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उत्तर प्रदेश के बरेली में दागी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है।
Mukhtar ahmad Ahmad
उत्तर प्रदेश के बरेली में दागी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है।
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- उत्तर प्रदेश के बरेली में मदेशिया फाटक पर समाजसेवकों ने कड़ाके की धूप के बीच मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। समाजसेवकों ने एक नेक काम करते हुए इस तपती धूप में काम करने वाले मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए गमछा और पानी का वितरण किया है। इस सेवा कार्य को लेकर सेवा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने यह भी कहा कि पृथ्वी हमारा एक तरह से कार्यक्रम बतौर किया जाता है। इस आयोजन के दौरान कोच अजय कश्यप का भी भव्य सम्मान किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली की बढ़ती दरों, नए नियमों और उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर मुख्य अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष अकरम खान ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग लगातार नए नियम लागू करके व्यापारियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगी बिजली के कारण प्रदेश के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे भविष्य में उत्तर प्रदेश को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्ञापन में व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें दो किलोवाट तक के बिजली मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये करने के निर्णय को वापस लेने, बिना सूचना करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का बढ़ाया गया बिजली लोड निरस्त कर पुराने स्तर पर बहाल करने, और अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को समाप्त करने और प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग का कथित दमनकारी रवैया जारी रहा, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास बुरी तरह प्रभावित होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापार हित में इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान जावेद आलम, परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, प्रवीन गोयल, गौरव गर्ग और डॉ मुदित प्रताप सिंह सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी महिला ने फर्जी पहचान के सहारे पहले एक युवक से शादी की और फिर उससे 40 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकाने लगी। पुलिस की जांच में महिला का आईएएस अधिकारी होने का दावा पूरी तरह से झूठा और फर्जी पाया गया है। यह पूरी घटना बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित अभिषेक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि करीब एक महीने पहले उसकी शादी साधना नाम की महिला से हुई थी। शादी से पहले साधना ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया था और दावा किया था कि उसका एक मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अभिषेक उसकी बातों पर विश्वास कर शादी के लिए तैयार हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ऑफिस के बाहर दिनांक 14.07.26 को एक महिला ने स्वयं के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया, जिसे वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल रोक दिया। इस घटना के बाद पुलिस टीम द्वारा महिला की काउंसलिंग की जा रही है। सीओ सिटी प्रथम (CO City 1st) के अनुसार, वर्तमान में शांति व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में दागी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है।2
- भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में उत्तर प्रदेश के बरेली में किसान एकता संघ के बैनर तले बुधवार को एक विशाल मोटरसाइकिल रैली निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लेकर केंद्र सरकार से किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि बलदेव राज छाबड़ा ने हरी झंडी दिखाकर किया, जिसके बाद किसान हाथों में संगठन के झंडे और बैनर थामकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे और अपनी आवाज बुलंद की। किसान एकता संघ के नेता डॉ. रवि नागर ने कहा कि किसी भी विदेशी व्यापारिक समझौते के कारण देश के किसानों की आजीविका और कृषि व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसान हितों की अनदेखी की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे बढ़ाएगा। रैली में संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट रहने का संकल्प लिया और सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि ट्रेड डील वापस न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।1
- भारत-अमेरिका डील में किसानों के हितों की रक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) हरपाल गुट ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। 'राष्ट्रीय देश बचाओ मोर्चा' के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी आंदोलन के तहत संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 21 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर रेल रोको आंदोलन और धरना प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के निर्देश पर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान नेताओं ने अपनी प्रमुख मांगें उठाईं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता महेंद्र पाल गंगवार ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों की लापरवाही के कारण खतौनी में हिस्सों की भारी गड़बड़ी हुई है, जिसे लेखपालों को घर-घर जाकर दुरुस्त करना चाहिए। इसके साथ ही, नई 'फार्मर रजिस्ट्री/आईडी' व्यवस्था के तहत खाद वितरण में आ रही दिक्कतों पर रोष जताते हुए उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की ताकि फसलों के इस सीजन में किसानों को खाद के लिए दर-दर न भटकना पड़े। साथ ही ओसवाल और बजाज चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान को ब्याज सहित जल्द से जल्द दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल अन्य किसान नेता छेदालाल गंगवार ने शिक्षा व्यवस्था में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाया जाए, जहां पोषाहार और खेलकूद की व्यवस्था है। इसके विपरीत, निजी स्कूल ढाई से तीन साल के बच्चों का दाखिला कर अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं और महंगी किताबों के नाम पर कमीशनखोरी कर रहे हैं, जिससे गरीब और देहाती परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कठोर जांच और कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने साफ किया कि अगर इन सभी मुद्दों पर जल्द ही प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो आगामी 21 जुलाई को दिल्ली में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान छेदालाल, रामधुन, रामकिशोर दिवाकर, मोहम्मद इसरार, राम औतार, कुंवर सेन, नरेश चंद, रामचंद्र, चंद्रपाल, भगवानदास आदि मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में सीबीगंज थाना क्षेत्र स्थित सुपीरियर शराब फैक्ट्री में नौकरी के दूसरे ही दिन एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान बिसारतगंज थाना क्षेत्र के गांव धीरपुर निवासी सत्यपाल (पुत्र रामलाल) के रूप में हुई है, जो बॉयलर सेक्शन में कार्यरत थे। इस संदिग्ध मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया और उन्होंने फैक्ट्री गेट पर इकट्ठा होकर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह है कि फैक्ट्री के एचआर (HR) ने उनसे कथित तौर पर '1 लाख रुपये ले लो और बात खत्म करो' कहा। इस संवेदनशील आरोप के सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की है। हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ द्वितीय नितिन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र स्थिति को नियंत्रित किया। सीबीगंज इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।1