सोमवार शाम अटरू क्षेत्र के मोठपुर इलाके में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी दौरान हाथी-दिलोद मार्ग पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा बबूल का पेड़ जड़ सहित उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी दिलोद निवासी दीपक पारेता और सोनू मीणा ने बताया कि अचानक आई तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है। पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर, स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ को हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। क्षेत्र के अन्य स्थानों से भी तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुचारु करवाने और बारिश के मौसम में ऐसी संभावित खतरों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है।
सोमवार शाम अटरू क्षेत्र के मोठपुर इलाके में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी दौरान हाथी-दिलोद मार्ग पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा बबूल का पेड़ जड़ सहित उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी दिलोद निवासी दीपक पारेता और सोनू मीणा ने बताया कि अचानक आई तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है। पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर, स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ को हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। क्षेत्र के अन्य स्थानों से भी तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुचारु करवाने और बारिश के मौसम में ऐसी संभावित खतरों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है।
- छिपाबड़ौद स्टेडियम में नए सीखने वाले साधकों ने भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया। यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे उत्तम प्राणायामों में से एक माना जाता है।2
- छीपाबड़ौद, बारां की मानपुरा ग्राम पंचायत के अमृतखेड़ी गांव में जल निकासी और पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, बारां के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में इन ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। गांव की बैरवा बस्ती में हालात बदतर हो गए हैं, जहाँ जल निकासी के लिए बनी अस्थाई कच्ची नाली को कुछ ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप बारिश का पानी बस्ती में भर रहा है और अनुसूचित जाति के कई घरों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर बस्ती के लोगों को दबंगों द्वारा धमकाया जा रहा है, जिसकी दहशत के चलते गरीब परिवार खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। छीपाबड़ौद से लगभग 40 किमी दूर स्थित अमृतखेड़ी गांव आज भी सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बैरवा बस्ती में पीने के पानी की स्थिति और भी खराब है, जहाँ पूरी बस्ती में एक भी हैंडपंप नहीं है, जिसके कारण महिलाएं और बच्चे दूर स्थित कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। बस्ती का रास्ता भी कच्चा और कीचड़ से भरा है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा ने इसे स्वतंत्र भारत में मौलिक अधिकारों का हनन बताया है, क्योंकि दबंगों के डर से लोग अपना हक भी नहीं मांग पा रहे। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बस्ती से पानी की उचित निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण करने, कीचड़युक्त कच्चे रास्ते को पक्का करने, बस्ती में कम से कम दो हैंडपंप तत्काल लगाने और प्रशासन द्वारा दबंगों पर कार्रवाई कर गरीब परिवारों को सुरक्षा देने की प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला सचिव श्री लाल भील, राधाकृष्ण सुमन, रामदयाल, रामप्रसाद, रामचरण, कल्याण सहित सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में जल निकासी, पेयजल और सुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने ग्रामीणों को 24 घंटे में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।4
- पनवाड़ कस्बे सहित आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी असहनीय और भीषण उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आमजन को सोमवार शाम आखिरकार बड़ी राहत मिली। दिनभर लोग तीखी धूप और भारी उमस से बेहाल रहे, लेकिन शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक लगातार हुई इस झमाझम बारिश ने पूरे कस्बे को सराबोर कर दिया, जिससे मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया। बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई दिनों से परेशान करने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, ऐसे में इस बारिश ने उनके लिए संजीवनी का काम किया। बारिश शुरू होते ही बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने इस सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया।1
- शाहबाद उपखंड के विभिन्न जीएसएस पर कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह 11 बजे एईएन शाहाबाद को एक ज्ञापन सौंपकर अपने मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की है। इन कर्मचारियों ने वर्तमान में मिल रहे 5 हजार रुपये के मासिक मानदेय को बढ़ाकर 12,500 रुपये प्रतिमाह करने की अपील की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि ये कर्मचारी उपखंड के 10 जीएसएस पर वर्षों से 24 घंटे की शिफ्ट में विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों ने अपनी मांग का आधार बताते हुए कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में वर्तमान वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना, बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना और चिकित्सा संबंधी व्यय वहन करना अत्यंत कठिन हो गया है। ज्ञापन सौंपने वाले ठेका कर्मचारियों में लोकेश माली सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।1
- सोमवार को झालावाड़ शहर में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ सुबह से ही तीखी धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा था। दोपहर करीब 3 बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिसके बाद हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर नालियों का पानी बह निकला। दरअसल, शनिवार को हुई बारिश के बाद से ही शहर में लगातार उमस बनी हुई थी। सोमवार सुबह तेज धूप के कारण तापमान और उमस दोनों बढ़ गए थे, जिससे लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। दोपहर बाद मौसम में अचानक आए इस बदलाव और तेज बारिश ने दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को बीच रास्ते में ही दुकानों, छज्जों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने पर मजबूर कर दिया। कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण यातायात भी कुछ समय के लिए धीमा पड़ गया। इस बारिश से किसानों और आमजन के चेहरों पर खुशी लौट आई, और सुहावने मौसम से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस थोड़ी देर की बारिश ने शहर में जल निकासी की व्यवस्था की पोल भी खोल दी, क्योंकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी।2
- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- केलवाड़ा थाना क्षेत्र के गदरेटा गांव स्थित राजकीय विद्यालय के खेल प्रांगण पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए रविवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, जिसकी जानकारी सोमवार शाम 5 बजे मिली। बताया गया है कि विद्यालय के खेल मैदान की इस सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा लंबे समय से कब्जा कर रखा गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।1
- रायपुर में भारतीय किसान संघ की तहसील बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ संभागीय संरक्षक सीताराम ने आगामी योजनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। बैठक में नागर ने बताया कि 1 जनवरी को प्रत्येक गाँव में एक दिवसीय सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, और उन्होंने किसानों से प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने के लिए पौधारोपण का भी अनुरोध किया। तहसील मंत्री लोकेश देदीया ने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने माँग की कि जंगली जानवरों को खेतों से दूर जंगलों में छोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, देदीया ने बारिश के दौरान किसानों को खेतों तक जाने वाले रास्तों पर होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए इन रास्तों पर ग्रेवल डलवाने की भी मांग की। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी शर्मा, पुरुषोत्तम त्रिगुणायत, जगदीश शर्मा, जिला विधि प्रमुख मनीष श्रृंगी, नंद लाल चौधरी, रामप्रसाद नागर, किसन गोपाल सहित कई किसान उपस्थित रहे।2
- झालावाड़ जिले के डग थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 48 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई एक कार को भी जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई झालावाड़ पुलिस द्वारा जिले भर में मादक पदार्थ तस्करों और नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियान का हिस्सा है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डग थाना पुलिस देर शाम रतनपुरा रोड चौकड़ी खुर्द पुलिया के समीप रात्रि गश्त कर रही थी। उसी दौरान सामने से आ रही एक कार पुलिस जीप को देखकर अचानक वापस पलटने लगी। कार चालक नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क किनारे एक खाई में जा लटकी। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया। कार की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की से तीन प्लास्टिक के कट्टों में छिपाकर रखा गया 48 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने आरोपी दिनेश बिश्नोई, जो जिला फलोदी का निवासी है, और देवेंद्र सिंह, जो बड़ोद, मध्य प्रदेश का निवासी है, को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त किया गया। थाना अधिकारी भंवर सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल चैट से खरीदने के साक्ष्य भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह मादक पदार्थ झालरा का खेड़ा निवासी दिलीप सिंह परिहार से खरीदा था। इस जानकारी के आधार पर, डग थाना पुलिस ने दिलीप सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।4