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LIVE: PM Modi hosts a Gala dinner during the BRICS Summit LIVE: PM Modi hosts a Gala dinner during the BRICS Summit
News Bagmati Live 24,Arun kuma
LIVE: PM Modi hosts a Gala dinner during the BRICS Summit LIVE: PM Modi hosts a Gala dinner during the BRICS Summit
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- LIVE: PM Modi hosts a Gala dinner during the BRICS Summit LIVE: PM Modi hosts a Gala dinner during the BRICS Summit1
- फुलकाहां में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, डीएम प्रतिभा रानी ने दिया ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ का संदेश शिवहर के डुमरी कटसरी प्रखंड की फुलकाहां पंचायत स्थित मॉडल-सह-सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-66 पर 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्रीमती प्रतिभा रानी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ रखी गई है।1
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- सिरहा पंचायत के मोहल्ला हाता टोला निवासी मनीराम प्रसाद कुशवाहा के दरवाजे पर भोले शंकर माता पार्वती की मदानी पूजन कार्यक्रम आयोजन किया गया। सिरहा पंचायत के मोहल्ला हाता टोला निवासी मनीराम प्रसाद कुशवाहा के दरवाजे पर भोले शंकर माता पार्वती की मदानी पूजन कार्यक्रम आयोजन किया गया। शैलेंद्र कुमार भार्गव कार्यालय प्रभारी दैनिक सिरहा टाइम्स सिरहाकोठी 12 सितंबर 2026 सिरहाकोठी:-सिरहा पंचायत के मोहल्ला हाता टोला निवासी मुन्नीलाल प्रसाद कुशवाहा के दरवाजे पर भोले शंकर माता पार्वती की मदानी पूजन कार्यक्रम आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुंदर पट्टी निवासी आचार्य श्री घनश्याम झा ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मंत्रों का उच्चारण कर भगवान भोले शंकर माता पार्वती के मदानी पूजन कार्यक्रम को संपन्न कराया। इस अवसर पर शिव भक्तों ने भगवान शिव का माता पार्वती का कीर्तन और लाचारी गाकर उपस्थित सभी सज्जनों का मन को मंत्र मुग्ध कर दिया। आपको बताते चले की इस पूजन के संबंध में हिंदुओं के किसी भी धर्म ग्रंथ में इसकी चर्चा नहीं देखी गई है।भगवान शंकर की सामान्य पूजा, जलाभिषेक या रुद्राभिषेक से मनुष्य को मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य, संकटों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। हालांकि, धार्मिक ग्रंथों या मुख्य परंपराओं में "मदानी पूजन" (मथानी या छाछ बिलोने वाले उपकरण से जुड़ी विशेष पूजा) नाम से किसी विशिष्ट या पृथक शिव पूजा का विस्तृत वर्णन नहीं मिलता है।सामान्य तौर पर भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में मिलने वाले मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:प्रमुख लाभ मानसिक शांति: शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करने से तनाव,चिंता और नकारात्मकता दूर होती है तथा मन शांत रहता है।रोगों से मुक्ति: भगवान शिव को महामृत्युंजय और वैद्यनाथ कहा गया है। उनकी आराधना से शारीरिक कष्टों और रोगों से छुटकारा मिलता है।सुख- समृद्धि और धन:पंचामृत से अभिषेक करने पर जीवन में आर्थिक संपन्नता और खुशहाली आती है।कल्याण और भय का नाश: सच्चे मन से की गई शिव साधना अड़चनों को दूर कर हर क्षेत्र में सफलता प्रदान करती है। दूसरी ओर सामान्य तौर पर मनुष्य जीवन में भगवान भोले शंकर माता पार्वती की पूजन करने से भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं। शिव जी को "भोलेनाथ" कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की छोटी से छोटी भक्ति से भी प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी आराधना से जीवन के कष्ट और बाधाएँ दूर होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं शिव पूजा के कुछ महत्वपूर्ण लाभ:1. शांति और मानसिक संतुलन:शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने से मानसिक शांति और ध्यान केंद्रित होता है। इससे तनाव और चिंता दूर होती है, जिससे जीवन में शांति और संतुलन बना रहता है।