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गोवाड़ी से जेठाणा तक मौत का बाईपास, बीते एक माह में चार हादसों में तीन की मौत सोशल मीडिया पर फूटा जनता का आक्रोश, उठी लिमड़ी पर ब्रिज की मांग संवाददाता - संतोष व्यास ​डूंगरपुर। डूंगरपुर-बांसवाड़ा नेशनल हाईवे 927-ए इन दिनों हादसों का हाईवे बनता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में सागवाड़ा बायपास, हडमाला मोड़, लीमड़ी और गोवाड़ी के समीप हुई चार बड़ी सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है जिसके बाद नेशनल हाईवे 927-ए पर गोवाड़ी ब्रिज से लेकर जेठाणा ब्रिज तक का हिस्सा अब मौत के बाईपास के रूप में कुख्यात हो चुका है। बीते कुछ दिनों में हुई एक के बाद एक दर्दनाक मौतों और करीब आधा दर्जन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद स्थानीय जनता का धैर्य जवाब दे गया है। इस खूनी खेल को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है, जहाँ लोग प्रशासन की सुस्ती और एनएचएआई की लापरवाही पर कड़े सवाल दाग रहे हैं। - ब्लैक स्पॉट बनते जा रहे हाईवे के ये चार मोड़ बीते दिनों इंदौर से माउंट आबू घूमने निकले चार दोस्तों की कार हडमाला मोड़ पर सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप से जा टकराई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। वहीं, गोवाड़ी के पास पीछे से आती तेज रफ्तार कार ने एक टेम्पो को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देराणी-जेठानी की मौके पर ही मौत हो गई। ​सड़क हादसों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। लीमड़ी मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने शादी समारोह में जा रहे बाइक सवार एक युवक और दो महिलाओं को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, वगेरी मोड़ पर दो कारों की आमने-सामने की भिड़ंत ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। - ​उठी बदलाव की गूँज ​व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स पर जनहित के मुद्दों ने तूल पकड़ लिया। सैकड़ों लोगों ने एक सुर में गोवाड़ी-जेठाणा मार्ग की असुरक्षित इंजीनियरिंग को आड़े हाथों लिया। ग्रुप के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन केवल हादसों के बाद पोस्टमार्टम की औपचारिकता निभाता है, जबकि धरातल पर सुरक्षा के नाम पर एक पत्थर भी नहीं हिलाया गया। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर चक्काजाम करने को मजबूर होगी। - ​लिमड़ी मोड़ पर ब्रिज की पुरजोर मांग ​इस पूरे विवाद और आक्रोश के केंद्र में लिमड़ी मोड़ है। स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों का तर्क है कि लिमड़ी मोड़ पर जिस तरह से ट्रैफिक का दबाव है और जिस रफ्तार से वाहन गुजरते हैं, वहां एक फ्लाईओवर या ब्रिज बनाना ही एकमात्र स्थायी समाधान है। आए दिन हो रहे हादसों में यहाँ कई परिवार उजड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि छोटे-मोटे स्पीड ब्रेकर या संकेतक अब नाकाफी साबित हो रहे हैं, जब तक यहाँ ब्रिज का निर्माण नहीं होगा, तब तक बेकसूरों की जान जाना बंद नहीं होगा। - ​प्रशासन मौन, जनता की जान जोखिम में! ​जनता का आक्रोश केवल हादसों तक सीमित नहीं है, बल्कि उस कार्यप्रणाली पर भी है जो दुर्घटनाओं को निमंत्रण देती है। हाईवे पर स्थित कट्स और मोड़ पर संकेतक बोर्ड की कमी और चालकों द्वारा मोड़ पर गति धीमी न करना सबसे घातक साबित हो रहा है। इसके अलावा, नेशनल हाईवे के किनारे वाहनों का अवैध रूप से खड़ा होना भी मोड़ पर दृश्यता को कम कर देता है। वहीं, गोवाड़ी से जेठाणा के बीच रात के समय रोड लाइट बंद होने एवं सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। पुलिस प्रशासन इन पर कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है। इसके अलावा खतरनाक मोड़ों और कट्स पर न तो रेडियम बोर्ड हैं और न ही पर्याप्त रोशनी, जिससे बाहरी चालक भ्रमित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। आए दिन हो रही मौतों के बावजूद एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी विभाग की चुप्पी समझ से परे है। ​ - आखिर कब रुकेंगे हादसे ​गोवाड़ी से जेठाणा तक का सफर अब डर का पर्याय बन गया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी यह बहस अब एक जन-आंदोलन का रूप लेती दिख रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि जिला कलेक्टर और संबंधित विभाग तुरंत इस ब्लैक स्ट्रेच का निरीक्षण करें और लिमड़ी पर ब्रिज निर्माण के प्रस्ताव को प्राथमिकता से आगे बढ़ाएं।

