आखिरी राउंड में फटा जूता, फिर भी नहीं रुका हिमाचल की बेटी सीमा का हौसला, 10 हजार मीटर में जीता कांस्य। देखिए ये रिपोर्ट। आखिरी राउंड में जूता फटा... लेकिन हिमाचल की बेटी सीमा का हौसला नहीं टूटा। 10 हजार मीटर की फाइनल दौड़ में जब मुकाबला पदक के सबसे करीब पहुंचा, तभी सीमा के जूते ने साथ छोड़ दिया। जूता फटने के बाद रफ्तार प्रभावित हुई, लेकिन सीमा ने हार नहीं मानी और तमाम मुश्किलों के बावजूद कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। अब इसी उपलब्धि के लिए हिमाचल सरकार से सीमा को डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम मिलने की उम्मीद है, जबकि पहले के पुरस्कारों की राशि अभी लंबित बताई जा रही है। और कहानी यहीं खत्म नहीं होती... 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर सीमा 5 हजार मीटर की दौड़ में भी मैदान में उतरेंगी। वॉयस ओवर, 10 हजार मीटर की इस फाइनल दौड़ में सीमा शुरुआत से ही टॉप-थ्री में बनी हुई थीं। मुकाबला अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका था और सीमा मजबूती से पदक की दौड़ में आगे बढ़ रही थीं। लेकिन आखिरी राउंड में अचानक उनका जूता फट गया। जूता फटने से दौड़ की लय और रफ्तार दोनों प्रभावित हुईं... बावजूद इसके सीमा ने अपना हौसला नहीं टूटने दिया। मुश्किल हालात में भी सीमा ने पूरी ताकत झोंक दी और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक हासिल कर लिया। सीमा की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों के बीच हार न मानने की मिसाल है। फटे जूते के साथ भी दौड़ पूरी करना और पोडियम तक पहुंचना उनके जुझारूपन और खेल के प्रति समर्पण को दिखाता है। अब इस कांस्य पदक के साथ सीमा को हिमाचल सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये के रिवार्ड का इंतजार है। वहीं, पहले से लंबित पुरस्कार राशि का मामला भी अभी बाकी है। लेकिन सीमा का सफर अभी रुका नहीं है। 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर वह 5 हजार मीटर की प्रतियोगिता में फिर ट्रैक पर उतरेंगी। यानी... जूता फट गया, रफ्तार थोड़ी थमी... लेकिन सीमा का हौसला नहीं टूटा।
आखिरी राउंड में फटा जूता, फिर भी नहीं रुका हिमाचल की बेटी सीमा का हौसला, 10 हजार मीटर में जीता कांस्य। देखिए ये रिपोर्ट। आखिरी राउंड में जूता फटा... लेकिन हिमाचल की बेटी सीमा का हौसला नहीं टूटा। 10 हजार मीटर की फाइनल दौड़ में जब मुकाबला पदक के सबसे करीब पहुंचा, तभी सीमा के जूते ने साथ छोड़ दिया। जूता फटने के बाद रफ्तार प्रभावित हुई, लेकिन सीमा ने हार नहीं मानी और तमाम मुश्किलों के बावजूद कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। अब इसी उपलब्धि के लिए हिमाचल सरकार से सीमा को डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम मिलने की उम्मीद है, जबकि पहले के पुरस्कारों की राशि अभी लंबित बताई जा रही है। और कहानी यहीं खत्म नहीं होती... 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर सीमा 5 हजार मीटर की दौड़ में भी मैदान में उतरेंगी। वॉयस ओवर, 10 हजार मीटर की इस फाइनल दौड़ में सीमा शुरुआत से ही टॉप-थ्री में बनी हुई थीं। मुकाबला अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका था और सीमा मजबूती से पदक की दौड़ में आगे बढ़ रही थीं। लेकिन आखिरी राउंड में अचानक उनका जूता फट गया। जूता फटने से दौड़ की लय और रफ्तार दोनों प्रभावित हुईं... बावजूद इसके सीमा ने अपना हौसला नहीं टूटने दिया। मुश्किल हालात में भी सीमा ने पूरी ताकत झोंक दी और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक हासिल कर लिया। सीमा की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों के बीच हार न मानने की मिसाल है। फटे जूते के साथ भी दौड़ पूरी करना और पोडियम तक पहुंचना उनके जुझारूपन और खेल के प्रति समर्पण को दिखाता है। अब इस कांस्य पदक के साथ सीमा को हिमाचल सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये के रिवार्ड का इंतजार है। वहीं, पहले से लंबित पुरस्कार राशि का मामला भी अभी बाकी है। लेकिन सीमा का सफर अभी रुका नहीं है। 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर वह 5 हजार मीटर की प्रतियोगिता में फिर ट्रैक पर उतरेंगी। यानी... जूता फट गया, रफ्तार थोड़ी थमी... लेकिन सीमा का हौसला नहीं टूटा।
