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बिहार सरकार ने खगड़िया जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मानसी प्रखंड स्थित कसरैया धार को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने ₹29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिसके तहत पार्क, पर्यटन अवसंरचना और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खगड़िया के विकास और पर्यटन को एक नई दिशा प्रदान करेगी।
GAUTAM KUMAR
बिहार सरकार ने खगड़िया जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मानसी प्रखंड स्थित कसरैया धार को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने ₹29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिसके तहत पार्क, पर्यटन अवसंरचना और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खगड़िया के विकास और पर्यटन को एक नई दिशा प्रदान करेगी।
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- बिहार सरकार ने खगड़िया जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मानसी प्रखंड स्थित कसरैया धार को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने ₹29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिसके तहत पार्क, पर्यटन अवसंरचना और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खगड़िया के विकास और पर्यटन को एक नई दिशा प्रदान करेगी।1
- गिद्धौर के दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ सोमवार रात करीब 7:55 बजे ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों द्वारा सोनो प्रखंड के डुमरी गांव निवासी घायल तनोज कुमार को केशवपुर गांव के समीप हुई सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल लाया गया था। हालाँकि, अस्पताल पहुँचने पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने यह कहते हुए इलाज से मना कर दिया कि उनकी ड्यूटी खत्म हो चुकी है और आने वाला डॉक्टर ही इलाज करेगा। इस घटना के बाद घायल व्यक्ति के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की विधि-व्यवस्था खुद "बीमार पड़ी हुई है"। डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी पर पहले भी मरीजों के साथ अच्छे ढंग से व्यवहार न करने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे आम ग्रामीण और मरीज लगातार परेशान रहते हैं। इस डॉक्टर से संबंधित खबरें अखबारों में कई बार छपती रही हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में पूछे जाने पर डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि उनकी ड्यूटी 8:00 बजे ऑफ हो चुकी थी और उनकी ड्यूटी के दौरान कोई भी मरीज नहीं आया था। वहीं, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि वीडियो मंगवाकर जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि इस बार कोई ठोस कार्रवाई होती है या पूर्व की तरह इस मामले को भी दबा दिया जाता है।2
- मंगलवार को गोगरी प्रखंड की गोछारी पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। गोगरी अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है, और ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में पंचायत के मुखिया शंभू चौरसिया, गोगरी प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद, गोगरी अंचलाधिकारी दीपक कुमार, आईसीडीएस की महिला पर्यवेक्षिका सुनीता कुमारी, नीलम कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। दिन के लगभग तीन बजे तक बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जमा किए। शिविर में सबसे अधिक भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों के आवेदन प्राप्त हुए। मौजूद अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवश्यक आवेदन एवं परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। ग्रामीणों ने इस प्रकार के सहयोग शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी से उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया सरल और तेज हुई है।3
- खगड़िया जिलाधिकारी ने कोशी नदी में हो रहे कटाव की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँचकर स्थल निरीक्षण किया। यह कार्यवाही नदी में मिट्टी के कटाव से संबंधित जानकारी प्राप्त होने के उपरांत की गई।1
- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-12 स्थित गोगाचक गांव में वर्ष 2025 में लगभग 4.5 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया नि:शुल्क वाटर एटीएम पिछले दस माह से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इस समस्या के कारण 350 से अधिक ग्रामीणों के सामने शुद्ध पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पहले ग्रामीण और राहगीर इसी वाटर एटीएम से शुद्ध और शीतल पानी प्राप्त करते थे, लेकिन अब उन्हें पानी के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद सन्नी कुमार ने इस संबंध में बताया कि मशीन में घटिया गुणवत्ता के उपकरण लगाए जाने के कारण यह खराब हुई है, और कई बार शिकायत के बावजूद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। भीषण गर्मी के चलते क्षेत्र के अधिकांश चापाकलों का जलस्तर भी घट गया है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। इसके अतिरिक्त, गोगाचक गांव कांवरिया मार्ग पर स्थित होने के कारण श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों को भी शुद्ध पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। इस मामले पर कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली पिया ने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर वाटर एटीएम की मरम्मत करवाकर उसे फिर से चालू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहाँ 350 से अधिक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो रहे हैं।1
- मुंगेर के जमालपुर स्थित ज्योति युगल सरस्वती शिशु मंदिर, फुलका में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।1
- खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित भरतखंड गांव का ऐतिहासिक मुगलकालीन महल, जिसे "52 कोठरी, 53 द्वार" के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही यह बेशकीमती धरोहर अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की उम्मीद जगा रही है। इसी क्रम में, कला एवं संस्कृति विभाग की एक टीम ने मंगलवार को इस महल का निरीक्षण किया और इसके संरक्षण तथा विकास की संभावनाओं का आकलन किया। बताया गया है कि 17वीं शताब्दी में निर्मित इस महल में आज भी 52 कोठरियां, 53 द्वार, एक गुप्त सुरंग, रानी का स्नान तालाब और अलग-अलग ध्वनि उत्पन्न करने वाले अद्भुत खंभे मौजूद हैं। विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि निरीक्षण संबंधी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि इस ऐतिहासिक धरोहर का जल्द से जल्द संरक्षण किया जाए और इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र को एक नई पहचान मिल सके और रोजगार के अवसर भी पैदा हों।2
- बिहार के बांका जिले के बेलहर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर एक महिला को तीन टुकड़ों में काट दिया गया है। इस वीभत्स वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मिली जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले सच को जानकर महिला का पति हैरान रह गया। मामले में सम्राट चौधरी और मनोज यादव नामक व्यक्तियों का जिक्र किया गया है, और यह घटना शबगंज इलाके से संबंधित बताई जा रही है। बैंक पुलिस के संज्ञान में आई इस घटना को हत्या के रूप में देखा जा रहा है। यह दर्दनाक वाकया महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति गंभीर जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जिसके लिए सहायता और न्याय की पुरजोर अपील की जा रही है।1