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headline yah hai kaise mood hua video post kar raha hun filhal hamare khet mein Pani chalu hai Mera boring 250 feat hai ismein mini nosal 14 chalta hai 3hp ka model hai abhi yah video dala hai humne
विक्रम कुमार
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- Post by विक्रम कुमार1
- आबूरोड। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 37 में गुरुवार को कचरे के ढेर में लगी आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया। आग की चिंगारी पास ही स्थित एक मकान तक पहुंच गई, जिससे देखते ही देखते घर में भीषण आग लग गई। जानकारी के अनुसार, जिस घर में आग लगी वह कैलाश प्रजापति का बताया जा रहा है, जो बस स्टैंड के समीप लोरी लगाकर फल बेचने का कार्य करता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लूनियापुर क्षेत्र के एक खाली प्लॉट में कचरे में आग लगी हुई थी। तेज हवा के चलते उसकी चिंगारियां आसपास के रिहायशी इलाके तक पहुंच गईं और एक मकान को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में आग ने पूरे घर को घेर लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका के फायर प्रभारी जसवंत कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अग्निशमन वाहन मौके पर रवाना किया। थोड़ी ही देर में नगर पालिका की दोनों दमकलें घटनास्थल पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग इतनी तेज थी कि घर के अंदर रखा गैस सिलेंडर भी खतरे में आ गया था। हालांकि, फायरकर्मियों की सूझबूझ से समय रहते सिलेंडर को बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। करीब कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए थे। आग बुझाने में फायरकर्मी चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, नवीन कुमार, गौतम बंजारा, हरीश चौहान और कमल कुमार की अहम भूमिका रही। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान में रखा सामान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने कचरे के ढेरों में आग लगाने की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।4
- JBR NEWS की पड़ताल के बाद प्रशासन अब हरकत में आया है। पूरे मामले पर जब हमने पिंडवाड़ा तहसीलदार से बात की, तो उन्होंने बताया कि सरूपगंज नायब तहसीलदार को मौके की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तहसीलदार ने भरोसा दिलाया है कि रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। सवाल यह है कि आखिर PWD और राजस्व विभाग ने इस अवैध निर्माण की अनुमति कैसे दी? क्या प्रशासन अब इस पर कड़ा एक्शन लेगा?1
- उप जिला अस्पताल सुमेरपुर में हीट वेव और गर्मी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर1
- *मूर्ति स्थापना के कार्यक्रम को लेकर दूसरे दिन हुए विभिन्न कार्यक्रम। फालना।पाली श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ फालना के बैनर तले आयोजित मूर्ति स्थापना कार्यक्रम को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए आज कार्यक्रम में आचार्य मारा साहेब का एवं साध्वी भगवंतों का एवं उनके शिष्य उपाध्याय दिव्य चंद विजय आदि का सान्निध्य प्राप्त हुआ है।आज गुरुवार को प्रातः आठ बजे नवकारसीं का कार्यक्रम वह एवं उसके पश्चात नौ बजे सर्वोदय मंदिर से ऐतिहासिक वरघोड़ा प्रारंभ हुआ जो शहर के विभिन्न मार्गों से संगीत की स्वमधुर अवाज के साथ सर्वोदय आराधना भवन पर सम्पन्न हुआ 12:39 पर गुरुदेव की मूर्ति का पंच अभिषेक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ शाम को 4 बजे गाँव साँझी एवं मेहंदी वितरण का कार्यक्रम भी हर्ष और उल्लास के साथ संपन्न हुआ शाम को स्वामी वात्सल्य का कार्यक्रम एवं रात्रि को प्रभु भक्ति का कार्यक्रम भी देर रात तक चलता रहा इस अवसर पर जैन संघ के महेंद्र धोका,संभव जैन,अशोक परमार,बाबूलाल पुनमिया अमित मेहता,संजय सिरोया,कपिल सोनीगरा,पंकज सोनीगरा,पुनीत खाटेड,शैलेश बोहरा मनोज चौधरी,साकलचंद खाटेड,जयंतीलाल सिरोया,महेन्द्र सुंदेशा,रमेश शाह,दिनेश बोहरा,मुकेश जैन,राजेश मेहता,नरपत राठौड़,कुलदीप गुलेचा,प्रकाश तरावत,अभिसेक मेहता,नरेंद्र बोहरा,संदीप सिंघवी,विकास खाटेड,महेश नाहटा,रमेश मेहता,पंकज मेहता,उत्तम मुठलीया,मनोज चौधरी आदि लोगों ने अपनी उपस्थिति ऐतिहासिक रूप से दर्ज कराई*1
- Post by नरेश कुमार सिरवी1
