यह मामला केवल एक गौशाला का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। वाराणसी में गौशाला का दर्दनाक सच: “गौ सेवा या लापरवाही?”—सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल वाराणसी के ऐढ़े क्षेत्र स्थित एक गौशाला का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पशु संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो को पृथ्वीराज चौहान विचार परिषद (केसरिया भारत) के जिला अध्यक्ष विवेक चौहान द्वारा साझा किया गया है। दावा किया गया है कि गौशाला में बीमार और असहाय गायों की स्थिति बेहद खराब है, जहां उन्हें न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है, न पानी और न ही चिकित्सा सुविधा। क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो में एक बछड़े की दर्दनाक मौत का जिक्र किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बछड़ा बीमार था और उसे समय पर इलाज नहीं मिला। आरोप है कि लापरवाही के चलते कुत्तों ने उसे जिंदा नोच डाला, जिससे उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। गंभीर आरोप गौशाला में साफ-सफाई और सुरक्षा के अभाव का आरोप बीमार पशुओं के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं भूख और प्यास से जूझते पशु आवारा कुत्तों का खुलेआम प्रवेश उठे बड़े सवाल इस घटना के बाद गौशालाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं— क्या गौशालाएं वास्तव में संरक्षण केंद्र हैं या उपेक्षा का शिकार? क्या केवल कानून बनाना ही पर्याप्त है? जमीनी स्तर पर निगरानी और जवाबदेही कौन तय करेगा? प्रशासन से जवाब की मांग प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने सरकार और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर गौशालाओं में ही इस तरह की क्रूरता हो रही है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक अपराध है। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और न ही प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने आया है। 👉 यह मामला केवल एक गौशाला का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
यह मामला केवल एक गौशाला का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। वाराणसी में गौशाला का दर्दनाक सच: “गौ सेवा या लापरवाही?”—सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल वाराणसी के ऐढ़े क्षेत्र स्थित एक गौशाला का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पशु संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो को पृथ्वीराज चौहान विचार परिषद (केसरिया भारत) के जिला अध्यक्ष विवेक चौहान द्वारा साझा किया गया है। दावा किया गया है कि गौशाला में बीमार और असहाय गायों की स्थिति बेहद खराब है, जहां उन्हें न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है, न पानी और न ही चिकित्सा सुविधा। क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो में एक बछड़े की दर्दनाक मौत का जिक्र किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बछड़ा बीमार था और उसे समय पर इलाज नहीं मिला। आरोप है कि लापरवाही के चलते कुत्तों ने उसे जिंदा नोच डाला, जिससे उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। गंभीर आरोप गौशाला में साफ-सफाई और सुरक्षा के अभाव का आरोप बीमार पशुओं के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं भूख और प्यास से जूझते पशु आवारा कुत्तों का खुलेआम प्रवेश उठे बड़े सवाल इस घटना के बाद गौशालाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं— क्या गौशालाएं वास्तव में संरक्षण केंद्र हैं या उपेक्षा का शिकार? क्या केवल कानून बनाना ही पर्याप्त है? जमीनी स्तर पर निगरानी और जवाबदेही कौन तय करेगा? प्रशासन से जवाब की मांग प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने सरकार और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर गौशालाओं में ही इस तरह की क्रूरता हो रही है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक अपराध है। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और न ही प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने आया है। 👉 यह मामला केवल एक गौशाला का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
- MD ShamsPaharia, Varanasimai jhandu hindu hun meri bhavnayen ahat ho gayi aur mai jhandu hindu mar gaya1 hr ago
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- Post by Sanskar mishra1
