महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ शक्तिफार्म झारखंडेश्वर से बाबा तारकनाथ धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब शक्तिफार्म। आस्था, विश्वास और भक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि पर शक्तिफार्म क्षेत्र पूरी तरह शिवमय नजर आया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोष से समूचा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और देर रात तक जलाभिषेक व रुद्राभिषेक का क्रम निरंतर चलता रहा। बाराकोली रेंज के घने जंगलों के बीच स्थित प्राचीन एवं पौराणिक झारखंडेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय लोग इसे ‘झाड़ी मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं। जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था। ऊंचे-ऊंचे वृक्षों और प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित इस स्थल पर पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। महाशिवरात्रि पर रविवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे सैकड़ों कांवड़ियों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भक्तों ने दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, फल-फूल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी किया गया, जिसमें दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। मेले में बच्चों के झूले, श्रृंगार व पूजन सामग्री की दुकानें, घरेलू उपयोग की वस्तुएं तथा विविध खान-पान के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। ग्रामीण संस्कृति और लोक आस्था का सुंदर संगम यहां स्पष्ट रूप से देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सितारगंज कोतवाली और शक्ति फार्म पुलिस चौकी के जवान पूरे समय मुस्तैदी से तैनात रहे, जिससे मेले और पूजा-अर्चना का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उधर सुरेंद्रनगर स्थित प्रसिद्ध बाबा तारकनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह मंदिर क्षेत्र का प्रमुख शिवधाम माना जाता है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार वर्षों पूर्व एक साधक को दिव्य स्वप्न में यहां शिवलिंग स्थापना का संकेत मिला था, जिसके बाद यह स्थान धीरे-धीरे आस्था के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित हुआ। मान्यता है कि बाबा तारकनाथ के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। महाशिवरात्रि पर यहां हरिद्वार से गंगाजल लाए कांवड़ियों की विशेष उपस्थिति रही और दिनभर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक व भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा। नगर के सनातन धर्म मंदिर सहित क्षेत्र के सभी शिवालयों में भी भक्तों ने श्रद्धा भाव से जलाभिषेक किया। मंत्रोच्चार, घंटानाद और आरती से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व एक बार फिर सिद्ध कर गया कि शक्तिफार्म की धरती पर धार्मिक परंपराएं आज भी पूरी आस्था, उत्साह और उल्लास के साथ जीवंत हैं। जंगल के बीच विराजमान झारखंडेश्वर मंदिर से लेकर सुरेंद्रनगर के बाबा तारकनाथ धाम तक, हर ओर शिवभक्ति की अविरल गंगा बहती रही और पूरा क्षेत्र शिवमय आभा में सराबोर नजर आया।
महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ शक्तिफार्म झारखंडेश्वर से बाबा तारकनाथ धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब शक्तिफार्म। आस्था, विश्वास और भक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि पर शक्तिफार्म क्षेत्र पूरी तरह शिवमय नजर आया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोष से समूचा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और देर रात तक जलाभिषेक व रुद्राभिषेक का क्रम निरंतर चलता रहा। बाराकोली रेंज के घने जंगलों के बीच स्थित प्राचीन एवं पौराणिक झारखंडेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय लोग इसे ‘झाड़ी मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं। जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था। ऊंचे-ऊंचे वृक्षों और प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित इस स्थल पर पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। महाशिवरात्रि पर रविवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे सैकड़ों कांवड़ियों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भक्तों ने दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, फल-फूल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी किया गया, जिसमें दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। मेले में बच्चों के झूले, श्रृंगार व पूजन सामग्री की दुकानें, घरेलू उपयोग की वस्तुएं तथा विविध खान-पान के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। ग्रामीण संस्कृति और लोक आस्था का सुंदर संगम यहां स्पष्ट रूप से
देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सितारगंज कोतवाली और शक्ति फार्म पुलिस चौकी के जवान पूरे समय मुस्तैदी से तैनात रहे, जिससे मेले और पूजा-अर्चना का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उधर सुरेंद्रनगर स्थित प्रसिद्ध बाबा तारकनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह मंदिर क्षेत्र का प्रमुख शिवधाम माना जाता है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार वर्षों पूर्व एक साधक को दिव्य स्वप्न में यहां शिवलिंग स्थापना का संकेत मिला था, जिसके बाद यह स्थान धीरे-धीरे आस्था के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित हुआ। मान्यता है कि बाबा तारकनाथ के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। महाशिवरात्रि पर यहां हरिद्वार से गंगाजल लाए कांवड़ियों की विशेष उपस्थिति रही और दिनभर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक व भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा। नगर के सनातन धर्म मंदिर सहित क्षेत्र के सभी शिवालयों में भी भक्तों ने श्रद्धा भाव से जलाभिषेक किया। मंत्रोच्चार, घंटानाद और आरती से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व एक बार फिर सिद्ध कर गया कि शक्तिफार्म की धरती पर धार्मिक परंपराएं आज भी पूरी आस्था, उत्साह और उल्लास के साथ जीवंत हैं। जंगल के बीच विराजमान झारखंडेश्वर मंदिर से लेकर सुरेंद्रनगर के बाबा तारकनाथ धाम तक, हर ओर शिवभक्ति की अविरल गंगा बहती रही और पूरा क्षेत्र शिवमय आभा में सराबोर नजर आया।
- उत्तराखंड:रुद्रपुर में नाले में मिला अज्ञात शव, इलाके में सनसनी...1
- Post by Kanchan Kanchan1
- बगिया फॉर्म तमाशबीन बनी भीड़, घायलों के मददगार बने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पूरनपुर हाईवे पर सड़क हादसे में घायल मां–बेटी को तड़पता देख भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने बिना देर किए अपनी कार रोक दी। भीड़ जुटी रही, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकरिया निवासी पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ पूरनपुर आ रही थीं। बगिया फॉर्म के पास तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहां से गुजर रहे गुरभाग सिंह ने घायलों को अपनी कार में बैठाकर सीधे पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया।1
- पूरनपुर हाईवे पर सड़क हादसे में घायल मां–बेटी को तड़पता देख भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने बिना देर किए अपनी कार रोक दी। भीड़ जुटी रही, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकरिया निवासी पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ पूरनपुर आ रही थीं। बगिया फॉर्म के पास तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहां से गुजर रहे गुरभाग सिंह ने घायलों को अपनी कार में बैठाकर सीधे पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया।1
- पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में थाना अमरिया पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लगभग 8 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य साजिशकर्ता को पीलीभीत पुलिस ने गिरफ्तार किया। #Dmpilibhit #UPPolice #MYogiAdityanath #क्राइम #UttarPradesh #viral1
- Post by संदीप निडर1
- प्रेस नोट नैनीताल, 17 फरवरी 2026: सोमवार को बेटलघाट के मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विरोधाभासी बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्य आयोजक शीलू कुमार ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम की अनुमति प्रांतीय रक्षक एवं जिला युवा कल्याण अधिकारी से ली गई थी, क्योंकि मिनी स्टेडियम युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत आता है। शीलू कुमार ने बताया, कार्यक्रम की अनुमति लगभग एक माह पहले ही 20 जनवरी को प्राप्त कर ली गई थी। युवा कल्याण विभाग द्वारा इसकी एक-एक प्रति तहसीलदार बेटलघाट, थाना प्रभारी, मुख्य फायर स्टेशन अधिकारी तथा खेल मैदान अधिकारी को भेजी गई थी। इसके अलावा हमारी टीम ने 21 जनवरी को जिला अधिकारी नैनीताल, एसएसपी नैनीताल, डीजी हेल्थ, सीएमओ नैनीताल तथा सीडीओ को भी मेल भेजकर सूचित किया था। उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा, एक तरफ पुलिस बयान दे रही है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था, वहीं दूसरी तरफ एसडीएम का कहना है कि कार्यक्रम की अनुमति ही नहीं थी इसलिए हमने सुरक्षा का इंतज़ाम नहीं किया। शीलू ने कहा कि प्रशासन कन्फ्यूज है। उन्हें खुद नहीं पता कि उनके लोग क्या बयान दे रहे हैं।2
- Post by Kanchan Kanchan1