बिलासपुर तहसील क्षेत्र के टेहरी ख़्वाजा गांव में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। लगभग 25 वर्षों से अत्यधिक खराब स्थिति में पड़ी गांव की मुख्य सड़क के निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गांवों को गड्ढामुक्त बनाने के दावे कर रही है, वहीं उनके गांव की मुख्य सड़क पिछले ढाई दशकों से बदहाल पड़ी है। यह सड़क गांव की आबादी को केमरी और रामपुर मुख्यालय से जोड़ती है। बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो जाता है। इसी मार्ग पर एक प्राथमिक विद्यालय भी है, जिससे स्कूली बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मुख्य सड़क के अलावा बस्ती के चार अन्य खड़ंजे (पक्के रास्ते) भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन सभी मार्गों के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, लेकिन इन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में हाजी मसरूफ अली, मरगूब अली, मतलूब अली, जाकिर अली, जमशेद अली, जावेद अली, बाबू, मोहम्मद नईम, इंतेजार अली, खुशनूद अली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बिलासपुर तहसील क्षेत्र के टेहरी ख़्वाजा गांव में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। लगभग 25 वर्षों से अत्यधिक खराब स्थिति में पड़ी गांव की मुख्य सड़क के निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गांवों को गड्ढामुक्त बनाने के दावे कर रही है, वहीं उनके गांव की मुख्य सड़क पिछले ढाई दशकों से बदहाल पड़ी है। यह सड़क गांव की आबादी को केमरी और रामपुर मुख्यालय से जोड़ती है। बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो जाता है। इसी मार्ग पर एक प्राथमिक विद्यालय भी है, जिससे स्कूली बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मुख्य सड़क के अलावा बस्ती के चार अन्य खड़ंजे (पक्के रास्ते) भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन सभी मार्गों के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, लेकिन इन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में हाजी मसरूफ अली, मरगूब अली, मतलूब अली, जाकिर अली, जमशेद अली, जावेद अली, बाबू, मोहम्मद नईम, इंतेजार अली, खुशनूद अली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- बिलासपुर तहसील क्षेत्र के टेहरी ख़्वाजा गांव में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। लगभग 25 वर्षों से अत्यधिक खराब स्थिति में पड़ी गांव की मुख्य सड़क के निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गांवों को गड्ढामुक्त बनाने के दावे कर रही है, वहीं उनके गांव की मुख्य सड़क पिछले ढाई दशकों से बदहाल पड़ी है। यह सड़क गांव की आबादी को केमरी और रामपुर मुख्यालय से जोड़ती है। बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो जाता है। इसी मार्ग पर एक प्राथमिक विद्यालय भी है, जिससे स्कूली बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मुख्य सड़क के अलावा बस्ती के चार अन्य खड़ंजे (पक्के रास्ते) भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन सभी मार्गों के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, लेकिन इन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में हाजी मसरूफ अली, मरगूब अली, मतलूब अली, जाकिर अली, जमशेद अली, जावेद अली, बाबू, मोहम्मद नईम, इंतेजार अली, खुशनूद अली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नगरीय कला शेरगढ़ में प्रकाश की स्थिति पर बात की गई है। इस पोस्ट में नगरीय कला शेरगढ़ में प्रकाश की मात्रा को बहुत अधिक बताया गया है।1
- उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ ने रामपुर नगर पालिका परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए अधिशासी अधिकारी को एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष अनिल राज के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को उजागर किया। ज्ञापन में कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, बकाया एरियर का भुगतान, कार्यालय की उचित व्यवस्था, और अन्य समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- वाल्मीकि बस्ती में एक ई-रिक्शा चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जिससे पूरे मामले में संशय की स्थिति बन गई है।1
- पश्चिम बंगाल के बारूईपुर में एक फुटबॉल मैच के दौरान हुए विवाद ने एक 16 साल के किशोर की जान ले ली। आरोप है कि उस किशोर पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया, जिसके चलते अस्पताल के बाहर लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की जा रही है।1
- बरेली जनपद में पुलिस ने गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बड़े गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जनपद पुलिस ने गौकशी, ड्रग्स के अवैध कारोबार और लूटपाट जैसे अपराधों में शामिल तीन बड़े गिरोहों पर शिकंजा कसा है, जिसके बाद इन सभी को जनपद स्तरीय माफिया घोषित कर दिया गया है। इस घोषणा के बाद, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन घोषित माफियाओं पर आगे किस तरह की कार्रवाई की जाती है और इनकी पहचान से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारी कब सार्वजनिक की जाती है।1
- थाना मिलक पुलिस ने साइबर सेल टीम के सहयोग से साइबर ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।1
- रामपुर की मिलक थाना पुलिस और साइबर सेल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक, एक चेकबुक, एक वीआई कंपनी का सिम कार्ड तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने प्रेसवार्ता कर बताया कि यह कार्रवाई साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत ग्राम खुटिया के पास की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास गंगवार पुत्र राजाराम, निवासी ग्राम गुलड़िया, थाना शीशगढ़, जनपद बरेली, तथा राजीव पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम बीसलपुर, थाना शीशगढ़, जनपद बरेली के रूप में हुई है।1