गुरुग्राम पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से पाँच अतिरिक्त विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियों का गठन किया है। इन नई कंपनियों के गठन के साथ ही गुरुग्राम में अब कुल 10 विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियां कार्य करेंगी, जिनमें 10 सहायक पुलिस आयुक्त (ACsP) के नेतृत्व में 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक कंपनी में 107 पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए हैं, जिसका नेतृत्व एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) 'कंपनी कमांडर' के रूप में करेगा, जबकि एक निरीक्षक (Inspector) 'असिस्टेंट कमांडर' के तौर पर संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की आपातकालीन, संवेदनशील अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित स्थिति में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करना और पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है। ये कंपनियां अराजक स्थिति, कानून व्यवस्था संबंधी चुनौती, धरना-प्रदर्शन, भीड़ नियंत्रण, साम्प्रदायिक तनाव, वीआईपी ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और अन्य विशेष परिस्थितियों में त्वरित रिस्पांस देंगी। साथ ही, कानून व्यवस्था भंग करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। गठित की गई इन अतिरिक्त कंपनियों में से 08 कंपनियां गुरुग्राम के सभी पुलिस जोनों — पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मानेसर जोन — में जोनवार स्थापित होंगी, प्रत्येक जोन में दो-दो कंपनी होंगी। शेष 02 कंपनियां पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, गुरुग्राम के अधीन कार्य करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें जिले के किसी भी क्षेत्र में तत्काल तैनात किया जा सकेगा। गुरुग्राम पुलिस द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ये 10 लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियां गठित की गई हैं, जिनसे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गुरुग्राम पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से पाँच अतिरिक्त विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियों का गठन किया है। इन नई कंपनियों के गठन के साथ ही गुरुग्राम में अब कुल 10 विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियां कार्य करेंगी, जिनमें 10 सहायक पुलिस आयुक्त (ACsP) के नेतृत्व में 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक कंपनी में 107 पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए हैं, जिसका नेतृत्व एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) 'कंपनी कमांडर' के रूप में करेगा, जबकि एक निरीक्षक (Inspector) 'असिस्टेंट कमांडर' के तौर पर संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की आपातकालीन, संवेदनशील अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित स्थिति में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करना और पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है। ये कंपनियां अराजक स्थिति, कानून व्यवस्था संबंधी चुनौती, धरना-प्रदर्शन, भीड़ नियंत्रण, साम्प्रदायिक तनाव, वीआईपी ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और अन्य विशेष परिस्थितियों में त्वरित रिस्पांस देंगी। साथ ही, कानून व्यवस्था भंग करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। गठित की गई इन अतिरिक्त कंपनियों में से 08 कंपनियां गुरुग्राम के सभी पुलिस जोनों — पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मानेसर जोन — में जोनवार स्थापित होंगी, प्रत्येक जोन में दो-दो कंपनी होंगी। शेष 02 कंपनियां पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, गुरुग्राम के अधीन कार्य करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें जिले के किसी भी क्षेत्र में तत्काल तैनात किया जा सकेगा। गुरुग्राम पुलिस द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ये 10 लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियां गठित की गई हैं, जिनसे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
- गुरुग्राम पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से पाँच अतिरिक्त विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियों का गठन किया है। इन नई कंपनियों के गठन के साथ ही गुरुग्राम में अब कुल 10 विशेष लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियां कार्य करेंगी, जिनमें 10 सहायक पुलिस आयुक्त (ACsP) के नेतृत्व में 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक कंपनी में 107 पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए हैं, जिसका नेतृत्व एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) 'कंपनी कमांडर' के रूप में करेगा, जबकि एक निरीक्षक (Inspector) 'असिस्टेंट कमांडर' के तौर पर संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की आपातकालीन, संवेदनशील अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित स्थिति में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करना और पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है। ये कंपनियां अराजक स्थिति, कानून व्यवस्था संबंधी चुनौती, धरना-प्रदर्शन, भीड़ नियंत्रण, साम्प्रदायिक तनाव, वीआईपी ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और अन्य विशेष परिस्थितियों में त्वरित रिस्पांस देंगी। साथ ही, कानून व्यवस्था भंग करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। गठित की गई इन अतिरिक्त कंपनियों में से 08 कंपनियां गुरुग्राम के सभी पुलिस जोनों — पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मानेसर जोन — में जोनवार स्थापित होंगी, प्रत्येक जोन में दो-दो कंपनी होंगी। शेष 02 कंपनियां पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, गुरुग्राम के अधीन कार्य करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें जिले के किसी भी क्षेत्र में तत्काल तैनात किया जा सकेगा। गुरुग्राम पुलिस द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ये 10 लॉ-एंड-ऑर्डर कंपनियां गठित की गई हैं, जिनसे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।1
