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यह जानकारी 'पत्रकार का सवाल न पक्ष न विपक्ष केवल निष्पक्ष' की भावना के साथ प्रस्तुत की गई है कि मनीष पटेल को विश्वविद्यालय थाना द्वारा कोर्ट से रिमांड पर लिया गया था। उन्हें चोरी और लूट से संबंधित मामलों में जेल भेज दिया गया था।
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यह जानकारी 'पत्रकार का सवाल न पक्ष न विपक्ष केवल निष्पक्ष' की भावना के साथ प्रस्तुत की गई है कि मनीष पटेल को विश्वविद्यालय थाना द्वारा कोर्ट से रिमांड पर लिया गया था। उन्हें चोरी और लूट से संबंधित मामलों में जेल भेज दिया गया था।
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- यह जानकारी 'पत्रकार का सवाल न पक्ष न विपक्ष केवल निष्पक्ष' की भावना के साथ प्रस्तुत की गई है कि मनीष पटेल को विश्वविद्यालय थाना द्वारा कोर्ट से रिमांड पर लिया गया था। उन्हें चोरी और लूट से संबंधित मामलों में जेल भेज दिया गया था।1
- मायानगरी मुंबई में अब विंध्य क्षेत्र की प्रतिभा का डंका बजने वाला है, क्योंकि शहडोल की पावन माटी में जन्मे 23 वर्षीय युवा कनिष्क दुबे (कनिष्क विजय) हिंदी फिल्म "रजनी की बारात" में बतौर मुख्य नायक बॉलीवुड में पर्दापण करने जा रहे हैं। यह फिल्म 29 मई को रिलीज होगी। एक छोटे शहर से बड़े पर्दे तक पहुँचने की कनिष्क की इस शानदार उपलब्धि ने न केवल शहडोल, बल्कि पूरे विंध्य अंचल का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। मुंबई की अथाह भीड़ और फिल्म इंडस्ट्री की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी जगह बनाना बिल्कुल भी आसान नहीं था, लेकिन कनिष्क ने अपने कड़े संघर्ष, धैर्य और समर्पण से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और सपनों की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। कनिष्क शहडोल के प्रतिष्ठित मेडिकल व्यवसायी और 'एसआर डायग्नोस्टिक्स एंड एमआरआई सेंटर' व 'श्री राम हॉस्पिटल' के संचालक श्री विजय दुबे जी के सुपुत्र हैं। उनकी शैक्षणिक और कला की यात्रा भी बेहद शानदार रही है, जिसमें प्रारंभिक शिक्षा कॉन्वेंट स्कूल, शहडोल से हुई। इसके बाद उन्होंने भोपाल से हायर सेकेंडरी में 93% अंकों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सिनेमा की पढ़ाई उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT), दिल्ली से आर्ट्स एंड सिनेमा में स्नातक की डिग्री हासिल कर की, और अभिनय का प्रशिक्षण दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक्टिंग अकादमी से फिल्म मेकिंग व अभिनय की बारीकियां सीखकर प्राप्त किया। कनिष्क का बॉलीवुड में बतौर लीड हीरो आना पूरे विंध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो यह संदेश देता है कि छोटे शहरों के युवा भी आसमान छू सकते हैं। अब पूरे विंध्य को अपने इस होनहार सितारे की फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार है।1
- ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️ रीवा से बड़ी खबर माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के मन की बात का कोई औचित्य नहीं ÷ जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी रीवा÷मोदी जी के मन की बात का सभी जनप्रतिनिधियों को मंन की बात सुनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है मगर भारत देश में महंगाई तीनों दिन बढ़ती जा रही है जहां एक और भारत देश को कृषि प्रधान देश कहा जाता था मगर आज हालात बद से बद्तर हो रहे हैं किसानों को बीज खाद्य कीटनाशक दवाइयां महगे दामों में मिल रही है जिससे किसान चिंतित है अभी हाल ही में पेट्रोल डीजल के दामों में लगातार वृद्धि हुई है जिससे आम जनमानस की कमर टूट रही है दिनों दिन यह महंगाई एक भयावह त्रासदी के रूप में अपना आकार बढ़ा रही है जैसे 2026,27, के खरीफ फसलों