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छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।

18 hrs ago
user_Jagdish Chandra Sharma
Jagdish Chandra Sharma
Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
18 hrs ago

छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।

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  • छीपाबड़ौद के स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम का आयोजन किया गया।
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    छीपाबड़ौद के स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम का आयोजन किया गया।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।
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    छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।

नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें।

एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    7 hrs ago
  • अटरू कस्बे में ऐतिहासिक गढ़गच मंदिर तक जाने वाली सीसी सड़क की खराब स्थिति के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पुरातत्वविद एवं इतिहासकार राकेश शर्मा, किसान संघ के परमेश्वर शर्मा, पूर्व उप सरपंच चंपालाल नागर और काका शोभाराम नागर ने इस संबंध में चिंता व्यक्त की है। इन प्रमुख हस्तियों ने बताया कि गढ़गच मंदिर अटरू की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, लेकिन इस मंदिर तक पहुँचने वाली सड़क की ओर प्रशासन बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। सड़क पर जगह-जगह टूट-फूट होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान कई बार आकर्षित किया गया है, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विशेषकर बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि गढ़गच मंदिर मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र की इस ऐतिहासिक धरोहर तक पहुँच आसान हो सके।
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    अटरू कस्बे में ऐतिहासिक गढ़गच मंदिर तक जाने वाली सीसी सड़क की खराब स्थिति के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पुरातत्वविद एवं इतिहासकार राकेश शर्मा, किसान संघ के परमेश्वर शर्मा, पूर्व उप सरपंच चंपालाल नागर और काका शोभाराम नागर ने इस संबंध में चिंता व्यक्त की है।

इन प्रमुख हस्तियों ने बताया कि गढ़गच मंदिर अटरू की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, लेकिन इस मंदिर तक पहुँचने वाली सड़क की ओर प्रशासन बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। सड़क पर जगह-जगह टूट-फूट होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान कई बार आकर्षित किया गया है, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विशेषकर बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि गढ़गच मंदिर मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र की इस ऐतिहासिक धरोहर तक पहुँच आसान हो सके।
    user_विरेन्द्र कुमार शर्मा
    विरेन्द्र कुमार शर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में पनवाड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, एक कपड़े की दुकान में लूट का प्रयास करने वाली चार महिला आरोपियों को मौके से धरदबोचा है। इस 'मिर्ची-ब्लेड गैंग' द्वारा पनवाड़ में व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा था, जिसका पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह गैंग विरोध करने पर व्यापारियों की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर और ब्लेड से हमला कर लूटपाट करती थी। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए ब्लेड के टुकड़े और लाल मिर्ची पाउडर भी बरामद किया है। गिरफ्तार की गई महिला आरोपियों की पहचान हेमलता, रंगीली, भूली बाई और कोशना (जो जिला बारां की निवासी है) के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार महिला गैंग राजस्थान के अन्य स्थानों पर भी नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे चुकी है। पनवाड़ थाना पुलिस की इस कार्रवाई को लूट की योजना बना रही महिला गैंग को दबोचने में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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    पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में पनवाड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, एक कपड़े की दुकान में लूट का प्रयास करने वाली चार महिला आरोपियों को मौके से धरदबोचा है। इस 'मिर्ची-ब्लेड गैंग' द्वारा पनवाड़ में व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा था, जिसका पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस के अनुसार, यह गैंग विरोध करने पर व्यापारियों की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर और ब्लेड से हमला कर लूटपाट करती थी। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए ब्लेड के टुकड़े और लाल मिर्ची पाउडर भी बरामद किया है। गिरफ्तार की गई महिला आरोपियों की पहचान हेमलता, रंगीली, भूली बाई और कोशना (जो जिला बारां की निवासी है) के रूप में हुई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार महिला गैंग राजस्थान के अन्य स्थानों पर भी नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे चुकी है। पनवाड़ थाना पुलिस की इस कार्रवाई को लूट की योजना बना रही महिला गैंग को दबोचने में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
    user_Ram raj Nagar
    Ram raj Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सोमवार को झालावाड़ शहर में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ सुबह से ही तीखी धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा था। दोपहर करीब 3 बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिसके बाद हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर नालियों का पानी बह निकला। दरअसल, शनिवार को हुई बारिश के बाद से ही शहर में लगातार उमस बनी हुई थी। सोमवार सुबह तेज धूप के कारण तापमान और उमस दोनों बढ़ गए थे, जिससे लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। दोपहर बाद मौसम में अचानक आए इस बदलाव और तेज बारिश ने दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को बीच रास्ते में ही दुकानों, छज्जों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने पर मजबूर कर दिया। कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण यातायात भी कुछ समय के लिए धीमा पड़ गया। इस बारिश से किसानों और आमजन के चेहरों पर खुशी लौट आई, और सुहावने मौसम से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस थोड़ी देर की बारिश ने शहर में जल निकासी की व्यवस्था की पोल भी खोल दी, क्योंकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी।
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    सोमवार को झालावाड़ शहर में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ सुबह से ही तीखी धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा था। दोपहर करीब 3 बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिसके बाद हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर नालियों का पानी बह निकला।

