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डीग में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से मेरा मैदान में धरना दे रही आशा सहयोगियों ने सोमवार को आंदोलन तेज करते हुए पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह कदम उन्होंने अपनी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए उठाया, जिसमें मुख्य रूप से वेतन वृद्धि और पेंशन व्यवस्था में आर्थिक सहायता शामिल है। इस घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी अमित कुमार मीणा और शहर कोतवाली प्रभारी रमेश मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी आशा सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें पानी की टंकी से नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
Rajesh Kumar
डीग में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से मेरा मैदान में धरना दे रही आशा सहयोगियों ने सोमवार को आंदोलन तेज करते हुए पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह कदम उन्होंने अपनी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए उठाया, जिसमें मुख्य रूप से वेतन वृद्धि और पेंशन व्यवस्था में आर्थिक सहायता शामिल है। इस घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी अमित कुमार मीणा और शहर कोतवाली प्रभारी रमेश मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी आशा सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें पानी की टंकी से नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
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- अमर दीप सेन ने जानकारी दी है कि डीग से दिल्ली रूट पर दोपहर 3 बजे के बाद राजस्थान रोडवेज की कोई भी बस उपलब्ध नहीं है। इसके कारण आम नागरिकों को कोसी तक जाने के लिए 120 रुपए में निजी डग्गेमार साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित नहीं हो पाती। डीग को जिला मुख्यालय बने दो साल बीत चुके हैं और यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है, फिर भी यहाँ से रोडवेज का कोई डिपो नहीं खुला है। इसके विपरीत, केकड़ी में रोडवेज कार्यशाला के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है और कार्य भी शुरू हो गया है। इस स्थिति से यात्रियों में भारी असंतोष है। लोहागढ़ डिपो के एक अधिकारी ने फोन पर बताया कि उन्होंने प्रशासन को पत्राचार के माध्यम से कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन इसके बावजूद डिपो के लिए अभी तक भूमि नहीं मिल पाई है। यात्रियों की मांग है कि डीग से शाम 4 बजे एक रोडवेज बस शुरू की जाए, ताकि गरीब जनता को पैसों से एवं सुरक्षित यात्रा का लाभ मिल सके।3
- गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित मानसी गंगा कुंड में डूबने से 11 वर्षीय बालक अविनाश की दर्दनाक मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, अविनाश अपने भाई और दोस्त के साथ करौली, राजस्थान से गोवर्धन परिक्रमा करने आया था। इस घटना के बाद एक बार फिर पवित्र कुंडों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बालक के कुंड में डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गोताखोरों की सहायता से उसकी तलाश शुरू कराई। काफी प्रयासों के बाद गोताखोरों ने बालक का शव कुंड से बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि अब तक मानसी गंगा और राधाकुंड में डूबने की घटनाओं में छह लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इन घटनाओं के बावजूद सुरक्षा के लिए कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। पूर्व में गत निर्जला एकादशी के अवसर पर भी मानसी गंगा के फव्वारे बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को कुंड की सीढ़ियों से उतरना पड़ा था, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। मीडिया द्वारा इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बावजूद, प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। अब मुड़िया पूर्णिमा मेले के निकट आने के बीच, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन तहसील के कमई गाँव के निवासियों ने जिला विकास अधिकारी को एक पत्र लिखकर गाँव में विकास कार्यों में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच और आवश्यक कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से गाँव में कई विकास कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाए गए हैं, जबकि जमीन पर उनकी स्थिति बेहद खराब है और इस संबंध में अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गाँव में लगभग 8000 की आबादी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा इनका निस्तारण केवल अभिलेखों में कर दिया गया है, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है। जांच रिपोर्टों में भी गंभीर विरोधाभास सामने आए हैं; एक रिपोर्ट में पेयजल समस्या से इनकार किया गया, वहीं दूसरी में अधिकारियों ने गंभीर संकट स्वीकार करते हुए चार पानी की टंकियां स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। इसके अतिरिक्त, एक आईजीआरएस शिकायत की जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि वे वास्तव में मौके