मसौढ़ी के बदरोई गांव के निवासी डॉ. दिलीप कुमार ने विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर यह गौरव हासिल किया है। डॉ. दिलीप कुमार ने 2017 से योग साधना की शुरुआत की थी और 2022 से योगासन खेल में कदम रखा। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से पहले, वे कर्नाटक में स्वर्ण पदक और आंध्र प्रदेश में रजत व कांस्य पदक भी अपने नाम कर चुके हैं। इस नवीनतम जीत के साथ, उन्होंने विश्व मंच पर तिरंगा लहरा दिया है। अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय डॉ. दिलीप कुमार ने अपने माता-पिता, गुरुजनों, स्वामी रामदेव, बिहार योगासन स्पोर्ट्स संघ और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि यदि मन से कोई लक्ष्य ठान लिया जाए, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। पिछले 15 वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय रहे डॉ. दिलीप कुमार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे मसौढ़ी और बिहार में हर्ष और खुशी का माहौल व्याप्त है।
मसौढ़ी के बदरोई गांव के निवासी डॉ. दिलीप कुमार ने विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर यह गौरव हासिल किया है। डॉ. दिलीप कुमार ने 2017 से योग साधना की शुरुआत की थी और 2022 से योगासन खेल में कदम रखा। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से पहले, वे कर्नाटक में स्वर्ण पदक और आंध्र प्रदेश में रजत व कांस्य पदक भी अपने नाम कर चुके हैं। इस नवीनतम जीत के साथ, उन्होंने विश्व मंच पर तिरंगा लहरा दिया है। अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय डॉ. दिलीप कुमार ने अपने माता-पिता, गुरुजनों, स्वामी रामदेव, बिहार योगासन स्पोर्ट्स संघ और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि यदि मन से कोई लक्ष्य ठान लिया जाए, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। पिछले 15 वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय रहे डॉ. दिलीप कुमार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे मसौढ़ी और बिहार में हर्ष और खुशी का माहौल व्याप्त है।
- मसौढ़ी के बदरोई गांव के निवासी डॉ. दिलीप कुमार ने विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर यह गौरव हासिल किया है। डॉ. दिलीप कुमार ने 2017 से योग साधना की शुरुआत की थी और 2022 से योगासन खेल में कदम रखा। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से पहले, वे कर्नाटक में स्वर्ण पदक और आंध्र प्रदेश में रजत व कांस्य पदक भी अपने नाम कर चुके हैं। इस नवीनतम जीत के साथ, उन्होंने विश्व मंच पर तिरंगा लहरा दिया है। अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय डॉ. दिलीप कुमार ने अपने माता-पिता, गुरुजनों, स्वामी रामदेव, बिहार योगासन स्पोर्ट्स संघ और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि यदि मन से कोई लक्ष्य ठान लिया जाए, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। पिछले 15 वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय रहे डॉ. दिलीप कुमार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे मसौढ़ी और बिहार में हर्ष और खुशी का माहौल व्याप्त है।1
- बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला-संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जहानाबाद में लालू परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वे खुद को संविधान से ऊपर समझते हैं, जबकि सार्वजनिक मंचों पर वे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम का सर्वाधिक उल्लेख करते हैं। मंत्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि लालू परिवार का सत्ता से मोहभंग नहीं हुआ है और वे आज भी खुद को बिहार का मुख्यमंत्री मानते हैं। डॉ. चंद्रवंशी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा और सरकारी आवास के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल और नियम बनाए गए हैं, जो विधायक, मंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री सहित सभी के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अलग-अलग दायित्व और सुविधाएं निर्धारित करते हैं। उन्होंने लालू परिवार पर वीआईपी संस्कृति का प्रतीक बनने और हर जगह 'खूंटा गाड़ने' की आदत डालने का आरोप लगाया, जिसके तहत वे नियम-कानून से ऊपर खुद को स्थापित करने का प्रयास करते हैं। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले लोगों को मिसाल पेश करनी चाहिए। राजद कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर भी निशाना साधते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि नेताओं के अड़ियल रवैये का असर उनके समर्थकों पर भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पटना में सरकार के खिलाफ आक्रामक राजनीति करने वाले लोग गांवों में गरीब, पिछड़े, अतिपिछड़े और दलितों पर दबाव बनाते हैं तथा उन्हें प्रताड़ित करते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है और सुरक्षा, प्रोटोकॉल तथा वीआईपी सुविधाओं को लेकर चल रही बहस अब एक नए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनती दिख रही है।1
