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जीवन मे हुनरबाज कही भी मील सकते हे
Sheetal prajapat
जीवन मे हुनरबाज कही भी मील सकते हे
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- रोड पर हुनर बाज का हुनर देखिये जी1
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी मोहराई ग्राम पंचायत में बजरी लीज का विरोध, ग्रामीणों ने मंत्री से निरस्तीकरण की मांग की जैतारण उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहराई सहित आसपास के गांवों समौखी, दागला और बिरामपुरी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वीकृत बजरी खनन लीज का विरोध करते हुए कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपकर लीज को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खनन कार्य से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी खनन से नदी का तल गहरा होने के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आएगी । जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही भारी मशीनों और वाहनों के संचालन से प्रदूषण बढ़ेगा, गांव की शांति भंग होगी तथा मवेशियों के चरागाह भी प्रभावित होंगे। ग्रामीणों के अनुसार खनन कार्य के चलते गांव की सड़कों को भी भारी नुकसान हो रहा है । जिससे आमजन और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बिगड़ने से मानसून के दौरान तेजी गति से पानी का प्रवाह होने से आसपास क्षेत्र का खतरा भी बढ़ सकता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि नदी के आसपास स्थित लगभग 70 से 80 कुएं, जो क्षेत्र के पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत हैं। खनन के कारण सूखने की कगार पर पहुंच सकते हैं। यह खनन कार्य लीलड़ी, चौकड़ी, सुकड़ी और लूणी नदी क्षेत्र में बजरी खनन परियोजना के तहत संचालित है । जिसकी उत्पादन क्षमता 85,000 टीपीए निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पर्यावरण स्वीकृति हेतु 25 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत मोहराई में आयोजित लोक जनसुनवाई में उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया था । लेकिन उपखंड अधिकारी द्वारा उनकी आपत्तियों को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की है कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजरी लीज को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए या उस पर रोक लगाई जाए।1
- ब्यावर जिले के,बर से ब्यावर आते समय तेज रफ्तार से जा रही एक कार खाई में जा गिरी घायलों को देखकर पाली डिपो की बस में परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए बस रुकवाकर घायलों को कार से निकाला और समय व एम्बुलेंस के अभाव को देखते हुए कार में सवार चारों घायलों को अपनी बस में बिठाकर अमृतकौर हॉस्पिटल लेकर आए व एम्बुलेंस को चलती बस में कॉल लगाकर सामने बुलाया। और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया।1
- राजस्थान से मानवता और साहस की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां एक महिला परिचालक ने अपनी सूझबूझ और त्वरित निर्णय से चार लोगों की जान बचा ली। मामला नेशनल हाईवे पर सेदड़ा क्षेत्र का है, जहां बर से ब्यावर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान कार के पीछे-पीछे आ रही पाली डिपो की रोडवेज बस में तैनात महिला परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना देर किए बस रुकवाई और मौके पर पहुंचकर घायलों को कार से बाहर निकलवाया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उस समय मौके पर कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। लेकिन निर्भयश्री शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए सभी घायलों को बस में बैठाया और उन्हें तेजी से ब्यावर की ओर रवाना किया। रास्ते में ही एम्बुलेंस को सूचना देकर बस के सामने बुलाया गया, जिसके बाद सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। निर्भयश्री शर्मा की इस बहादुरी और मानवता ने यह साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है। आज क्षेत्रभर में इस महिला परिचालक के साहसिक कदम की सराहना हो रही है—और ये घटना हम सभी के लिए एक प्रेरणा बन गई है।1
- सेंदड़ा से ब्यावर आते समय तेज रफ्तार से जा रही एक कार खाई में जा गिरी घायलों को देखकर पाली डिपो की बस में परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए बस रुकवाकर घायलों को कार से निकाला और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया।1
- रामसर में पट्टी वाले बालाजी मंदिर पर पंचदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू, निकली विशाल कलश यात्रा1
- अजमेर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) ने कोतवाली थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने में लंबित मामलों की समीक्षा की और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंडिंग केसों का जल्द निपटारा किया जाए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने अपराध नियंत्रण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में होने वाले अपराधों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहकर काम करने और आमजन की शिकायतों का समय पर समाधान करने के निर्देश दिए। एसपी ने थाने की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी और बेहतर तरीके से निभाने के लिए कहा गया। यह औचक निरीक्षण पुलिस की कार्यशैली में सुधार और शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम कदम माना जा रहा है।1
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