9 hrs ago
user_Santosh vyas
Santosh vyas
Newspaper advertising department डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
9 hrs ago
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गोवाड़ी से जेठाणा तक मौत का बाईपास, बीते एक माह में चार हादसों में तीन की मौत सोशल मीडिया पर फूटा जनता का आक्रोश, उठी लिमड़ी पर ब्रिज की मांग संवाददाता - संतोष व्यास ​डूंगरपुर। डूंगरपुर-बांसवाड़ा नेशनल हाईवे 927-ए इन दिनों हादसों का हाईवे बनता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में सागवाड़ा बायपास, हडमाला मोड़, लीमड़ी और गोवाड़ी के समीप हुई चार बड़ी सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है जिसके बाद नेशनल हाईवे 927-ए पर गोवाड़ी ब्रिज से लेकर जेठाणा ब्रिज तक का हिस्सा अब मौत के बाईपास के रूप में कुख्यात हो चुका है। बीते कुछ दिनों में हुई एक के बाद एक दर्दनाक मौतों और करीब आधा दर्जन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद स्थानीय जनता का धैर्य जवाब दे गया है। इस खूनी खेल को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है, जहाँ लोग प्रशासन की सुस्ती और एनएचएआई की लापरवाही पर कड़े सवाल दाग रहे हैं। - ब्लैक स्पॉट बनते जा रहे हाईवे के ये चार मोड़ बीते दिनों इंदौर से माउंट आबू घूमने निकले चार दोस्तों की कार हडमाला मोड़ पर सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप से जा टकराई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। वहीं, गोवाड़ी के पास पीछे से आती तेज रफ्तार कार ने एक टेम्पो को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देराणी-जेठानी की मौके पर ही मौत हो गई। ​सड़क हादसों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। लीमड़ी मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने शादी समारोह में जा रहे बाइक सवार एक युवक और दो महिलाओं को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, वगेरी मोड़ पर दो कारों की आमने-सामने की भिड़ंत ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। - ​उठी बदलाव की गूँज ​व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स पर जनहित के मुद्दों ने तूल पकड़ लिया। सैकड़ों लोगों ने एक सुर में गोवाड़ी-जेठाणा मार्ग की असुरक्षित इंजीनियरिंग को आड़े हाथों लिया। ग्रुप के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन केवल हादसों के बाद पोस्टमार्टम की औपचारिकता निभाता है, जबकि धरातल पर सुरक्षा के नाम पर एक पत्थर भी नहीं

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हिलाया गया। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर चक्काजाम करने को मजबूर होगी। - ​लिमड़ी मोड़ पर ब्रिज की पुरजोर मांग ​इस पूरे विवाद और आक्रोश के केंद्र में लिमड़ी मोड़ है। स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों का तर्क है कि लिमड़ी मोड़ पर जिस तरह से ट्रैफिक का दबाव है और जिस रफ्तार से वाहन गुजरते हैं, वहां एक फ्लाईओवर या ब्रिज बनाना ही एकमात्र स्थायी समाधान है। आए दिन हो रहे हादसों में यहाँ कई परिवार उजड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि छोटे-मोटे स्पीड ब्रेकर या संकेतक अब नाकाफी साबित हो रहे हैं, जब तक यहाँ ब्रिज का निर्माण नहीं होगा, तब तक बेकसूरों की जान जाना बंद नहीं होगा। - ​प्रशासन मौन, जनता की जान जोखिम में! ​जनता का आक्रोश केवल हादसों तक सीमित नहीं है, बल्कि उस कार्यप्रणाली पर भी है जो दुर्घटनाओं को निमंत्रण देती है। हाईवे पर स्थित कट्स और मोड़ पर संकेतक बोर्ड की कमी और चालकों द्वारा मोड़ पर