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ग्राम पंचायत परसा टोला सिसहनिया में नालियों की स्थिति बेहद खराब है, जिसके लिए सीधे तौर पर प्रधान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इन बदहाल नालियों के कारण पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है और वे बुरी तरह प्रभावित हैं। इस गंभीर समस्या के बीच, वार्ड नंबर 2 से जिला पंचायत सदस्य पद के भावी प्रत्याशी उम्मीदवार मुमताज अहमद ने स्थिति संभालने का बीड़ा उठाया है। वह आगे बढ़ते हुए सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर नालियों की सफाई का अभियान चला रहे हैं।
माज मुमताज अहमद
ग्राम पंचायत परसा टोला सिसहनिया में नालियों की स्थिति बेहद खराब है, जिसके लिए सीधे तौर पर प्रधान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इन बदहाल नालियों के कारण पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है और वे बुरी तरह प्रभावित हैं। इस गंभीर समस्या के बीच, वार्ड नंबर 2 से जिला पंचायत सदस्य पद के भावी प्रत्याशी उम्मीदवार मुमताज अहमद ने स्थिति संभालने का बीड़ा उठाया है। वह आगे बढ़ते हुए सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर नालियों की सफाई का अभियान चला रहे हैं।
- MUMTAZ AHMADनौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेशvery good1 hr ago
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- सिद्धार्थनगर के विद्या हॉस्पिटल में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ, जहाँ मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद हॉस्पिटल में तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, विद्या हॉस्पिटल के डॉ. अजय यादव ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया है कि मरीज एक गंभीर संक्रामक बीमारी से पीड़ित था।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी विकास खंड परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "विकसित भारत संकल्प एवं जनकल्याणकारी योजनाओं" पर आधारित एक भव्य विकास मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाना और अधिक से अधिक लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अन्नप्राशन संस्कार के साथ हुआ। इस आयोजन के मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे, जिनके साथ बांसी विधायक जय प्रताप सिंह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास लगातार जारी है। पूर्व मंत्री व विधायक जय प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया, और कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की भावना के साथ विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मेले में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पूर्ति, शिक्षा, वन, पंचायती राज एवं महिला कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक वितरित किए गए, साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को सम्मानित भी किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद, ब्लॉक क्षेत्र के 84 गांवों से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ और ग्रामीण इस मेले में शामिल होने पहुँचे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी, रेंजर बांसी शिवकुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। राजेंद्र पांडेय, संजय श्रीवास्तव, जितेंद्र मिश्रा, जोगी बाबा, शिव प्रसाद कनौजिया, संजय चौरसिया और जयंत्री मिश्रा जैसे अन्य लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल ब्लॉक में रविवार को सफाई कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सहित सभी पदों का चुनाव पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। सुबह से ही ब्लॉक परिसर में गहमागहमी का माहौल था, जहाँ बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारियों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह चुनाव निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत मेंहदावल ब्लॉक सभागार में सफाईकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम की देखरेख में संपन्न हुआ। चुनाव में ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए दो, महामंत्री पद के लिए दो और कोषाध्यक्ष पद के लिए भी दो प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि सम्प्रेक्षक और संगठन मंत्री निर्विरोध चुने गए। मतदान के बाद हुई मतगणना में अध्यक्ष पद पर धर्मेंद्र ने 91 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंद्वी महेंद्र यादव (48 मत) को हराया और एक बार फिर ब्लॉक संघ अध्यक्ष चुने गए। महामंत्री पद पर संतोष 73 मतों के साथ विजयी हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 68 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद पर चंद्रप्रकाश ने 81 मत पाकर कैलाशनाथ (59 मत) को पराजित किया और पुनः विजयी हुए। संगठन मंत्री पद पर राजेश प्रसाद और संप्रेक्षक पद पर नसरुद्दीन का चयन निर्विरोध हुआ। मतगणना पूरी होने के बाद, जिला पदाधिकारियों ने फूल माला पहनाकर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी, वहीं बाहर आने पर समर्थकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। जीत के बाद, नव निर्वाचित ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र ने घोषणा की कि सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को शासन तक पहुँचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने मानदेय का समय पर भुगतान, सेवा सुरक्षा, वर्दी, उपकरण और बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान संतोष, श्रीराम, राजू, रविंद्र सिंह, पशुपति, पलकधारी, सुभाष सहित अनेक सफाईकर्मी और पुलिस बल के जवान सुरक्षा में मुस्तैद रहे।4
