बंटवारे में मिले भाइयों के हिस्से की जमीन भाभी के नाम कराने का आरोप माता की मौत के बाद दाखिल-खारिज से खुला मामला, पीड़ित परिवार ने सीएम व डीएम से की शिकायत बंटवारे में मिले भाइयों के हिस्से की जमीन भाभी के नाम कराने का आरोप माता की मौत के बाद दाखिल-खारिज से खुला मामला, पीड़ित परिवार ने सीएम व डीएम से की शिकायत अलीगंज। सिकंदरा थाना क्षेत्र के मिर्जागंज पंचायत अंतर्गत दिघौत गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे के बाद दूसरे भाइयों के हिस्से की जमीन कथित रूप से बड़े भाई की पत्नी के नाम कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित विधवा रेखा देवी और अवधेश महतो ने बड़े भाई नवल किशोर महतो पर जालसाजी कर जमीन अपनी पत्नी मीणा देवी के नाम केवाला कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जमुई डीएम को लिखित आवेदन देकर जांच कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रेखा देवी ने बताया कि उनके ससुर स्व. कामेश्वर महतो शिक्षक थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने करीब पांच वर्ष पूर्व अपने तीनों बेटों के बीच जमीन-जायदाद और मकान का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के बाद तीनों भाई अपने-अपने हिस्से की संपत्ति पर अलग-अलग रहकर जीवनयापन कर रहे थे। पेंशन के बहाने मां को साथ ले जाने का आरोप रेखा देवी का आरोप है कि उनके ससुर की मृत्यु के बाद उनकी सास बरती देवी असहाय हो गई थीं। इसी दौरान बड़े बेटे नवल किशोर महतो पेंशन की राशि निकलवाने के बहाने उनकी सास को अपने साथ ले गए। आरोप है कि बाद में तबीयत खराब होने की बात कहकर उन्हें कई महीनों तक अपने पास रखा गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसी दौरान बंटवारे में अन्य भाइयों के हिस्से में आई मिर्जागंज चौक स्थित जमीन में से करीब साढ़े चार डिसमिल जमीन वर्ष 2024 में नवल किशोर महतो ने अपनी पत्नी मीणा देवी के नाम केवाला करा दी। परिवार को इसकी जानकारी उस समय नहीं हो सकी। दाखिल-खारिज के बाद सामने आया मामला परिवार के अनुसार, बरती देवी की मृत्यु के बाद वर्ष 2026 में उक्त जमीन का दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया के दौरान जमीन के केवाला की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की। रेखा देवी ने एसपी जमुई और न्यायालय में भी शिकायत कर कथित जालसाजी एवं संपत्ति हड़पने के मामले में कार्रवाई करने तथा अपने हिस्से की जमीन वापस दिलाने की मांग की है। पीड़ितों की मांग जमीन के पुराने बंटवारे और केवाला की जांच हो। वर्ष 2024 में हुए केवाला की वैधता की जांच कराई जाए। दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेजों की जांच हो। दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित विधवा एवं छोटे भाई को उनके हिस्से की संपत्ति का अधिकार दिलाया जाए। जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट: जमीन के बंटवारे, वर्ष 2024 में हुए केवाला और वर्ष 2026 के दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक एवं न्यायिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। समाचार में लगाए गए आरोप पीड़ित पक्ष के आवेदन और बयान पर आधारित हैं। पीडित रेखा देवी ने बताया कि बडे भैसुर ने धोखाधड़ी करके फर्जीवाड़ा किया है। हमारा व हमारे छोटे देवर की हिस्सा को हड़पना चाहता है। फोटो कैप्शन: पैतृक जमीन के मामले में न्याय की गुहार लगाती पीड़ित विधवा रेखा देवी एवं परिवार के सदस्य।
बंटवारे में मिले भाइयों के हिस्से की जमीन भाभी के नाम कराने का आरोप माता की मौत के बाद दाखिल-खारिज से खुला मामला, पीड़ित परिवार ने सीएम व डीएम से की शिकायत बंटवारे में मिले भाइयों के हिस्से की जमीन भाभी के नाम कराने का आरोप माता की मौत के बाद दाखिल-खारिज से खुला मामला, पीड़ित परिवार ने सीएम व डीएम से की शिकायत अलीगंज। सिकंदरा थाना क्षेत्र के मिर्जागंज पंचायत अंतर्गत दिघौत गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे के बाद दूसरे भाइयों के हिस्से की जमीन कथित रूप से बड़े भाई की पत्नी के नाम कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित विधवा रेखा देवी और अवधेश महतो ने बड़े भाई नवल किशोर महतो पर जालसाजी कर जमीन अपनी पत्नी मीणा देवी के नाम केवाला कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जमुई डीएम को लिखित आवेदन देकर जांच कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रेखा देवी ने बताया कि उनके ससुर स्व. कामेश्वर महतो शिक्षक थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने करीब पांच वर्ष पूर्व अपने तीनों बेटों के बीच जमीन-जायदाद और मकान का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के बाद तीनों भाई अपने-अपने हिस्से की संपत्ति पर अलग-अलग रहकर जीवनयापन कर रहे थे। पेंशन के बहाने मां को साथ ले जाने का आरोप रेखा देवी का आरोप है कि उनके ससुर की मृत्यु के बाद उनकी सास बरती देवी असहाय हो गई थीं। इसी दौरान बड़े बेटे नवल किशोर महतो पेंशन की राशि निकलवाने के बहाने उनकी सास को अपने साथ ले गए। आरोप है कि बाद में तबीयत खराब होने की बात कहकर उन्हें कई महीनों तक अपने पास रखा गया। पीड़ित परिवार
