रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी मोहराई ग्राम पंचायत में बजरी लीज का विरोध, ग्रामीणों ने मंत्री से निरस्तीकरण की मांग की जैतारण उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहराई सहित आसपास के गांवों समौखी, दागला और बिरामपुरी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वीकृत बजरी खनन लीज का विरोध करते हुए कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपकर लीज को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खनन कार्य से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी खनन से नदी का तल गहरा होने के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आएगी । जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही भारी मशीनों और वाहनों के संचालन से प्रदूषण बढ़ेगा, गांव की शांति भंग होगी तथा मवेशियों के चरागाह भी प्रभावित होंगे। ग्रामीणों के अनुसार खनन कार्य के चलते गांव की सड़कों को भी भारी नुकसान हो रहा है । जिससे आमजन और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बिगड़ने से मानसून के दौरान तेजी गति से पानी का प्रवाह होने से आसपास क्षेत्र का खतरा भी बढ़ सकता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि नदी के आसपास स्थित लगभग 70 से 80 कुएं, जो क्षेत्र के पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत हैं। खनन के कारण सूखने की कगार पर पहुंच सकते हैं। यह खनन कार्य लीलड़ी, चौकड़ी, सुकड़ी और लूणी नदी क्षेत्र में बजरी खनन परियोजना के तहत संचालित है । जिसकी उत्पादन क्षमता 85,000 टीपीए निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पर्यावरण स्वीकृति हेतु 25 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत मोहराई में आयोजित लोक जनसुनवाई में उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया था । लेकिन उपखंड अधिकारी द्वारा उनकी आपत्तियों को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की है कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजरी लीज को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए या उस पर रोक लगाई जाए।
रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी मोहराई ग्राम पंचायत में बजरी लीज का विरोध, ग्रामीणों ने मंत्री से निरस्तीकरण की मांग की जैतारण उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहराई सहित आसपास के गांवों समौखी, दागला और बिरामपुरी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वीकृत बजरी खनन लीज का विरोध करते हुए कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपकर लीज को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खनन कार्य से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी खनन से नदी का तल गहरा होने के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आएगी । जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही भारी मशीनों और वाहनों के संचालन से प्रदूषण बढ़ेगा, गांव की शांति भंग होगी तथा मवेशियों के चरागाह भी प्रभावित होंगे। ग्रामीणों के अनुसार खनन कार्य के चलते गांव की सड़कों को भी भारी नुकसान हो रहा है । जिससे आमजन और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बिगड़ने से मानसून के दौरान तेजी गति से पानी का प्रवाह होने से आसपास क्षेत्र का खतरा भी बढ़ सकता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि नदी के आसपास स्थित लगभग 70 से 80 कुएं, जो क्षेत्र के पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत हैं। खनन के कारण सूखने की कगार पर पहुंच सकते हैं। यह खनन कार्य लीलड़ी, चौकड़ी, सुकड़ी और लूणी नदी क्षेत्र में बजरी खनन परियोजना के तहत संचालित है । जिसकी उत्पादन क्षमता 85,000 टीपीए निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पर्यावरण स्वीकृति हेतु 25 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत मोहराई में आयोजित लोक जनसुनवाई में उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया था । लेकिन उपखंड अधिकारी द्वारा उनकी आपत्तियों को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की है कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजरी लीज को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए या उस पर रोक लगाई जाए।
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी मोहराई ग्राम पंचायत में बजरी लीज का विरोध, ग्रामीणों ने मंत्री से निरस्तीकरण की मांग की जैतारण उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहराई सहित आसपास के गांवों समौखी, दागला और बिरामपुरी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वीकृत बजरी खनन लीज का विरोध करते हुए कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपकर लीज को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खनन कार्य से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी खनन से नदी का तल गहरा होने के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आएगी । जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही भारी मशीनों और वाहनों के संचालन से प्रदूषण बढ़ेगा, गांव की शांति भंग होगी तथा मवेशियों के चरागाह भी प्रभावित होंगे। ग्रामीणों के अनुसार खनन कार्य के चलते गांव की सड़कों को भी भारी नुकसान हो रहा है । जिससे आमजन और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बिगड़ने से मानसून के दौरान तेजी गति से पानी का प्रवाह होने से आसपास क्षेत्र का खतरा भी बढ़ सकता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि नदी के आसपास स्थित लगभग 70 से 80 कुएं, जो क्षेत्र के पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत हैं। खनन के कारण सूखने की कगार पर पहुंच सकते हैं। यह खनन कार्य लीलड़ी, चौकड़ी, सुकड़ी और लूणी नदी क्षेत्र में बजरी खनन परियोजना के तहत संचालित है । जिसकी उत्पादन क्षमता 85,000 टीपीए निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पर्यावरण स्वीकृति हेतु 25 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत मोहराई में आयोजित लोक जनसुनवाई में उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया था । लेकिन उपखंड अधिकारी द्वारा उनकी आपत्तियों को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की है कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजरी लीज को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए या उस पर रोक लगाई जाए।1
