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पनवाड़ कस्बे सहित आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी असहनीय और भीषण उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आमजन को सोमवार शाम आखिरकार बड़ी राहत मिली। दिनभर लोग तीखी धूप और भारी उमस से बेहाल रहे, लेकिन शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक लगातार हुई इस झमाझम बारिश ने पूरे कस्बे को सराबोर कर दिया, जिससे मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया। बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई दिनों से परेशान करने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, ऐसे में इस बारिश ने उनके लिए संजीवनी का काम किया। बारिश शुरू होते ही बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने इस सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया।
Pradeep Nagar
पनवाड़ कस्बे सहित आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी असहनीय और भीषण उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आमजन को सोमवार शाम आखिरकार बड़ी राहत मिली। दिनभर लोग तीखी धूप और भारी उमस से बेहाल रहे, लेकिन शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक लगातार हुई इस झमाझम बारिश ने पूरे कस्बे को सराबोर कर दिया, जिससे मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया। बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई दिनों से परेशान करने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, ऐसे में इस बारिश ने उनके लिए संजीवनी का काम किया। बारिश शुरू होते ही बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने इस सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया।
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- छिपाबड़ौद स्टेडियम में नए सीखने वाले साधकों ने भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया। यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे उत्तम प्राणायामों में से एक माना जाता है।2
- सोमवार शाम अटरू क्षेत्र के मोठपुर इलाके में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी दौरान हाथी-दिलोद मार्ग पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा बबूल का पेड़ जड़ सहित उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी दिलोद निवासी दीपक पारेता और सोनू मीणा ने बताया कि अचानक आई तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है। पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर, स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ को हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। क्षेत्र के अन्य स्थानों से भी तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुचारु करवाने और बारिश के मौसम में ऐसी संभावित खतरों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है।1
- रामगंजमंडी में सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के 14 गौरक्षकों की रिहाई की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने हाथों में मांग से संबंधित तख्तियां और बैनर लेकर अपनी आवाज बुलंद की और गौरक्षकों को सुनाए गए आजीवन कारावास के फैसले पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। रैली के बाद प्रदर्शनकारी उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी चारु शंकर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से समाज में गहरी चिंता और गुस्सा है। ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट रूप से यह मांग की गई है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए, साथ ही कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करते हुए इन गौरक्षकों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सर्व हिन्दू समाज के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।3
- कोटा जिले के मोड़क क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे पीपल्दा, गणेशपुरा, सहरावदा, ढाबादेह, धायपुरा सहित कई स्थानों पर मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में काले बादल छा गए और गरजने लगे, जिसके कुछ ही देर बाद तेज़ रफ़्तार हवाओं के साथ ज़ोरदार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। यह बारिश लगभग 1.30 घंटे से भी अधिक समय तक लगातार जारी रही, जिसमें आकाशीय बिजली चमकने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ कभी तेज़ तो कभी रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं। विशेष रूप से पीपल्दा में तेज़ रफ़्तार आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई। इस बारिश से उमसभरी गर्मी से आमजन के साथ-साथ वन्य जीवों और पशु-पक्षियों को भी बड़ी राहत मिली। हालांकि, सड़कों और नालियों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई, खेत-खलिहान जलमग्न हो गए और सड़कें दरिया जैसी दिखने लगीं। नदी-नालों में भी पानी की आवक शुरू हो गई। किसानों को इस बारिश से बुवाई में फायदा होने की उम्मीद है, वहीं दिन में ही घना कोहरा छा गया।4
- कोटा जिले की रामगंजमंडी में सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के 14 गौरक्षकों की रिहाई की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने हाथों में मांग से संबंधित तख्तियां और बैनर लेकर अपनी आवाज बुलंद की। रैली के बाद प्रदर्शनकारी उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी चारु शंकर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से समाज में गहरी चिंता और आक्रोश है। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए, कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करते हुए इन गौरक्षकों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सर्व हिन्दू समाज के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- झालावाड़ जिले की डग थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 48 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई एक कार को भी जब्त कर लिया। यह कार्रवाई झालावाड़ पुलिस द्वारा पूरे जिले में मादक पदार्थ तस्करों और नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, डग थाना पुलिस देर शाम रतनपुरा रोड चौकड़ी खुर्द पुलिया के पास रात्रि गश्त पर थी। तभी सामने से आ रही एक कार पुलिस जीप को देखकर अचानक वापस पलटने लगी, जिससे कार चालक अपना नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क किनारे एक खाई में जा गिरी। पुलिस टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए कार में सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। कार की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की से तीन प्लास्टिक के कट्टों में छिपाकर रखा गया 48 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया। पुलिस ने इस मामले में जिला फलोदी निवासी आरोपी दिनेश बिश्नोई और बड़ोद, मध्य प्रदेश निवासी देवेंद्र सिंह को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया गया। थाना अधिकारी भंवर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मोबाइल चैट से मादक पदार्थ खरीदने के पुख्ता साक्ष्य भी मिले हैं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने यह मादक पदार्थ झालरा का खेड़ा निवासी दिलीप सिंह परिहार से खरीदा था। इस अहम जानकारी के आधार पर, डग थाना पुलिस ने दिलीप सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।2
- छीपाबड़ौद, बारां की मानपुरा ग्राम पंचायत के अमृतखेड़ी गांव में जल निकासी और पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, बारां के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में इन ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। गांव की बैरवा बस्ती में हालात बदतर हो गए हैं, जहाँ जल निकासी के लिए बनी अस्थाई कच्ची नाली को कुछ ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप बारिश का पानी बस्ती में भर रहा है और अनुसूचित जाति के कई घरों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर बस्ती के लोगों को दबंगों द्वारा धमकाया जा रहा है, जिसकी दहशत के चलते गरीब परिवार खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। छीपाबड़ौद से लगभग 40 किमी दूर स्थित अमृतखेड़ी गांव आज भी सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बैरवा बस्ती में पीने के पानी की स्थिति और भी खराब है, जहाँ पूरी बस्ती में एक भी हैंडपंप नहीं है, जिसके कारण महिलाएं और बच्चे दूर स्थित कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। बस्ती का रास्ता भी कच्चा और कीचड़ से भरा है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा ने इसे स्वतंत्र भारत में मौलिक अधिकारों का हनन बताया है, क्योंकि दबंगों के डर से लोग अपना हक भी नहीं मांग पा रहे। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बस्ती से पानी की उचित निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण करने, कीचड़युक्त कच्चे रास्ते को पक्का करने, बस्ती में कम से कम दो हैंडपंप तत्काल लगाने और प्रशासन द्वारा दबंगों पर कार्रवाई कर गरीब परिवारों को सुरक्षा देने की प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला सचिव श्री लाल भील, राधाकृष्ण सुमन, रामदयाल, रामप्रसाद, रामचरण, कल्याण सहित सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में जल निकासी, पेयजल और सुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने ग्रामीणों को 24 घंटे में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।4