का आरोप है कि इसी दौरान बंटवारे में अन्य भाइयों के हिस्से में आई मिर्जागंज चौक स्थित जमीन में से करीब साढ़े चार डिसमिल जमीन वर्ष 2024 में नवल किशोर महतो ने अपनी पत्नी मीणा देवी के नाम केवाला करा दी। परिवार को इसकी जानकारी उस समय नहीं हो सकी। दाखिल-खारिज के बाद सामने आया मामला परिवार के अनुसार, बरती देवी की मृत्यु के बाद वर्ष 2026 में उक्त जमीन का दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया के दौरान जमीन के केवाला की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की। रेखा देवी ने एसपी जमुई और न्यायालय में भी शिकायत कर कथित जालसाजी एवं संपत्ति हड़पने के मामले में कार्रवाई करने तथा अपने हिस्से की जमीन वापस दिलाने की मांग की है। पीड़ितों की मांग जमीन के पुराने बंटवारे और केवाला की जांच हो। वर्ष 2024 में हुए केवाला की वैधता की जांच कराई जाए। दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेजों की जांच हो। दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित विधवा एवं छोटे भाई को उनके हिस्से की संपत्ति का अधिकार दिलाया जाए। जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट: जमीन के बंटवारे, वर्ष 2024 में हुए केवाला और वर्ष 2026 के दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक एवं न्यायिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। समाचार में लगाए गए आरोप पीड़ित पक्ष के आवेदन और बयान पर आधारित हैं। पीडित रेखा देवी ने बताया कि बडे भैसुर ने धोखाधड़ी करके फर्जीवाड़ा किया है। हमारा व हमारे छोटे देवर की हिस्सा को हड़पना चाहता है। फोटो कैप्शन: पैतृक जमीन के मामले में न्याय की गुहार लगाती पीड़ित विधवा रेखा देवी एवं परिवार के सदस्य।
- झाझा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस पर पथराव, 6 पुलिसकर्मी घायल... 🔻डीजे पर तेज आवाज में गाना बजाने से रोकने पर विवाद की बात सामने आई, 5 युवक गिरफ्तार। जमुई: झाझा थाना गेट के पास शुक्रवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और जुलूस में शामिल युवकों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की घटना सामने आई, जिसमें झाझा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह, एसआई दीपक कुमार, एसआई अमरजीत कुमार, जवान अमित कुमार, नितेश कुमार झा और महिला जवान प्रियंका कुमारी घायल हो गए। सभी का इलाज झाझा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह के अनुसार, सोहजाना से बड़ी संख्या में युवक गणेश प्रतिमा लेकर रेलवे तालाब में विसर्जन के लिए जा रहे थे। जुलूस में डीजे भी बज रहा था। थाना गेट के पास डीजे पर तेज आवाज में कथित अश्लील गाना बजाने को लेकर पुलिसकर्मियों ने आवाज कम करने और गाना बंद करने को कहा। पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर कुछ युवक पुलिसकर्मियों से बहस करने लगे। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। पत्थरबाजी से थाना परिसर और गेट के आसपास अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना में छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने जुलूस में इस्तेमाल किया जा रहा डीजे भी जब्त कर लिया है। झाझा एसडीपीओ विकास केशव ने बताया कि थाना गेट के पास गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने से रोकने के बाद पथराव की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि डीजे जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। ऐसे ही जमुई, बिहार और देश-विदेश की बड़ी खबरों के लिए City Channel Jamui को Subscribe करें। वीडियो को Like, Share और Comment करना न भूलें।1
- जमुई के सम्मानित जिला पदाधिकारी और एसपी साहब का अनोखी जोड़ी देखें1