2.स्वास्थ्य में सुधार: भगवान शिव की पूजा से स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। शिवलिंग पर बेलपत्र और जल चढ़ाने से रोगों से मुक्ति मिलती है और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।3.धन और समृद्धि: शिव जी की पूजा करने से व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि आती है। भक्तों को धन और आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।4.वैवाहिक जीवन में खुशहाली:शिव और पार्वती की पूजा से वैवाहिक जीवन में मधुरता और प्रेम बढ़ता है। अविवाहित लड़कियाँ शिव जी का व्रत रखकर योग्य वर प्राप्त करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शिव जी की पूजा करती हैं।5.कष्टों का निवारण:भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट, रोग, और दरिद्रता दूर होती है। शिव जी की कृपा से भक्तों के सभी संकटों का निवारण होता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।मंत्र: "ॐ नमः शिवाय" का नियमित जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। यह मंत्र भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और शक्तिशाली माध्यम है।1
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- महिला सिपाही प्रियंका यादव की गोली लगने से मौतें कांस्टेबल प्रियंका यादव थाने की गेट पर ड्यूटी कर रही थी1
- मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में दो अभियुक्तों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है | पुलिस विशेष छानबीन कर रही है। #Muzaffarpurnews1
- शिवहर व्यवहार न्यायालय में 'राष्ट्रीय लोक अदालत' का सफल आयोजन: 460 मामलों का हुआ निपटारा, ₹51.74 लाख से अधिक का समझौता प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 12.09.2026 जिला जन-संपर्क कार्यालय, शिवहर। ---- शिवहर व्यवहार न्यायालय में 'राष्ट्रीय लोक अदालत' का सफल आयोजन: 460 मामलों का हुआ निपटारा, ₹51.74 लाख से अधिक का समझौता ---- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आज दिनांक 12.09.2026 को प्रातः 10:00 बजे से व्यवहार न्यायालय, शिवहर में "राष्ट्रीय लोक अदालत" का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के साथ संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि समाज के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपसी सहमति से विवादों को सुलझाने में यह मंच बहुत लाभदायक है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कर आम नागरिकों को राहत प्रदान करें। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 6 पीठों का गठन किया गया था। इस दौरान कुल 460 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। निपटाए गए मामलों का विवरण इस प्रकार है: 1. व्यवहार न्यायालय (कंपाउंडेबल वाद): 178 मामले (जिसमें CJM न्यायालय के 50 वाद शामिल हैं) 2. ट्रैफिक चालान: 99 मामले 3. बैंक ऋण: 180 मामले 4. BSNL से संबंधित: 03 मामले इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न मामलों में कुल ₹51,74,544/- (इक्यावन लाख चौहत्तर हजार पाँच सौ चवालीस रुपये) की राशि की वसूली/समझौता राशि दर्ज की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमा पूर्व एवं लंबित वादों का सुलह-समझौते के आधार पर बिना किसी खर्च के तत्काल समाधान किया गया। यहाँ वार्ता के आधार पर मामलों का तुरंत निस्तारण किया जाता है और इसके द्वारा पारित अवार्ड को सिविल कोर्ट की डिक्री के समान ही कानूनी मान्यता प्राप्त होती है। यदि पूर्व में कोई न्याय शुल्क दिया गया हो, तो निस्तारण के उपरान्त उसे वापस कर दिया जाता है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, संबंधित विभागों के पदाधिकारियों, पारा विधिक स्वयंसेवकों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला प्रशासन, शिवहर द्वारा आमजनों से अपने विवादों को खत्म करने की अपील करते हुए यह ध्येय वाक्य दिया गया: "हुई लड़ाई हुई अदालत, चलो चलें भाई लोक अदालत"1