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लखनऊ से एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जिसमें शहर के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबर मिली है।
Vinay kumar giri
लखनऊ से एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जिसमें शहर के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबर मिली है।
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- मोहर्रम की छठवीं तारीख पर गोरखपुर के रसूलपुर चौक पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मोतवल्ली एक्शन कमेटी ने अनेक अखाड़ों के उस्तादों का पूरे सम्मान के साथ इस्तकबाल किया। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों ने अपने लाठी खेल का हुनर प्रदर्शित किया। इस मौके पर हसन और हुसैन को याद किया गया, जिनकी शहादत को इंसानियत के लिए एक महत्वपूर्ण पैगाम बताया गया। जोर देकर कहा गया कि हसन और हुसैन ने इंसानियत को बचाने के लिए अपनी शहादत दी थी, और इस पैगाम को हमेशा जिंदा रखने की आवश्यकता है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के थाना कैंपियरगंज क्षेत्र में तीन साल पुराने मारपीट और चोरी के एक मामले में पुलिस ने अब जाकर चार्जशीट दाखिल की है। इस कार्रवाई के बाद, पीड़ित ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी चार्जशीट को बदल दिया गया है और इसमें लगाई गई धाराओं को भी हल्का कर दिया गया है। पीड़ित का कहना है कि चार्जशीट को 84 दिनों के भीतर दाखिल करने का आदेश होता है, लेकिन पुलिस ने इस प्रक्रिया को पूरा करने में तीन साल का लंबा समय लगा दिया। इस विलंब और आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- 23 जून 2026 को आकाशवाणी के माध्यम से 'भगवान और मनुष्य' विषय पर एक संदेश प्राप्त हुआ। यह संदेश उस प्रसंग को छूता है जब भगवान मानव का निर्माण कर रहे थे, किंतु इसका विवरण अधूरा है।1
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र में एक वाहन की टक्कर से घायल हुए व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। इस संबंध में खलीलाबाद के क्षेत्राधिकारी ने एक बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर ने एक बहुत कड़वा सबक दिया है कि जब मौत तय हो तो हथियार नहीं डालने चाहिए। पोस्ट के अनुसार, जब तक भरत के पास हथियार था और उसका पूरा नियंत्रण उसके हाथ में था, तब तक वह जीवित था और पुलिस उससे दूरी बनाकर बात कर रही थी। हालांकि, जैसे ही उसने पुलिस पर भरोसा करके अपनी पिस्तौल नीचे फेंकी, उसे तुरंत घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह कहा गया है कि यदि पुलिस के मुताबिक वह मानसिक रूप से बीमार या पागल था, तो उसने किसी भी पुलिसकर्मी या आम आदमी पर गोली क्यों नहीं चलाई? किसी को एक खरोंच तक न आना इस बात को साबित करता है कि भरत किसी की जान लेना नहीं चाहता था। हथियार फेंकने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर देना यह साफ करता है कि कसाब जैसे आतंकवादी को भी अदालत जाने का मौका मिलता है, जबकि सरेंडर कर चुके अपने ही देश के एक निहत्थे नागरिक को सीधे मौत दे दी गई। भरत तिवारी अमर रहें।1
- गोरखपुर जिले में अचानक हुई बारिश ने स्थानीय जनमानस को थोड़ी राहत प्रदान की है।1
- लखनऊ से एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जिसमें शहर के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबर मिली है।1