पर मौजूद नहीं थे, जिसके वीडियो सहित अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं। रिपोर्टों में चार पानी की टंकियां लगाने की बात कही गई है, लेकिन मौके पर केवल एक टंकी दिखाई देती है। नई स्थापित टंकी का बेसमेंट निर्माण के तुरंत बाद धंस गया और उसमें दरारें आ गईं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह टंकी पहले से मौजूद मीठे पानी के ट्यूबवेल से लगभग 200 मीटर दूर ही स्थापित की गई है। पेयजल के अलावा, खड़ंजा/सड़क, नालियां, नियमित सफाई, आवास योजना, श्मशान घाट और अन्य मूलभूत विकास कार्यों की भी स्थिति अत्यंत खराब है। कई कार्य अभिलेखों में पूरे दर्शाए गए हैं, जबकि वे या तो अधूरे हैं या हुए ही नहीं हैं। मार्ग निर्माण के कई प्रकरणों पर विभिन्न विभागों (जैसे जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) द्वारा अलग-अलग आख्या प्रस्तुत की गई हैं, जिसके कारण आज तक मार्ग निर्माण लंबित है। बठैन ड्रेन में अवैध पुलियों के निर्माण के चलते जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे वर्षा के समय जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कमई ब्रज क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ श्री विशाखा रमण बिहारी मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला विकास अधिकारी से अनुरोध किया है कि सभी विकास कार्यों का उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने पेयजल संकट, पानी की टंकियों के निर्माण और जांच रिपोर्टों में विरोधाभास की स्वतंत्र जांच की मांग की है, साथ ही संभावित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की भी अपील की है। उनका कहना है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने, अभिलेखों में गलत तथ्य दर्ज करने, या कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान प्राप्त करने वाले किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।3
- मथुरा में बिरला मंदिर के निकट स्थित एक अवैध शराब की दुकान के विरोध में बवंडर बाबा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।1
- श्रीमद् भागवत के भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने पर अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई।1
- गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने 28 जून को डीग के बृजनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित फुटाकी गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्धजनों द्वारा मिले आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया, साथ ही चुनाव में मिले स्नेह और आशीर्वाद के प्रति सहृदय कृतज्ञता जताई। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने ग्रामीणों की मांग का सम्मान करते हुए फुटाकी गांव का नाम 'गुरुनानक नगर' करने की सकारात्मक मंशा व्यक्त की, जिसके लिए आवश्यक विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मंत्री ने क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने हेतु स्थानीय राजकीय विद्यालय को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में क्रमोन्नत करने, गांव में अटल ज्ञान केंद्र खोलने और ग्राम सेवक भवन का निर्माण कराने के संबंध में विभागीय स्तर पर हरसंभव प्रयास करने का भी भरोसा दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गांव में सीसी सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्कूल और पूर्व स्वीकृत डीप-बोर के विद्युत कनेक्शन संबंधी तकनीकी अड़चनों को दूर कर उन्हें तुरंत चालू करने और ग्रामीणों की पेयजल समस्या के समाधान हेतु नए हैंडपंप लगवाने की बात भी कही। कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए गृह राज्य मंत्री बेढम ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां, लूटपाट या असामाजिक कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई से कुछ तत्वों को परेशानी हो सकती है, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेगी और क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मैदानी स्तर की समस्याओं के पारदर्शी समाधान के लिए, मंत्री ने ग्रामीणों को 10-11 सदस्यों की एक स्थानीय समन्वय टीम बनाने का सुझाव दिया, जो गांव की मूलभूत आवश्यकताओं के संबंध में निरंतर संवाद बनाए रखेगी। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं समय-समय पर क्षेत्र का दौरा कर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।1
- डीग में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से मेरा मैदान में धरना दे रही आशा सहयोगियों ने सोमवार को आंदोलन तेज करते हुए पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह कदम उन्होंने अपनी लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए उठाया, जिसमें मुख्य रूप से वेतन वृद्धि और पेंशन व्यवस्था में आर्थिक सहायता शामिल है। इस घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी अमित कुमार मीणा और शहर कोतवाली प्रभारी रमेश मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी आशा सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें पानी की टंकी से नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं।1