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अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।

5 hrs ago
user_News Daily Hindi
News Daily Hindi
Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
5 hrs ago

अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • अजमेर के आनासागर झील क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस घटना के कारण क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    अजमेर के आनासागर झील क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस घटना के कारण क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_Prime News Ajmer
    Prime News Ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
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    अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
    user_News Daily Hindi
    News Daily Hindi
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • ब्यावर में 23 जून 2026 को एडवोकेट घनश्याम फुलवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और संभागीय आयुक्त अजमेर को भी भेजा गया। ज्ञापन में ब्यावर के बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मिट्टी भरकर प्लाट काटने और बेचने का मुद्दा उठाया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिष्टमंडल ने राजस्थान के बहुचर्चित जनयाचिका "अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार (याचिका संख्या 1536/2003)" का हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने 2 अगस्त 2004 को जलस्रोतों में पानी की आवक में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाकर 15 अगस्त 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी हुआ था जिसने जल निकासी चैनलों को सरकारी भूमि घोषित करने और सरकारी स्वामित्व वाली झीलों के डूब क्षेत्रों में निजी खातेदारी अधिकारों को सरकार के अधीन लाने का सुझाव दिया था। इसी फैसले के बाद अजमेर की आना सागर, फाई सागर, राजसमन्द झील और उदयपुर झील से अतिक्रमण हटाए गए थे। इसके साथ ही, शिष्टमंडल ने हाईकोर्ट के बफर जोन संबंधी फैसले का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार प्राथमिक नाले, नदी, झील या डूब क्षेत्र के केंद्र से 50 मीटर की दूरी पर और नदियों, नालों पर 25 से 15 मीटर की दूरी के अंदर कोई निर्माण अवैध है। आरोप लगाया गया है कि ब्यावर में इन सभी फैसलों की "खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाई जा रही हैं", जिससे तालाबों में पानी की आवक बाधित हो रही है। ज्ञापन में बताया गया कि ब्यावर के बिचडली तालाब के भराव के रास्ते को मिट्टी भरकर रोका जा रहा है और भूमाफियाओं द्वारा इसके डूब क्षेत्र तथा कैचमेंट एरिया में कॉलोनियां काट कर बेची जा रही हैं, जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में है। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा 23 मई 2024 को जारी एक लोक सूचना का उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार जय नारायण त्रिपाठी द्वारा खसरा संख्या 1476, 1477, 1479 पर पट्टों के लिए आवेदन किया गया था, जो तालाब का डूब क्षेत्र है। गोविंद नारायण त्रिपाठी ने स्वयं 4 मार्च 2022 को नगर परिषद को दिए एक नोटिस में यह स्वीकार किया था कि उनके खेत में तालाबी पानी आता है, जिससे बचाव के लिए उन्हें मिट्टी भरवानी पड़ी थी, जो इस बात का प्रमाण है कि यह डूब क्षेत्र है। इसके अलावा, शहर का ऐतिहासिक परकोटा भी तोड़ा गया ताकि कॉलोनी के लिए रास्ता बनाया जा सके, जिसमें पार्षद पुत्र अमित प्रजापत का नाम सामने आया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में नगर परिषद प्रशासन द्वारा बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र खसरा संख्या 1447 से अवैध भरी हुई मिट्टी को हटाया गया, जिसके लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया गया। हालांकि, एडवोकेट फुलवारी ने यह भी कहा कि यह धन्यवाद तभी सार्थक होगा जब उनके द्वारा पिछले छह वर्षों में अन्य भूमाफियाओं के खिलाफ दी गई शिकायतों पर भी कार्रवाई होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी, तहसील कार्यालय और सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी जारी की जा रही हैं, जिससे अधिकारियों की भूमाफियाओं से मिलीभगत प्रतीत होती है। 14 मई 2024 को नगर परिषद ने इन डूब क्षेत्रों पर सूचना बोर्ड लगाए और लाउडस्पीकर से अतिक्रमण हटाने की सूचना प्रसारित की थी, लेकिन बाद में नगर परिषद के अध्यक्ष अधिकारियों ने सांठगांठ कर वे सूचना बोर्ड हटा दिए, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हुए। रजिस्ट्री कार्यालय में भी इन जमीनों की रजिस्ट्री हो जाती है, जिससे बड़ा राजस्व वसूला जाता है और अवैध भरती भरकर जमीनों का बेचान जारी है। इन गतिविधियों से जरूरतमंद लोग जो मकान बनाने के लिए भूखंड खरीदते हैं, उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि प्रशासन यह सब होते हुए भी निष्क्रिय रहा। शिष्टमंडल ने मांग की है कि ऐसे भूमाफियाओं को पट्टा नहीं दिया जाए, बिचडली तालाब के अस्तित्व की रक्षा की जाए, और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो जो इन अवैध गतिविधियों में भूमाफियाओं से साठगांठ कर शामिल थे। इस शिष्टमंडल में एडवोकेट सुनील सिंगाड़िया, एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, एडवोकेट राजेश बंसल और एडवोकेट शाबिर खान भी उपस्थित थे। एडवोकेट घनश्याम फुलवारी प्रदेश सचिव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि आरटीआई व मानवाधिकार विभाग तथा ब्यावर नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद हैं।
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    ब्यावर में 23 जून 2026 को एडवोकेट घनश्याम फुलवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और संभागीय आयुक्त अजमेर को भी भेजा गया। ज्ञापन में ब्यावर के बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मिट्टी भरकर प्लाट काटने और बेचने का मुद्दा उठाया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

