सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों का माह जुलाई का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों का माह जुलाई का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा-सीएमएचओ दमोह -मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने बताया कि सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों, जिनमें चिकित्सा अधिकारी (डॉक्टर), एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू शामिल हैं, का माह जुलाई 2026 का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन समय पर कार्यालय एवं स्वास्थ्य संस्था पहुंचकर सार्थक ऐप पर नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करें। समयपालन एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सार्थक ऐप के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाता रहेगा।
सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों का माह जुलाई का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों का माह जुलाई का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा-सीएमएचओ दमोह -मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने बताया कि सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों, जिनमें चिकित्सा अधिकारी (डॉक्टर), एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू शामिल हैं, का माह जुलाई 2026 का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन समय पर कार्यालय एवं स्वास्थ्य संस्था पहुंचकर सार्थक ऐप पर नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करें। समयपालन एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सार्थक ऐप के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाता रहेगा।
- रिकॉर्ड नहीं मिले तो कृषि विभाग का गोदाम सील बीज-जिंक का बड़ा स्टॉक मिला, मृदा परीक्षण केंद्र भी बंद रिकॉर्ड नहीं मिले तो कृषि विभाग का गोदाम सील बीज-जिंक का बड़ा स्टॉक मिला, मृदा परीक्षण केंद्र भी बंद पटेरा | पटेरा स्थित वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय में गुरुवार को तहसीलदार उमेश तिवारी के औचक निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक खामियां सामने आईं। दस्तावेजों का मिलान नहीं होने और रिकॉर्ड अधूरे मिलने पर प्रशासन ने कृषि विभाग के स्टोर रूम को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान आय-व्यय से संबंधित कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। वहीं, परिसर में संचालित मृदा परीक्षण केंद्र बंद मिलने पर उसे भी सील करने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार उमेश तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में बीज, जिंक एवं अन्य कृषि सामग्री रखी मिली। संबंधित दस्तावेजों का मिलान मौके पर नहीं हो सका और कई रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। इसी कारण स्टोर को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उपलब्ध सामग्री का पूरा वितरण नहीं हुआ है। अब जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी। वहीं, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी डी.के. साहू ने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया। उनका कहना है कि केवल कुछ रिकॉर्ड का मिलान शेष था। जिन किसानों को बीज वितरित किया गया है, उन सभी के ऑनलाइन आवेदन दर्ज हैं और उसी आधार पर नियमानुसार वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास सभी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और जांच में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। निरीक्षण के बाद कृषि विभाग में पूरे दिन हलचल बनी रही। प्रशासन अब स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों का मिलान करेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल स्टोर रूम और मृदा परीक्षण केंद्र सील हैं तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। कृषि विभाग के अध्यक्ष प्रतिनिधि पप्पू शर्मा के द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी दमोह कलेक्टर के समक्ष शिकायत की गई थी जिसके आधार पर तहसीलदार पटेरा के द्वारा निरीक्षण कर कार्रवाई की गई1
- मानदेय बढ़ाए जाने सहित विभिन्न मांगो के विरोध में 1 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे राशन विक्रेता, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दी सूचना दमोह। मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ, भोपाल के आह्वान पर जिले के सहकारी समिति कर्मचारी एवं राशन वितरण विक्रेता 1 अगस्त से अनिश्चितकालीन कलमबंद और तालाबंद हड़ताल पर रहेंगे। इस संबंध में सहकारी समिति कर्मचारी संघ, दमोह ने आज शुक्रवार दोपहर 3 बजे कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को सूचना पत्र सौंपकर आंदोलन की जानकारी दी है। संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र तिवारी एवं सचिव राकेश रजक ने बताया कि समितियों में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर शासन स्तर पर लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार मांगों से शासन को अवगत कराने के बावजूद कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। संघ ने कहा कि हड़ताल के दौरान खाद, बीज वितरण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण सहित अन्य सहकारी कार्य प्रभावित होंगे। इससे किसानों और राशन कार्डधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। संघ ने पत्र में स्पष्ट किया कि इससे उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- ढीमरखेड़ा तहसील में "बारिश में बढ़ा खतरा: घर में 9 फीट का अजगर, नदी में मगरमच्छ से दहशत" कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में बारिश के बीच जंगली जीव-जंतुओं की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एक ओर घर में 9 फीट लंबा अजगर निकलने से हड़कंप मच गया, तो दूसरी ओर कंजिया की लभेर नदी में पिछले दो सप्ताह से मगरमच्छ दिखाई दे रहे हैं। ग्राम खंदवारा में रामनेश पटेल के घर निकले अजगर का वन विभाग की टीम और स्थानीय रेस्क्यूकर्ता ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। वहीं लभेर नदी में बार-बार मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल रेस्क्यू की मांग की है। इस पर वन विकास निगम के अधिकारियों ने कहा है कि मगरमच्छ दोबारा मिलने की पुष्टि होने पर जल्द रेस्क्यू कराया जाएगा। फिलहाल लोगों से नदी के किनारे सतर्क रहने की अपील की गई है।1
- 🚨 जबेरा में शराब दुकान पर बवाल! बैंक, स्कूल और तहसील के बीच क्यों खुली दुकान? | Ground Report 🚨 जबेरा में शराब दुकान को लेकर विवाद तेज! दमोह जिले के जबेरा में संचालित जबेरा 'A' शराब दुकान को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि दुकान के आसपास भारतीय स्टेट बैंक, पेट्रोल पंप, ब्लॉक/तहसील कार्यालय, शासकीय मॉडल स्कूल और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, इसलिए इस स्थान पर शराब दुकान नहीं होनी चाहिए। ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने अपनी बात खुलकर कैमरे पर रखी और प्रशासन से इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोप संबंधित लोगों के हैं। यदि प्रशासन, आबकारी विभाग या संबंधित लाइसेंसधारक अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो सच हमेशा न्यूज़ उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।1
- आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स� आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स�1
- जटाशंकर कार्यालय में राज्यमंत्री लखन पटेल ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निराकरण के निर्देश दमोह। पथरिया क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री लखन पटेल ने आज शनिवार दोपहर 3 बजे दमोह के जटाशंकर स्थित कार्यालय में क्षेत्रवासियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सौजन्य भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभिन्न जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान लोगों ने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दे सांसद के समक्ष रखे, जिनके निराकरण का भरोसा दिलाया गया। सांसद ने कहा कि जनसंवाद के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान उनकी प्राथमिकता है। गांव और नगर के समग्र विकास तथा जनसेवा के संकल्प के साथ यह संवाद निरंतर जारी रहेगा।1
- बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है। स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।" लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।" फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- सलैया चौकी पुलिस की सख्ती: वाहन चेकिंग अभियान में 6 चालान, 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला कटनी जिले के रीठी थाना अंतर्गत सलैया चौकी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। सलैया चौकी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान काली फिल्म लगी एक कार, बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे तीन चालकों तथा बिना हेलमेट दो बाइक चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। कुल छह प्रकरणों में 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा वाहनों में अवैध काली फिल्म न लगाने की समझाइश भी दी। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सलैया चौकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1