महुआडांड़ : स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल का मामला विधानसभा में गूंजा* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार) लातेहार जिले के महुआडांड़, गारू, बरवाडीह समेत कई क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल आने की शिकायतों का मामला अब झारखंड विधानसभा तक पहुंच गया है। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने विधानसभा में इस गंभीर समस्या को उठाते हुए सरकार से जांच कराने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।विधायक रामचंद्र सिंह ने सदन में कहा कि लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए स्मार्ट मीटर अब आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महुआडांड़, गारू, बरवाडीह सहित पूरे लातेहार जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कई गुना अधिक बिजली बिल मिल रहा है, जिससे ग्रामीण और आम लोग काफी परेशान हैं।उन्होंने कहा कि कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इतना अधिक बिजली बिल भर पाना मुश्किल हो रहा हैलगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।विधायक ने सरकार से मांग की कि यदि जांच में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए और उपभोक्ताओं से केवल सही व वास्तविक बिजली बिल ही लिया जाए। इस पर विभागीय मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सकेमहुआडांड़, गारू, बरवाडीह समेत लातेहार जिले के लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगी और बढ़े हुए बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
महुआडांड़ : स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल का मामला विधानसभा में गूंजा* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार) लातेहार जिले के महुआडांड़, गारू, बरवाडीह समेत कई क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल आने की शिकायतों का मामला अब झारखंड विधानसभा तक पहुंच गया है। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने विधानसभा में इस गंभीर समस्या को उठाते हुए सरकार से जांच कराने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।विधायक रामचंद्र सिंह ने सदन में कहा कि लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए स्मार्ट मीटर अब आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महुआडांड़, गारू, बरवाडीह सहित पूरे लातेहार जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कई गुना अधिक बिजली बिल मिल रहा है, जिससे ग्रामीण और आम लोग काफी परेशान हैं।उन्होंने कहा कि कई
गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इतना अधिक बिजली बिल भर पाना मुश्किल हो रहा हैलगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।विधायक ने सरकार से मांग की कि यदि जांच में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए और उपभोक्ताओं से केवल सही व वास्तविक बिजली बिल ही लिया जाए। इस पर विभागीय मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सकेमहुआडांड़, गारू, बरवाडीह समेत लातेहार जिले के लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगी और बढ़े हुए बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
- संवेदक के लापरवाह काम से स्कूली बच्चों व राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा से चैनपुर पहुंच मार्ग की सड़क जर्जर होने के कारण स्कूली बच्चों एवं राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं साप्ताहिक बाजार पहुंचने के दौरान भी लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों बच्चों की परीक्षा चल रही है, लेकिन सड़क खराब होने के कारण बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
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- इन दोनों बलरामपुर जिले में छोटे-मोटे व्यापार करने वाले तथा घरेलू उपयोग करने वाले को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसकी वजह से जंगलों पर अब प्रभाव देखने को मिल रहा है जो हरे-भरे जंगल को काटकर घर ला रहे हैं चूल्हा जलाने के उपयोग के लिए1
- निराश्रित एवं घुमंतू गौवंशीय पशुओं के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के साथ ही वैज्ञानिक पद्धति से उनके संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गौधाम लाखासार एवं गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार, बिलासपुर से गौधाम योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित गौधामों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण भी किया गया। इसी क्रम में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के प्रथम सुरभि गौधाम श्याम-श्यामा गौशाला, देवीगंज का भी वर्चुअल रूप से शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष श्री आषीष केषरी, जिला पंचायत सदस्य श्री बद्री यादव, जनपद उपाध्यक्ष श्री सुनील तिवारी, गणमान्य नागरिक श्री भानूप्रकाष दीक्षित, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी जूड़ रही है। जिसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसमें गौवंषीय पशुओं का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे देष में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और गौवंष की सेवा करना हमारा कर्तव्य ही नहीं हमारा धर्म भी है। गौधाम योजना के तहत प्रषिक्षण केन्द्र का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें कृषकों एवं पशुपालकों को प्रषिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंषा है कि पशुपालकों की आय में वृद्धि हो इसके लिए विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है, जिसमें पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है, आज मुख्यमंत्री के द्वारा गौधाम योजना का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार निराश्रित एवं घुमंतू आवारा पशुओं की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत आज 29 गौधाम का शुभारंभ हुआ है। गौधाम में सड़कों पर घुमने वाले निराश्रित आवारा पशुओं को रखा जाएगा। जहां उनके लिए समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही उनके देखभाल के लिए गौसेवक भी रहेंगे, जिन्हें शासन द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई गौधाम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से गौवंशीय पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, उचित देखभाल एवं चारे-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ गांवों में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण का निर्माण हो सके। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव ने कहा कि गौधाम योजना के माध्यम से निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इस योजना से गांवों एवं शहरों में खुले में घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित स्थान मिलेगा और सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी भी आएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।1
- मनरेगा योजना कार्य पूर्ण के बाद भी मजदूर को नही हुआ मजदूरी भुगतान बैल,धान बेच लाभुक दिया मजदूरी1
- फाइलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की बड़ी मुहिम, घर-घर जाकर छूटे लोगों को खिलाई जाएगी दवा डुमरी (गुमला): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी में शुक्रवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य छूटे हुए लोगों तक दोबारा पहुंचकर उन्हें फाइलेरिया की दवा खिलाना तथा गांव-गांव में जन-जागरूकता बढ़ाने की रणनीति तैयार करना था। जानकारी देते हुए शुक्रवार दोपहर एक बजे बताया गया कि बैठक में जिला मलेरिया सलाहकार शर्मीला शर्मा ने उपस्थित सहियाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को फाइलेरिया से बचाव और नियंत्रण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है। सरकार द्वारा समय-समय पर दवा वितरण अभियान चलाया जाता है, इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गांव का कोई भी व्यक्ति दवा लेने से वंचित न रह जाए। उन्होंने एएनएम और सहियाओं से कहा कि वे घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करें और सभी को निर्धारित मात्रा में दवा अवश्य खिलाएं। कई बार जागरूकता की कमी या भ्रांतियों के कारण लोग दवा लेने से कतराते हैं, ऐसे में सहियाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। लोगों को दवा के फायदे और बीमारी से होने वाले नुकसान के बारे में समझाना जरूरी है, ताकि अभियान हर घर तक सफलतापूर्वक पहुंचे। बैठक में बताया गया कि यह विशेष अभियान पच्चीस मार्च तक चलाया जाएगा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने भी कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। छूटे हुए लोगों को चिन्हित कर उन्हें दवा खिलाने का यह अभियान क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मौके पर स्वास्थ्य केंद्र की लेखापाल इंदु कुमारी, बीपीएम राजेश केरकेट्टा, एमपीडब्ल्यू अनूप कुमार, ओम प्रकाश मिस्त्री, सचित सलिल कुजूर सहित बड़ी संख्या में सहिया और एएनएम उपस्थित थीं। #Gumla #Dumri #FilariaMuktAbhiyan #JharkhandNews #HealthNews #LocalNews1
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