के लिए घोषित न्युनतम समर्थन, मूल्य की कड़ी निन्दा कर कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार, किसान विरोधी चरित्र को उजागर, करता है भा जा पा ने 2014, के चुनावी घोषणा पत्र में स्वामीनाथन अयोग की सिफारिशों के अनुसार सी 2,,50, प्रति शत की दर से एम एस पी देने का वादा किया था लेकिन मोदी जी के मंत्रिमंडल ने एम एस पी,की घोषणा व्यापक उत्पादन लागत से लगभग 30, प्रति शत कम की धान फसल जो सबसे महत्वपूर्ण खरीफ फसल है उसका एम एस पी,2441, रुपए प्रति क्विंटल तय किया जबकि सी 2,50, प्रतिशत के अनुसार 3243, रूपए प्रति क्विंटल होना चाहिए था इसका अर्थ है कि किसानों को प्रति क्विंटल 802, रुपए का नुकसान हुआ पुरे देश के,किसान ऐम एस पी, से कम कीमत पर फ़सल बेचने को मजबूर हैं उर्वरको,की कमी पहले ही शुरू चूकी है और जमाखोरी काल बाजारी के माध्यम से भारी मुनाफा कमा रहे हैंncrbके, ताजा आंकड़े बताते हैं कि गंभीर कृषि संकट के कारण किसानों की आत्महत्याएं लगातार जारी है इस सकंट से निकलने का एक रास्ता यह है कि एम एस पी,को व्यापक उत्पादन लागत के डेढ़ गुना घोषित किया जाए मोदी जी आपके मन की बात आपको ही सुननी चाहिए आप अपने अंतरात्मा से पूछिए कि देश में मिडिल क्लास फैमिली के लिए महंगाई कितनी भयावह रूप से आकर ले रही है आपको तो महंगाई कम करना चाहिए मगर आप अभी भी मन की बातों पर अटके हुए हैं आपके मन की बात नहीं करनी चाहिए आम जनता को बेवकूफ बनाने का ढोंग बंद करिए अब जनता जागृति हो गई है आपके करनीऔर कथनी में फर्क समझ में आ गया है आप मीठी-मीठी चिकनी चुपड़ी बातें करके जनता को घुसने का काम करते हैं मगर यह जनता पूरी तरह से आपकी बातों पर आने वाली नहीं है और भारत देश में महंगाई भयावह रूप ले चुकी है अब महंगाई कम करने के लिए मोदी जी को दूसरा जन्म लेना पड़ेगा तो भी महंगाई कम नहीं हो सकती है मोदी जी आम जनता को बेवकूफ मत समझिए झुनझुना पकड़ना बंद करिए और जमीन स्तर पर कार्य करें भवदीय लाल मणि त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 15 रीवा ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️ रीवा से बड़ी खबर माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के मन की बात का कोई औचित्य नहीं ÷ जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी रीवा÷मोदी जी के मन की बात का सभी जनप्रतिनिधियों को मंन की बात सुनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है मगर भारत देश में महंगाई तीनों दिन बढ़ती जा रही है जहां एक और भारत देश को कृषि प्रधान देश कहा जाता था मगर आज हालात बद से बद्तर हो रहे हैं किसानों को बीज खाद्य कीटनाशक दवाइयां महगे दामों में मिल रही है जिससे किसान चिंतित है अभी हाल ही में पेट्रोल डीजल के दामों में लगातार वृद्धि हुई है जिससे आम जनमानस की कमर टूट रही है दिनों दिन यह महंगाई एक भयावह त्रासदी के रूप में अपना आकार बढ़ा रही है जैसे 2026,27, के खरीफ फसलों के लिए घोषित न्युनतम समर्थन, मूल्य की कड़ी निन्दा कर कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार, किसान विरोधी चरित्र को उजागर, करता है भा जा पा ने 2014, के चुनावी घोषणा पत्र में स्वामीनाथन अयोग की सिफारिशों के अनुसार सी 2,,50, प्रति शत की दर से एम एस पी देने का वादा किया था लेकिन मोदी जी के मंत्रिमंडल ने एम एस पी,की घोषणा व्यापक उत्पादन लागत से लगभग 30, प्रति शत कम की धान फसल जो सबसे महत्वपूर्ण खरीफ फसल है उसका एम एस पी,2441, रुपए प्रति क्विंटल तय किया जबकि सी 2,50, प्रतिशत के अनुसार 3243, रूपए प्रति क्विंटल होना चाहिए था इसका अर्थ है कि किसानों को प्रति क्विंटल 802, रुपए का नुकसान हुआ पुरे देश के,किसान ऐम एस पी, से कम कीमत पर फ़सल बेचने को मजबूर हैं उर्वरको,की कमी पहले ही शुरू चूकी है और जमाखोरी काल बाजारी के माध्यम से भारी मुनाफा कमा रहे