गति धीमी न करना सबसे घातक साबित हो रहा है। इसके अलावा, नेशनल हाईवे के किनारे वाहनों का अवैध रूप से खड़ा होना भी मोड़ पर दृश्यता को कम कर देता है। वहीं, गोवाड़ी से जेठाणा के बीच रात के समय रोड लाइट बंद होने एवं सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। पुलिस प्रशासन इन पर कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है। इसके अलावा खतरनाक मोड़ों और कट्स पर न तो रेडियम बोर्ड हैं और न ही पर्याप्त रोशनी, जिससे बाहरी चालक भ्रमित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। आए दिन हो रही मौतों के बावजूद एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी विभाग की चुप्पी समझ से परे है। ​ - आखिर कब रुकेंगे हादसे ​गोवाड़ी से जेठाणा तक का सफर अब डर का पर्याय बन गया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी यह बहस अब एक जन-आंदोलन का रूप लेती दिख रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि जिला कलेक्टर और संबंधित विभाग तुरंत इस ब्लैक स्ट्रेच का निरीक्षण करें और लिमड़ी पर ब्रिज निर्माण के प्रस्ताव को प्राथमिकता से आगे बढ़ाएं।

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  • विधायक उमेश डामोर ने नियम 295 में उठाई बच्चों की सुरक्षा की आवाज जयपुर/डूंगरपुर। आसपुर क्षेत्र के जर्जर सरकारी विद्यालयों और उनके स्थानांतरण (मर्ज) का मुद्दा आज दिनांक 16.02.2026 को राजस्थान विधायक उमेश डामोर ने खोली शिक्षा विभाग की विधानसभा में जोरदार तरीके से गूंजा। आसपुर क्षेत्र के जनप्रिय विधायक विधायक उमेश डामोर ने नियम 295 के अंतर्गत विशेष उल्लेख के माध्यम से यह गंभीर मामला सदन में उठाया। विधायक उमेश डामोर ने पूरे तथ्य और आंकड़ों के साथ प्रस्ताव पढ़कर सरकार का ध्यान डूंगरपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उनके द्वारा रखा गया यह प्रस्ताव सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक उमेश डामोर ने बताया कि डूंगरपुर जिले में 98 जर्जर विद्यालयों को स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें 12 विद्यालय सिंगल शिफ्ट और 86 विद्यालय डबल शिफ्ट में चलाने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिना अभिभावकों, ग्राम सभाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए लिया गया है, जिससे ग्रामीण जनता में नाराजगी है। विधायक उमेश डामोर ने सदन में बताया कि आसपुर विधानसभा क्षेत्र के 22 विद्यालय सीधे इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। 44 विद्यालय पूरी तरह जर्जर हैं। 66 विद्यालयों में 263 कमरों की कमी है। 359 विद्यालयों के 1036 कक्ष अत्यंत खराब स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों की छत, दीवार और फर्श टूटे हुए हैं, जो बच्चों के लिए बड़ा खतरा है। विधायक उमेश डामोर ने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत हिराता के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हामितेड के बच्चों को रोज मारगीया बांध पार कर नाव से स्कूल जाना पड़ता है। कई बच्चों को 3 से 4 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है और खासकर बालिकाओं की पढ़ाई पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी जर्जर विद्यालयों की स्थिति पर सख्त टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि यदि स्कूलों में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो यह गंभीर लापरवाही है। सदन में विधायक उमेश डामोर ने मांग की, कि जर्जर विद्यालयों का तुरंत तकनीकी सर्वे कराया जाए। नए बजट की स्वीकृति देकर पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। निर्णय लेने से पहले स्थानीय ग्राम सभा और अभिभावकों से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना समाधान नहीं है, बल्कि मजबूत और सुरक्षित भवन बनाना ही स्थायी समाधान है। विधायक उमेश डामोर द्वारा सदन में मजबूती से मुद्दा उठाने के बाद आसपुर क्षेत्र की जनता में खुशी और भरोसा बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक उमेश डामोर ने बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए सशक्त आवाज उठाई है। अब यह मुद्दा केवल भवनों का नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही का बन चुका है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि विधायक उमेश डामोर के प्रयासों से जल्द ही जर्जर विद्यालयों का पुनर्निर्माण होगा और बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सकेगी।