- आखिरी राउंड में फटा जूता, फिर भी नहीं रुका हिमाचल की बेटी सीमा का हौसला, 10 हजार मीटर में जीता कांस्य। देखिए ये रिपोर्ट। आखिरी राउंड में जूता फटा... लेकिन हिमाचल की बेटी सीमा का हौसला नहीं टूटा। 10 हजार मीटर की फाइनल दौड़ में जब मुकाबला पदक के सबसे करीब पहुंचा, तभी सीमा के जूते ने साथ छोड़ दिया। जूता फटने के बाद रफ्तार प्रभावित हुई, लेकिन सीमा ने हार नहीं मानी और तमाम मुश्किलों के बावजूद कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। अब इसी उपलब्धि के लिए हिमाचल सरकार से सीमा को डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम मिलने की उम्मीद है, जबकि पहले के पुरस्कारों की राशि अभी लंबित बताई जा रही है। और कहानी यहीं खत्म नहीं होती... 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर सीमा 5 हजार मीटर की दौड़ में भी मैदान में उतरेंगी। वॉयस ओवर, 10 हजार मीटर की इस फाइनल दौड़ में सीमा शुरुआत से ही टॉप-थ्री में बनी हुई थीं। मुकाबला अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका था और सीमा मजबूती से पदक की दौड़ में आगे बढ़ रही थीं। लेकिन आखिरी राउंड में अचानक उनका जूता फट गया। जूता फटने से दौड़ की लय और रफ्तार दोनों प्रभावित हुईं... बावजूद इसके सीमा ने अपना हौसला नहीं टूटने दिया। मुश्किल हालात में भी सीमा ने पूरी ताकत झोंक दी और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक हासिल कर लिया। सीमा की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों के बीच हार न मानने की मिसाल है। फटे जूते के साथ भी दौड़ पूरी करना और पोडियम तक पहुंचना उनके जुझारूपन और खेल के प्रति समर्पण को दिखाता है। अब इस कांस्य पदक के साथ सीमा को हिमाचल सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये के रिवार्ड का इंतजार है। वहीं, पहले से लंबित पुरस्कार राशि का मामला भी अभी बाकी है। लेकिन सीमा का सफर अभी रुका नहीं है। 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर वह 5 हजार मीटर की प्रतियोगिता में फिर ट्रैक पर उतरेंगी। यानी... जूता फट गया, रफ्तार थोड़ी थमी... लेकिन सीमा का हौसला नहीं टूटा।1
- #कांगड़ा (गगल): गगल चौक पर पुलिस ने लगाया नाका, नियम तोड़ने वालों के काटे चालान गगल चौक पर पुलिस नाक कांगड़ा (गगल):- यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ गगल पुलिस ने सख्ती बरतते हुए गगल चौक पर नाका लगाया। इस दौरान पुलिस टीम ने वाहनों की जांच की और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान काटे। नाके के दौरान ड्रिंक एंड ड्राइव, बिना ड्राइविंग लाइसेंस, बिना इंश्योरेंस, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें तथा शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी। कांगड़ान्यूज़24 के लिए गग्गल से तेजस्वी चौधरी की रिपोर्ट1
- युवा राजपूत सभा J&K प्रधान मंदीप चिब भी पहुंचे उधमपुर देविका हंगर स्ट्राइक पर Udhampur Devika Project: Hunger Strike Continues Over Alleged Irregularities in ₹186 Crore Project In Udhampur district of Jammu & Kashmir, a hunger strike is underway concerning alleged irregularities in the ₹186-crore Devika Project. Protesters are demanding transparency, accountability, and clarification regarding the execution and expenditure of the project. Youth Rajput Sabha J&K President Mandeep Chib also reached Udhampur and extended his support to those observing the hunger strike at Devika.1
- #देविका प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व डीडीसी #प्रिशित सिंह जी ने क्या कुछ कहा? सुनिए…1
- सावन का ये सिल्वर कुछ खास है, 44 साल बाद आया ये पल🥈🇮🇳 Asian Games 20261
- इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में शोध और तकनीक पर जोर, चंबा में जुटे देशभर के विशेषज्ञ; प्रैक्टिशनर्स के लिए सॉफ्टवेयर जारी1
- अनसोली में युवक पर तेजधार हथियार से हमला, ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की उठाई मांग अनसोली में युवक पर तेजधार हथियार से हमला, ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की उठाई मांग कांगड़ा, 25 सितंबर: कांगड़ा के अनसोली गांव में 3–4 दिन पहले हुए तेजधार हथियार से हमले में घायल युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से नाराज ग्रामीण शुक्रवार को कांगड़ा पुलिस थाना पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और पुलिस अधीक्षक कांगड़ा से भी गुहार लगाएंगे। पुलिस ने बताया कि मामले में कई अहम तथ्य जुटाए गए हैं तथा आरोपियों के बाहरी राज्य में होने की सूचना मिली है। जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है।1