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दिल्ली में कुछ लोगों को अवैध कब्जा करने की क्यों है आदत ? मंदिर मस्जिद के नाम पर भी करोड़ों की जमीन हथियाने से नहीं चूकते? और जब बुल्डोजर चलता है तो धर्म का वास्ता देकर आस्था के नाम पर भड़काते हैं?... देखिए राजनीतिक बहस राजपथ न्यूज़ पर.... �
Rajpath News
दिल्ली में कुछ लोगों को अवैध कब्जा करने की क्यों है आदत ? मंदिर मस्जिद के नाम पर भी करोड़ों की जमीन हथियाने से नहीं चूकते? और जब बुल्डोजर चलता है तो धर्म का वास्ता देकर आस्था के नाम पर भड़काते हैं?... देखिए राजनीतिक बहस राजपथ न्यूज़ पर.... �
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- दिल्ली में कुछ लोगों को अवैध कब्जा करने की क्यों है आदत ? मंदिर मस्जिद के नाम पर भी करोड़ों की जमीन हथियाने से नहीं चूकते? और जब बुल्डोजर चलता है तो धर्म का वास्ता देकर आस्था के नाम पर भड़काते हैं?... देखिए राजनीतिक बहस राजपथ न्यूज़ पर.... �1
- हिन्दी दिवस पर अशोक लीलैंड द्वारा नाटक का मंचन सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत किया गया नुक्कड़ नाटक छिंदवाड़ा। हिन्दी दिवस के अवसर पर शहर में विभिन्न सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में अशोक लीलैंड द्वारा उमरनाला में सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता हेतु नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा हास्य–व्यंग्य और रोचक प्रसंगों के जरिए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। दर्शकों ने नाटक को सराहा और संदेश सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा को सहज रूप से ग्रहण किया। इस नाटक का निर्देशन अजब राव पाथे ने किया, जबकि सह-निर्देशन डॉ. पवन नेमा द्वारा किया गया। नाटक में वैशाली शेंडे, वैभव त्यागी, संजना चाटाकवार एवं माधुरी ठाकरे ने कलाकारों के रूप में प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया। संस्थान द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की सामाजिक एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों के आयोजन की योजना है।1
- शासकीय महाविद्यालय बनखेड़ी में लगा स्वास्थ्य शिविर, विद्यार्थियों ने कराया स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शासकीय महाविद्यालय बनखेड़ी में स्वामी विवेकानंद युवा सप्ताह एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के तहत शनिवार दोपहर 2 बजे स्वास्थ्य एवं नेत्र परिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनखेड़ी के नेत्र विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने के कई राज बताए। इस दौरान स्वास्थ्य विभिग टीम ने विद्यार्थियों को अपनी ओर से दवाएं भी बांटी। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम प्रभारी कार्यक्रम डॉ. आशीष बिल्लौरे, डा. नंदलाल ने बताया कि महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार दिलावरे की अध्यक्षता में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ विभाग से सीएचओ डॉ. प्रकाश शुक्ला, डॅ. ज्योति साहू, डा. सुधा सोनी एवं लैब से प्रमोद गढ़वाल ने विद्यार्थियों के स्वस्थ्य परीक्षण किया।1
- *नयाखेड़ा में अंधेरा और गंदा पानी:* वार्ड 01 में लापरवाह व्यवस्था, जनप्रतिनिधि गायब बनखेड़ी। नगर परिषद बनखेड़ी की लापरवाह कार्यप्रणाली का खामियाजा वार्ड क्रमांक 01 नयाखेड़ा के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। बीते तीन दिनों से वार्ड में न तो नियमित बिजली मिल पा रही है और न ही स्वच्छ पेयजल। हालात यह हैं कि पीने के पानी की पाइपलाइन तीन से पांच स्थानों से टूटी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक सुधार करना जरूरी नहीं समझा। नलों में जब पानी आता है तो वह मिट्टी और कीट युक्त गंदा पानी होता है, जो पीने योग्य नहीं है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह दूषित पानी की आपूर्ति होती रही तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और हालात इंदौर जैसे गंभीर रूप भी ले सकते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से न तो मरम्मत कार्य कराया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वार्डवासियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक रूप से कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, नयाखेड़ा क्षेत्र में बीते कई दिनों से दिनभर बिजली गुल रहने से आमजन का जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड के तुलसीराम श्रीवास्तव, बालाराम जरारिया, भगवानदास पटेल, सतीश कुमार सहित अन्य नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद परिषद ने आंखें मूंद रखी हैं। वहीं तुलसीराम श्रीवास्तव और बालाराम जरारिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि वार्ड पार्षद कमलेश पटेल के चुनाव जीतने के बाद से आज तक वे जनता की समस्याएं देखने-सुनने नहीं आए। ऐसे में जनता पूछ रही है कि जब जनप्रतिनिधि ही जनता से दूर रहें तो उन्हें चुनने का क्या अर्थ है? परिषद में नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर बैठे प्रतिनिधि की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। अब वार्डवासी मांग कर रहे हैं कि नगर परिषद तत्काल टूटे पाइपलाइन की मरम्मत कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए और विद्युत विभाग बिजली आपूर्ति को सुचारू करे।1
