देश में हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रेलवे ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दे दी है। यह दस कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित DEMU ट्रेन हरियाणा के जींद–सोनीपत सेक्शन पर चलाई जाएगी। रेलवे बोर्ड के अनुसार, नॉर्दर्न रेलवे के इस सेक्शन पर यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना को Research Designs and Standards Organisation (RDSO) और रेलवे सेफ्टी कमिश्नर से भी मंजूरी मिल चुकी है। इस ट्रेन के लिए जींद में हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है, जो पूरी तरह से हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगा। रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा के कड़े नियम भी तय किए हैं, जिनमें सेंसर और डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं, जो हाइड्रोजन लीकेज और आग जैसी किसी भी स्थिति पर नजर रखेंगे। शुरुआती तीन महीनों तक, ट्रेन के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ तैनात रहेगा ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। रिफ्यूलिंग स्टेशन और पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। फिलहाल, यह ट्रेन केवल जींद–सोनीपत सेक्शन पर ही चलेगी, लेकिन रेलवे ने संकेत दिए हैं कि इसके सफल संचालन के बाद इसे अन्य रूट्स पर भी विस्तार दिया जा सकता है। इसे भारतीय रेलवे के भविष्य की एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
देश में हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रेलवे ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दे दी है। यह दस कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित DEMU ट्रेन हरियाणा के जींद–सोनीपत सेक्शन पर चलाई जाएगी। रेलवे बोर्ड के अनुसार, नॉर्दर्न रेलवे के इस सेक्शन पर यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना को Research Designs and Standards Organisation (RDSO) और रेलवे सेफ्टी कमिश्नर से भी मंजूरी मिल चुकी है। इस ट्रेन के लिए जींद में हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है, जो पूरी तरह से हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगा। रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा के कड़े नियम भी तय किए हैं, जिनमें सेंसर और डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं, जो हाइड्रोजन लीकेज और आग जैसी किसी भी स्थिति पर नजर रखेंगे। शुरुआती तीन महीनों तक, ट्रेन के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ तैनात रहेगा ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। रिफ्यूलिंग स्टेशन और पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। फिलहाल, यह ट्रेन केवल जींद–सोनीपत सेक्शन पर ही चलेगी, लेकिन रेलवे ने संकेत दिए हैं कि इसके सफल संचालन के बाद इसे अन्य रूट्स पर भी विस्तार दिया जा सकता है। इसे भारतीय रेलवे के भविष्य की एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
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- दूसरे INDO RUSSIAN एजुकेशन सम्मिट 2026 का नई दिल्ली में शुभारम्भ हो गया है।1
- भारतवर्ष में महिला सशक्तिकरण के नारे के बीच, दिल्ली में मधु जायसवाल ने एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उन्होंने एक सामान्य गृहिणी के रूप में शुरुआत करके अपने सपनों को साकार किया और छोटे से लघु उद्योग के सहारे खुद को आगे बढ़ाया। आज उन्हें एक स्थापित ब्रांड के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने 'नन्हे पंखों को ऊंची उड़ान' दी है। मधु जायसवाल उन सभी महिलाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण हैं जो कुछ करना चाहती हैं लेकिन सहारे की कमी महसूस करती हैं। संवाददाता से बात करते हुए मधु जायसवाल अपने बीते पलों को याद करके भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद, जिन्हें ग्राहक आमतौर पर Amazon, Flipkart, और Meesho जैसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदते हैं, अब सीधे उनकी पहुँच में होंगे।1
- दिल्ली पुलिस ने स्नैचिंग के एक मामले में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को मात्र 12 दिनों के भीतर सजा दिलवा दी है।1