नालंदा विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने किया धम्बोला थाने का शैक्षिक भ्रमण, जानी पुलिस की कार्यप्रणाली सीमलवाड़ा (डूंगरपुर). स्थानीय नालंदा विद्यापीठ स्कूल के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने संस्थान के फाउंडर जितेंद्र कलाल के मार्गदर्शन में शैक्षिक भ्रमण के तहत धम्बोला थाने का दौरा किया। इस दौरान थाना प्रभारी देवेंद्र देवल एवं पुलिस स्टाफ ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें थाने की विभिन्न शाखाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। भ्रमण के दौरान थाना प्रभारी देवेंद्र देवल ने बच्चों को थाने के प्रत्येक विभाग—रिपोर्टिंग कक्ष, हवालात, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष और गन रूम—का क्रमवार अवलोकन करवाया। उन्होंने बताया कि थाने में आने वाली शिकायतों को किस प्रकार दर्ज किया जाता है, उनकी जांच कैसे की जाती है तथा अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होती है। हवालात दिखाते हुए बच्चों को समझाया गया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को यहां रखा जाता है, इसलिए जीवन में हमेशा सही मार्ग पर चलना चाहिए। कंप्यूटर कक्ष में विद्यार्थियों को आधुनिक पुलिसिंग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आज पुलिस सीसीटीवी कैमरों, ऑनलाइन डेटा सिस्टम और अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी रखती है। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति भी बच्चों को जागरूक किया गया और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने की सीख दी गई। पुराने रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर बच्चों ने जाना कि पहले के समय में पुलिस किस प्रकार कागजी फाइलों के माध्यम से अभिलेखों का संधारण करती थी। गन रूम में बच्चों को विभिन्न प्रकार के हथियारों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने उनके उपयोग, सुरक्षा नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ हथियारों को देखा और उनका वजन महसूस किया, जिससे उनके भीतर पुलिस कार्य के प्रति रुचि बढ़ी। इस अवसर पर शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत का महत्व समझाया तथा भविष्य में पुलिस सेवा के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से थाना प्रभारी देवेंद्र देवल को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्नेहपूर्वक नाश्ता भी कराया गया। इस शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों के मन से पुलिस के प्रति भय कम हुआ तथा उनमें सुरक्षा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना का विकास हुआ।
नालंदा विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने किया धम्बोला थाने का शैक्षिक भ्रमण, जानी पुलिस की कार्यप्रणाली सीमलवाड़ा (डूंगरपुर). स्थानीय नालंदा विद्यापीठ स्कूल के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने संस्थान के फाउंडर जितेंद्र कलाल के मार्गदर्शन में शैक्षिक भ्रमण के तहत धम्बोला थाने का दौरा किया। इस दौरान थाना प्रभारी देवेंद्र देवल एवं पुलिस स्टाफ ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें थाने की विभिन्न शाखाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। भ्रमण के दौरान थाना प्रभारी देवेंद्र देवल ने बच्चों को थाने के प्रत्येक विभाग—रिपोर्टिंग कक्ष, हवालात, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष और गन रूम—का क्रमवार अवलोकन करवाया। उन्होंने बताया कि थाने
में आने वाली शिकायतों को किस प्रकार दर्ज किया जाता है, उनकी जांच कैसे की जाती है तथा अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होती है। हवालात दिखाते हुए बच्चों को समझाया गया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को यहां रखा जाता है, इसलिए जीवन में हमेशा सही मार्ग पर चलना चाहिए। कंप्यूटर कक्ष में विद्यार्थियों को आधुनिक पुलिसिंग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आज पुलिस सीसीटीवी कैमरों, ऑनलाइन डेटा सिस्टम और अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी रखती है। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति भी बच्चों को जागरूक
किया गया और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने की सीख दी गई। पुराने रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर बच्चों ने जाना कि पहले के समय में पुलिस किस प्रकार कागजी फाइलों के माध्यम से अभिलेखों का संधारण करती थी। गन रूम में बच्चों को विभिन्न प्रकार के हथियारों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने उनके उपयोग, सुरक्षा नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ हथियारों को देखा और उनका वजन महसूस किया, जिससे उनके भीतर पुलिस कार्य के प्रति रुचि बढ़ी। इस अवसर पर शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते
हुए अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत का महत्व समझाया तथा भविष्य में पुलिस सेवा के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से थाना प्रभारी देवेंद्र देवल को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्नेहपूर्वक नाश्ता भी कराया गया। इस शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों के मन से पुलिस के प्रति भय कम हुआ तथा उनमें सुरक्षा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना का विकास हुआ।
- सीमलवाड़ा। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने शनिवार शाम को चौरासी थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं, रिकॉर्ड संधारण, हथियारों के रखरखाव, मालखाने तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। इसके साथ ही सालमपुरा व गैंजी क्षेत्र में पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकालकर आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत किया। निरीक्षण कार्यक्रम के तहत पुलिस अधीक्षक ने वैजा एवं करावाड़ा पुलिस चौकियों का भी दौरा किया। चौरासी थाने में थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने उनका स्वागत किया। वैजा पुलिस चौकी में चौकी प्रभारी हजारीलाल गुर्जर तथा करावाड़ा चौकी में चौकी प्रभारी ईश्वर लाल डोडा ने भी उनका स्वागत कर क्षेत्र की कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान पुलिस उप अधीक्षक मदनलाल विश्नोई भी उपस्थित रहे। थाना परिसर में सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने में सीएलजी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि क्षेत्र में होने वाली किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या “तीसरी आंख” हेल्पलाइन नंबर पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए आमजन के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस और जनता की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने क्षेत्र में पावर बाइक व लापरवाह राइडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा उन्होंने बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने और ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, जनसहभागिता एवं सुरक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी देते हुए सहयोग की अपील की। बैठक में सीओ सीमलवाड़ा, थानाधिकारी चौरासी, झोथरी सरपंच लक्ष्मण लाल रोत, हड़मतिया गंधवा पाल सरपंच ईश्वर लाल विहात, रौड़ा फला सरपंच रामचंद्र रोत, पूर्व सरपंच वेंजा भंवरलाल कटारा, समाजसेवी भारत लाल वरहात, अरविंद रोत, गौरव पाटीदार सहित सीएलजी सदस्य, यूथ सीएलजी सदस्य, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी समेत करीब 100 लोग उपस्थित रहे।4
- डूंगरपुर ।शहर के महात्मा गांधी टाउन स्कूल में कृषि पर्यवेक्षक की परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी की अचानक तबियत बिगड़ गई। अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष में बैठने के कुछ ही देर में उसके सीने में दर्द होने लगा। जिस पर उसे तुरंत डूंगरपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बॉडी- शहर के महात्मा गांधी टाउन स्कूल में शनिवार सुबह 11 बजे परीक्षा देने आए छात्र राजकुमार रोत निवासी भागेला नया गांव सुराता परीक्षा केंद्र में प्रवेश के बाद वह कमरे में बैठ गया। परीक्षा कक्ष में टेबल पर बैठने के बाद उसे पेपर मिलने से पहले ही राजकुमार की अचानक तबियत बिगड़ गई। उसके सीने में दर्द होने लगा। घबराहट के साथ उसे परेशानी होने लगी। इस पर उसने वीक्षक को तबियत खराब होने के बारे में बताया। वीक्षक ने केंद्राध्यक्ष से बात की। इसके बाद 108 एंबुलेंस के ईएमटी रॉयल जैन के पायलट विशाल मनात ने उसे तुरंत डूंगरपुर अस्पताल के इमरजेंसी लेकर पहुंचे। जहा डॉक्टर ने उसकी जांच कर इलाज शुरू कर दिया। वही शिक्षा विभाग ओर प्रशासन की टीम भी अस्पताल पहुंची और उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। लेकिन तबियत खराब होने से छात्र अपनी परीक्षा नहीं दे सका।1