- ग्राम पंचायत दमाडिया जनपद पंचायत सिवनी मालवा मै नल जल योजना के मोटर पंप में गन्दा पानी आ रहा है इसमें PHE विभाग एवं ठेकेदार से बार बार कहने पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई इनके ही द्वारा हेण्यओवर के लिए भी बहुत जल्दबाजी की गई परन्तु पाईप में भी तीन जगह से लीकेज था ! PHE विभाग एवं ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार का कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया और न कोई कार्यवाही की गई दमाडिया की नागरिकों को गन्दा पानी मिल रहा है !1
- मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा पचमढ़ी को एक प्रमुख रॉक क्लाइम्बिंग एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पचमढ़ी जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0 का शुभारंभ दिनांक 9 जनवरी 2026 को किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री राहुल गगजबिये, सीईओ, पचमढ़ी कैंटोनमेंट बोर्ड आज शनिवार को 3:00 बजे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, श्री प्रकाश केलेस्कर, इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन, श्री अवनीश यादव, परियोजना सहायक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, श्री आदित्य धूत, फाउंडर – द जिप्सी एडवेंचर, श्री मुकेश शर्मा, एमपी क्लाइम्बिंग एसोसिएशन तथा श्री सहज भाटिया, मस्टैच एस्केप्स उपस्थित रहे। यह आयोजन अपने दूसरे संस्करण में आयोजित किया जा रहा है, जिसे मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की सूचीबद्ध संस्थाएँ द जिप्सी एडवेंचर्स और मस्टैच एस्केप्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता भारतीय पर्वतारोहण महासंघ (IMF) तथा मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में, स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग एसोसिएशन के सहयोग से संपन्न की जा रही है। पचमढ़ी जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0 सेंट्रल इंडिया का अपनी तरह का पहला नेचुरल रॉक क्लाइम्बिंग इवेंट है, जिसमें प्राकृतिक चट्टानों पर प्रोफेशनल स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस इवेंट में देशभर से 45 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई सहित मध्य प्रदेश के रायसेन, भोपाल और पचमढ़ी के क्लाइम्बर्स शामिल हैं। साथ ही, यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आकर्षण का केंद्र बना है, जहाँ रूस से आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए कुल ₹1,00,000 की कैश प्राइज़ मनी के साथ-साथ आकर्षक उपहार भी रखे गए हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में रेड बुल, डेकाथलॉन, ASC360, बाज़ारविला, डेला एडवेंचर्स और कामधज जंगल कैंप जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स स्पॉन्सर एवं पार्टनर के रूप में द जिप्सी एडवेंचर्स के साथ सहयोग कर रहे हैं। इस अवसर पर अपर प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि “पचमढ़ी क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0 न केवल मध्य प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि पचमढ़ी और प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज़्म मैप पर एक सशक्त पहचान भी दिला रहा है। मैं सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं को शुभकामनाएँ देता हूँ।”1
- डिंडोरी माता के दरबार में आस्था की पुकार, नर्मदा परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मांगा जीवन की समस्याओं से मुक्ति का आशीर्वाद डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर, डेम घाट स्थित डिंडोरी माता मंदिर आस्था, विश्वास और मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां डिंडोरी माता के दरबार में की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती। इसी गहरी आस्था के साथ नर्मदा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु श्री पी.डी. पंवार (चाचा जी) एवं चाची जी ने डिंडोरी माता के पावन स्थान पर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने अपने भतीजे के जीवन में आ रही लगातार समस्याओं, बाधाओं और कष्टों से मुक्ति के लिए मां नर्मदा एवं डिंडोरी माता से विशेष प्रार्थना की। पूजन के समय दीप प्रज्वलन, आरती एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां के चरणों में मनोकामना अर्पित की गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां डिंडोरी माता का यह स्थान केवल मंदिर नहीं बल्कि संकटमोचक शक्ति का केंद्र है, जहाँ आने वाला हर भक्त मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा अनुभव करता है। डिंडोरी माता मंदिर का धार्मिक महत्व डिंडोरी माता मंदिर मां नर्मदा के तट पर स्थित एक प्राचीन और सिद्ध पीठ माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ की गई पूजा से— जीवन की समस्याओं से मुक्ति रोग, शोक और मानसिक तनाव का निवारण परिवार में सुख-शांति कार्यों में सफलता जैसी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, मां नर्मदा और डिंडोरी माता की संयुक्त कृपा से भक्तों के जीवन में नई दिशा और ऊर्जा का संचार होता है। आस्था का संदेश आज के भागदौड़ भरे जीवन में जब व्यक्ति चारों ओर से समस्याओं से घिरा होता है, तब ऐसे पवित्र स्थल श्रद्धा, विश्वास और धैर्य का मार्ग दिखाते हैं। डिंडोरी माता का दरबार इसी विश्वास का जीवंत उदाहरण है। जय मां नर्मदा। जय डिंडोरी माता।4
- दिल्ली में कुछ लोगों को अवैध कब्जा करने की क्यों है आदत ? मंदिर मस्जिद के नाम पर भी करोड़ों की जमीन हथियाने से नहीं चूकते? और जब बुल्डोजर चलता है तो धर्म का वास्ता देकर आस्था के नाम पर भड़काते हैं?... देखिए राजनीतिक बहस राजपथ न्यूज़ पर.... �1