नवनियुक्त पाली एसपी मोनिका सेन का सोजत रोड थाना दौरा, जनसुनवाई में उठे कई अहम मुद्दे पाली नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के प्रथम बार सोजत रोड थाना पहुंचने पर थानाधिकारी कमला लौहार के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इस दौरान सोजत पुलिस उप अधीक्षक रतनाराम देवासी ने गुलदस्ता भेंट कर अगुवाई की। जनसुनवाई के दौरान एसपी मोनिका सेन ने सीएलजी सदस्यों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करने, थाना परिसर व आयुर्वेदिक अस्पताल के आगे खड़े सीज किए गए वाहनों को हटाने, साइबर क्राइम पर रोक एवं मादक पदार्थों की रोकथाम सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। एसपी ने सभी मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देते हुए आश्वस्त किया कि शीघ्र समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही अपराधों पर अंकुश संभव है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
नवनियुक्त पाली एसपी मोनिका सेन का सोजत रोड थाना दौरा, जनसुनवाई में उठे कई अहम मुद्दे पाली नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के प्रथम बार सोजत रोड थाना पहुंचने पर थानाधिकारी कमला लौहार के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इस दौरान सोजत पुलिस उप अधीक्षक रतनाराम देवासी ने गुलदस्ता भेंट कर अगुवाई की। जनसुनवाई के दौरान एसपी मोनिका सेन ने सीएलजी सदस्यों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान मुख्य चौराहों पर
ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करने, थाना परिसर व आयुर्वेदिक अस्पताल के आगे खड़े सीज किए गए वाहनों को हटाने, साइबर क्राइम पर रोक एवं मादक पदार्थों की रोकथाम सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। एसपी ने सभी मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देते हुए आश्वस्त किया कि शीघ्र समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही अपराधों पर अंकुश संभव है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
- पाली नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के प्रथम बार सोजत रोड थाना पहुंचने पर थानाधिकारी कमला लौहार के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इस दौरान सोजत पुलिस उप अधीक्षक रतनाराम देवासी ने गुलदस्ता भेंट कर अगुवाई की। जनसुनवाई के दौरान एसपी मोनिका सेन ने सीएलजी सदस्यों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करने, थाना परिसर व आयुर्वेदिक अस्पताल के आगे खड़े सीज किए गए वाहनों को हटाने, साइबर क्राइम पर रोक एवं मादक पदार्थों की रोकथाम सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। एसपी ने सभी मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देते हुए आश्वस्त किया कि शीघ्र समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही अपराधों पर अंकुश संभव है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।2
- 107 मतों के अंतर से शैतानसिंह को दी करारी शिकस्त, जीत के बाद गूंजे जयकारे पाली, मनीष राठौड़ | राजपुरोहित समाज की प्रतिष्ठित संस्था 'राजपुरोहित विकास समिति' के रविवार को हुए हाई-प्रोफाइल चुनाव में शंकरसिंह दोरनड़ी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। समाज छात्रावास में सुबह से ही उत्साह का सैलाब उमड़ा, जहां कड़े मुकाबले के बीच शंकरसिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शैतानसिंह आऊवा को 107 वोटों के भारी अंतर से पछाड़कर अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली। *शुरुआत में चतुष्कोणीय, अंत में सीधी टक्कर* अध्यक्ष पद की दौड़ में शुरुआत में चार दिग्गज मैदान में थे, लेकिन चुनावी बिसात पर समीकरण ऐसे बदले कि दो प्रत्याशियों के हटने के बाद मैदान में केवल शंकरसिंह और शैतानसिंह रह गए। सुबह 8 बजे से ही मतदान केंद्र पर मेले जैसा माहौल रहा, जहां समाज के प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। *विजय संकल्प: "भवन नहीं, समाज का गौरव बनाएंगे"* जीत के बाद समर्थकों ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य विजय जुलूस निकाला। इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष शंकरसिंह दोरनड़ी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा- यह जीत मेरी नहीं, पूरे समाज के विश्वास की जीत है। मेरा पहला संकल्प वी.डी. नगर स्थित समाज भवन को तीन मंजिला अत्याधुनिक और मॉडर्न कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करना है। समाज की एकता और युवाओं के विकास के लिए हमारी टीम पूरी ऊर्जा के साथ काम करेगी। मुख्य चुनाव अधिकारी रेवतसिंह केसरिया की देखरेख में हुई मतगणना के नतीजे चौंकाने वाले रहे कुल 1041 में से 837 वोट पड़े जिसमे शंकरसिंह दोरनड़ी: 465 वोट,शैतानसिंह आऊवा 358 वोट,अमित राजपुरोहित 03 वोट मूल्तानसिंह 08 वोट,खारिज मत 03 इस चुनावी समर के दौरान समाज की राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी ने माहौल को और भी खास बना दिया। पूर्व उपाध्यक्ष राज्य पशुधन बोर्ड चुन्नीलाल चाड़वास, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा, कांग्रेस नेता महावीरसिंह सुकरलाई, एडवोकेट चंद्रभानु राजपुरोहित,पूर्व सरपंच नेमसिंह रावलवास, पूर्व अध्यक्ष कुंदनसिंह रावलवास,एडवोकेट सुमेरसिंह राजपुरोहित,विक्रमसिंह नेतरा, गजेंद्रसिंह राजगुरु नेतरा,महावीर सिंह भोपालगढ़, हुकमसिंह खरोकड़ा, संदीपसिंह, गजेंद्र सिंह, विनोदसिंह, मिथलेश सिंह ढाबर,जुगलकिशोर ठाकुरला, कार्तिकसिंह रावलवास, अशोक सांडेराव,नरपतसिंह नेतरा, भैरूसिंह ठाकुराला,गणपतसिंह नोरवा, रघुवीर सिंह निम्बाड़ा, सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने में कुशालसिंह लुणावास, रेवतसिंह केसरिया और राहुल राजपुरोहित की मुख्य भूमिका रही।4
