रक्षाबंधन पर अनोखी पहल: पेड़ों को बांधी राखी, लिया प्रकृति की रक्षा का संकल्प बगहा में रक्षाबंधन के मौके पर दिखा प्रकृति के प्रति अनोखा प्रेम। आईपीएस विकास वैभव चौराहा पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनूठे ‘वृक्षबंधन’ पर्व का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरणप्रेमियों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण साधक गजेन्द्र यादव के नेतृत्व में किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यावरणप्रेमियों ने इसमें हिस्सा लिया और पेड़ों को राखी बांधकर यह संदेश दिया कि जिस तरह भाई-बहन एक-दूसरे की रक्षा का वचन देते हैं, उसी तरह हमें भी पेड़-पौधों, जंगलों और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गजेन्द्र यादव ने कहा कि सिर्फ पौधा लगाना ही पर्यावरण संरक्षण नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधे को वृक्ष बनाना और उसकी लगातार देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जन्मदिन, विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाएं। उन्होंने नेपाल में हालिया जलप्रलय का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं हमें प्रकृति के प्रति सजग होने का संदेश दे रही हैं। अगर पर्यावरण के साथ संतुलन नहीं बनाया गया, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। इसलिए आज जरूरत है कि हर व्यक्ति प्रकृति की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे। रक्षाबंधन के इस अनूठे आयोजन ने लोगों को यह संदेश दिया कि रिश्तों की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी जरूरी है। पेड़ों को बांधी गई राखी महज एक रस्म नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प बनी। कार्यक्रम में शंभूनाथ शुक्ल, रामसकल साह, कमलेश चतुर्वेदी, श्रवण राम, प्रेम बिहारी कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में पर्यावरणप्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
रक्षाबंधन पर अनोखी पहल: पेड़ों को बांधी राखी, लिया प्रकृति की रक्षा का संकल्प बगहा में रक्षाबंधन के मौके पर दिखा प्रकृति के प्रति अनोखा प्रेम। आईपीएस विकास वैभव चौराहा पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनूठे ‘वृक्षबंधन’ पर्व का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरणप्रेमियों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण साधक गजेन्द्र यादव के नेतृत्व में किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यावरणप्रेमियों ने इसमें हिस्सा लिया और पेड़ों को राखी बांधकर यह संदेश दिया कि जिस तरह भाई-बहन एक-दूसरे की रक्षा का वचन देते हैं, उसी तरह हमें भी पेड़-पौधों, जंगलों और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गजेन्द्र यादव ने कहा कि सिर्फ पौधा लगाना ही पर्यावरण संरक्षण नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधे को वृक्ष बनाना और उसकी लगातार देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जन्मदिन, विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाएं। उन्होंने नेपाल में हालिया जलप्रलय का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं हमें प्रकृति के प्रति सजग होने का संदेश दे रही हैं। अगर पर्यावरण के साथ संतुलन नहीं बनाया गया, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। इसलिए आज जरूरत है कि हर व्यक्ति प्रकृति की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे। रक्षाबंधन के इस अनूठे आयोजन ने लोगों को यह संदेश दिया कि रिश्तों की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी जरूरी है। पेड़ों को बांधी गई राखी महज एक रस्म नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प बनी। कार्यक्रम में शंभूनाथ शुक्ल, रामसकल साह, कमलेश चतुर्वेदी, श्रवण राम, प्रेम बिहारी कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में पर्यावरणप्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
