बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला-संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जहानाबाद में लालू परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वे खुद को संविधान से ऊपर समझते हैं, जबकि सार्वजनिक मंचों पर वे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम का सर्वाधिक उल्लेख करते हैं। मंत्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि लालू परिवार का सत्ता से मोहभंग नहीं हुआ है और वे आज भी खुद को बिहार का मुख्यमंत्री मानते हैं। डॉ. चंद्रवंशी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा और सरकारी आवास के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल और नियम बनाए गए हैं, जो विधायक, मंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री सहित सभी के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अलग-अलग दायित्व और सुविधाएं निर्धारित करते हैं। उन्होंने लालू परिवार पर वीआईपी संस्कृति का प्रतीक बनने और हर जगह 'खूंटा गाड़ने' की आदत डालने का आरोप लगाया, जिसके तहत वे नियम-कानून से ऊपर खुद को स्थापित करने का प्रयास करते हैं। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले लोगों को मिसाल पेश करनी चाहिए। राजद कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर भी निशाना साधते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि नेताओं के अड़ियल रवैये का असर उनके समर्थकों पर भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पटना में सरकार के खिलाफ आक्रामक राजनीति करने वाले लोग गांवों में गरीब, पिछड़े, अतिपिछड़े और दलितों पर दबाव बनाते हैं तथा उन्हें प्रताड़ित करते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है और सुरक्षा, प्रोटोकॉल तथा वीआईपी सुविधाओं को लेकर चल रही बहस अब एक नए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनती दिख रही है।
बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला-संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जहानाबाद में लालू परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वे खुद को संविधान से ऊपर समझते हैं, जबकि सार्वजनिक मंचों पर वे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम का सर्वाधिक उल्लेख करते हैं। मंत्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि लालू परिवार का सत्ता से मोहभंग नहीं हुआ है और वे आज भी खुद को बिहार का मुख्यमंत्री मानते हैं। डॉ. चंद्रवंशी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा और सरकारी आवास के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल और नियम बनाए गए हैं, जो विधायक, मंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री सहित सभी के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अलग-अलग दायित्व और सुविधाएं निर्धारित करते हैं। उन्होंने लालू परिवार पर वीआईपी संस्कृति का प्रतीक बनने और हर जगह 'खूंटा गाड़ने' की आदत डालने का आरोप लगाया, जिसके तहत वे नियम-कानून से ऊपर खुद को स्थापित करने का प्रयास करते हैं। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले लोगों को मिसाल पेश करनी चाहिए। राजद कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर भी निशाना साधते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि नेताओं के अड़ियल रवैये का असर उनके समर्थकों पर भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पटना में सरकार के खिलाफ आक्रामक राजनीति करने वाले लोग गांवों में गरीब, पिछड़े, अतिपिछड़े और दलितों पर दबाव बनाते हैं तथा उन्हें प्रताड़ित करते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है और सुरक्षा, प्रोटोकॉल तथा वीआईपी सुविधाओं को लेकर चल रही बहस अब एक नए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनती दिख रही है।
- बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला-संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जहानाबाद में लालू परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वे खुद को संविधान से ऊपर समझते हैं, जबकि सार्वजनिक मंचों पर वे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम का सर्वाधिक उल्लेख करते हैं। मंत्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि लालू परिवार का सत्ता से मोहभंग नहीं हुआ है और वे आज भी खुद को बिहार का मुख्यमंत्री मानते हैं। डॉ. चंद्रवंशी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा और सरकारी आवास के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल और नियम बनाए गए हैं, जो विधायक, मंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री सहित सभी के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अलग-अलग दायित्व और सुविधाएं निर्धारित करते हैं। उन्होंने लालू परिवार पर वीआईपी संस्कृति का प्रतीक बनने और हर जगह 'खूंटा गाड़ने' की आदत डालने का आरोप लगाया, जिसके तहत वे नियम-कानून से ऊपर खुद को स्थापित करने का प्रयास करते हैं। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले लोगों को मिसाल पेश करनी चाहिए। राजद कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर भी निशाना साधते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि नेताओं के अड़ियल रवैये का असर उनके समर्थकों पर भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पटना में सरकार के खिलाफ आक्रामक राजनीति करने वाले लोग गांवों में गरीब, पिछड़े, अतिपिछड़े और दलितों पर दबाव बनाते हैं तथा उन्हें प्रताड़ित करते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है और सुरक्षा, प्रोटोकॉल तथा वीआईपी सुविधाओं को लेकर चल रही बहस अब एक नए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनती दिख रही है।1
- जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड स्थित चाँढ गांव निवासी प्रगतिशील किसान समरकांत ने पारंपरिक खेती का रास्ता छोड़कर वैज्ञानिक तरीके से केले का उत्पादन कर एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी एक एकड़ निचली ज़मीन पर 'जी-9' प्रजाति के केले की खेती शुरू की है और आज वे इससे बेहतर उत्पादन और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। समरकांत पहले निचली जमीन में खरीफ फसल के नुकसान से परेशान रहते थे। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद से आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मिली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महाराष्ट्र के जलगांव में केले की खेती का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उनकी यह सफलता केवल उनकी ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो अब वैज्ञानिक खेती के महत्व को समझ रहे हैं।1
- मसौढ़ी के बदरोई गांव के निवासी डॉ. दिलीप कुमार ने विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर यह गौरव हासिल किया है। डॉ. दिलीप कुमार ने 2017 से योग साधना की शुरुआत की थी और 2022 से योगासन खेल में कदम रखा। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से पहले, वे कर्नाटक में स्वर्ण पदक और आंध्र प्रदेश में रजत व कांस्य पदक भी अपने नाम कर चुके हैं। इस नवीनतम जीत के साथ, उन्होंने विश्व मंच पर तिरंगा लहरा दिया है। अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय डॉ. दिलीप कुमार ने अपने माता-पिता, गुरुजनों, स्वामी रामदेव, बिहार योगासन स्पोर्ट्स संघ और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि यदि मन से कोई लक्ष्य ठान लिया जाए, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। पिछले 15 वर्षों से समाज सेवा में सक्रिय रहे डॉ. दिलीप कुमार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे मसौढ़ी और बिहार में हर्ष और खुशी का माहौल व्याप्त है।1
- मखदुमपुर में टेहटा थाना पुलिस ने शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत चार शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में शनिवार को जानकारी देते हुए थाना अध्यक्ष गुफरान अली ने बताया कि पुलिस टीम बाईपास सड़क पर नियमित गश्ती कर रही थी, तभी सरेन मोड़ के समीप संदिग्ध गतिविधि के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके से चार लोगों को पकड़ा, जिनकी तलाशी के दौरान तीन केन में रखी कुल 1.50 लीटर शराब बरामद की गई। साथ ही, शराब के परिवहन में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति शराब के नशे में भी पाए गए। इस मामले में उनके विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान शकुराबाद थाना क्षेत्र के सुमित कुमार, अभय कुमार और विकास कुमार के साथ-साथ परसबिगहा थाना क्षेत्र के रवि कुमार के रूप में हुई है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि सभी आरोपितों को आवश्यक चिकित्सीय जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जहानाबाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शराब तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- हुलासगंज थानाध्यक्ष की अगुवाई में तीरा पंचायत सरकार भवन में एक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया।1
- सावन सोमवारी 2026 को लेकर खबर है।1
- मगध प्रमंडल, गया के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के निर्देशानुसार, शनिवार को मखदुमपुर प्रखंड के सभी थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना, पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा अपराध नियंत्रण में जनसहयोग प्राप्त करना था। इस पहल के तहत, मखदुमपुर थाना क्षेत्र के लडौआ सामुदायिक भवन में थाना अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता में जनसंवाद हुआ। इसी प्रकार, टेहटा थाना क्षेत्र के पीरगंज मोहल्ले में थाना अध्यक्ष गुफरान अली के नेतृत्व में लोगों की समस्याएँ सुनी गईं, जबकि विशुनगंज थाना अध्यक्ष नीरज कुमार की अध्यक्षता में धराउत हाई स्कूल परिसर में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। बराबर पर्यटन थाना अध्यक्ष फूलचंद कुमार यादव ने परसोना पंचायत भवन में जनसंवाद किया, वहीं उमता-धरनई थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय उमता में भी जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान, विभिन्न थाना अध्यक्षों ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की। इन जनसंवाद कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहोरा मोड़ के समीप रविवार सुबह कोयला लदा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस दुर्घटना में वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी पहचान धनबाद निवासी विमलेश यादव के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोयला लेकर जा रहा पिकअप वाहन अचानक संतुलन खो बैठा और पलट गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे आसपास के ग्रामीणों ने घायल चालक को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोंच पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रणविजय कुमार ने चालक की जांच की और प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोंच थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। स्थानीय प्रभारी थानाध्यक्ष सोहराब अली ने बताया कि कोयला लदे वाहन के पलटने और चालक के घायल होने की जानकारी मिली है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।1