अमेठी के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के भद्दौर गांव में जमीन के विवाद में एक सगे भाई ने अपने ही भाई की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के 24 घंटे के भीतर हत्यारोपित भाई, उसके बेटे और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक टूटी हुई हॉकी भी बरामद कर ली है। सोमवार की सुबह गांव के बाहर राम करन का रक्तरंजित शव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक राम करन का अपने सगे भाई गया प्रसाद चौहान के साथ काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद गया प्रसाद ने अपने बेटे दीपक के साथ मिलकर राम करन को जान से मारने की योजना बनाई। दीपक ने इस साजिश में अपने एक अन्य साथी विरई उर्फ तेज प्रताप को भी बुला लिया, जिसे तेजवीर भी कहा जाता है। इसके बाद तीनों ने मिलकर राम करन पर चाकू और हॉकी से हमला कर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महज जमीन के एक टुकड़े के लिए सगे भाई द्वारा की गई इस हत्या ने अमेठी में पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है।
अमेठी के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के भद्दौर गांव में जमीन के विवाद में एक सगे भाई ने अपने ही भाई की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के 24 घंटे के भीतर हत्यारोपित भाई, उसके बेटे और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक टूटी हुई हॉकी भी बरामद कर ली है। सोमवार की सुबह गांव के बाहर राम करन का रक्तरंजित शव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक राम करन का अपने सगे भाई गया प्रसाद चौहान के साथ काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
रविवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद गया प्रसाद ने अपने बेटे दीपक के साथ मिलकर राम करन को जान से मारने की योजना बनाई। दीपक ने इस साजिश में अपने एक अन्य साथी विरई उर्फ तेज प्रताप को भी बुला लिया, जिसे तेजवीर भी कहा जाता है। इसके बाद तीनों ने मिलकर राम करन पर चाकू और हॉकी से हमला कर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महज जमीन के एक टुकड़े के लिए सगे भाई द्वारा की गई इस हत्या ने अमेठी में पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है।
- अमेठी की गौरीगंज पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत मुखबिर की सूचना पर चोरी की योजना बना रहे एक शातिर गैंगस्टर गैंग के साथ मुठभेड़ के बाद चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। रोहसी खुर्द गांव के पास टीवी टावर मार्ग पर पुलिस टीम को देखकर पिकअप सवार अभियुक्तों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया। पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में एक शातिर गैंगस्टर पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे और उसके तीन अन्य साथियों को हिरासत में ले लिया गया। सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान की गई। मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान गौरीगंज के संपतपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर अख्तर हुसैन उर्फ राजू के रूप में हुई है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 1 तमंचा, 1 खोखा कारतूस, 1 जिंदा कारतूस (315 बोर), ₹32,200 नकद, कूटरचित नंबर प्लेट, घटना में प्रयुक्त 1 पिकअप गाड़ी, 3 रस्से, 1 टॉर्च, 1 चाकू, 1 पेंचकश और 1 प्लायर बरामद किया है। पूछताछ में बदमाशों ने कबूल किया कि बरामद पैसे 12 दिन पहले लोनियन का पुरवा से चोरी की गई एक भैंस और एक पड़वा को बेचने से मिले थे। इसके अलावा उन्होंने करीब एक महीने पहले बासूपुर पंचायत भवन से और तीन महीने पहले अत्तानगर पंचायत भवन से सोलर पैनल चोरी करने की बात भी स्वीकार की है। घटना के वक्त भी वे रोहसी खुर्द में भैंस चोरी करने के इरादे से जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार घायल अभियुक्त अख्तर हुसैन उर्फ राजू एक शातिर हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिसके विरुद्ध अमेठी में मारपीट, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में कुल 16 मामले दर्ज हैं। वहीं, गिरोह के दूसरे अभियुक्त तेजबहादुर के खिलाफ सुलतानपुर और अमेठी में गंभीर धाराओं में कुल 6 मामले तथा तीसरे अभियुक्त मोहम्मद रईश उर्फ बब्लू के खिलाफ अमेठी में कुल 2 मामले पंजीकृत हैं।3
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की हिरासत व गिरफ्तारी के विरोध में चल रहा सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन समाप्त हो गया है। अखिलेश यादव की रिहाई के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपना धरना खत्म करने का निर्णय लिया। मामले पर सपा प्रवक्ता अनूप संडा ने भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही और अलोकतांत्रिक मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र जंतर-मंतर पर अहिंसक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन संयमित छात्रों पर लाठीचार्ज करवा रही है और सादे कपड़ों में लोगों के जरिए अत्याचार करा रही है। सपा प्रवक्ता ने बताया कि अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता छात्रों के समर्थन में धरना स्थल पर जा रहे थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, प्रदेश भर में उपजे भारी आक्रोश और आंदोलन के बाद सरकार ने घबराकर उन्हें रिहा कर दिया। पार्टी के आधिकारिक निर्देश मिलने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने फिलहाल अपना विरोध समाप्त कर दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में पार्टी का निर्देश मिलने या आवश्यकता पड़ने पर समाजवादी पार्टी छात्रों के हितों में फिर से अहिंसक आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेगी।2
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लोगों से इस पर कैप्शन देने और अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करने को कहा गया है। यह वीडियो मुख्य रूप से रायबरेली पुलिस और विशेष रूप से शहर कोतवाल को ध्यान में रखकर पोस्ट किया गया है, जिस पर जनता से उनकी राय माँगी गई है।1
- मुख्यमंत्री ने बरसात के मौसम को देखते हुए सभी से सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान यदि एक भी जनहानि होती है, तो इससे बेहद पीड़ा होती है।1
- रायबरेली की हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र में लोधी समाज के युवाओं ने विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी पड़ी हुई है। युवाओं का आरोप है कि चुनाव जीतने और निर्वाचित होने के बाद से विधायक राहुल लोधी अब तक कई गांवों में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने तक नहीं पहुंचे हैं। इन आरोपों के संबंध में विधायक राहुल लोधी या उनके प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- अमेठी में एआरटीओ कार्यालय के पास प्रशासन ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस अचानक हुई प्रशासनिक कार्रवाई से दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों, टीन शेड और अन्य अवैध कब्जों को पूरी तरह से हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि वे दोबारा सरकारी भूमि या सड़क किनारे अवैध कब्जा न करें। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है और भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।1
- सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार शाम जंतर-मंतर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जबरन गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारी युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया, जिसमें पुलिस-प्रशासन और सपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वी पाल यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से 90 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और धांधली के जरिए नियुक्तियां कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि वे इस तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और साल 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से भाजपा सरकार का सफाया कर देंगे। सपा के प्रदेश सचिव तेजिंदर सिंह (बग्गा) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लगातार हो रहे पेपर लीक के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण धरना दे रहे युवाओं की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है और सादी वर्दी में भाजपा कार्यकर्ताओं तथा बिना नेमप्लेट वाले पुलिसकर्मियों के जरिए हमले करवा रही है।3
- दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के पास से नेता प्रतिपक्ष सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित जन भवन का घेराव करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जन भवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को संभालने के लिए जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया।1