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- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी मोहराई ग्राम पंचायत में बजरी लीज का विरोध, ग्रामीणों ने मंत्री से निरस्तीकरण की मांग की जैतारण उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहराई सहित आसपास के गांवों समौखी, दागला और बिरामपुरी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वीकृत बजरी खनन लीज का विरोध करते हुए कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपकर लीज को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खनन कार्य से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी खनन से नदी का तल गहरा होने के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आएगी । जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही भारी मशीनों और वाहनों के संचालन से प्रदूषण बढ़ेगा, गांव की शांति भंग होगी तथा मवेशियों के चरागाह भी प्रभावित होंगे। ग्रामीणों के अनुसार खनन कार्य के चलते गांव की सड़कों को भी भारी नुकसान हो रहा है । जिससे आमजन और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बिगड़ने से मानसून के दौरान तेजी गति से पानी का प्रवाह होने से आसपास क्षेत्र का खतरा भी बढ़ सकता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि नदी के आसपास स्थित लगभग 70 से 80 कुएं, जो क्षेत्र के पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत हैं। खनन के कारण सूखने की कगार पर पहुंच सकते हैं। यह खनन कार्य लीलड़ी, चौकड़ी, सुकड़ी और लूणी नदी क्षेत्र में बजरी खनन परियोजना के तहत संचालित है । जिसकी उत्पादन क्षमता 85,000 टीपीए निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पर्यावरण स्वीकृति हेतु 25 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत मोहराई में आयोजित लोक जनसुनवाई में उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया था । लेकिन उपखंड अधिकारी द्वारा उनकी आपत्तियों को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की है कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजरी लीज को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए या उस पर रोक लगाई जाए।1
- ब्यावर जिले के,बर से ब्यावर आते समय तेज रफ्तार से जा रही एक कार खाई में जा गिरी घायलों को देखकर पाली डिपो की बस में परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए बस रुकवाकर घायलों को कार से निकाला और समय व एम्बुलेंस के अभाव को देखते हुए कार में सवार चारों घायलों को अपनी बस में बिठाकर अमृतकौर हॉस्पिटल लेकर आए व एम्बुलेंस को चलती बस में कॉल लगाकर सामने बुलाया। और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया।1
- राजस्थान से मानवता और साहस की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां एक महिला परिचालक ने अपनी सूझबूझ और त्वरित निर्णय से चार लोगों की जान बचा ली। मामला नेशनल हाईवे पर सेदड़ा क्षेत्र का है, जहां बर से ब्यावर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान कार के पीछे-पीछे आ रही पाली डिपो की रोडवेज बस में तैनात महिला परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना देर किए बस रुकवाई और मौके पर पहुंचकर घायलों को कार से बाहर निकलवाया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उस समय मौके पर कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। लेकिन निर्भयश्री शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए सभी घायलों को बस में बैठाया और उन्हें तेजी से ब्यावर की ओर रवाना किया। रास्ते में ही एम्बुलेंस को सूचना देकर बस के सामने बुलाया गया, जिसके बाद सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। निर्भयश्री शर्मा की इस बहादुरी और मानवता ने यह साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है। आज क्षेत्रभर में इस महिला परिचालक के साहसिक कदम की सराहना हो रही है—और ये घटना हम सभी के लिए एक प्रेरणा बन गई है।1
- सेंदड़ा से ब्यावर आते समय तेज रफ्तार से जा रही एक कार खाई में जा गिरी घायलों को देखकर पाली डिपो की बस में परिचालक निर्भयश्री शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए बस रुकवाकर घायलों को कार से निकाला और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया।1
- पाली,मनीष राठौड़।आज राजपुरोहित समाज के गौरव और संगठन की प्रतीक 'राजपुरोहित विकास समिति' के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। रविवार सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक आत्मानंद राजपुरोहित छात्रावास में समाज के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल 1041 वोट में से करीब 834 मतदाताओं ने अपना वोट दीया। चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी खुशालसिंह लुणावास, रेवतसिंह केसरिया, राहुल राजपुरोहित सहित चुनाव अधिकारी डॉ. श्रवणसिंह निंबली, हीरसिंह चाड़वास, रामकृष्णसिंह धरमधारी और विकाससिंह ठाकुरला की कड़ी निगरानी रही। छात्रावास परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा। मुख्य चुनाव अधिकारी खुशालसिंह लुणावास ने बताया कि मैदान में शंकरसिंह दोरनड़ी, शैतानसिंह आउवा, मुल्तानसिंह पुनायता और अमितसिंह बिंकरलाई उम्मीदवार हैं। हालांकि, शनिवार को आए एक बड़े राजनीतिक मोड़ में मुल्तानसिंह पुनायता ने शंकरसिंह दोरनड़ी को और अमितसिंह बिकरलाई ने शैतानसिंह आऊवा को अपना समर्थन देते हुए मतदाताओं से उनके पक्ष में वोट की अपील की थी। इस गठबंधन के बाद मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। 3.30 बजे से शुरू होगी मतगणना: अब सभी की धड़कनें तेज हैं क्योंकि दोपहर 3.30 बजे से मतों की गिनती शुरू हो जाएगी। समाज के इस महत्वपूर्ण पद की बागडोर किसके हाथ होगी और जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा, इसका फैसला कुछ ही घंटों में हो जाएगा। देखना दिलचस्प होगा कि किस्मत और समाज का भरोसा किस उम्मीदवार के साथ है।1