- राखी के धागे में बंधा सुरक्षा का संकल्प, SSB जवानों ने मनाया रक्षाबंधन 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, नरकटियागंज के वाहिनी मुख्यालय परिसर में भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में रक्षाबंधन के रंग में पूरा परिसर सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्थान एवं सरस्वती विद्या मंदिर, नरकटियागंज से पहुंचीं बहनों और छात्राओं ने SSB के बलकर्मियों की कलाई पर रक्षा सूत्र और राखी बांधी। बहनों ने जवानों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, बलकर्मियों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके सम्मान और स्नेह का इजहार किया तथा जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। इस मौके पर कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित पारिवारिक पर्व नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत करने के साथ ही समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ रक्षाबंधन के स्वरूप में आधुनिकता जरूर आई है, लेकिन इस पर्व का मूल भाव, स्नेह और अपनापन आज भी पूरी तरह जीवंत और अक्षुण्ण है। रक्षाबंधन हम सभी को एक-दूसरे के सम्मान, सुरक्षा और स्नेह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। राखी बंधवाते समय जवानों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। बहनों और छात्राओं ने जवानों के प्रति सम्मान जताते हुए उनके कर्तव्य और समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम में उप कमांडेंट श्री ज्ञानेंद्र कुमार, उप कमांडेंट श्री सशिन शर्मा, निरीक्षक प्रताप सिंह नेगी, निरीक्षक पवन कुमार सिंह, ब्रह्माकुमारी संस्थान से अबिता बहन और पूजा बहन, शिक्षिका रजनी कुमारी सहित वाहिनी मुख्यालय में उपस्थित सभी बलकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।1
- रक्षा बंधन के पावन अवसर पर पश्चिम चम्पारण की जिविका दीदीओं ने राखी बांधी। 28 August. जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह और उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन को जिविका दीदीओं ने राखी बांधी। 28.08.2026.1
- गंडक नदी की स्थिति का मंत्री ने लिया जायजा, निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील बैरिया। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने शुक्रवार को बैरिया प्रखंड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर गंडक नदी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पूजहा एवं सिंगही गंडक नदी घाट तथा घोड़हिया गंडक ऑफिस के समीप पहुंचकर अधिकारियों से जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि फिलहाल गंडक नदी की स्थिति सामान्य है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नेपाल की त्रिशूली नदी में भूस्खलन के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासन और आपदा विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी या किसी भी तरह की आपात स्थिति की सूचना मिलने पर प्रशासन का सहयोग करें और सुरक्षित स्थानों पर जाने में देरी न करें। राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बाढ़ प्रबंधन के सवाल पर मंत्री ने कहा कि पूर्व में भेजे गए पत्र और संबंधित तिथियों के आधार पर मुख्यमंत्री से बातचीत कर पक्कीकरण की दिशा में पहल की जाएगी। मौके पर सूर्यपुर पंचायत के मुखिया इस्लाम गद्दी, पखनाहा-डुमरिया पंचायत के मुखिया हरिलाल राम, समाज सेवी रुपेष कुशवाहा, आनंद जायसवाल सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी व स्थानीय कर्मी मौजूद रहे।1
- पति की मौत के एक माह बाद सड़क हादसे में पत्नी की भी गई जान, चार बेटे-बेटी हुए अनाथ ।। मझौलिया। थाना क्षेत्र के सतभीड़वा दलित बस्ती वार्ड संख्या-14 में गुरुवार को सड़क हादसे में 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान स्व. बाला मांझी की पत्नी सियाती देवी के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। करीब एक माह पूर्व ही बीमारी के कारण उसके पति की मौत हुई थी। अब पत्नी की भी सड़क दुर्घटना में मौत होने से उसके चार बेटे और एक बेटी बेसहारा हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सियाती देवी गुरुवार को घर बनाने के लिए एस्बेस्टस खरीदने दुकान जा रही थीं। इसी दौरान नानोसती-मझौलिया मुख्य मार्ग पर दलित बस्ती के समीप तेज गति से आ रहे अनियंत्रित ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद चालक ऑटो लेकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में घायल महिला को मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसीएच, बेतिया रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फरार ऑटो और चालक की तलाश में जुटी है। पड़ोसी झापस मांझी ने बताया कि मृतका के चार बेटे धर्मेंद्र कुमार (18), मंदीप कुमार (13), मंजीत कुमार (10) और एक अन्य पुत्र तथा 15 वर्षीय बेटी धर्मशीला कुमारी हैं। पति की मौत के बाद अब मां के चले जाने से बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ऑटो और चालक की तलाश की जा रही है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- चैनल लेने के लिए संपर्क करें............................. motai channel1