- बंटवारे में मिले भाइयों के हिस्से की जमीन भाभी के नाम कराने का आरोप माता की मौत के बाद दाखिल-खारिज से खुला मामला, पीड़ित परिवार ने सीएम व डीएम से की शिकायत बंटवारे में मिले भाइयों के हिस्से की जमीन भाभी के नाम कराने का आरोप माता की मौत के बाद दाखिल-खारिज से खुला मामला, पीड़ित परिवार ने सीएम व डीएम से की शिकायत अलीगंज। सिकंदरा थाना क्षेत्र के मिर्जागंज पंचायत अंतर्गत दिघौत गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे के बाद दूसरे भाइयों के हिस्से की जमीन कथित रूप से बड़े भाई की पत्नी के नाम कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित विधवा रेखा देवी और अवधेश महतो ने बड़े भाई नवल किशोर महतो पर जालसाजी कर जमीन अपनी पत्नी मीणा देवी के नाम केवाला कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जमुई डीएम को लिखित आवेदन देकर जांच कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रेखा देवी ने बताया कि उनके ससुर स्व. कामेश्वर महतो शिक्षक थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने करीब पांच वर्ष पूर्व अपने तीनों बेटों के बीच जमीन-जायदाद और मकान का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के बाद तीनों भाई अपने-अपने हिस्से की संपत्ति पर अलग-अलग रहकर जीवनयापन कर रहे थे। पेंशन के बहाने मां को साथ ले जाने का आरोप रेखा देवी का आरोप है कि उनके ससुर की मृत्यु के बाद उनकी सास बरती देवी असहाय हो गई थीं। इसी दौरान बड़े बेटे नवल किशोर महतो पेंशन की राशि निकलवाने के बहाने उनकी सास को अपने साथ ले गए। आरोप है कि बाद में तबीयत खराब होने की बात कहकर उन्हें कई महीनों तक अपने पास रखा गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसी दौरान बंटवारे में अन्य भाइयों के हिस्से में आई मिर्जागंज चौक स्थित जमीन में से करीब साढ़े चार डिसमिल जमीन वर्ष 2024 में नवल किशोर महतो ने अपनी पत्नी मीणा देवी के नाम केवाला करा दी। परिवार को इसकी जानकारी उस समय नहीं हो सकी। दाखिल-खारिज के बाद सामने आया मामला परिवार के अनुसार, बरती देवी की मृत्यु के बाद वर्ष 2026 में उक्त जमीन का दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया के दौरान जमीन के केवाला की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की। रेखा देवी ने एसपी जमुई और न्यायालय में भी शिकायत कर कथित जालसाजी एवं संपत्ति हड़पने के मामले में कार्रवाई करने तथा अपने हिस्से की जमीन वापस दिलाने की मांग की है। पीड़ितों की मांग जमीन के पुराने बंटवारे और केवाला की जांच हो। वर्ष 2024 में हुए केवाला की वैधता की जांच कराई जाए। दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेजों की जांच हो। दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित विधवा एवं छोटे भाई को उनके हिस्से की संपत्ति का अधिकार दिलाया जाए। जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट: जमीन के बंटवारे, वर्ष 2024 में हुए केवाला और वर्ष 2026 के दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक एवं न्यायिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। समाचार में लगाए गए आरोप पीड़ित पक्ष के आवेदन और बयान पर आधारित हैं। पीडित रेखा देवी ने बताया कि बडे भैसुर ने धोखाधड़ी करके फर्जीवाड़ा किया है। हमारा व हमारे छोटे देवर की हिस्सा को हड़पना चाहता है। फोटो कैप्शन: पैतृक जमीन के मामले में न्याय की गुहार लगाती पीड़ित विधवा रेखा देवी एवं परिवार के सदस्य।2
- निजी एंबुलेंस में छिपाकर ले जाई जा रही थी केन बीयर, चालक-उपचालक गिरफ्तार - देवघर से लखीसराय ले जाई जा रही थी शराब की खेप, बानाडीह के समीप उत्पाद विभाग ने वाहन जांच के दौरान पकड़ा जमुई. झाझा-जमुई मुख्य मार्ग स्थित गिद्धौर थाना क्षेत्र के बानाडीह गांव के समीप उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच के दौरान एक निजी एंबुलेंस से भारी मात्रा में केन बीयर बरामद की है. शराब की खेप झारखंड के देवघर से लखीसराय ले जाई जा रही थी. कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने एंबुलेंस के चालक और उपचालक को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान लखीसराय जिले के चौराराजपुर गांव निवासी पप्पू सिंह के पुत्र सौरव कुमार तथा रामचंद्रपुर गांव निवासी बलराम शर्मा के पुत्र सत्यम कुमार के रूप में हुई है. उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि शराब की तस्करी की सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न इलाकों में वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था. इसी क्रम में गिद्धौर थाना क्षेत्र के बानाडीह गांव के समीप एक निजी एंबुलेंस को रोककर उसकी तलाशी ली गई. जांच के दौरान एंबुलेंस में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में केन बीयर बरामद हुई. पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि शराब की खेप झारखंड के