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    विधायक उमेश डामोर ने नियम 295 में उठाई बच्चों की सुरक्षा की आवाज
जयपुर/डूंगरपुर। आसपुर क्षेत्र के जर्जर सरकारी विद्यालयों और उनके स्थानांतरण (मर्ज) का मुद्दा आज दिनांक 16.02.2026 को राजस्थान
विधायक उमेश डामोर ने खोली शिक्षा विभाग की 
विधानसभा में जोरदार तरीके से गूंजा। आसपुर क्षेत्र के जनप्रिय विधायक विधायक उमेश डामोर ने नियम 295 के अंतर्गत विशेष उल्लेख के माध्यम से यह गंभीर मामला सदन में उठाया।
विधायक उमेश डामोर ने पूरे तथ्य और आंकड़ों के साथ प्रस्ताव पढ़कर सरकार का ध्यान डूंगरपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उनके द्वारा रखा गया यह प्रस्ताव सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विधायक उमेश डामोर ने बताया कि डूंगरपुर जिले में 98 जर्जर विद्यालयों को स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें 12 विद्यालय सिंगल शिफ्ट और 86 विद्यालय डबल शिफ्ट में चलाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिना अभिभावकों, ग्राम सभाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए लिया गया है, जिससे ग्रामीण जनता में नाराजगी है।
विधायक उमेश डामोर ने सदन में बताया कि आसपुर विधानसभा क्षेत्र के 22 विद्यालय सीधे इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। 44 विद्यालय पूरी तरह जर्जर हैं। 66 विद्यालयों में 263 कमरों की कमी है। 359 विद्यालयों के 1036 कक्ष अत्यंत खराब स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों की छत, दीवार और फर्श टूटे हुए हैं, जो बच्चों के लिए बड़ा खतरा है।
विधायक उमेश डामोर ने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत हिराता के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हामितेड के बच्चों को रोज मारगीया बांध पार कर नाव से स्कूल जाना पड़ता है। कई बच्चों को 3 से 4 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है और खासकर बालिकाओं की पढ़ाई पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी जर्जर विद्यालयों की स्थिति पर सख्त टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि यदि स्कूलों में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो यह गंभीर लापरवाही है।
सदन में विधायक उमेश डामोर ने मांग की, कि जर्जर विद्यालयों का तुरंत तकनीकी सर्वे कराया जाए।
नए बजट की स्वीकृति देकर पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। निर्णय लेने से पहले स्थानीय ग्राम सभा और अभिभावकों से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना समाधान नहीं है, बल्कि मजबूत और सुरक्षित भवन बनाना ही स्थायी समाधान है।
विधायक उमेश डामोर द्वारा सदन में मजबूती से मुद्दा उठाने के बाद आसपुर क्षेत्र की जनता में खुशी और भरोसा बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक उमेश डामोर ने बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए सशक्त आवाज उठाई है।
अब यह मुद्दा केवल भवनों का नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही का बन चुका है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि विधायक उमेश डामोर के प्रयासों से जल्द ही जर्जर विद्यालयों का पुनर्निर्माण होगा और बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सकेगी।
    user_Santosh vyas
    Santosh vyas
    Newspaper advertising department डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Balvant Bhai Ahari
    1
    Post by Balvant Bhai Ahari
    user_Balvant Bhai Ahari
    Balvant Bhai Ahari
    Carpenter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
