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हरियाणा के करनाल में जमीनी विवाद के चलते एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक पौते ने अपने दादा को कई गोलियां मार दीं। इस हमले के परिणामस्वरूप, दादा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक की बेटियां बिलख-बिलख कर रो रही हैं, जिससे माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और आगे की कार्यवाही में जुट गईं।
KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
हरियाणा के करनाल में जमीनी विवाद के चलते एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक पौते ने अपने दादा को कई गोलियां मार दीं। इस हमले के परिणामस्वरूप, दादा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक की बेटियां बिलख-बिलख कर रो रही हैं, जिससे माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और आगे की कार्यवाही में जुट गईं।
More news from हरियाणा and nearby areas
- करनाल जिले में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई है। यह घटना दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई, जिनमें आमने-सामने की टक्कर हो गई।1
- जनपद शामली के गांव बिड़ौली सादात में नौ मुहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय के लोगों ने मीठे शरबत की सबील लगाकर राहगीरों को वितरित की। यह सबील मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित बिड़ौली कट पर लगाई गई थी। कर्बला के शहीदों की याद में आयोजित इस वितरण से लोगों को गर्मी और प्यास से राहत मिली।4
- लखनऊ से योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे मृतकों के परिजनों के साथ असंवेदनशील व्यवहार करते दिख रहे हैं। इस असंवेदनशीलता के वीडियो के वायरल होने के बावजूद, भारतीय मीडिया ने इस खबर को म्यूट कर दिया था।1
- हरियाणा के करनाल जिले के बड़ागांव में जमीन के बंटवारे से जुड़े एक पारिवारिक कलह ने दुखद मोड़ ले लिया है, जहाँ एक बुजुर्ग व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस मामले में परिवार का ही एक सदस्य मुख्य संदिग्ध बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँची और गहन जाँच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं और आरोपी की तलाश जारी है। इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।1
- शामली जिले के गढ़ी पुख्ता थाना क्षेत्र स्थित संगम घाट से श्रद्धालुओं की बाइक चोरी होने की घटना सामने आई है।1
- झिंझाना क्षेत्र के आमवाली गांव में, भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच, ग्रामीणों ने मानवता और सेवा भाव का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। गांव में एक छबील (पानी का स्टॉल) लगाकर राहगीरों, मजदूरों, किसानों और अन्य जरूरतमंद लोगों को लगातार ठंडा पानी पिलाया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि यह सेवा कार्य लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए शुरू किया गया है, ताकि राह चलते किसी को भी प्यास के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े। सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोग इस छबील पर पहुंचकर ठंडा पानी पी रहे हैं, जिससे उन्हें भीषण गर्मी के बीच राहत मिल रही है, जब लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण युवाओं और समाजसेवियों की एक टीम लगातार लोगों की सेवा में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि गर्मी के इस मौसम में प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। इस नेक पहल की सराहना करते हुए, न केवल गांव के लोग बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले राहगीर भी छबील पर रुककर पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे सेवा कार्य समाज में आपसी भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं, और यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का मानना है कि यदि हर गांव और कस्बे में ऐसी व्यवस्था की जाए तो गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिल सकती है। इस सेवा कार्य के अवसर पर बिल्लू प्रधान, मनोज तोमर, वासु, रवि, चिंटू दीवान जी, मन्नू, दीपक, चीकू, शिवम सहित कई अन्य ग्रामीण सक्रिय रूप से मौजूद रहे।1
- ICOP जर्नलिस्ट / जनता की आवाज के प्रांतीय अध्यक्ष विशाल शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र इस समय एक गंभीर और जानलेवा पर्यावरण संकट से जूझ रही है। शहर के जोहड़ों (तालाबों) की गंदी, जहरीली और सड़ चुकी मिट्टी को अवैध रूप से ओवरलोडेड 75-टायरी व अन्य भारी वाहनों के जरिए 24 घंटे लगातार शहर के बीच से ले जाया जा रहा है। सड़कों पर गिरने वाली यह जहरीली धूल टायरों के माध्यम से उड़कर सीधे आम जनता के फेफड़ों, मुंह, माथे और घरों तक पहुँच रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। सवाल उठाया गया है कि जब शहर में कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हो रहा, तो यह अवैध 'मिट्टी का बवंडर' किसके इशारे पर और किसके फायदे के लिए चलाया जा रहा है। इस जहरीली और दूषित मिट्टी के निरंतर उड़ने से कुरुक्षेत्र की जनता और आने वाली पीढ़ी (बच्चों) को फेफड़ों के गंभीर रोग जैसे सिलिकोसिस, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा, साथ ही त्वचा व आंखों के गंभीर संक्रमण और कैंसर जैसी घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को प्रशासनिक और पुलिस महकमे की अनदेखी, लापरवाही और कथित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इनमें BNS की धारा 270 (सार्वजनिक मार्ग पर उपेक्षापूर्ण कार्य से संकट), धारा 271/272 (जीवन के लिए संकटपूर्ण बीमारी फैलाने का खतरा), और धारा 292 (सार्वजनिक उपद्रव) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि अवैध व बिना तिरपाल ढके ओवरलोडेड वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, जो ट्रैफिक पुलिस की विफलता दर्शाता है। संस्था ने गृह मंत्रालय से सीधे तौर पर कुरुक्षेत्र और करनाल रीजन में चल रहे इस अवैध मिट्टी परिवहन नेटवर्क की उच्च न्यायालय की निगरानी में या एक स्वतंत्र टास्क फोर्स द्वारा तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उन जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने की अपील की गई है जिनकी कथित शह पर यह अवैध कारोबार 24 घंटे फल-फूल रहा है। जनता के मानवाधिकारों, विशेषकर 'स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार' (अनुच्छेद 21) की रक्षा पर जोर देते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आवाज को न्यायालय के दरवाजे तक ले जाया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'सत्य कड़वा हो सकता है, लेकिन जनता की भलाई के लिए इसे लिखना और दिखाना हमारा कर्तव्य है।'2
- हरियाणा के करनाल में जमीनी विवाद के चलते एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक पौते ने अपने दादा को कई गोलियां मार दीं। इस हमले के परिणामस्वरूप, दादा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक की बेटियां बिलख-बिलख कर रो रही हैं, जिससे माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और आगे की कार्यवाही में जुट गईं।1