देवघर से लखीसराय ले जाई जा रही थी. उत्पाद विभाग ने बरामद बीयर को जब्त कर लिया तथा एंबुलेंस को भी कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों के अनुसार, शराबबंदी वाले बिहार में तस्करी के लिए निजी एंबुलेंस के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद मामले की जांच की जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप किसके लिए ले जाई जा रही थी और इस तस्करी में इनके अलावा अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं. उत्पाद विभाग ने गिरफ्तार दोनों आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए कागजी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए भी पूछताछ और जांच जारी है.3
- पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजकुमार का पहला जमुई दौरा: न्यायिक आवास समेत कई योजनाओं का किया शिलान्यास - पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजकुमार का पहला जमुई दौरा: न्यायिक आवास समेत कई योजनाओं का किया शिलान्यास1
- प्रेस रिलीज जमूई 19-09-2026 *चंद्रमंडीह थाना प्रभारी के संरक्षण में बढ़ते अपराध और तानाशाही जिला प्रशासन के खिलाफ छठे दिन भी धरना जारी* *छठे दिन भी धरनार्थियों से वार्ता नहीं करना किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा जिला प्रशासन-जयराम तुरी* चकाई प्रखण्ड अंतर्गत चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि और थाना प्रभारी के संदिग्ध व संलिप्त आचरण के खिलाफ भाकपा माले, आदिवासी संघर्ष मोर्चा तथा इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के संगठनों की और से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना आज छठे दिन की अध्यक्षता भाकपा माले वरिष्ठ नेता सलीम अंसारी ने किया और कहा कि जिला प्रशासन जबतक चंद्रमडी थाना क्षेत्र में पिछले दिनों लगातार हो रहे लूटपाट और 2 सितंबर की रात हुई अपराधिक घटना में शामिल अपराधियो के ऊपर कानूनी करवाई संरक्षण देने वाले थाना प्रभारी को बर्खास्त नहीं किया जायेगा तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा वही धरना की मुख्यवक्ता जयराम तुरी ने कहा कि पिछले छह दिनों से लगातार आम अवाम, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी न्यायसंगत मांगों अपराधियो को को संरक्षण दे रहे थाना के प्रभारी गजेंद्र कुमार को निलंबन और उनके कार्यकाल की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच—को लेकर धरने पर धरनार्थी बैठे हैं, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिसिया महकमे के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। जिला प्रशासन द्वारा धरनार्थियों से किसी भी प्रकार की वार्ता न करना यह साबित करता है कि प्रशासन अपराधियों को बचाने और बचाने वाले खाकीधारियों को संरक्षण देने में लिप्त है। जमुई जिला प्रशासन की यह चुप्पी जनता के प्रति उसकी आपराधिक लापरवाही और तानाशाही रवैये को दर्शाती है। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या जन-आक्रोश का इंतजार कर रहा है हमारी पार्टी ने जिला प्रशासन को यह चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अविलंब वार्ता कर चंद्रमंडीह थानाध्यक्ष को निलंबित नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक आक्रामक होगा। जनता के सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। आने वाले दिनों में इस तानाशाही के खिलाफ आंदोलन को प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक थाना प्रभारी का पुतला दहन किया जायेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। मौके आपका माले के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह वासुदेव राय मोहम्मद हैदर किरण गुप्ता, सोभी राय बलदेव राय शम्भू मांझी, हिरामन राय चौबे राय, दामोदर पासवान,शुखु टुडू,सुकरा टुडू सहित सैकड़ों धरनार्थी धरना पर उपस्थित थे1
- लखीसराय। बहादुरपुर गांव में नशे के खिलाफ चला अभियान ग्रामीणों ने नशा मुक्त समाज का लिया संकल्प। लखीसराय। सेवा संकल्प अभियान के तहत लखीसराय विधानसभा क्षेत्र के बड़हिया प्रखंड की डुमरी पंचायत के बहादुरपुर गांव में रविवार को नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। क्षेत्रीय विधायक सह बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान लोगों ने नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया।अभियान के दौरान बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। ग्रामीणों से स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।1
- अचानक दिल्ली के सड़कों से गायब हुई DTC Bus देखिये हडताड़1