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छीपाबड़ौद के स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम का आयोजन किया गया।
Jagdish Chandra Sharma
छीपाबड़ौद के स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम का आयोजन किया गया।
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- छीपाबड़ौद, बारां की मानपुरा ग्राम पंचायत के अमृतखेड़ी गांव में जल निकासी और पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, बारां के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में इन ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। गांव की बैरवा बस्ती में हालात बदतर हो गए हैं, जहाँ जल निकासी के लिए बनी अस्थाई कच्ची नाली को कुछ ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप बारिश का पानी बस्ती में भर रहा है और अनुसूचित जाति के कई घरों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर बस्ती के लोगों को दबंगों द्वारा धमकाया जा रहा है, जिसकी दहशत के चलते गरीब परिवार खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। छीपाबड़ौद से लगभग 40 किमी दूर स्थित अमृतखेड़ी गांव आज भी सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बैरवा बस्ती में पीने के पानी की स्थिति और भी खराब है, जहाँ पूरी बस्ती में एक भी हैंडपंप नहीं है, जिसके कारण महिलाएं और बच्चे दूर स्थित कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। बस्ती का रास्ता भी कच्चा और कीचड़ से भरा है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा ने इसे स्वतंत्र भारत में मौलिक अधिकारों का हनन बताया है, क्योंकि दबंगों के डर से लोग अपना हक भी नहीं मांग पा रहे। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बस्ती से पानी की उचित निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण करने, कीचड़युक्त कच्चे रास्ते को पक्का करने, बस्ती में कम से कम दो हैंडपंप तत्काल लगाने और प्रशासन द्वारा दबंगों पर कार्रवाई कर गरीब परिवारों को सुरक्षा देने की प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला सचिव श्री लाल भील, राधाकृष्ण सुमन, रामदयाल, रामप्रसाद, रामचरण, कल्याण सहित सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में जल निकासी, पेयजल और सुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने ग्रामीणों को 24 घंटे में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।4
- सोमवार शाम अटरू क्षेत्र के मोठपुर इलाके में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी दौरान हाथी-दिलोद मार्ग पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा बबूल का पेड़ जड़ सहित उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी दिलोद निवासी दीपक पारेता और सोनू मीणा ने बताया कि अचानक आई तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है। पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर, स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ को हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। क्षेत्र के अन्य स्थानों से भी तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुचारु करवाने और बारिश के मौसम में ऐसी संभावित खतरों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है।1
- पनवाड़ कस्बे सहित आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी असहनीय और भीषण उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आमजन को सोमवार शाम आखिरकार बड़ी राहत मिली। दिनभर लोग तीखी धूप और भारी उमस से बेहाल रहे, लेकिन शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक लगातार हुई इस झमाझम बारिश ने पूरे कस्बे को सराबोर कर दिया, जिससे मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया। बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई दिनों से परेशान करने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, ऐसे में इस बारिश ने उनके लिए संजीवनी का काम किया। बारिश शुरू होते ही बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने इस सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया।1
- रायपुर में भारतीय किसान संघ की तहसील बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ संभागीय संरक्षक सीताराम ने आगामी योजनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। बैठक में नागर ने बताया कि 1 जनवरी को प्रत्येक गाँव में एक दिवसीय सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, और उन्होंने किसानों से प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने के लिए पौधारोपण का भी अनुरोध किया। तहसील मंत्री लोकेश देदीया ने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने माँग की कि जंगली जानवरों को खेतों से दूर जंगलों में छोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, देदीया ने बारिश के दौरान किसानों को खेतों तक जाने वाले रास्तों पर होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए इन रास्तों पर ग्रेवल डलवाने की भी मांग की। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी शर्मा, पुरुषोत्तम त्रिगुणायत, जगदीश शर्मा, जिला विधि प्रमुख मनीष श्रृंगी, नंद लाल चौधरी, रामप्रसाद नागर, किसन गोपाल सहित कई किसान उपस्थित रहे।2
- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- रामगंजमंडी में सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के 14 गौरक्षकों की रिहाई की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने हाथों में मांग से संबंधित तख्तियां और बैनर लेकर अपनी आवाज बुलंद की और गौरक्षकों को सुनाए गए आजीवन कारावास के फैसले पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। रैली के बाद प्रदर्शनकारी उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी चारु शंकर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने से समाज में गहरी चिंता और गुस्सा है। ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट रूप से यह मांग की गई है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए, साथ ही कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करते हुए इन गौरक्षकों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सर्व हिन्दू समाज के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- जीरापुर सिविल अस्पताल में एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की गंभीर कमी के कारण मरीज काफी परेशान हैं। इस कमी के चलते कई मरीजों को समय पर इलाज के लिए करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित जिला अस्पताल तक जाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, उन्हें ऊपरी स्तर से वैक्सीन की आपूर्ति कम मिल रही है, जिसके कारण अस्पताल में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है। चूंकि एंटी-रेबीज़ वैक्सीन का समय पर लगना बेहद ज़रूरी होता है, इसलिए स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को सही समय पर उपचार मिल सके। मालवा संदेश न्यूज़ ने भी स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का शीघ्र समाधान कर आम जनता को राहत पहुँचाने का आग्रह किया है।1
- फतेहगढ़ की सब्जी मंडी में सोमवार शाम तेज आंधी-तूफान और बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मंडी परिसर में खड़ा वर्षों पुराना एक विशाल पेड़ अचानक नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में 2 से 3 सब्जी की दुकानें आ गईं। इस घटना से दुकानों में रखी सब्जियां और अन्य सामान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दुकानदार और ग्राहक समय रहते वहां से हट गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। इस आपदा ने कई जिंदगियों को बाल-बाल बचा लिया। स्थानीय लोगों ने इस भारी नुकसान के मद्देनजर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित दुकानदारों को मुआवजा देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुराने तथा जर्जर पेड़ों की समय-समय पर जांच व छंटाई सुनिश्चित कराना शामिल है।3