- Post by बॉम्बे प्लंबिंग एंड वाटरप्रूफ1
- बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत डिब्बा पुल के पास रात के अंधेरे में धड़ल्ले से अवैध खनन किए जाने का आरोप है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खनन कार्य देर रात तक जारी रहता है, जिसके कारण क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध गतिविधि की सूचना दी है, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर अवैध खनन पर रोक लगाने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यदि खनन की यह शिकायत सही पाई जाती है, तो इसे राजस्व के नुकसान और पर्यावरण पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव, दोनों के लिए एक चिंताजनक विषय माना जाएगा। फिलहाल, क्षेत्र में रात के समय हो रही इन खनन गतिविधियों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।1
- बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत डिब्बा पुल के पास रात के अंधेरे में कथित रूप से धड़ल्ले से खनन किए जाने की चर्चा तेज़ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात तक यह खनन कार्य जारी रहता है, जिसके कारण क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध खनन की जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इस स्थिति से अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यह भी कहा गया है कि यदि खनन की शिकायत सही पाई जाती है, तो यह राजस्व और पर्यावरण दोनों के लिए एक गंभीर विषय होगा। फिलहाल, क्षेत्र में रात के समय हो रही खनन गतिविधियों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।1
- सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना परिसर में मोहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण शांति कमेटी की बैठक आयोजित की गई। एएसपी प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समुदाय के लोगों से त्यौहार को मिलजुलकर और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का आह्वान किया गया। एएसपी प्रशांत कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्यौहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था के अनुपालन में अनावश्यक अवरोध पैदा करने वाले अराजकतत्वों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। जनता से अपनी सुरक्षा और त्यौहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए, एएसपी ने यह भी कहा कि कोई नई परंपरा न उभरे और जुलूस केवल निर्धारित मार्ग से ही निकाला जाए। उन्होंने ताजिया की ऊंचाई बहुत ज्यादा न रखने और बहुत तेज आवाज के साउंड सिस्टम न बजाने के निर्देश भी दिए। तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव ने बैठक में बताया कि नगर पंचायत त्यौहार के दिन साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि रास्ते में आवागमन के दौरान गड्ढे, ईंट या पत्थर जैसी कोई बाधा न रहे। इस शांति कमेटी की बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी, प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि अग्रवाल, ईओ अजय कुमार, अल्ताफ हुसैन, शिवप्रसाद वर्मा और राधेश्याम सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश में चल रहा एंटी-भूमाफिया अभियान बलरामपुर जिले में पूरी तरह विफल साबित हुआ है, जहाँ शिकायतकर्ता फतेह बहादुर और अवधेश कुमार ने बयान व सबूतों के साथ इसकी पोल खोली है। बलरामपुर के ग्राम पंचायत लाल नगर सिपहिया में भू-माफिया कागजों पर तो 'बेदखल' हैं, लेकिन हकीकत में सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से उनकी दुकानें चल रही हैं। यह स्थिति बलरामपुर में अधिकारियों को भू-माफियाओं की खुली चुनौती के रूप में सामने आई है, जहाँ कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद प्रशासन पस्त नजर आ रहा है और दबंगों के हौसले बुलंद हैं। सरकारी जमीन पर पैसे और रसूख के दम पर अवैध किले खड़े किए गए हैं, और कोर्ट से बेदखली का आदेश होने के बावजूद प्रशासन बुलडोजर नहीं चला पाया। बलरामपुर के ग्राम पंचायत लाल नगर सिपहिया में सिस्टम के बड़े खेल का खुलासा हुआ है, जहाँ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बावजूद नवीन परती भूमि पर भू-माफिया का कब्जा बरकरार है। यहां की जमीनी हकीकत कागजी कार्रवाई से बिल्कुल उलट है, जहाँ बेदखली के आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है और ग्रामीण 'बुल्डोजर बाबा' से गुहार लगा रहे हैं। इस पूरे मामले ने यूपी में माफिया राज पर प्रहार के दावों पर गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं। बलरामपुर में लेखपाल की फर्जी रिपोर्ट और अधिकारियों की चुप्पी ने बेखौफ भू-माफियाओं को सरकारी जमीन निगलने का मौका दिया है। रामकिशुन और अशोक कुमार की दो पीढ़ियों का सरकारी जमीन पर कब्जा है, और कोर्ट के सख्त आदेश भी बेअसर साबित हुए हैं। श्रावस्ती टाइम्स के ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि सरकारी जमीन 29 लोगों को बेच दी गई है और तुलसीपुर प्रशासन कोर्ट के बेदखली आदेशों को 'रद्दी' समझ रहा है।4
- बलरामपुर में करंट लगने से एक युवक की दुखद मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था और पेशे से एक पेंटर था। वह अपनी एक बालिग पुत्री, दो नाबालिग बेटों, बूढ़े माता-पिता और पत्नी का सहारा था। परिवार ने अपने एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो दिया है, जिससे वे गहरे सदमे और दुख में हैं।1