लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना नगर पालिका परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, प्रतिमा से लेकर सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमाई राजनीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर बनी सहमति, वाटर टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, गीता भवन की मांग पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में तीखी नोकझोंक करीब चार माह बाद आयोजित बीना नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक हंगामेदार रही। बैठक में 23 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापना, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शहर की बिजली व्यवस्था, जलकर (वाटर टैक्स) में बढ़ोतरी और गीता भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। बैठक में मोतीचूर नदी के समीप स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया। काफी देर चली बहस के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद प्रतिभा संजय सिंह ने शहर की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नगर पालिका को घेरा। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने सीएमओ पर वार्डों का नियमित निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया। भीम वार्ड की पार्षद ने कहा कि नालियों का पानी घरों में भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सांप तक घरों में घुस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पार्षद बी.डी. रजक और नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि लगभग तीन माह पहले ₹10 लाख की लागत से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उन्होंने पिछले एक वर्ष के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ राहुल कौरव ने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में ₹15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण स्थल पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। गांधी चौराहे से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा प्रतिमा के आसपास से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई। परिषद ने जलकर (वाटर टैक्स) बढ़ाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते फिलहाल अंबेडकर तिराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्षद पवन गुलाटी ने शहर में गीता भवन के निर्माण की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर पवन गुलाटी बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को सुर्खियों में ला दिया। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना नगर पालिका परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, प्रतिमा से लेकर सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमाई राजनीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर बनी सहमति, वाटर टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, गीता भवन की मांग पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में तीखी नोकझोंक करीब चार माह बाद आयोजित बीना नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक हंगामेदार रही। बैठक में 23 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापना, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शहर की बिजली व्यवस्था, जलकर (वाटर टैक्स) में बढ़ोतरी और गीता भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। बैठक में मोतीचूर नदी के समीप स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया। काफी देर चली बहस के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद प्रतिभा संजय सिंह ने शहर की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नगर पालिका को घेरा। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने सीएमओ पर वार्डों का नियमित निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया। भीम वार्ड की पार्षद ने कहा कि नालियों का पानी घरों में भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सांप तक घरों में घुस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पार्षद बी.डी. रजक और नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि लगभग तीन माह पहले ₹10 लाख की लागत से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उन्होंने पिछले एक वर्ष के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ राहुल कौरव ने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में ₹15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण स्थल पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। गांधी चौराहे से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा प्रतिमा के आसपास से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई। परिषद ने जलकर (वाटर टैक्स) बढ़ाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते फिलहाल अंबेडकर तिराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्षद पवन गुलाटी ने शहर में गीता भवन के निर्माण की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर पवन गुलाटी बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को सुर्खियों में ला दिया।
लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना नगर पालिका परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, प्रतिमा से लेकर सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमाई राजनीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर बनी सहमति, वाटर टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, गीता भवन की मांग पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में तीखी नोकझोंक करीब चार माह बाद आयोजित बीना नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक हंगामेदार रही। बैठक में 23 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापना, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शहर की बिजली व्यवस्था, जलकर (वाटर टैक्स) में बढ़ोतरी और गीता भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। बैठक में मोतीचूर नदी के समीप स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया। काफी देर चली बहस के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद प्रतिभा संजय सिंह ने शहर की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नगर पालिका को घेरा। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने सीएमओ पर वार्डों का नियमित निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया। भीम वार्ड की पार्षद ने कहा कि नालियों का पानी घरों में भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सांप तक घरों में घुस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पार्षद बी.डी. रजक और नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि लगभग तीन माह पहले ₹10 लाख की लागत से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उन्होंने पिछले एक वर्ष के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ राहुल कौरव ने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में ₹15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण स्थल पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। गांधी चौराहे से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा प्रतिमा के आसपास से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई। परिषद ने जलकर (वाटर टैक्स) बढ़ाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते फिलहाल अंबेडकर तिराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्षद पवन गुलाटी ने शहर में गीता भवन के निर्माण की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर पवन गुलाटी बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को सुर्खियों में ला दिया। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना नगर पालिका परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, प्रतिमा से लेकर सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमाई राजनीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर बनी सहमति, वाटर टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, गीता भवन की मांग पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में तीखी नोकझोंक करीब चार माह बाद आयोजित बीना नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक हंगामेदार रही। बैठक में 23 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापना, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शहर की बिजली व्यवस्था, जलकर (वाटर टैक्स) में बढ़ोतरी और गीता भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। बैठक में मोतीचूर नदी के समीप स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया। काफी देर चली बहस के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद प्रतिभा संजय सिंह ने शहर की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नगर पालिका को घेरा। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने सीएमओ पर वार्डों का नियमित निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया। भीम वार्ड की पार्षद ने कहा कि नालियों का पानी घरों में भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सांप तक घरों में घुस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पार्षद बी.डी. रजक और नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि लगभग तीन माह पहले ₹10 लाख की लागत से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उन्होंने पिछले एक वर्ष के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ राहुल कौरव ने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में ₹15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण स्थल पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। गांधी चौराहे से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा प्रतिमा के आसपास से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई। परिषद ने जलकर (वाटर टैक्स) बढ़ाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते फिलहाल अंबेडकर तिराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्षद पवन गुलाटी ने शहर में गीता भवन के निर्माण की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर पवन गुलाटी बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को सुर्खियों में ला दिया।