- बाड़मेर बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा पचपदरा रिफाइनरी की भीषण आगजनी और PM सुरक्षा में हुई चूक पर सरकार का रवैया "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे" जैसा है। विश्व स्तरीय अत्याधुनिक तकनीक वाली HPCL रिफाइनरी में प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित दौरे से मात्र 20 घंटे पहले 20 अप्रैल को मुख्य प्रोसेसिंग CDU-VDU यूनिट में आग लग जाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और PM की सुरक्षा में चूक व गंभीर लापरवाही पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। लेकिन बड़ा अफसोस यह हैं कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद चार दिन बाद भी किसी पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई। इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया। केवल पचपदरा थानाधिकारी, CI अचलाराम ढाका को निलंबित किया गया है। क्या इतनी गंभीर घटना पर यही जवाबदेही तय होती है? कारण यह बताया गया कि 20 अप्रैल 2026 को शाम 07:00 बजे एक युवक ने सभास्थल के पांडाल में वीआईपी मूवमेंट क्षेत्र, मंच और डी-ब्लॉक के पास जाकर वीडियो बना लिया। जबकि इससे पहले शाम 05:00 बजे पेट्रोलियम मंत्रालय ने X (ट्विटर) पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के स्थगित होने की घोषणा कर दी थी। इसके तुरंत बाद 06:50 बजे मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी ने भी कार्यक्रम रद्द/स्थगित होने की सूचना जारी कर दी थी। ऐसे में आगजनी जैसी गंभीर घटना को नजरअंदाज कर इस प्रकार के कारण प्रस्तुत करना न केवल हास्यास्पद प्रतीत होता है, बल्कि यह शासन और सुरक्षा एजेंसियों की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। जब कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था, तब खाली मंच पर किसी युवक द्वारा वीडियो बना लेना “प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक” मानकर SHO को निलंबित करना क्या न्यायसंगत है? वहीं दूसरी ओर, रिफाइनरी में हुई भीषण आगजनी, जिससे देश की संपत्ति को करोड़ों का नुकसान हुआ, उस पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? – तो क्या प्रधानमंत्री की सुरक्षा में वास्तविक चूक वह आगजनी नहीं थी, बल्कि कार्यक्रम रद्द होने के बाद बना यह वीडियो था? – क्या PM और CM के दौरे की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सिर्फ एक थानेदार पर होता है? जबकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG और उच्चाधिकारियों के अधीन होती है। – रिफाइनरी के अंदर हुई आगजनी की घटना क्या सुरक्षा तंत्र की लापरवाही, प्रबंधन की तकनीकी खामियों और संभावित भ्रष्टाचार को भी उजागर नहीं करती हैं? इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? – चार दिन बाद भी जवाबदेही तय करने के बजाय लीपापोती क्यों की जा रही है? यह गंभीर संदेह उत्पन्न करता है कि आखिर किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है? – यदि घटना के 7 घंटे बाद PM के कार्यक्रम के स्थगन का आधिकारिक आदेश जारी हो चुका था और टेंट/डोम लगाने वाली कंपनी ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था, तो शाम 07:00 बजे किस प्रकार की सुरक्षा का प्रश्न रह जाता है? वहीं पिछले वर्ष 25 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा जिले के नापला गांव में PM मोदी जी की जनसभा के दौरान तकनीकी खराबी के कारण 10 मिनट के लिए वीडियो सिस्टम बंद हो गया था। उस समय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) की एक IAS अधिकारी को उसी दिन तत्काल APO कर दिया गया था। लेकिन पचपदरा रिफाइनरी की इस गंभीर घटना जिसने प्रधानमंत्री की सुरक्षा, देश की संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय छवि तीनों को प्रभावित किया उसमें चार दिन बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? – क्या रिफाइनरी में आग लगना इतनी बड़ी घटना नहीं है कि 4 दिन बाद भी किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई न हो? – क्या जांच एजेंसियों को अब तक किसी की गलती नजर नहीं आई है? – क्या एक वीडियो सिस्टम की तकनीकी खराबी, प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी इस गंभीर घटना से बड़ी थी? – क्या बांसवाड़ा की तकनीकी खराबी, रिफाइनरी में हुए करोड़ों के नुकसान से भी अधिक गंभीर थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई हुई? पचपदरा की इस भीषण आगजनी और सुरक्षा में इतनी बड़ी ढिलाई पर अब तक किसी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इससे यह साफ है कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सरकार बताए कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है?1
- Post by विक्रम कुमार1