एक भयावह आग की त्रासदी ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जो मंजर देखा, वह उन्हें भावुक कर गया। उन्होंने चारों ओर चीख-पुकार, जान बचाने की कोशिश में इधर-उधर भागते लोग और मासूम बच्चों की बेबसी देखी। इस दौरान डिप्टी सीएम पाठक लगातार राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेते रहे और अधिकारियों को निर्देश देते रहे। हालांकि, जब वे मीडिया के सामने आए, तो दर्द और संवेदना का बांध टूट गया और उनकी आंखें नम हो गईं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे की सूचना मिलते ही अलीगढ़ में अपना चल रहा कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया। वे लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को अधूरा छोड़कर तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर सकें। इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी बताया गया है जिसने पूरे प्रदेश को शोक और पीड़ा में डुबो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।
एक भयावह आग की त्रासदी ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जो मंजर देखा, वह उन्हें भावुक कर गया। उन्होंने चारों ओर चीख-पुकार, जान बचाने की कोशिश में इधर-उधर भागते लोग और मासूम बच्चों की बेबसी देखी। इस दौरान डिप्टी सीएम पाठक लगातार राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेते रहे और अधिकारियों को निर्देश देते रहे। हालांकि, जब वे मीडिया के सामने आए, तो दर्द और संवेदना का बांध टूट गया और उनकी आंखें नम हो गईं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे की सूचना मिलते ही अलीगढ़ में अपना चल रहा कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया। वे लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को अधूरा छोड़कर तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर सकें। इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी बताया गया है जिसने पूरे प्रदेश को शोक और पीड़ा में डुबो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।
- बदायूं के सहसवान में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों ने खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार को ही अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। विभाग द्वारा अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई से बौखलाए संचालकों ने जब अधिकारियों पर अपना जोर नहीं चला पाया, तो उन्होंने पत्रकार सौरभ गुप्ता को निशाना बनाया। पीड़ित पत्रकार ने इस संबंध में थाना सहसवान में दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है और पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार सौरभ गुप्ता के अनुसार, कुछ समय पूर्व उपजिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त जांच में दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर एक निजी अस्पताल को सील किया गया था। सौरभ ने इस खबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। आरोप है कि खबर से नाराज होकर अकबरपुर, गुन्नौर निवासी अस्पताल संचालक हर्ष यादव ने सौरभ को रास्ते में रोककर खबर हटाने का दबाव बनाया। जब सौरभ ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उसे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। सौरभ गुप्ता ने यह भी बताया कि इसके बाद हर्ष यादव के साथी, दहगवाँ निवासी योगेंद्र यादव ने उन्हें तहसील परिसर में खबर हटाने के बदले पैसे का प्रस्ताव दिया। इनकार करने पर योगेंद्र ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर बात मान ली जाए तो ठीक है, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। घटना के समय सौरभ गुप्ता के साथ उनके साथी पत्रकार अबीर सक्सेना और शिव सिंह भी मौजूद थे। सौरभ गुप्ता ने अपनी तहरीर में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार को मिली इस धमकी के बाद पत्रकार संगठनों में गहरा रोष फैल गया है। संगठनों ने पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- एक भयावह आग की त्रासदी ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जो मंजर देखा, वह उन्हें भावुक कर गया। उन्होंने चारों ओर चीख-पुकार, जान बचाने की कोशिश में इधर-उधर भागते लोग और मासूम बच्चों की बेबसी देखी। इस दौरान डिप्टी सीएम पाठक लगातार राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेते रहे और अधिकारियों को निर्देश देते रहे। हालांकि, जब वे मीडिया के सामने आए, तो दर्द और संवेदना का बांध टूट गया और उनकी आंखें नम हो गईं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे की सूचना मिलते ही अलीगढ़ में अपना चल रहा कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया। वे लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को अधूरा छोड़कर तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर सकें। इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी बताया गया है जिसने पूरे प्रदेश को शोक और पीड़ा में डुबो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।1