    1
    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • आज दिनाक 18/02/2026 को स्थानीय महाविद्यालय जे.आर शर्मा झाड़ोल में “निर्वाचन साक्षरता क्लब” (इ.एल.सी.) का गठन कर निर्वाचन साक्षरता महोत्सव के तहत विविध आयोजन किया गया | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. जैन ने बताया कि इ.एल.सी . का उदेश्य लोकतान्त्रिक मूल्यों एवं मतदान के प्रति जागरूकता को बढाना बताया | कार्यक्रम में मतदाता सूची में नाम जुडवाने कि प्रकिया इ. वी. एम. मशीन से मतदान कि पद्धति तथा अधिकाधिक लोगो को मतदान के लिए प्रेरित करने पर विस्तार से जानकारी दी गई | महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य राजेश बिलोनिया ने छात्रों को मतदान की शपथ दिलाते हुए भारत में चुनाव पद्धति के एतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे बडी शक्ति हैं और एक-एक मत अमूल्य हैं , स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में सभी को मतदान करना अनिवार्य हैं | एन एस एस प्रभारी डॉ. अनिता गन्ना ने बताया कि महोत्सव के अन्तर्गत विधिवत आयोजन जेसे प्रश्नोत्तरी निबन्ध रंगोली आदि प्रतियोगिता का महाविद्यालय में आयोजन किया जाएगा |धन्यवाद ज्योति जैन ने दिया |
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    आज दिनाक 18/02/2026 को स्थानीय महाविद्यालय जे.आर  शर्मा झाड़ोल  में “निर्वाचन साक्षरता क्लब” (इ.एल.सी.) का गठन कर निर्वाचन साक्षरता महोत्सव के तहत विविध आयोजन किया गया | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. जैन ने बताया कि इ.एल.सी . का उदेश्य लोकतान्त्रिक मूल्यों एवं मतदान के प्रति जागरूकता को बढाना बताया | कार्यक्रम में मतदाता सूची में नाम जुडवाने कि प्रकिया इ. वी.  एम. मशीन से मतदान कि पद्धति तथा अधिकाधिक लोगो को मतदान के लिए प्रेरित करने पर विस्तार से जानकारी दी गई | महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य राजेश बिलोनिया ने छात्रों को मतदान की शपथ दिलाते हुए भारत में चुनाव पद्धति के एतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे बडी शक्ति हैं और एक-एक मत अमूल्य हैं , स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में सभी को मतदान करना अनिवार्य हैं | एन एस एस प्रभारी डॉ. अनिता गन्ना ने बताया कि महोत्सव के अन्तर्गत विधिवत आयोजन जेसे प्रश्नोत्तरी निबन्ध रंगोली आदि प्रतियोगिता का महाविद्यालय में आयोजन किया जाएगा |धन्यवाद ज्योति जैन ने दिया |
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • उदयपुर व्यूरो रिपोर्ट उदयपुर में कोटडा ब्लॉक के मांडवा थाना तीन बाइक सवार युवकों की मौत हादसा कोटक मालगांव के पास हुआ जहां ओवरटेक करने से बाइक ऑटो से टकरा गई
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    उदयपुर व्यूरो रिपोर्ट उदयपुर में कोटडा ब्लॉक के मांडवा थाना तीन बाइक सवार युवकों की मौत हादसा कोटक मालगांव के पास हुआ जहां ओवरटेक करने से बाइक ऑटो से टकरा  गई
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Kotra, Udaipur•
    15 hrs ago
  • सलूम्बर, 18 फरवरी। जिले में चल रहे शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 किलो अवधि पार व दूषित खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करवाई। कलेक्टर अवधेश मीना और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने लसाडिया उपखंड के दो प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया। पहली कार्रवाई भेरूनाथ किराना एवं जनरल स्टोर में हुई, जहां बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड मसाले व अन्य सामग्री मिली। वहीं बस स्टैंड स्थित मेसर्स सत्यनारायण जनरल स्टोर से सूजी, मिर्च, हल्दी, देसी घी सहित कई ब्रांडेड खाद्य पदार्थ अवधि पार पाए गए। सभी सामग्री जब्त कर नष्ट की गई और सरसों तेल व जीरे के नमूने जांच के लिए भेजे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी खाद्य कारोबारियों से लाइसेंस प्रदर्शित रखने, साफ-सफाई और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सुनिश्चित करने की अपील की गई। जिले में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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    सलूम्बर, 18 फरवरी। जिले में चल रहे शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 किलो अवधि पार व दूषित खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करवाई।
