अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यूरिया खाद की थोक दर घोषित करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं और नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने भाग लिया। महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया, जहां थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित किए बिना महंगे दामों पर फुटकर विक्रेताओं को खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों को महंगी खाद मिल रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और देश के किसानों के हित में न बताते हुए उसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी के सवाल पर वर्तमान ट्रस्टियों पर मंदिर व्यवस्था ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए राम जन्मभूमि को सुना के हवाले करने की बात कही। नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने से क्रोधित भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों के न आने पर पंचायत नगर निगम के हॉल में ही शुरू हो गई, जिसके बीच में जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने पहुंचकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, समस्या समाधान के इन वायदों से असंतुष्ट भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। नगर मजिस्ट्रेट ने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। पंचायत में प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूरयनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे सहित अन्य नेताओं ने वर्तमान प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एक साथ बैठकर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव, रवि शंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेम शंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, राम सुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ हरिओम वर्मा, रामसेवक रावत, प्रमोद कुमार, श्रवन सैनी, कृष्ण कुमार गोस्वामी, शिवकुमार, बाबूराम, उर्मिला निषाद, सुषमा देवी, मालती देवी और रेखा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसान शामिल हुए।
अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यूरिया खाद की थोक दर घोषित करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं और नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने भाग लिया। महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया, जहां थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित किए बिना महंगे दामों पर फुटकर विक्रेताओं को खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों को महंगी खाद मिल रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और देश के किसानों के हित में न बताते हुए उसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी के सवाल पर वर्तमान ट्रस्टियों पर मंदिर व्यवस्था ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए राम जन्मभूमि को सुना के हवाले करने की बात कही। नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने से क्रोधित भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों के न आने पर पंचायत नगर निगम के हॉल में ही शुरू हो गई, जिसके बीच में जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने पहुंचकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, समस्या समाधान के इन वायदों से असंतुष्ट भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। नगर मजिस्ट्रेट ने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। पंचायत में प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूरयनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे सहित अन्य नेताओं ने वर्तमान प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एक साथ बैठकर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव, रवि शंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेम शंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, राम सुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ हरिओम वर्मा, रामसेवक रावत, प्रमोद कुमार, श्रवन सैनी, कृष्ण कुमार गोस्वामी, शिवकुमार, बाबूराम, उर्मिला निषाद, सुषमा देवी, मालती देवी और रेखा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसान शामिल हुए।
- अयोध्या में विकास प्राधिकरण पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि जहाँ उनसे 'बात नहीं बनी' वहाँ उनके घरों तक के रास्ते भी खोद दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने गरीबों के घर का रास्ता भी नहीं छोड़ा और उसे खोद दिया, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि जब प्लाटिंग हो रही थी, तब प्राधिकरण कहाँ था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने अपनी ज़मीन घेर रखी थी, उनके प्लॉट भी प्राधिकरण द्वारा धकेल दिए गए। उन्होंने भरतकुंड के अवैध प्लाटिंग और होटलों पर विकास प्राधिकरण की मेहरबानी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि विकास प्राधिकरण यह सार्वजनिक करे कि किस-किस के नक्शे पास हैं। इसके अतिरिक्त, अयोध्या के बनवीरपुर में अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई होगी और अरुवावा ग्रामीण क्षेत्र में प्लाटिंग क्यों गिराई गई थी, जहाँ से विकास प्राधिकरण का क्षेत्र कब से लगने लगा है, ऐसे सवाल भी उठाए गए हैं। कई लोगों के ऐसे प्लॉट भी ध्वस्त हुए, जिन्होंने अपने काम के लिए ज़मीन घेरवाई थी। इस संदर्भ में, विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया कि उनके पास समय नहीं था और एक ही दिन में ध्वस्तीकरण कैसे हो सकता है। इस पर ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि समय नहीं था तो उनकी जेसीबी जाकर वापस क्यों आई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरतकुंड में कितने अवैध होटलों