- देश के सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रेलवे स्टेशन की स्थिति पहली बरसात के बाद सामने आई है। पहली बारिश में ही स्टेशन का जो हाल देखने को मिला, वह इस वीआईपी क्षेत्र के लिए एक चर्चा का विषय बन गया है।1
- राम मंदिर में किसी भी प्रकार की हार या चोरी की घटनाओं का ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया है कि काकभुशुण्डि और कंठमाला सहित राम मंदिर की सभी वस्तुएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यह जानकारी राजपथ न्यूज़ पर उपलब्ध है।1
- मुजफ्फरनगर में कथित धर्म परिवर्तन के एक मामले ने पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ी हलचल मचा दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पड़ताल तेज कर दी है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों द्वारा ही तय किया जाएगा।1
- राजधानी दिल्ली में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करने के लिए एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उनके साथ सांसद योगेंद्र चंदोलिया, मंगोलपुरी से विधायक राजकुमार चौहान, नांगलोई से विधायक मनोज शौकीन और मुंडका से विधायक गजेंद्र दलाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी में उपस्थित सभी नेताओं ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को फूल माला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को आज एक निष्ठावान और कर्तव्यनिष्ठ नेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने सत्ता से अधिक राष्ट्र को महत्व दिया। उन्होंने "एक राष्ट्र, एक विधान" का संदेश देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। इस संगोष्ठी में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, जिनमें महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं, ने भाग लिया। सभी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा तथा नांगलोई से विधायक मनोज शौकीन ने भी इस अवसर पर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन करते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने की बात कही।1
- BWFS एयरपोर्ट कर्मचारी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी फूल बदन पासवान ने प्रबंधन को एक पत्र के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि न किए जाने, माननीय न्यायालय में लंबित मामले की अनदेखी करने और एक अधिकारी द्वारा दिए गए विवादित बयान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूनियन ने कर्मचारियों की दयनीय स्थिति को उजागर करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के अनुसार, इस वर्ष कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की है, जबकि महंगाई का बोझ उन पर सबसे अधिक पड़ा है। पेट्रोल-डीजल और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे कर्मचारियों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। पासवान ने बताया कि अन्य समकक्ष कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन में ₹4,000 तक की बढ़ोतरी की है, लेकिन उनकी कंपनी द्वारा एक रुपये की भी वृद्धि न करना बेहद निराशाजनक है और इससे कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। इसके साथ ही, प्रबंधन पर न्यायालय में लंबित वेतन और अधिकारों से जुड़े मामले की अनदेखी करने का भी आरोप है। यूनियन का कहना है कि कोर्ट के नियमों को दरकिनार कर वेतन वृद्धि पर रोक लगाना न्याय प्रणाली की अवहेलना है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि कंपनी लगातार 'गलती पर गलती' दोहरा रही है। यूनियन ने प्रबंधन के अधिकारी श्री हरि शर्मा द्वारा कर्मचारियों को दिए गए एक विवादास्पद बयान पर भी कड़ा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "कंपनी में काम करना है तो करो, नहीं तो मत करो; कंपनी इस साल तुम्हारी कोई सैलरी नहीं बढ़ाएगी।" यूनियन का आरोप है कि श्री शर्मा पहले भी ऐसे तानाशाही बयान दे चुके हैं, फिर भी उन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कार्यस्थल का माहौल खराब हो रहा है। यूनियन ने प्रबंधन से तुरंत कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि करने और श्री हरि शर्मा के खिलाफ उचित प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इन जायज मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया गया और वेतन वृद्धि लागू नहीं की गई, तो यूनियन अपने अधिकारों की रक्षा और अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।1
- राजपथ न्यूज़ पर देश-दुनिया की छह बड़ी खबरें सामने आई हैं। इंडोनेशिया में मोदीजी का ज़ोरदार स्वागत किया गया है। वहीं, एक ट्रस्ट ने चंपतजी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद सांसद संजय ने मोदीजी से आग्रह किया है कि वे इस ट्रस्ट में धर्माचार्यों को भी शामिल करें। अन्य प्रमुख खबरों में, कोलकाता में श्यामा प्रसाद की एक विशाल प्रतिमा स्थापित करने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक सुरंग क्षतिग्रस्त हो गई है, और योगी ने लेटे हनुमानजी की पूजा अर्चना की है।1
- दिल्ली में प्रवेश करते ही छतरपुर विधानसभा के मांडी गांव टोल रोड पर भारी जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी भरने के कारण इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आजिज़ आकर स्थानीय लोगों ने सड़क बंद कर दी है। निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर चीफ मिनिस्टर, सांसद, विधायक और पार्षद सहित सभी संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों में दिल्ली की '4 इंजन की सरकार' के प्रति भारी आक्रोश है, और छतरपुर विधानसभा के विधायक करतार तवर पर मंचों पर बड़े-बड़े दावे करने, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या का समाधान न करने का आरोप लगाया गया है।1