कलेक्टर अवधेश मीना और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने लसाडिया उपखंड के दो प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया।
पहली कार्रवाई भेरूनाथ किराना एवं जनरल स्टोर में हुई, जहां बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड मसाले व अन्य सामग्री मिली। वहीं बस स्टैंड स्थित मेसर्स सत्यनारायण जनरल स्टोर से सूजी, मिर्च, हल्दी, देसी घी सहित कई ब्रांडेड खाद्य पदार्थ अवधि पार पाए गए। सभी सामग्री जब्त कर नष्ट की गई और सरसों तेल व जीरे के नमूने जांच के लिए भेजे गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी खाद्य कारोबारियों से लाइसेंस प्रदर्शित रखने, साफ-सफाई और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सुनिश्चित करने की अपील की गई।
जिले में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
    user_Lake City News Rajasthan
    Lake City News Rajasthan
    Journalist बड़गाँव, उदयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बांसवाड़ा, 18 फरवरी/गायत्री मण्डल की ओर से संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में एमजी अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक आशीष अधिकारी की अध्यक्षता में आध्यात्मिक संगोष्ठी एवं प्रयोगधर्मा साहित्यसर्जक व मनीषी चिन्तक हरीश आचार्य का एकल सनातन काव्य पाठ कार्यक्रम हुआ। इसमें धर्म-अध्यात्म के विभिन्न तत्त्वों की सारगर्भित चर्चा हुई। इसमें मेघा सराफ, पुष्पा व्यास, राजेन्द्र नानालाल जोशी, यश सराफ, जुगल जयशंकर त्रिवेदी (मुम्बई), चन्द्रेश व्यास, अनिल नरहरि भट्ट, अनिता अधिकारी, आचार्य योगिता व्यास आदि ने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के उपरान्त जाने-माने साहित्यकार हरीश आचार्य की आध्यात्मिक सांस्कृतिक रचनाओं पर केन्द्रित एकल काव्य पाठ ने काव्य रसिकों को आनंदित कर दिया। इस अवसर पर श्री पीताम्बरा आश्रम के साधक-साधिकाओं की ओर से पगड़ी, हार तथा उपरणे पहनाकर हरीश आचार्य का अभिनन्दन किया गया। इससे पूर्व आशीष अधिकारी एवं श्रीमती अनिता अधिकारी ने हनुमान पूजा की तथा आरती एवं पुष्पान्जलि विधान पूर्ण किया। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ भी किए गए।
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    बांसवाड़ा, 18 फरवरी/गायत्री मण्डल की ओर से संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में एमजी अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक आशीष अधिकारी की अध्यक्षता में आध्यात्मिक संगोष्ठी एवं प्रयोगधर्मा साहित्यसर्जक व मनीषी चिन्तक हरीश आचार्य का एकल सनातन काव्य पाठ कार्यक्रम हुआ। इसमें धर्म-अध्यात्म के विभिन्न तत्त्वों की सारगर्भित चर्चा हुई।
इसमें मेघा सराफ, पुष्पा व्यास, राजेन्द्र नानालाल जोशी, यश सराफ, जुगल जयशंकर त्रिवेदी (मुम्बई), चन्द्रेश व्यास, अनिल नरहरि भट्ट, अनिता अधिकारी, आचार्य योगिता व्यास आदि ने विचार व्यक्त किए। 
संगोष्ठी के उपरान्त जाने-माने साहित्यकार हरीश आचार्य की आध्यात्मिक सांस्कृतिक रचनाओं पर केन्द्रित एकल काव्य पाठ ने काव्य रसिकों को आनंदित कर दिया। 
इस अवसर पर श्री पीताम्बरा आश्रम के साधक-साधिकाओं की ओर से पगड़ी, हार तथा उपरणे पहनाकर हरीश आचार्य का अभिनन्दन किया गया। इससे पूर्व आशीष अधिकारी एवं श्रीमती अनिता अधिकारी ने हनुमान पूजा की तथा आरती एवं पुष्पान्जलि विधान पूर्ण किया। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ भी किए गए।
    user_Subhash Mehta
    Subhash Mehta
    Journalist बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
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