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना नगर पालिका परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, प्रतिमा से लेकर सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमाई राजनीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर बनी सहमति, वाटर टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, गीता भवन की मांग पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में तीखी नोकझोंक करीब चार माह बाद आयोजित बीना नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक हंगामेदार रही। बैठक में 23 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापना, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शहर की बिजली व्यवस्था, जलकर (वाटर टैक्स) में बढ़ोतरी और गीता भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। बैठक में मोतीचूर नदी के समीप स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया। काफी देर चली बहस के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद प्रतिभा संजय सिंह ने शहर की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नगर पालिका को घेरा। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने सीएमओ पर वार्डों का नियमित निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया। भीम वार्ड की पार्षद ने कहा कि नालियों का पानी घरों में भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सांप तक घरों में घुस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पार्षद बी.डी. रजक और नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि लगभग तीन माह पहले ₹10 लाख की लागत से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उन्होंने पिछले एक वर्ष के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ राहुल कौरव ने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में ₹15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण स्थल पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। गांधी चौराहे से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा प्रतिमा के आसपास से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई। परिषद ने जलकर (वाटर टैक्स) बढ़ाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते फिलहाल अंबेडकर तिराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्षद पवन गुलाटी ने शहर में गीता भवन के निर्माण की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर पवन गुलाटी बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को सुर्खियों में ला दिया। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना नगर पालिका परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, प्रतिमा से लेकर सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमाई राजनीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर बनी सहमति, वाटर टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, गीता भवन की मांग पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में तीखी नोकझोंक करीब चार माह बाद आयोजित बीना नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक हंगामेदार रही। बैठक में 23 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापना, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शहर की बिजली व्यवस्था, जलकर (वाटर टैक्स) में बढ़ोतरी और गीता भवन निर्माण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। बैठक में मोतीचूर नदी के समीप स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया। काफी देर चली बहस के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद प्रतिभा संजय सिंह ने शहर की खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नगर पालिका को घेरा। वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने सीएमओ पर वार्डों का नियमित निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया। भीम वार्ड की पार्षद ने कहा कि नालियों का पानी घरों में भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सांप तक घरों में घुस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पार्षद बी.डी. रजक और नगर पालिका उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि लगभग तीन माह पहले ₹10 लाख की लागत से बनाए गए स्पीड ब्रेकर कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उन्होंने पिछले एक वर्ष के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की मांग की। इस पर सीएमओ राहुल कौरव ने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में ₹15 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण स्थल पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। गांधी चौराहे से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा प्रतिमा के आसपास से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी गई। परिषद ने जलकर (वाटर टैक्स) बढ़ाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते फिलहाल अंबेडकर तिराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्षद पवन गुलाटी ने शहर में गीता भवन के निर्माण की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर पवन गुलाटी बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने बैठक को सुर्खियों में ला दिया।1
- कंजिया के लोगों ने कहा 7 बार जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा समाधान, ग्रामीणों का आरोप 3 करोड़ की पानी की टंकी डूब क्षेत्र में बना दी समाचार महत्वपूर्ण 1 फोटो 2 कंजिया के लोगों ने कहा 7 बार जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा समाधान, ग्रामीणों का आरोप 3 करोड़ की पानी की टंकी डूब क्षेत्र में बना दी बीना :-बीना के एसडीएम कार्यालय के सभागार में मंगलवार को नायब तहसीलदार हेमराज मेहर की उपस्थिति में जनसुनवाई आयोजित हुई। जनसुनवाई में 12 लोगों ने मांग और शिकायत के आवेदन दिए। कंजिया ग्राम पंचायत के लोगों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कहा कि डूब क्षेत्र में 3 करोड़ की पानी की टंकी बना दी गई। कंजिया ग्राम पंचायत के उपसरपंच शहजाद हुसैन ने बताया कि पीएचई विभाग ने हर घर नल से जल योजना के तहत पंचायत में ढाई से 3 करोड़ रुपए की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते टंकी को डूब क्षेत्र में बना दिया गया। उस समय ग्रामीणों ने इसका पुरजोर तरीके से विरोध भी किया था, लेकिन किसी ने नहीं सुना। उन्होंने बताया कि 2021 में पानी की टंकी का काम शुरू हुआ था और 2024 में टंकी का निर्माण पूरा हुआ। टेस्टिंग में यह बात सामने आई कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र के केवल 20 प्रतिशत लोगों को ही पानी मिल सकता है। शेष 80 प्रतिशत लोग आज भी पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7 बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन शासन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने चेतवानी दी है कि अगर 7 दिन के अंदर समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही पंचायत से जुड़ी अन्य सात मांगों को लेकर भी आवेदन दिया है।2
- बीना नगर पालिका परिषद पी,सी की बैठक आयोजित की जा रही है।1
- नशे से दूरी है जरूरी जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिलेभर में मानव श्रृंखला बनाकर निकली गई रेलिया लोगों को किया जागरूक नशे पर प्रहार, उज्ज्वल भविष्य का आधार अशोकनगर पुलिस की जनभागीदारी से ऐतिहासिक पहल, हजारों हाथ जुड़े, एक संकल्प बना जनआंदोलन नशे से दूरी है जरूरी अभियान में मानव श्रृंखला ने दिया सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश" पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा संचालित प्रदेशव्यापी नशे से दूरी है जरूरी जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 28 जुलाई 2026 को अशोकनगर सहित जिलेभर में नशे के विरुद्ध अभूतपूर्व जनसहभागिता का ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन एवं गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित विशाल मानव श्रृंखला ने यह सिद्ध कर दिया कि जब पुलिस और समाज एक उद्देश्य के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं, तब सामाजिक परिवर्तन केवल कल्पना नहीं, बल्कि साकार वास्तविकता बन जाता है। कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश, एसडीओपी अशोकनगर विवेक शर्मा, एसडीओपी मुख्यालय ओमप्रकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान में होमगार्ड सेनानी राघवेन्द्र शर्मा, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष सिंह चौहान, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक नरेश रावत, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान, रक्षित निरीक्षक शिवमंगल लोधी, निरीक्षक महिला सुरक्षा रितु सिंह चौहान, रक्षित निरीक्षक अजीत लोधी, रक्षित निरीक्षक संतोष शर्मा, रक्षित निरीक्षक मोनिका जैन, अजाक थाना प्रभारी बृजमोहन रावत, उपनिरीक्षक अजीम अंसारी, उपनिरीक्षक मनीष गुर्जर, उपनिरीक्षक अपेक्षित रघुवंशी, डीसीबी एवं यातायात स्टाफ सहित समस्त पुलिस बल ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इस जन-जागरूकता अभियान में जिले के प्रतिष्ठित विद्यालयों संस्कृति स्कूल, सेंट थॉमस पब्लिक स्कूल, मुस्कान पब्लिक स्कूल, शिवपुरी पब्लिक स्कूल, रॉयल कॉन्वेंट स्कूल, सदगुण पब्लिक स्कूल, संस्कार पब्लिक स्कूल, स्वामी विवेकानंद स्कूल, कूल, ब्लूचिप स्कूल एवं युवा ग्लोबल स्कूल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पछाडीखेडा के छात्र-छात्राओं एवं एवं शिक्षकों शिक्षकों ने ने प्रेरणादायी सहभागिता की। साथ ही आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, एनसीसी कैडेट्स, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठन, मीडिया प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, राजस्व विभाग, बैंकिंग संस्थान, ऑटो यूनियन, वन विभाग तथा जिले के लगभग 3000 जागरूक नागरिकों ने मानव श्रृंखला में शामिल होकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। जिले के समस्त अनुभागों में भी अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया गया। अनुभाग मुंगावली के थाना मुंगावली, बहादुरपुर, पिपरई एवं सहराई तथा अनुभाग चंदेरी के थाना चंदेरी, कदवाया, ईसागढ़ एवं नईसराय में भी विशाल मानव श्रृंखलाओं का निर्माण कर जन-जागरूकता का प्रभावशाली संदेश दिया गया। प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुलिस एवं नागरिकों की सहभागिता ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। अपने उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि नशे के विरुद्ध यह संघर्ष केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि समाज, परिवार और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का प्रश्न है। पुलिस की वास्तविक सफलता तभी है, जब समाज स्वयं जागरूक होकर नशे जैसी बुराइयों बुराइयों के विरुद्ध खड़ा हो। उन्होंने सभी सहभागी संस्थाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, मीडिया बंधुओं एवं जागरूक नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस जनसहयोग को जिले की सबसे बड़ी शक्ति बताया। अशोकनगर पुलिस का यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, जनविश्वास और पुलिस-जन सहयोग का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। यह संदेश पूरे समाज के लिए प्रेरणा है कि यदि प्रत्येक नागरिक नशे के विरुद्ध अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाए, तो नशामुक्त, स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। आइए, केवल मानव श्रृंखला ही नहीं, बल्कि अपने विचारों, संस्कारों और संकल्पों की भी ऐसी श्रृंखला बनाएं, जो हर युवा को नशे से दूर और राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर करे।4