- *उत्तर-प्रदेश सरकार के सुपरस्टार IAS सुप्रीमकोर्ट में डांट खा रहे है!* मेरठ के मंडलायुक्त रहे IAS ह्रषिकेश भास्कर यशोद ने सुप्रीमकोर्ट के "सेन्ट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण आदेश" के खिलाफ "प्रमुख नेताओं" के दबाब में एक आर्डर जारी किया जिसमें "ध्वस्तीकरण अब नही होगा" लिखा गया था. प्रदेश के आवास विकास चेयरमैन पी. गुरूप्रसाद ने SC को बताया- "कमिश्नर के आर्डर की वजह से विभाग SC के आदेश का अनुपालन नही कर सका." पूर्व कमिश्नर ने अपने ही आदेश को "मीटिंग की मिनिट्स" बताकर सुप्रीमकोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की. IAS को आईना दिखाते हुए SC के जज ने कमिश्नर का आर्डर अदालत में ही पढ़ दिया. कहा- "आप इसे मिनिट्स कहते है, आपको आर्डर और मिनिट्स की समझ नही है. आपने यह आर्डर कैसे पास किया? किसने आपको ऑथोराइज किया इसके लिए?" "आपको यह मीटिंग करने, आर्डर करने के लिए किसने कहा. आपको इस कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराना था. आपने इस अदालत को चुनौती दी है."1
- गोपीगंज। नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिलर संख्या 38 के सामने स्थित डॉ. जयंत माथुर के निजी अस्पताल में बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोरों ने करीब 11 ताले तोड़कर अस्पताल के अंदर प्रवेश किया और नकदी, दवाइयों सहित अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। डॉ. जयंत माथुर के अनुसार, अस्पताल के अलग-अलग स्थानों पर रखे लगभग 75 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। इसके साथ ही चोर सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए, जिससे घटना की फुटेज भी उनके कब्जे में चली गई। गुरुवार सुबह जब कर्मचारी अस्पताल खोलने पहुंचे तो मुख्य गेट सहित अंदर के सभी कमरों के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखा गया तो मेडिकल स्टोर व अन्य कमरों में सामान बिखरा पड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसी दौरान नंदकिशोर यादव ने भी बताया कि उनके मेडिकल स्टोर से 53 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा हॉस्पिटल पर लापरवाही का लगाया आरोप?1
- टोल प्लाजा फ्री करने की मांग ने पकड़ा तूल, कांग्रेस के धरने को 'आप' का मिला खुला समर्थन1
- वाराणसी: कैब ड्राइवर की ईमानदारी और पुलिस की सक्रियता से पर्यटक को मिला खोया सामान वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र में एक सराहनीय घटना सामने आई है, जहां कोलकाता से आई एक महिला पर्यटक का करीब 5 लाख रुपये के गहने और 1 लाख रुपये नकद से भरा बैग सुरक्षित वापस मिल गया। बताया जा रहा है कि महिला पर्यटक का सामान यात्रा के दौरान कैब में छूट गया था। मामले की सूचना मिलते ही दुर्गाकुंड पुलिस चौकी तुरंत सक्रिय हो गई। चौकी प्रभारी विकास मिश्र और उप निरीक्षक हिमांशु मिश्र ने तत्परता दिखाते हुए कैब ड्राइवर से संपर्क किया। पुलिस की सक्रियता और ड्राइवर की ईमानदारी के चलते कैब चालक ने महिला का पूरा सामान सुरक्षित दुर्गाकुंड चौकी प्रभारी को सौंप दिया। इसके बाद महिला पर्यटक को उनका सामान वापस कर दिया गया। घटना के बाद पर्यटक ने वाराणसी पुलिस और कैब ड्राइवर का आभार जताया। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित किया कि ईमानदारी और जिम्मेदारी आज भी समाज में जीवित है।1
- *नर्मदा नदी में 11 हजार लीटर दूध चढ़ाया गया* नर्मदा नदी किनारे टैंकर खड़ा करके 11 हजार लीटर दूध "दादा जी बाबा" के द्वारा चढ़ाया गया। 👇🏻👇🏻1
- गंगा में मछली पकड़ते समय जाल में उलझकर अधेड़ डूबा, देर रात तक चलता रहा तलाश अभियान गोपीगंज। कोतवाली क्षेत्र के रामपुर गंगा घाट पर गुरुवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मछली पकड़ने गए एक अधेड़ व्यक्ति गंगा नदी में डूब गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने देर रात तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामपुर गांव निवासी रामराज (45) पुत्र संतलाल मल्लाह अपने दो साथियों के साथ पीपा पुल के पश्चिम दिशा में गंगा नदी में मछली पकड़ने गया था। बताया जा रहा है कि मछली पकड़ने के दौरान उनका जाल गहरे पानी में फंस गया। जाल को निकालने के प्रयास में रामराज नदी में कूद पड़े, लेकिन गंगा की तेज धारा और अधिक गहराई के कारण वह संतुलन खो बैठे और देखते ही देखते पानी में समा गए। घटना को देख रहे साथियों ने तत्काल शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया और तत्काल खोजबीन शुरू कराई गई। वहीं, सूचना मिलते ही पीआरबी और गोपीगंज कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और बचाव व तलाश अभियान में जुट गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अधेड़ की तलाश के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। गोताखोरों की मदद से नदी के संभावित क्षेत्रों में खोजबीन की जा रही है। हालांकि देर रात तक कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।1