बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल द्वारा वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति एवं वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर राज्यव्यापी महाआंदोलन का शुभारंभ। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक सिरहा टाइम्स शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण।) मोतिहारी 30 जुलाई 2026- मोतिहारी:-डॉ. संजय यादव मुख्य संनेजक, बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में मोतिहारी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।30 जून 2026 अरवल जिला के ब्लॉक परिसर से लेकर 24 अगस्त 2026 सात मूर्ति (शहीद स्थल) विधानसभा के निकट समापन होगा।प्रिय वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर साथियों,बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था को चार दशक से अधिक समय बीत चुके हैं। इस अवधि में वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों एवं डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों में रहकर लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की । दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद आज भी वित्त रहित शिक्षक समाज नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन से वंचित है। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ बुलंद करें ।30 जून 2026 को अरवल की धरती से वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति को लेकर राज्यव्यापी महाआंदोलन का बिगुल फूंका जा रहा है।यह आंदोलन किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों शिक्षक परिवारों के सम्मान, अधिकार और भविष्य का आंदोलन है।हमारी प्रमुख मांगें:-वित्त रहित शिक्षा नीति तत्काल समाप्त की जाए ।वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों एवं अन्य वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाए ।शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान एवं सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए ।सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन एवं सेवा निवृत्ति लाभ दिया जाए।दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं मानवीय सहायता सुनिश्चित की जाए।वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता दी जाए।हमारी अपील:-सभी वित्त रहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य, सेवानिवृत्त साथी, छात्र, अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में इस ऐतिहासिक आंदोलन में भाग लें। बिहार की शिक्षा के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट हों। वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त हो। वित्त रहित संस्थानों का समायोजन हो। शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान मिले।निवेदक-डॉ. संजय यादव,प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद.संपर्क: 8789600201
बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल द्वारा वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति एवं वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर राज्यव्यापी महाआंदोलन का शुभारंभ। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक सिरहा टाइम्स शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण।) मोतिहारी 30 जुलाई 2026- मोतिहारी:-डॉ. संजय यादव मुख्य संनेजक, बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में मोतिहारी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।30 जून 2026 अरवल जिला के ब्लॉक परिसर से लेकर 24 अगस्त 2026 सात मूर्ति (शहीद स्थल) विधानसभा के निकट समापन होगा।प्रिय वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर साथियों,बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था को चार दशक से अधिक समय बीत चुके हैं। इस अवधि में वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों एवं डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों में रहकर लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की । दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद आज भी वित्त रहित शिक्षक समाज नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन से वंचित है। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ बुलंद करें ।30 जून 2026 को अरवल की धरती से वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति को लेकर राज्यव्यापी महाआंदोलन का बिगुल फूंका जा रहा है।यह आंदोलन किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों शिक्षक परिवारों के सम्मान, अधिकार और भविष्य का आंदोलन है।हमारी प्रमुख मांगें:-वित्त रहित शिक्षा नीति तत्काल समाप्त की जाए ।वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों एवं अन्य वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाए ।शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान एवं सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए ।सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन एवं सेवा निवृत्ति लाभ दिया जाए।दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं मानवीय सहायता सुनिश्चित की जाए।वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता दी जाए।हमारी अपील:-सभी वित्त रहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य, सेवानिवृत्त साथी, छात्र, अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में इस ऐतिहासिक आंदोलन में भाग लें। बिहार की शिक्षा के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट हों। वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त हो। वित्त रहित संस्थानों का समायोजन हो। शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान मिले।निवेदक-डॉ. संजय यादव,प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद.संपर्क: 8789600201
- बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल द्वारा वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति एवं वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर राज्यव्यापी महाआंदोलन का शुभारंभ। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक सिरहा टाइम्स शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण।) मोतिहारी 30 जुलाई 2026- मोतिहारी:-डॉ. संजय यादव मुख्य संनेजक, बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में मोतिहारी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।30 जून 2026 अरवल जिला के ब्लॉक परिसर से लेकर 24 अगस्त 2026 सात मूर्ति (शहीद स्थल) विधानसभा के निकट समापन होगा।प्रिय वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर साथियों,बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था को चार दशक से अधिक समय बीत चुके हैं। इस अवधि में वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों एवं डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों में रहकर लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की । दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद आज भी वित्त रहित शिक्षक समाज नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन से वंचित है। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ बुलंद करें ।30 जून 2026 को अरवल की धरती से वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति को लेकर राज्यव्यापी महाआंदोलन का बिगुल फूंका जा रहा है।यह आंदोलन किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों शिक्षक परिवारों के सम्मान, अधिकार और भविष्य का आंदोलन है।हमारी प्रमुख मांगें:-वित्त रहित शिक्षा नीति तत्काल समाप्त की जाए ।वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों एवं अन्य वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का समायोजन किया जाए ।शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान एवं सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए ।सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन एवं सेवा निवृत्ति लाभ दिया जाए।दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं मानवीय सहायता सुनिश्चित की जाए।वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता दी जाए।हमारी अपील:-सभी वित्त रहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य, सेवानिवृत्त साथी, छात्र, अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में इस ऐतिहासिक आंदोलन में भाग लें। बिहार की शिक्षा के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट हों। वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त हो। वित्त रहित संस्थानों का समायोजन हो। शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान मिले।निवेदक-डॉ. संजय यादव,प्रदेश अध्यक्ष, बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद.संपर्क: 87896002011
- पंचायत समिति बैठक से अधिकारी नदारद, परिचारी और प्रतिनियुक्त शिक्षक के भरोसे चले कई विभाग पीपराकोठी। मॉडल स्कूल के सभागार में शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकास योजनाओं के बजाय अधिकारियों की अनुपस्थिति और विभागों की लापरवाही मुख्य चर्चा का विषय रही। कई विभागों के पदाधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे। कुछ विभागों ने जिम्मेदार अधिकारियों के स्थान पर ऐसे कर्मचारियों को भेजा, जो जनप्रतिनिधियों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पशुपालन विभाग ने बैठक में अपने परिचारी को प्रतिनिधि बनाकर भेजा। इसी तरह, शिक्षा विभाग ने बीईओ के बजाय बीआरसी में प्रतिनियुक्त एक शिक्षक को भेजा, जिन्हें अपने ही विभाग के बीईओ का नाम तक पता नहीं था। आईसीडीएस विभाग की ओर से सीडीपीओ के स्थान पर भेजी गई पर्यवेक्षिका भी जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने में असमर्थ रहीं। बैठक में उपस्थित विधायक प्रमोद कुमार ने इसे जनप्रतिनिधियों और पंचायत समिति की खुली अवमानना बताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बिना सूचना के अनुपस्थित सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अधिकारियों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी स्वयं बैठक में गंभीरता नहीं दिखाते, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि अगली बैठक में यही रवैया रहा, तो संबंधित विभागों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की जाएगी।2
- रक्सौल में नगर निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सफाई व्यवस्था ठप 31 जुलाई 2026, रक्सौल: बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर रक्सौल नगर परिषद के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने प्रशासनिक कार्यालय और जन सुविधा केंद्र में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्य बिंदु: प्रमुख मांगें: अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना, तथा ईएसआई और ईपीएफ जैसे वैधानिक लाभों का भुगतान सुनिश्चित करना। प्रभाव: हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। लगातार बारिश के बीच कचरा उठाव रुकने से गंदगी बढ़ने लगी है। चेतावनी: नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और समाधान न मिलने पर इसे और तेज किया जाएगा।1
- पंचायत समिति की बैठक में सीएससी में डॉक्टरों की अनुपलब्धता पर निंदा प्रस्ताव पारित, सोलर लाइट की गुणवत्ता और विकास योजनाओं पर भी उठे सवाल पीपराकोठी। मॉडल स्कूल के सभागार में शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता प्रमुख रजनीश कुमार ने की, जबकि बीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने संचालन किया। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह विधायक प्रमोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों और शिकायतों की समीक्षा से हुई। बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी नियमित चिकित्सक नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कई विभागों के पदाधिकारियों के बिना सूचना अनुपस्थित रहने और कुछ अधिकारियों द्वारा अपने स्थान पर कर्मियों को भेजने पर विधायक प्रमोद कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने का निर्देश दिया। बैठक में पीएचईडी, नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराने, दाखिल-खारिज, शौचालय निर्माण, स्वच्छता, बाल विकास परियोजना, कृषि एवं उर्वरक वितरण, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों में लगाई गई स्ट्रीट सोलर लाइटों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अधिकांश लाइटें लगने के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गईं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक जनहित के मुद्दे का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बताया और अनुपस्थित रहने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रमुख रजनीश कुमार ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का मंच है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को समय पर बैठक में उपस्थित होकर जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में सीओ कुमार राघवेंद्र कुमार राघवन, उपप्रमुख योगी मांझी, बीपीआरओ श्वेता सुमन, बीपीएम सर्वेश कुमार सुधांशू, मुखिया हेमंत कुमार, रामनाथ प्रसाद यादव, पंचायत समिति सदस्य किरण कुमारी, मनोरंजन पांडेय, रीतज कुमार, मुसाफिर महतो, मुन्ना साह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।3
- ब्रेकिंग न्यूज, ग्राउंड रिपोर्टर के लिए खास अपडेट,, हां पत्रकार सार्वजनिक सड़क या स्कूल के बाहर की, सार्वजनिक जगह पब्लिक प्लेस से वीडियो बना सकते हैं। क्योंकि लोगों की निजता का अधिकार सीमित होता है।1