- महावीरी झण्डा मे उमड़ जन सैलाब भगवान महावीर के जयघोष से वातावरण गुजमान नौतन प्रखंड क्षेत्र के मंगलपुर खेल मैदान पर शुक्रवार देर शाम तक ठोल नाकारा के साथ भक्ति भाव से झुमे श्रद्धालू1
- तमिलनाडु से घर लौट रहे युवक की ट्रेन से गिरकर मौत। ----घुघली व कप्तानगंज के बीच हुआ हादसा, इलाज के दौरान गोरखपुर में तोड़ा दम नौतन।तमिलनाडु से ट्रेन से अपने घर लौट रहे जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बरदाहा पंचायत के हरिनगर वार्ड नंबर-2 निवासी 25 वर्षीय रौशन कुमार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई।हादसा गुरुवार की सुबह करीब नौ से दस बजे के बीच घुघली और कप्तानगंज के बीच हुआ। गंभीर रूप से घायल रौशन को इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।मृतक के चाचा बृजकिशोर चौधरी ने बताया कि रौशन कुमार तमिलनाडु में रहकर मजदूरी करता था। वह रक्षाबंधन के अवसर पर ट्रेन से तमिलनाडु से अपने घर लौट रहा था।इसी दौरान घुघली और कप्तानगंज के बीच वह ट्रेन से गिर गया।घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर उसका मोबाइल गिरा मिला।मोबाइल पर आए फोन के माध्यम से किसी व्यक्ति ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे। गंभीर हालत में रौशन का इलाज गोरखपुर में कराया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे। जगदीशपुर थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर जीएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। *डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी शादी* परिजनों के अनुसार रौशन कुमार की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बिदाउती कुमारी से हुई थी। उसकी सात माह की एक बच्ची है। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए रौशन तमिलनाडु में मजदूरी करता था।मौत से पत्नी बिदाउती कुमारी समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिजनों ढांढस बंधाने में पंचायत के मुखिया राजहरण कुमार उपस्थित रहे।4
- हेलमेट नहीं तो राखी भी नहीं! महिला पुलिसकर्मियों ने बांधी राखी, दिलाया सड़क सुरक्षा का संकल्प रक्षाबंधन के मौके पर पश्चिम चम्पारण पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर अनोखा जागरूकता अभियान चलाया। स्टेशन चौक और बस स्टैंड, बेतिया के आसपास चले इस विशेष अभियान में पुलिस ने वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा का संकल्प दिलाया। अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक पश्चिम चम्पारण, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, पुलिस उपाधीक्षक यातायात और यातायात थाना अध्यक्ष की मौजूदगी में आम नागरिकों, वाहन चालकों और बस चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने और ओवरटेकिंग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की। साथ ही यातायात संकेतों और सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया। अभियान का सबसे खास और भावुक पहलू उस समय देखने को मिला, जब महिला पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों की कलाई पर राखी बांधी। राखी के साथ पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे सड़क पर खुद की ही नहीं, बल्कि दूसरे लोगों की जिंदगी की भी जिम्मेदारी समझें और सुरक्षित यातायात का संकल्प लें। महिला पुलिसकर्मियों ने संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा महज यातायात नियमों का पालन नहीं, बल्कि अनमोल जिंदगी की रक्षा करने का संकल्प है। पश्चिम चम्पारण पुलिस ने आमजनों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में पुलिस का सहयोग करें। रक्षाबंधन पर बंधी राखी ने दिया बड़ा संदेश—सड़क पर सावधानी बरतें, नियमों का पालन करें और जिंदगी को सुरक्षित रखें।1