उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र स्थित जगम्मनपुर कस्बे में पुलिस ने छापेमारी कर एक कथित मादक पदार्थ तस्कर को 1 किलो 359 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सुनील कुमार अवस्थी, पुत्र सत्यनारायण अवस्थी, जगम्मनपुर का ही निवासी है। जगम्मनपुर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं और स्थानीय लोगों ने इस पर कई बार आपत्ति जताई थी। शिकायतों का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी के घर पर छापेमारी की और गांजा बरामद कर उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी गांजा व अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के मामलों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा इसी अवैध कारोबार में संलिप्त पाया गया। इस कार्रवाई को क्षेत्राधिकारी अंबुज कुमार यादव के मार्गदर्शन और रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जगदीश द्विवेदी, उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव, कांस्टेबल आकाश जैन, सचिन, रवि कुमार और महिला कांस्टेबल शिखा यादव शामिल रहीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों के आसपास, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तस्करी और अवैध बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र स्थित जगम्मनपुर कस्बे में पुलिस ने छापेमारी कर एक कथित मादक पदार्थ तस्कर को 1 किलो 359 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सुनील कुमार अवस्थी, पुत्र सत्यनारायण अवस्थी, जगम्मनपुर का ही निवासी है। जगम्मनपुर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं और स्थानीय लोगों ने इस पर कई बार आपत्ति जताई थी। शिकायतों का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी के घर पर छापेमारी की और गांजा बरामद कर उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी गांजा व अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के मामलों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा इसी अवैध कारोबार में संलिप्त पाया गया। इस कार्रवाई को क्षेत्राधिकारी अंबुज
कुमार यादव के मार्गदर्शन और रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जगदीश द्विवेदी, उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव, कांस्टेबल आकाश जैन, सचिन, रवि कुमार और महिला कांस्टेबल शिखा यादव शामिल रहीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों के आसपास, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तस्करी और अवैध बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित रहिया गांव निवासी मजदूर ऋषि राज ने पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। पीड़ित मजदूर की पत्नी अनीता उर्फ ममता (32 वर्ष) बीती 11 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गई थी। घटना को तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक उसे खोजने में सफल नहीं हो सकी है। पत्नी के लापता होने के बाद पीड़ित ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और सभी सम्भावित ठिकानों पर काफी खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। वर्तमान में आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा यह मजदूर लगातार अधिकारियों के सामने चक्कर काट रहा है और अपनी पत्नी की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहा है।1
- जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट (NBW) के आधार पर एक शातिर अभियुक्त को उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता कुठौंद थाना पुलिस को मिली। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान ग्राम मालपुर निवासी पीयूष प्रताप सिंह उर्फ रोहित (27 वर्ष), पुत्र रविन्द्र सिंह राठौर के रूप में हुई है। अभियुक्त के विरुद्ध धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के मामले में न्यायालय द्वारा एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहा था। न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई करते हुए कुठौंद पुलिस ने अभियुक्त को 23 जुलाई 2026 को ग्राम मालपुर स्थित उसके घर के बाहर से दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ चोरी, अवैध हथियार, एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी और कांस्टेबल प्रवीनराज शर्मा शामिल रहे।1
- जालौन के सबसे व्यस्त बस स्टैंड पर मंगलवार रात करीब 10 बजे दो भाइयों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक भाई ने दूसरे को पकड़कर सड़क पर पटक दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे पीड़ित की हालत बिगड़ गई और वह उठने की स्थिति में भी नहीं दिख रहा था। इस दौरान आरोपी ने ईंट उठाकर हमला करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर एक बड़ी घटना होने से बचा लिया। करीब आधे घंटे तक बस स्टैंड पर चले इस हंगामे के दौरान यात्रियों, दुकानदारों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई, जिनमें से कई लोग घटना का वीडियो बनाते रहे जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल से चंद कदम की दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उसकी त्वरित कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल विवाद का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और मामले में पुलिस का आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।2
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने संसद में दिल्ली के जंतर-मंतर से जुड़े मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया और सरकार पर तीखे निशाने साधे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और प्रदर्शनकारियों की आवाज़ को दबाना उचित नहीं है। सदन में अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ किए गए व्यवहार पर सरकार से जवाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों को उठाने वालों के साथ कठोर रवैया अपनाया जा रहा है। इस मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जहाँ विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा की मांग की, वहीं सरकार ने भी अपना पक्ष प्रस्तुत किया।1
- जालौन के कालपी क्षेत्र में काजल मंसूरी और ओम ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद के बीच अब ओम ठाकुर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है। इस जारी किए गए वीडियो बयान में उन्होंने मामले से जुड़ी अपनी बात रखी है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई थीं, जिस पर अब ओम ठाकुर के इस बयान से नया मोड़ आ गया है।1
- जालौन जिले के कोंच क्षेत्र से घर से भागी माहेनूर का शादी के बाद एक वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। जारी किए गए वीडियो में माहेनूर ने बताया है कि उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली है। इसके साथ ही उसने कहा कि अब उन्हें कोई परेशान न करे।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र स्थित जगम्मनपुर कस्बे में पुलिस ने छापेमारी कर एक कथित मादक पदार्थ तस्कर को 1 किलो 359 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सुनील कुमार अवस्थी, पुत्र सत्यनारायण अवस्थी, जगम्मनपुर का ही निवासी है। जगम्मनपुर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं और स्थानीय लोगों ने इस पर कई बार आपत्ति जताई थी। शिकायतों का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी के घर पर छापेमारी की और गांजा बरामद कर उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी गांजा व अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के मामलों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा इसी अवैध कारोबार में संलिप्त पाया गया। इस कार्रवाई को क्षेत्राधिकारी अंबुज कुमार यादव के मार्गदर्शन और रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जगदीश द्विवेदी, उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव, कांस्टेबल आकाश जैन, सचिन, रवि कुमार और महिला कांस्टेबल शिखा यादव शामिल रहीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों के आसपास, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तस्करी और अवैध बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।2