पर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच को आवश्यक बताया और मांग की कि जांच एजेंसी को हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल करनी चाहिए। संजय सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र और ईमेल भेजा है। इस माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। सांसद ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े किसी भी मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। इसी क्रम में, उन्होंने एसआईटी जांच की प्रगति को सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है। हालांकि, इस मामले में जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। एसआईटी जांच अभी भी जारी है, और प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- अयोध्या जिले में एक मकान निर्माण के चलते रास्ते पर दीवार बना दी गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस निर्माण कार्य की वजह से नाली का रास्ता भी बंद हो गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय लोग काफी आहत महसूस कर रहे हैं।1
- आज पूरा विकास प्राधिकरण भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। इस अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ 'जय श्री राम' के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।1
- ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार को बाराबंकी में एक भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत वर्ष में किया गया, जिसकी रिपोर्टिंग आज सुबह टाइम्स के लिए लाल चंद सोनी ने की।1
- सपा नेता डॉ. आशीष पांडे दीपू ने कहा है कि स्वर्गीय परशुराम यादव और स्वर्गीय बाबू मित्रसेन यादव जिले की राजनीति के धरोहर रहे हैं।1
- राम मंदिर में दान की गई 200 किलो चांदी की 200 ईंटों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सिंधी समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने यह दावा किया है कि उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए ये चांदी की ईंटें दान की थीं, लेकिन उन्हें अभी तक इन ईंटों के उपयोग की स्पष्ट जानकारी या कोई रसीद नहीं मिली है। यह पूरा विवाद, जिसमें दान से लेकर सवाल उठने और फिर जांच की मांग तक की कहानी शामिल है, को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में प्रमुख प्रश्न यह उठाए जा रहे हैं कि आखिर मंदिर से पैसा कैसे निकलता था और दान की गई ये ईंटें कहां गईं। यह पूरी कहानी दान, दावे और जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह प्रस्तुति सार्वजनिक दावों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित एक सांकेतिक विवरण है। मामले की जांच अभी जारी है, और इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि विवाद से जुड़े तथ्यों और विभिन्न दावों को स्पष्ट रूप से सामने रखना है।1
- ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर अयोध्या में पत्रकार साथियों ने मानव सेवा और लोककल्याण की एक उल्लेखनीय मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा पूरे दिन शहर में रही। रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप आयोजित विशाल तहरी भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, राहगीरों, मरीजों के तीमारदारों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ यह विशाल सेवा यज्ञ देर शाम तक निरंतर चलता रहा, जहाँ भगवान श्री हनुमान जी के जयघोष, भक्ति गीतों और श्रद्धा के वातावरण के बीच श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक तहरी प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि सेवा का यह संकल्प लोगों के दिलों को गहराई से छू गया। विशेष बात यह रही कि जहाँ एक ओर लोग बड़े मंगल पर पूजा-अर्चना में जुटे थे, वहीं पत्रकार साथियों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जरूरतमंदों, मरीजों के तीमारदारों और राहगीरों तक प्रसाद पहुँचाने का कार्य किया। जिला चिकित्सालय के बाहर आयोजित इस भंडारे से उन लोगों को भी बड़ी राहत मिली, जो अपने परिजनों के उपचार में व्यस्त होने के कारण भोजन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। इस भंडारे को सफल बनाने में राकेश तिवारी, रविकांत आर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद, अनूप कुमार ‘रिंकू’, रवि मौर्य, प्रभाकर यादव, अमित कुमार गौड़, अंतरिक्ष तिवारी, सोनू चौधरी, डॉ. आशीष पाठक, डॉ. जी.सी. पाठक, डॉ. रईस अहमद, हनुमत दुबे, सुशील वर्मा, सतीश कुमार, डॉ. एस.के. तिवारी, अशोक कुमार गौड़ ‘बबलू’, गिरीश गौड़ एवं अर्जुन प्रजापति का उल्लेखनीय योगदान रहा। इसके अतिरिक्त, सिद्धार्थ विश्वास, संदीप श्रीवास्तव, विपिन पांडे, अभिषेक, शमशाद, प्रज्ञा मौर्या, परी, अंशिका, पप्पू, लोकेश यादव सहित दर्जनों स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण के साथ प्रसाद वितरण और व्यवस्था संचालन की जिम्मेदारी संभाली। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि बड़े मंगल केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और समाज के प्रति दायित्व निभाने का अवसर भी है, और इसी भावना को आत्मसात करते हुए हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दिनभर चले इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने पत्रकारों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि कलम के माध्यम से समाज की आवाज उठाने वाले पत्रकार जब सेवा के मैदान में उतरते हैं, तो उनका यह प्रयास समाज को एक नई प्रेरणा देता है। भक्ति, सेवा और समर्पण के संगम बने इस भंडारे ने बड़े मंगल के पावन पर्व को और भी यादगार बना दिया।4
- अयोध्या नगर निगम के पूर्व प्रत्याशी डॉ. आशीष पांडे दीपू ने समाजवादी पार्टी से निष्कासित एक युवा नेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. दीपू का कहना है कि वह युवा नेता उनके पिताजी के साथ फोटो खिंचवाकर उन्हें और पवन को आपस में लड़वाने की कोशिश कर रहा था।1