शिष्टमंडल ने राजस्थान के बहुचर्चित जनयाचिका "अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार (याचिका संख्या 1536/2003)" का हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने 2 अगस्त 2004 को जलस्रोतों में पानी की आवक में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाकर 15 अगस्त 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी हुआ था जिसने जल निकासी चैनलों को सरकारी भूमि घोषित करने और सरकारी स्वामित्व वाली झीलों के डूब क्षेत्रों में निजी खातेदारी अधिकारों को सरकार के अधीन लाने का सुझाव दिया था। इसी फैसले के बाद अजमेर की आना सागर, फाई सागर, राजसमन्द झील और उदयपुर झील से अतिक्रमण हटाए गए थे। इसके साथ ही, शिष्टमंडल ने हाईकोर्ट के बफर जोन संबंधी फैसले का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार प्राथमिक नाले, नदी, झील या डूब क्षेत्र के केंद्र से 50 मीटर की दूरी पर और नदियों, नालों पर 25 से 15 मीटर की दूरी के अंदर कोई निर्माण अवैध है। आरोप लगाया गया है कि ब्यावर में इन सभी फैसलों की "खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाई जा रही हैं", जिससे तालाबों में पानी की आवक बाधित हो रही है।

ज्ञापन में बताया गया कि ब्यावर के बिचडली तालाब के भराव के रास्ते को मिट्टी भरकर रोका जा रहा है और भूमाफियाओं द्वारा इसके डूब क्षेत्र तथा कैचमेंट एरिया में कॉलोनियां काट कर बेची जा रही हैं, जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में है। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा 23 मई 2024 को जारी एक लोक सूचना का उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार जय नारायण त्रिपाठी द्वारा खसरा संख्या 1476, 1477, 1479 पर पट्टों के लिए आवेदन किया गया था, जो तालाब का डूब क्षेत्र है। गोविंद नारायण त्रिपाठी ने स्वयं 4 मार्च 2022 को नगर परिषद को दिए एक नोटिस में यह स्वीकार किया था कि उनके खेत में तालाबी पानी आता है, जिससे बचाव के लिए उन्हें मिट्टी भरवानी पड़ी थी, जो इस बात का प्रमाण है कि यह डूब क्षेत्र है। इसके अलावा, शहर का ऐतिहासिक परकोटा भी तोड़ा गया ताकि कॉलोनी के लिए रास्ता बनाया जा सके, जिसमें पार्षद पुत्र अमित प्रजापत का नाम सामने आया।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में नगर परिषद प्रशासन द्वारा बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र खसरा संख्या 1447 से अवैध भरी हुई मिट्टी को हटाया गया, जिसके लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया गया। हालांकि, एडवोकेट फुलवारी ने यह भी कहा कि यह धन्यवाद तभी सार्थक होगा जब उनके द्वारा पिछले छह वर्षों में अन्य भूमाफियाओं के खिलाफ दी गई शिकायतों पर भी कार्रवाई होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी, तहसील कार्यालय और सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी जारी की जा रही हैं, जिससे अधिकारियों की भूमाफियाओं से मिलीभगत प्रतीत होती है। 14 मई 2024 को नगर परिषद ने इन डूब क्षेत्रों पर सूचना बोर्ड लगाए और लाउडस्पीकर से अतिक्रमण हटाने की सूचना प्रसारित की थी, लेकिन बाद में नगर परिषद के अध्यक्ष अधिकारियों ने सांठगांठ कर वे सूचना बोर्ड हटा दिए, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हुए। रजिस्ट्री कार्यालय में भी इन जमीनों की रजिस्ट्री हो जाती है, जिससे बड़ा राजस्व वसूला जाता है और अवैध भरती भरकर जमीनों का बेचान जारी है। इन गतिविधियों से जरूरतमंद लोग जो मकान बनाने के लिए भूखंड खरीदते हैं, उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि प्रशासन यह सब होते हुए भी निष्क्रिय रहा। शिष्टमंडल ने मांग की है कि ऐसे भूमाफियाओं को पट्टा नहीं दिया जाए, बिचडली तालाब के अस्तित्व की रक्षा की जाए, और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो जो इन अवैध गतिविधियों में भूमाफियाओं से साठगांठ कर शामिल थे। इस शिष्टमंडल में एडवोकेट सुनील सिंगाड़िया, एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, एडवोकेट राजेश बंसल और एडवोकेट शाबिर खान भी उपस्थित थे।