दरअसल, शनिवार को हुई बारिश के बाद से ही शहर में लगातार उमस बनी हुई थी। सोमवार सुबह तेज धूप के कारण तापमान और उमस दोनों बढ़ गए थे, जिससे लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। दोपहर बाद मौसम में अचानक आए इस बदलाव और तेज बारिश ने दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को बीच रास्ते में ही दुकानों, छज्जों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने पर मजबूर कर दिया। कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण यातायात भी कुछ समय के लिए धीमा पड़ गया। इस बारिश से किसानों और आमजन के चेहरों पर खुशी लौट आई, और सुहावने मौसम से लोगों ने राहत की सांस ली।

हालांकि, इस थोड़ी देर की बारिश ने शहर में जल निकासी की व्यवस्था की पोल भी खोल दी, क्योंकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी।
    user_Ravindra Singh
    Ravindra Singh
    पत्रकार झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • छिपाबड़ौद स्टेडियम में नए सीखने वाले साधकों ने भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया। यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे उत्तम प्राणायामों में से एक माना जाता है।
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    छिपाबड़ौद स्टेडियम में नए सीखने वाले साधकों ने भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया। यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे उत्तम प्राणायामों में से एक माना जाता है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • पनवाड़ क्षेत्र के चलेट गांव में सोमवार रात करीब 9 बजे एक बड़ा हादसा हो गया, जब आकाशीय बिजली सीधे एक ट्रांसफार्मर पर गिरी। इस कारण 11 केवी लाइन का करंट नीचे उतर आया, जिसकी चपेट में आकर कुल 16 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में पशुपालक गिरिराज गुर्जर पुत्र रामकल्याण गुर्जर को भारी नुकसान हुआ है। करंट लगने से उनकी 6 गर्भवती भैंस, एक मुर्रा नस्ल का पाडा, लगभग एक वर्ष की एक पाडी भैंस, एक दो वर्ष का बछड़ा और 6 सांडों की मौत हो गई। वहीं, दूसरे पशुपालक रामहेतार पुत्र घनश्याम भील की भी एक दुधारू गाय ने इसी करंट की चपेट में आने से दम तोड़ दिया। इस हादसे ने गरीब पशुपालकों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
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    पनवाड़ क्षेत्र के चलेट गांव में सोमवार रात करीब 9 बजे एक बड़ा हादसा हो गया, जब आकाशीय बिजली सीधे एक ट्रांसफार्मर पर गिरी। इस कारण 11 केवी लाइन का करंट नीचे उतर आया, जिसकी चपेट में आकर कुल 16 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई।

इस घटना में पशुपालक गिरिराज गुर्जर पुत्र रामकल्याण गुर्जर को भारी नुकसान हुआ है। करंट लगने से उनकी 6 गर्भवती भैंस, एक मुर्रा नस्ल का पाडा, लगभग एक वर्ष की एक पाडी भैंस, एक दो वर्ष का बछड़ा और 6 सांडों की मौत हो गई। वहीं, दूसरे पशुपालक रामहेतार पुत्र घनश्याम भील की भी एक दुधारू गाय ने इसी करंट की चपेट में आने से दम तोड़ दिया।

इस हादसे ने गरीब पशुपालकों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    3 hrs ago
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