छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।
छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि
केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी
सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।
- छिपाबड़ौद स्टेडियम में नए सीखने वाले साधकों ने भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया। यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे उत्तम प्राणायामों में से एक माना जाता है।2
- सोमवार शाम अटरू क्षेत्र के मोठपुर इलाके में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी दौरान हाथी-दिलोद मार्ग पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा बबूल का पेड़ जड़ सहित उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी दिलोद निवासी दीपक पारेता और सोनू मीणा ने बताया कि अचानक आई तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है। पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर, स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ को हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। क्षेत्र के अन्य स्थानों से भी तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुचारु करवाने और बारिश के मौसम में ऐसी संभावित खतरों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है।1
- पनवाड़ कस्बे सहित आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी असहनीय और भीषण उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आमजन को सोमवार शाम आखिरकार बड़ी राहत मिली। दिनभर लोग तीखी धूप और भारी उमस से बेहाल रहे, लेकिन शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक लगातार हुई इस झमाझम बारिश ने पूरे कस्बे को सराबोर कर दिया, जिससे मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया। बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई दिनों से परेशान करने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, ऐसे में इस बारिश ने उनके लिए संजीवनी का काम किया। बारिश शुरू होते ही बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने इस सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया।1
- रायपुर में भारतीय किसान संघ की तहसील बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ संभागीय संरक्षक सीताराम ने आगामी योजनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। बैठक में नागर ने बताया कि 1 जनवरी को प्रत्येक गाँव में एक दिवसीय सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, और उन्होंने किसानों से प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने के लिए पौधारोपण का भी अनुरोध किया। तहसील मंत्री लोकेश देदीया ने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने माँग की कि जंगली जानवरों को खेतों से दूर जंगलों में छोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, देदीया ने बारिश के दौरान किसानों को खेतों तक जाने वाले रास्तों पर होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए इन रास्तों पर ग्रेवल डलवाने की भी मांग की। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी शर्मा, पुरुषोत्तम त्रिगुणायत, जगदीश शर्मा, जिला विधि प्रमुख मनीष श्रृंगी, नंद लाल चौधरी, रामप्रसाद नागर, किसन गोपाल सहित कई किसान उपस्थित रहे।2
- ग्राम पंचायत संदोकड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम गंगापुर, टांडा काछियान, टपरिया और हरीनगर के ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए छैड़िया तालाब के निर्माण की पुरज़ोर मांग उठाई है। यह जानकारी मंगलवार सुबह 11 बजे मिली। ग्रामीणों का कहना है कि इन चारों गांवों के आसपास कोई नदी या स्थायी जल स्रोत मौजूद नहीं है, जिसके कारण उन्हें हर साल पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित रूप से छैड़िया तालाब का निर्माण करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि तालाब बनने से वर्षा जल का प्रभावी ढंग से संग्रहण हो पाएगा और क्षेत्र को लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट से राहत मिलेगी।1
- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- शाहबाद उपखंड के विभिन्न जीएसएस पर कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह 11 बजे एईएन शाहाबाद को एक ज्ञापन सौंपकर अपने मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की है। इन कर्मचारियों ने वर्तमान में मिल रहे 5 हजार रुपये के मासिक मानदेय को बढ़ाकर 12,500 रुपये प्रतिमाह करने की अपील की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि ये कर्मचारी उपखंड के 10 जीएसएस पर वर्षों से 24 घंटे की शिफ्ट में विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों ने अपनी मांग का आधार बताते हुए कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में वर्तमान वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना, बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना और चिकित्सा संबंधी व्यय वहन करना अत्यंत कठिन हो गया है। ज्ञापन सौंपने वाले ठेका कर्मचारियों में लोकेश माली सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।1
- झालावाड़ जिले के डग थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 48 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई एक कार को भी जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई झालावाड़ पुलिस द्वारा जिले भर में मादक पदार्थ तस्करों और नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियान का हिस्सा है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डग थाना पुलिस देर शाम रतनपुरा रोड चौकड़ी खुर्द पुलिया के समीप रात्रि गश्त कर रही थी। उसी दौरान सामने से आ रही एक कार पुलिस जीप को देखकर अचानक वापस पलटने लगी। कार चालक नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क किनारे एक खाई में जा लटकी। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया। कार की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की से तीन प्लास्टिक के कट्टों में छिपाकर रखा गया 48 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने आरोपी दिनेश बिश्नोई, जो जिला फलोदी का निवासी है, और देवेंद्र सिंह, जो बड़ोद, मध्य प्रदेश का निवासी है, को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त किया गया। थाना अधिकारी भंवर सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल चैट से खरीदने के साक्ष्य भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह मादक पदार्थ झालरा का खेड़ा निवासी दिलीप सिंह परिहार से खरीदा था। इस जानकारी के आधार पर, डग थाना पुलिस ने दिलीप सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।4