भोजपुर के चारपोखरी में अनुमंडल प्रशासन ने राशन कार्ड से वंचित गरीब एवं महादलित परिवारों को लाभ दिलाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। एसडीओ कृष्ण कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विकास मित्रों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान कर तुरंत ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित कराएं। शनिवार शाम करीब 5:00 बजे एसडीओ ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिन पात्र लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनका पहले जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर आधार कार्ड तैयार कराया जाए। नए राशन कार्ड के आवेदन के लिए प्रपत्र ‘क’ का उपयोग करना होगा, जबकि नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए प्रपत्र ‘ख’ में आवेदन करना होगा। इस विशेष अभियान की बेहद सख्त निगरानी की जाएगी, जिसके तहत हर तीन दिन पर प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदनों की जांच पूरी कर योग्य पाए गए परिवारों को जल्द से जल्द राशन कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें।
भोजपुर के चारपोखरी में अनुमंडल प्रशासन ने राशन कार्ड से वंचित गरीब एवं महादलित परिवारों को लाभ दिलाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। एसडीओ कृष्ण कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विकास मित्रों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान कर तुरंत ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित कराएं। शनिवार शाम करीब 5:00 बजे एसडीओ ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिन पात्र लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनका पहले जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर आधार कार्ड तैयार कराया जाए। नए राशन कार्ड के आवेदन के लिए प्रपत्र ‘क’ का उपयोग करना होगा, जबकि नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए प्रपत्र ‘ख’ में आवेदन करना होगा। इस विशेष अभियान की बेहद सख्त निगरानी की जाएगी, जिसके तहत हर तीन दिन पर प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदनों की जांच पूरी कर योग्य पाए गए परिवारों को जल्द से जल्द राशन कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें।
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- बिहार के बांकीपुर से प्रशांत किशोर का जीतना पूरी तरह से तय बताया जा रहा है। लोगों का साफ कहना है कि वे BJP के गुलाम नहीं हैं और इस बार उन्होंने जन सुराज को वोट देने का पूरा मन बना लिया है।1
- एमएसजी न्यूज (MSG News) द्वारा 19 जुलाई 2026 की मुख्य और बड़ी खबरें साझा की जा रही हैं। इस प्रस्तुति में आज के मुख्य समाचार और ताजा खबरों को दर्शकों के साथ साझा किया जा रहा है।1
- बिहार के अरवल में 9 नंबर स्लुइस महेंद्र शोरूम के पास स्थित नहर वाले रास्ते पर कई सालों से बरसात के मौसम में लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। स्थानीय राहगीरों को इस मार्ग से गुजरने में लंबे समय से बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसों से चली आ रही इस गंभीर समस्या को देखते हुए अब लोगों ने इस रास्ते को बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से बचाने का प्रयास करने की गुहार लगाई है, ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके।1
- बिहार के अरवल सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद भड़की घटना को भाकपा–माले ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। भाकपा-माले का आरोप है कि इस दुखद घटना की आड़ में पूर्व विधायक का. महानंद सिंह को झूठे मुकदमे में फंसाने की राजनीतिक साजिश रची जा रही है, जो पूरी तरह तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण है। पार्टी के अनुसार, महिला की मृत्यु की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक का. महानंद सिंह शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने सिविल सर्जन से फोन पर चर्चा के लिए आने का आग्रह किया था, लेकिन सिविल सर्जन अपने कक्ष के बजाय सीधे आक्रोशित भीड़ के बीच पहुंच गए। इसी अफरा-तफरी के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ अराजक और असामाजिक तत्वों ने सिविल सर्जन को धक्का दे दिया, जिससे वे गिर पड़े और उन्हें चोटें आईं। भाकपा–माले ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि इस घटना से पूर्व विधायक या उनके समर्थकों का कोई लेना-देना नहीं है। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि महानंद सिंह भीड़ को शांत कराने और संयम बरतने की अपील कर रहे थे। भाकपा–माले का कहना है कि भाजपा के इशारे पर प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर जनप्रतिनिधियों और जनआंदोलनों को दबाया जा रहा है। इसके अलावा, पार्टी ने अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर करते हुए बताया कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के प्रभारी को 15 दिन पहले कार्यमुक्त कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने अब तक प्रभार नहीं सौंपा था, जिससे समन्वय और चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित हुई। पार्टी ने महिला की मौत की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अस्पताल कर्मचारियों पर कार्रवाई, पूर्व विधायक पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस लेने और सिविल सर्जन को धक्का देने वाले असली आरोपी की पहचान करने की मांग की है। इस संबंध में जल्द ही वामपंथी और महागठबंधन नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा। संवाददाता सम्मेलन को पार्टी के जोन प्रभारी कुमार परवेज, पूर्व विधायक का. महानंद सिंह, जिला सचिव जितेंद्र यादव और युवा नेता सुएब आलम ने संबोधित किया।1
- शनिवार को आरा शहर में हुई जमकर बारिश ने पूरे शहर को नर्क बना दिया है। इस भारी बारिश के कारण शहर की सड़कों पर पानी फैल गया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।1
- भोजपुर के पीरो थाना क्षेत्र के छेदी टोला गांव में जदयू नेता दीपक यादव के घर पर पहुंचकर एक युवक द्वारा लगातार गाली-गलौज और दबंगई करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक कई दिनों से देर रात दीपक यादव के घर पहुंचकर अभद्र व्यवहार कर रहा था, जिससे उनके परिवार में भय का माहौल बना हुआ था। इस संबंध में दीपक यादव द्वारा थाने में लिखित आवेदन भी दिया गया था। शनिवार की दोपहर करीब 3:00 बजे दीपक यादव ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को देकर वीडियो भी उपलब्ध कराया था, जिसके बाद अब कार्रवाई तेज हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही पूरे मामले के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।1
- बिहार में दांतों की सड़न (डेंटल कैविटी) और मसूड़ों की बीमारियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। पटना के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में बच्चे और युवा इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं। आरा के विशेषज्ञ दंत चिकित्सक डॉ. कुणाल कुमार के अनुसार, क्षेत्र के लगभग 80% युवाओं में किसी न किसी तरह की ओरल हेल्थ की समस्या मिल रही है, जबकि करीब 25% बच्चे कैविटी से प्रभावित हैं। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट, मीठे खाद्य पदार्थ, तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान को दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी का मुख्य कारण माना जा रहा है। भोजपुर सहित बिहार के कई इलाकों में दंत स्वच्छता को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। लोग नियमित रूप से ब्रश नहीं करते, हर छह महीने पर दांतों की जांच नहीं कराते और जब तक तेज दर्द न हो, तब तक डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंडा या गर्म खाने पर दर्द होना, दांतों में काले गड्ढे दिखना, खाना फंसना, मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू आना और चबाने में दर्द होने जैसे लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर इलाज न कराने से कैविटी गहरी हो जाती है, जिससे बाद में रूट कैनाल कराने या दांत निकालने की नौबत आ जाती है। शुरुआती चरण में ही टूथ फिलिंग (Dental Filling) करा लेने से प्राकृतिक दांत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। आजकल आधुनिक फ्लोराइड थेरेपी, पिट एंड फिशर सीलेंट और उच्च गुणवत्ता वाली टूथ फिलिंग जैसी सुरक्षित तकनीकें उपलब्ध हैं। डॉ. कुणाल कुमार (बीडीएस, डेंटल सर्जन, आरा) ने जनहित में सलाह दी है कि दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें, मीठी और चिपचिपी चीजें कम खाएं, तंबाकू-गुटखे से दूर रहें और हर छह महीने में डेंटिस्ट से दांतों की जांच जरूर कराएं। दांतों का दर्द अपने आप ठीक नहीं होता, इसलिए सही समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।1
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