हैंncrbके, ताजा आंकड़े बताते हैं कि गंभीर कृषि संकट के कारण किसानों की आत्महत्याएं लगातार जारी है इस सकंट से निकलने का एक रास्ता यह है कि एम एस पी,को व्यापक उत्पादन लागत के डेढ़ गुना घोषित किया जाए मोदी जी आपके मन की बात आपको ही सुननी चाहिए आप अपने अंतरात्मा से पूछिए कि देश में मिडिल क्लास फैमिली के लिए महंगाई कितनी भयावह रूप से आकर ले रही है आपको तो महंगाई कम करना चाहिए मगर आप अभी भी मन की बातों पर अटके हुए हैं आपके मन की बात नहीं करनी चाहिए आम जनता को बेवकूफ बनाने का ढोंग बंद करिए अब जनता जागृति हो गई है आपके करनीऔर कथनी में फर्क समझ में आ गया है आप मीठी-मीठी चिकनी चुपड़ी बातें करके जनता को घुसने का काम करते हैं मगर यह जनता पूरी तरह से आपकी बातों पर आने वाली नहीं है और भारत देश में महंगाई भयावह रूप ले चुकी है अब महंगाई कम करने के लिए मोदी जी को दूसरा जन्म लेना पड़ेगा तो भी महंगाई कम नहीं हो सकती है मोदी जी आम जनता को बेवकूफ मत समझिए झुनझुना पकड़ना बंद करिए और जमीन स्तर पर कार्य करें भवदीय लाल मणि त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 15 रीवा1
- लवकुश नगर में हुई एक युवक की निर्मम हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने इन आरोपियों का जुलूस भी निकाला है।1
- सतना जिले में, व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर अपनी बात रखी और नारे लगाए। यह कार्रवाई सतना सड़क पर की गई।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि 'जल गंगा संरक्षण अभियान' के तहत राज्य सरकार ने लगभग 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किया है। इस वृहद अभियान के लिए सरकार द्वारा लगभग ₹10 हज़ार करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। इस पहल के अंतर्गत ग्रामीण और नगरीय निकायों में विभिन्न जल स्रोतों के साथ-साथ अमृत सरोवर सहित नई जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण का कार्य लगातार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे सामूहिक कार्यक्रमों को दिया है। उनके अनुसार, इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि जल संरक्षण की दिशा में मध्य प्रदेश ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर मितव्ययता और सादगी का संदेश देते हुए 28 मई को इंदौर से उज्जैन की यात्रा बस से की और अपना काफिला छोड़ दिया। इस यात्रा में उनके साथ मंत्री और सांसद सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने इस अवसर पर जनता से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर चलने का आग्रह किया, और कहा कि वे प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रहे हैं, जिसमें प्रशासनिक खर्चों में संयम और संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मितव्ययता का संदेश दिया है और इसी कड़ी में वह स्वयं एक लोकल वाहन से इंदौर से उज्जैन जा रहे हैं। उनके साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, जिलाध्यक्ष और सभी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी यात्रा कर रहे थे। उन्होंने ज़ोर दिया कि वर्तमान वैश्विक संकट में सभी संसाधनों का मितव्ययता से उपयोग करना आवश्यक है। उनकी यह पहल सादगीपूर्ण प्रशासन, ईंधन की बचत और अनावश्यक खर्चों में कमी की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसा संदेश दिया हो। कुछ दिनों पहले सिंगरौली जिले के प्रवास के दौरान भी वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे और तब भी उनका काफिला साथ नहीं था। उस समय उन्होंने कहा था कि किसी जनप्रतिनिधि की पहचान प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि जनता का प्रेम और उसकी सेवा है।1
- माडा थाना क्षेत्र के कुल्हूई गांव में कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1