- बदायूं से श्री शिव शक्ति मानव सेवा समिति के पदाधिकारी शुक्रवार को 20वीं बार अमरनाथ यात्रा में भंडारे का आयोजन करने के लिए खाद्य सामग्री लेकर जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए। शिव भक्तों को लालपुल से विदा किया गया। समिति विगत 19 वर्षों से प्रत्येक वर्ष जम्मू-कश्मीर के बालटाल दुमैल में अमरनाथ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की निःशुल्क सेवा करती आ रही है। संस्था के प्रधान संजय पाराशरी और महासचिव डॉ. शम्स बदायूंनी ने संयुक्त रूप से बताया कि उनकी समिति दुमैल बालटाल (जम्मू-कश्मीर) में विशाल भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन आदि की निःशुल्क व्यवस्था करती है। इस वर्ष भी, समिति अपने 20वें विशाल भंडारे का आयोजन करने के लिए लालपुल चौराहा, बदायूं से शिव भक्तों के साथ जम्मू-कश्मीर रवाना हुई है। संस्था अध्यक्ष तुषार पाराशरी ने जानकारी दी कि इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए जारी रहेगी। उनके भंडारे में ठहरने, विश्राम करने और भोजन आदि की निःशुल्क व्यवस्था रहती है, जहाँ सेवादार निस्वार्थ भाव से शिव भक्तों की सेवा करते हैं। महासचिव डॉ. शम्स बदायूंनी ने यह भी बताया कि हिमालय पर्वतमाला में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा मंदिर की 57 दिन की तीर्थयात्रा में श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं, जबकि समितियां भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर रहती हैं। तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटे लेकिन अधिक ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे। इस अवसर पर डॉ. शम्स बदायूंनी, तुषार पाराशरी, समीर पाराशरी, नम्रता शर्मा, रितु शर्मा और प्रवीण भाटिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- पीडब्लूडी (PWD) द्वारा महज एक महीने पहले बनाए गए एक रोड की हालत बेहद खराब हो गई है।2
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सकुशल ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बदायूं के बिसौली में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। इसी क्रम में रविवार को कोतवाली में एक महत्वपूर्ण पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से आए धर्मगुरुओं, ताजियादारों, जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक के दौरान इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा ने सभी उपस्थित लोगों से मोहर्रम के पर्व को लेकर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की। श्री मिश्रा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि नगर की गंगा-जमुनी तहजीब को हर हाल में बनाए रखें और आपसी सामंजस्य का बेहतरीन परिचय दें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि जो कोई भी त्यौहार में किसी भी प्रकार का खलल डालने की कोशिश करेगा, प्रशासन ऐसे तत्वों से पूरी सख्ती से निपटेगा। उन्होंने लोगों को यह भी हिदायत दी कि कोई भी व्यक्ति किसी भी सूरत में कानून को अपने हाथों में न ले। बैठक में चौकी इंचार्ज अमित चौहान, चौकी इंचार्ज सुभाष सिंह, दबतोरी चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार, मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना इफ्तेखार अशरफी, मौलाना अफलाक रजा उवैसी, हाफिज अब्दुल मुक्तदिर अहमद, मशहूद खां हमदम, नगर पालिका सभासद शफीक अहमद बाबू, प्रधान मुस्तरफ खां, सभासद मो. शाकिर अब्बासी, सय्यद मेहशर अली, मो. कमर अंसारी, अंजुमन फरोगे अजा के मुतावल्ली अब्बास रजा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- Post by Ranjeet Yadav Badaun tak1
- बदायूं कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय जोरदार बवाल मच गया, जब एक महिला वकील से संबंधित एक वीडियो को लेकर वकीलों के दो गुट आपस में भिड़ गए। यह विवाद जल्द ही हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस झड़प में कम से कम दो वकील घायल हो गए। मामला इतना बढ़ा कि कलेक्ट्रेट से शुरू हुआ यह विवाद जिला अस्पताल तक जा पहुँचा, जहाँ घायलों को ले जाया गया।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में करीब एक दर्जन छात्र आ गए। आग लगने के कारण चारों ओर धुआँ और लपटें फैल गईं, जिससे छात्रों में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए एक छात्र ने खिड़की से छलांग लगाई, वहीं अन्य कई छात्र-छात्रा भी अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से कूदने को मजबूर हुए। इस घटना में घायल हुए छात्रों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया। हालाँकि, एंबुलेंस और राहत टीम के घटनास्थल पर देर से पहुँचने को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है, और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।1