- नौबतपुर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 लीटर देशी शराब बरामद की है। इस दौरान झारखंड नंबर की एक कार को जब्त करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई बिहटा-सरमेरा रिंग रोड के रास्ते शराब की अवैध खेप ले जाने की गुप्त सूचना मिलने के बाद की गई। थाना प्रभारी मंजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि शनिवार शाम उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि बिहटा-सरमेरा रिंग रोड के रास्ते अवैध शराब ले जाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर, पुलिस टीम का गठन किया गया और ग्राम सिरवर-गोपालपुर जाने वाली सड़क के समीप वाहन जांच अभियान चलाया गया। इसी अभियान के दौरान एक संदिग्ध झारखंड नंबर की कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें लगभग 300 लीटर देशी शराब मिली। पुलिस ने मौके पर ही वाहन को जब्त कर लिया और उसमें सवार दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिहटा के आनंदपुर कैंप निवासी अनिल कुमार और बिक्रम के चिहूटा निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है। थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपितों से शराब की खरीद-बिक्री और आपूर्ति नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है, और गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- पटना से 7 जून को मिली जानकारी के अनुसार, सरकार और लालू परिवार के बीच बंगले और सुरक्षा को लेकर गहराया विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह वीडियो समाचार इस बात पर केंद्रित है कि दोनों पक्षों के बीच चल रहा यह विवाद कैसे समाप्त होगा, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।1
- मूल पाठ में 'सीमा बड़ी माता माँ', 'सोनी छोटी माता माँ' जैसे वाक्यांश और 'लेस्बियन गाना...' का उल्लेख किया गया है।1
- पटना/फतुहा में नदी थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक टेम्पो से 358 पीस प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक महिला सहित तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसडीपीओ (वन) अवधेश कुमार ने बताया कि थाना अध्यक्ष नदी सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में पक्की दरगाह पीपा पुल के समीप वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक टेम्पो पुलिस टीम को देखकर तेजी से बंकाघाट स्टेशन की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर टेम्पो को पकड़ा और तलाशी लेने पर उससे 100 एमएल की कुल 358 पीस, यानी 35.8 लीटर, प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप बरामद किया। पुलिस ने मौके से टेम्पो पर सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वैशाली जिले के जंदाह थाना क्षेत्र निवासी राजू कुमार (21 वर्ष), रस्तमपुर थाना क्षेत्र निवासी हनुमान कुमार (20 वर्ष) और समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र की शोभा देवी (34 वर्ष) शामिल हैं। नदी थाना में इस संबंध में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बरामद टेम्पो को भी जब्त कर लिया है और गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।4
- बिहार में शिक्षकों को गर्मी की छुट्टी के दौरान प्रशिक्षण अवधि के एवज में अवकाश मिलेगा। इस संबंध में जानकारी सामने आई है कि उन्हें प्रशिक्षण के लिए दी गई अवधि के बदले छुट्टी प्रदान की जाएगी।1
- पटना से लगभग 200 किलोमीटर दूर खड़गपुर - बरियारपुर मुख्य पथ, यानी NH 333 पर एक बहुत बड़ा और जानलेवा गड्ढा बन गया है, जिसकी स्थिति चिंताजनक है। इस गंभीर सड़क समस्या पर समाजसेवी हिमांशु सिंह ने सरकार और संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। अपने वीडियो संदेश में, हिमांशु सिंह ने चेतावनी दी है कि इस गड्ढे के कारण किसी भी समय थोड़ी-सी लापरवाही से बहुत बड़ी दुर्घटना घट सकती है। उन्होंने सक्षम अधिकारी महोदय से निवेदन किया है कि NH 333 पर इस गड्ढे को अविलंब भराया जाए। सिंह ने बताया कि वे सामाजिक समस्याओं के प्रति हमेशा गंभीर रहते हैं और पीड़ितों की मदद के लिए तैयार रहते हैं, और उन्होंने अब तक सड़क हादसों में अनगिनत घायलों की मदद की है। उन्होंने सरकार से इस ओर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया है, अन्यथा यहाँ किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका है। समाजसेवी ने सीधे PHED के मंत्री जी को संबोधित करते हुए NH 333 पर बने इस बड़े और जानलेवा गड्ढे की ओर उनका ध्यान खींचा है।1