एडवोकेट घनश्याम फुलवारी प्रदेश सचिव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि आरटीआई व मानवाधिकार विभाग तथा ब्यावर नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद हैं।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सादड़ीना में नागेश्वर महादेव मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार शाम को साधु-संतों के भव्य मंगल प्रवेश और शोभायात्रा के साथ आरंभ हो गया है। इस दौरान वांकल माता मंदिर प्रांगण से शुरू हुई मंगलकलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं नागेश्वर महादेव के जयकारे भी गूंजे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण यह है कि यह 27 जून तक चलेगा और इसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। साधु-संतों के स्वागत के साथ ही महोत्सव की धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। रविवार की सुबह नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में 21 कुंडीय महारुद्र यज्ञ का आयोजन होगा, जबकि आजाद मैदान स्थित शिवनगरी में सहस्त्रार्चन पूजन किया जाएगा। शाम को दण्डीस्वामी संत ब्रह्मानंद सरस्वती 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा पर कथा का श्रवण कराएंगे। शिवनगरी में 27 जून तक प्रतिदिन 251 जोड़े सहस्त्रार्चन पूजन में हिस्सा लेंगे। इस नवनिर्मित नागेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण अखिल भारत वर्षीय धर्मसंघ, स्वामी करपात्री फाउंडेशन तथा दानदाता लाडकंवर (नरेंद्र कुमार की पत्नी) और पुनमिया परिवार के सहयोग से जाटों की डोरण, पुराने रणकपुर मार्ग स्थित पुनमिया फार्म पर कराया गया है, जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है। मंगल प्रवेश कार्यक्रम में प्रयाग धर्मसंघ के संत गुणप्रकाश चैतन्य महाराज, हिमालय स्वामी परमानंद तीर्थ महाराज, वृंदावन के दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती, शास्त्री हर्षद दवे तथा अयोध्या के आचार्य सुनील दीक्षित सहित कई संत उपस्थित रहे। महोत्सव के तहत 25 जून को गांव सांझी कार्यक्रम होगा, जिसमें 500 से अधिक मातृशक्ति मंडल अपनी भक्ति प्रस्तुतियां देंगे। 26 जून को शिव परिवार की प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली जाएगी, और 27 जून को गणेश, शिव परिवार, नागेश्वर शिवलिंग, हनुमान, नाकोड़ा भैरवदेव एवं अन्य प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी।
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    सादड़ीना में नागेश्वर महादेव मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार शाम को साधु-संतों के भव्य मंगल प्रवेश और शोभायात्रा के साथ आरंभ हो गया है। इस दौरान वांकल माता मंदिर प्रांगण से शुरू हुई मंगलकलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं नागेश्वर महादेव के जयकारे भी गूंजे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण यह है कि यह 27 जून तक चलेगा और इसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

साधु-संतों के स्वागत के साथ ही महोत्सव की धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। रविवार की सुबह नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में 21 कुंडीय महारुद्र यज्ञ का आयोजन होगा, जबकि आजाद मैदान स्थित शिवनगरी में सहस्त्रार्चन पूजन किया जाएगा। शाम को दण्डीस्वामी संत ब्रह्मानंद सरस्वती 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा पर कथा का श्रवण कराएंगे। शिवनगरी में 27 जून तक प्रतिदिन 251 जोड़े सहस्त्रार्चन पूजन में हिस्सा लेंगे।