- डूंगरपुर जिले के पादरड़ी बड़ी गांव के उमंग रावल ने आरएएस परिणाम में 18 रैंक हासिल की है। जबकि टीएसपी में उनकी तीसरी रैंक आई है। इससे पहले 2023 आरएएस में टीएसपी मे 8वीं रैंक आई थी। इसके बाद 12 दिन पहले ही समाज कल्याण अधिकारी डूंगरपुर के पद पर पोस्टिंग मिली थी। उन्होंने जयपुर में जॉइनिंग भी दे दी थी। अब टीएसपी में तीसरी रैंक आने के बाद परिवार के खुशी का माहौल है।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ के सुप्रभात अंक के घूमते आईने में आज भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रमुख राजनीतिक हीरो हैं। भूतपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर हमने बहुत बारीकी से विश्लेषण किया है। और उनके राजनीतिक आधार को टटोला है। और अगले अंक में हम उनका राज्यसभा का भविष्य बताएंगे।1
- Post by VAGAD news241
- बांसवाड़ा जिले की प्रतिभाशाली बेटी शर्ली जैन ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए TSP क्षेत्र में 8वां और प्रदेश स्तर पर 94वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। शर्ली जैन, प्रतिष्ठित ठेकेदार शैलेश जैन की सुपुत्री हैं। उन्होंने अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम पाया। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने पिता शैलेश जैन, माता और गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया। शर्ली ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता निरंतर मेहनत, धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य से मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग कर सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि नियमित टाइम-टेबल, सीमित संसाधनों में तैयारी और आत्मविश्वास उनकी सफलता की कुंजी रहे। साथ ही सेवा में आकर क्षेत्र के विकास, शिक्षा और समाजसेवा में योगदान देने की इच्छा जताई। इस उपलब्धि पर दिनेश खोड़निया, जयंतीलाल सेठ, हसमुखलाल सेठ, देवेश द्विवेदी, देवेंद्र पाल सिंह और करणी सिंह राठौड़ सहित विभिन्न संगठनों ने हर्ष व्यक्त कर शुभकामनाएं दीं।2
- अंतरराष्ट्रीय स्तर की भारतीय सुरक्षा कंपनी की नियुक्ति बांसवाड़ा जिले में की गई है अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करें 90091680792
- सीमलवाड़ा (डूंगरपुर). स्थानीय नालंदा विद्यापीठ स्कूल के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने संस्थान के फाउंडर जितेंद्र कलाल के मार्गदर्शन में शैक्षिक भ्रमण के तहत धम्बोला थाने का दौरा किया। इस दौरान थाना प्रभारी देवेंद्र देवल एवं पुलिस स्टाफ ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें थाने की विभिन्न शाखाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। भ्रमण के दौरान थाना प्रभारी देवेंद्र देवल ने बच्चों को थाने के प्रत्येक विभाग—रिपोर्टिंग कक्ष, हवालात, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष और गन रूम—का क्रमवार अवलोकन करवाया। उन्होंने बताया कि थाने में आने वाली शिकायतों को किस प्रकार दर्ज किया जाता है, उनकी जांच कैसे की जाती है तथा अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होती है। हवालात दिखाते हुए बच्चों को समझाया गया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को यहां रखा जाता है, इसलिए जीवन में हमेशा सही मार्ग पर चलना चाहिए। कंप्यूटर कक्ष में विद्यार्थियों को आधुनिक पुलिसिंग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आज पुलिस सीसीटीवी कैमरों, ऑनलाइन डेटा सिस्टम और अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी रखती है। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति भी बच्चों को जागरूक किया गया और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने की सीख दी गई। पुराने रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर बच्चों ने जाना कि पहले के समय में पुलिस किस प्रकार कागजी फाइलों के माध्यम से अभिलेखों का संधारण करती थी। गन रूम में बच्चों को विभिन्न प्रकार के हथियारों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने उनके उपयोग, सुरक्षा नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ हथियारों को देखा और उनका वजन महसूस किया, जिससे उनके भीतर पुलिस कार्य के प्रति रुचि बढ़ी। इस अवसर पर शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत का महत्व समझाया तथा भविष्य में पुलिस सेवा के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से थाना प्रभारी देवेंद्र देवल को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्नेहपूर्वक नाश्ता भी कराया गया। इस शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों के मन से पुलिस के प्रति भय कम हुआ तथा उनमें सुरक्षा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना का विकास हुआ।4