- ब्रेकिंग न्यूज़* *बासौदा रोड पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 80 से अधिक भैंस और पड़िया अवैध परिवहन करते पकड़े* *ब्रेकिंग न्यूज़* *बासौदा रोड पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 80 से अधिक भैंस और पड़िया अवैध परिवहन करते पकड़े* सिरोंज ।रात के अंधेरे में अवैध पशु तस्करी की कोशिश को प्रशासन ने नाकाम कर दिया। बासौदा रोड पर एक बड़े ट्रक में भैंस और पड़ियों को भरते हुए एसडीएम और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 80 से अधिक पशुओं को जप्त किया। जानकारी के मुताबिक रात करीब 9 बजे बासौदा रोड पर एक यूपी नंबर के बड़े ट्रक में भैंस और पड़ियों को लोड किया जा रहा था। लगभग 40 लोग पशुओं को क्रूरतापूर्वक ट्रक में भरने में लगे थे। तभी एसडीएम ओम नारायण वडकुल, तहसीलदार अभिषेक पांडे, थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह बुंदेला और नगर पालिका सीएमओ राम प्रकाश साहू के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर पशुओं को भरने वाले सभी लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। *क्या-क्या जप्त हुआ* प्रशासन ने मौके से - *80+ भैंस और पड़िया* - *1 बड़ा ट्रक* - यूपी नंबर - *2 लोडिंग गाड़ियां* - *1 स्कॉर्पियो* - *5 मोटरसाइकिलें* जप्त किए गए सभी पशुओं को तत्काल *संत सुधा सागर गौशाला* भिजवाया गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। *अधिकारियों का बयान* एसडीएम ओम नारायण वडकुल ने बताया कि पशुओं को क्रूरतापूर्वक और अवैध रूप से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था। बिना परमिट और पशु क्रूरता अधिनियम के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई है। फरार आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व, पुलिस और नगर पालिका का अमला मौजूद रहा। सिरोंज से रुपेश यादव की रिपोर्ट3
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत पीजी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया जारी, समय पर एडमिशन लें छात्र-छात्राएं : मोहम्मद रफीक प्रवेश प्रभारी ने निर्धारित तिथि से पहले आवेदन और दस्तावेज पूर्ण करने की अपील की बीना। शासकीय पीजी कॉलेज बीना में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। कॉलेज के प्रवेश प्रभारी मोहम्मद रफीक ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रवेश लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों का चयन हो चुका है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर कॉलेज पहुंचकर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करें। वहीं जिन विद्यार्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें। मोहम्मद रफीक ने बताया कि समय पर प्रवेश लेने से विद्यार्थियों को कक्षाओं में नियमित रूप से शामिल होने का अवसर मिलेगा और भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से भी अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर लें। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत पीजी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया जारी, समय पर एडमिशन लें छात्र-छात्राएं : मोहम्मद रफीक प्रवेश प्रभारी ने निर्धारित तिथि से पहले आवेदन और दस्तावेज पूर्ण करने की अपील की बीना। शासकीय पीजी कॉलेज बीना में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। कॉलेज के प्रवेश प्रभारी मोहम्मद रफीक ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रवेश लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों का चयन हो चुका है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर कॉलेज पहुंचकर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करें। वहीं जिन विद्यार्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें। मोहम्मद रफीक ने बताया कि समय पर प्रवेश लेने से विद्यार्थियों को कक्षाओं में नियमित रूप से शामिल होने का अवसर मिलेगा और भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से भी अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर लें।1
- दिनांक : 27/07/2026 जिला : विदिशा थाना दीपनाखेडा मुस्कान अभियान के तहत लगभग 03 माह से गुम नाबालिग बालिका को किया दस्तयाब एवं नाबालिग बालिका को भगाकर ले जाने वाले आरोपी को दीपनाखेडा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के महरोनी क्षेत्र के ग्राम पडवां से किया गिरफ्तार । विवरण दिनांक 17.04.2026 को थाना दीपनाखेड़ा में अपह्रता की मां द्वारा रिपोर्ट किया की उसकी नाबालिक लडकी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर ले गया है, रिपोर्ट पर थाना दीपनाखेडा में अप.क्रं 48/26 धारा 137(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना दीपनाखेडा पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन, मोनिका तिवारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सोनू डाबर के मार्गदर्शन में आरोपी की पतारसी व अपह्रता की तलाशी के लिए पुलिस टीम द्वारा तत्परता दिखाते हुए तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों व मुखबिरी के आधार पर नाबालिक बालिका को दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया गया, आरोपी सन्तोष उर्फ नन्देश सहरिया पिता दरयाब सहरिया उम्र 20 साल निवासी ग्राम पडवां तहसील महरोनी जिला ललितपुर उ.प्र. को गिरफ्तार कर न्यायालय सिरोंज पेश किया गया । सराहनीय भूमिका: - इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक के .के. पवार , उपनिरी. लाल बहादुर सिंह ,प्र.आऱ. 501 सुल्तान पटेल , आर. 115 फीरोज खान , आऱ 773 अमित खैवरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1