इस नवनिर्मित नागेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण अखिल भारत वर्षीय धर्मसंघ, स्वामी करपात्री फाउंडेशन तथा दानदाता लाडकंवर (नरेंद्र कुमार की पत्नी) और पुनमिया परिवार के सहयोग से जाटों की डोरण, पुराने रणकपुर मार्ग स्थित पुनमिया फार्म पर कराया गया है, जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है। मंगल प्रवेश कार्यक्रम में प्रयाग धर्मसंघ के संत गुणप्रकाश चैतन्य महाराज, हिमालय स्वामी परमानंद तीर्थ महाराज, वृंदावन के दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती, शास्त्री हर्षद दवे तथा अयोध्या के आचार्य सुनील दीक्षित सहित कई संत उपस्थित रहे। महोत्सव के तहत 25 जून को गांव सांझी कार्यक्रम होगा, जिसमें 500 से अधिक मातृशक्ति मंडल अपनी भक्ति प्रस्तुतियां देंगे। 26 जून को शिव परिवार की प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली जाएगी, और 27 जून को गणेश, शिव परिवार, नागेश्वर शिवलिंग, हनुमान, नाकोड़ा भैरवदेव एवं अन्य प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी।
    user_Bhikaram Kandar
    Bhikaram Kandar
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सद्दो का एक जुलूस हैरतअंगेज अखाड़ों के साथ ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के बाहर निकला। इस दौरान दरगाह के ठीक बाहर ही अखाड़ों का प्रदर्शन भी किया गया।
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    सद्दो का एक जुलूस हैरतअंगेज अखाड़ों के साथ ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के बाहर निकला। इस दौरान दरगाह के ठीक बाहर ही अखाड़ों का प्रदर्शन भी किया गया।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • अजमेर से नसीराबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर एक लंबा यातायात जाम लग गया है। यह जाम एक ट्रक के सड़क पर खराब हो जाने के कारण हुआ, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
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    अजमेर से नसीराबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर एक लंबा यातायात जाम लग गया है। यह जाम एक ट्रक के सड़क पर खराब हो जाने के कारण हुआ, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
    user_OM PRAKASH SOHAN LAL
    OM PRAKASH SOHAN LAL
    Psychologist अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • जून माह के एक महत्वपूर्ण ऐलान को याद करते हुए, स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उस प्रेरक उद्घोष को दोहराया गया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि 'आज़ादी भीख नहीं, संघर्ष से मिलती है।' यह कथन भारत की स्वतंत्रता के लिए हुए भीषण संघर्ष और आज़ाद हिंद फ़ौज के अतुलनीय बलिदानों को रेखांकित करता है। नेताजी का यह आह्वान देश के प्रति समर्पण, वीरता और 'जय हिंद' के गौरवशाली भाव को सुदृढ़ करता है।
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    जून माह के एक महत्वपूर्ण ऐलान को याद करते हुए, स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उस प्रेरक उद्घोष को दोहराया गया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि 'आज़ादी भीख नहीं, संघर्ष से मिलती है।' यह कथन भारत की स्वतंत्रता के लिए हुए भीषण संघर्ष और आज़ाद हिंद फ़ौज के अतुलनीय बलिदानों को रेखांकित करता है। नेताजी का यह आह्वान देश के प्रति समर्पण, वीरता और 'जय हिंद' के गौरवशाली भाव को सुदृढ़ करता है।
    user_Moinuddin Khan  स्वाधीन भारत
    Moinuddin Khan स्वाधीन भारत
    Media Consultant अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ब्यावर में वन बंधु परिषद और भगवती मल्लि बहु मंडल द्वारा संयुक्त रूप से एक योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रविवार, 21 जून को पीपलिया बाजार स्थित रांका हाउस में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में लगभग 30 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। फिजियोथेरेपिस्ट जिनिता ने योग शिविर का संचालन किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में जानकारी दी और नियमित योग को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताते हुए विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस अवसर पर वन बंधु परिषद की अध्यक्ष संतोष रांका, मंत्री उषा मोदी और संरक्षक मंजू भूतड़ा, साथ ही भगवती मल्लि बहु मंडल की अध्यक्ष बबीता ओसतवाल और मंत्री पल्लवी पिपाड़ा सहित अनेक महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। उपस्थित महिलाओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ब्यावर में वन बंधु परिषद और भगवती मल्लि बहु मंडल द्वारा संयुक्त रूप से एक योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रविवार, 21 जून को पीपलिया बाजार स्थित रांका हाउस में आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम में लगभग 30 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। फिजियोथेरेपिस्ट जिनिता ने योग शिविर का संचालन किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में जानकारी दी और नियमित योग को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताते हुए विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया।

इस अवसर पर वन बंधु परिषद की अध्यक्ष संतोष रांका, मंत्री उषा मोदी और संरक्षक मंजू भूतड़ा, साथ ही भगवती मल्लि बहु मंडल की अध्यक्ष बबीता ओसतवाल और मंत्री पल्लवी पिपाड़ा सहित अनेक महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। उपस्थित महिलाओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
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