- ब्यावर जिले के,बर से ब्यावर आते समय तेज रफ्तार से जा रही एक कार खाई में जा गिरी घायलों को देखकर पाली डिपो की बस में परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए बस रुकवाकर घायलों को कार से निकाला और समय व एम्बुलेंस के अभाव को देखते हुए कार में सवार चारों घायलों को अपनी बस में बिठाकर अमृतकौर हॉस्पिटल लेकर आए व एम्बुलेंस को चलती बस में कॉल लगाकर सामने बुलाया। और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया।1
- राजस्थान से मानवता और साहस की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां एक महिला परिचालक ने अपनी सूझबूझ और त्वरित निर्णय से चार लोगों की जान बचा ली। मामला नेशनल हाईवे पर सेदड़ा क्षेत्र का है, जहां बर से ब्यावर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान कार के पीछे-पीछे आ रही पाली डिपो की रोडवेज बस में तैनात महिला परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना देर किए बस रुकवाई और मौके पर पहुंचकर घायलों को कार से बाहर निकलवाया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उस समय मौके पर कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। लेकिन निर्भयश्री शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए सभी घायलों को बस में बैठाया और उन्हें तेजी से ब्यावर की ओर रवाना किया। रास्ते में ही एम्बुलेंस को सूचना देकर बस के सामने बुलाया गया, जिसके बाद सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। निर्भयश्री शर्मा की इस बहादुरी और मानवता ने यह साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है। आज क्षेत्रभर में इस महिला परिचालक के साहसिक कदम की सराहना हो रही है—और ये घटना हम सभी के लिए एक प्रेरणा बन गई है।1
- सेंदड़ा से ब्यावर आते समय तेज रफ्तार से जा रही एक कार खाई में जा गिरी घायलों को देखकर पाली डिपो की बस में परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए बस रुकवाकर घायलों को कार से निकाला और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया।1
- गुर्जर गोड़ समाज के प्रवक्ता राजेश शर्मा ताराचंद जी ने बताया कि हम सब एक हैं और हमेशा एकता कि माला पिरोये हुए हैं। महर्षि गौतम आश्रम में ऐसा विकास कार्य करेंगे कि देश प्रदेश पुरी दुनिया देखेगी ऐसा ऐतिहासिक आयोजन कार्यक्रम आयोजित भी करेंगे जो अपने आप में एक ऐतिहासिक होगा।1
- रोड पर हुनर बाज का हुनर देखिये जी1
- पाली नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के प्रथम बार सोजत रोड थाना पहुंचने पर थानाधिकारी कमला लौहार के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इस दौरान सोजत पुलिस उप अधीक्षक रतनाराम देवासी ने गुलदस्ता भेंट कर अगुवाई की। जनसुनवाई के दौरान एसपी मोनिका सेन ने सीएलजी सदस्यों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करने, थाना परिसर व आयुर्वेदिक अस्पताल के आगे खड़े सीज किए गए वाहनों को हटाने, साइबर क्राइम पर रोक एवं मादक पदार्थों की रोकथाम सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। एसपी ने सभी मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देते हुए आश्वस्त किया कि शीघ्र समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही अपराधों पर अंकुश संभव है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।2
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी ग्रामीण क्षेत्रों में रोड कट रिपेयर अभियान प्रारम्भ, आमजन को मिली राहत राजस्थान सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में रोड़ कट रिपेयर अभियान के सफल संचालन के पश्चात अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों के रोड कट की मरम्मत का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इसी क्रम में सार्वजनिक निर्माण विभाग, वृत्त ब्यावर द्वारा दिनांक 28.03.2026 से 29.03.2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिला ब्यावर के ब्लॉक ब्यावर, मसूदा, बदनोर, जैतारण एवं रायपुर क्षेत्र की विभिन्न ग्रामीण सड़कों पर बने रोड कट व गड्डों की मरम्मत का कार्य करवाया गया। अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग वृत्त ब्यावर ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को सुचारू एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से रोड कट को दुरुस्त किया जा रहा है । जिससे आमजन को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अतिरिक्त सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान तथा जिला कलेक्टर द्वारा अभियान की नियमित समीक्षा फोटो एवं प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से की जा रही है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण सड़कों की स्थिति में सुधार होगा तथा लोगों को सड़कों पर कट से होने बाली असुविधा से राहत मिलेगी।1