद भी मौजूद रहे।1
- बांदा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में आई. डी . ए . 2026 कार्यक्रम में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 चलाया जाना है जिसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजेंद्र सिंह बांदा ने दी1