*सतना चित्रकूट को फिर से संवारने के लिए रात में भी जारी है सफाई महाअभियान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस पल-पल ले रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *सतना / चित्रकूट।* बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं चित्रकूट में रहकर पल-पल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर के संकल्प - चित्रकूट को बेहतर बनाना - के साथ जिला प्रशासन के निर्देश पर रात में भी उसी ऊर्जा के साथ सफाई अभियान जारी है। नगर निगम सतना की टीम, नगर परिषद चित्रकूट सहित अन्य नगर परिषदों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई कार्य में जुटी हैं। टीम को लगातार ऊर्जा देने का कार्य जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह एवं एडीएम सतना विकास सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर निगम और नगर परिषदों के सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। बाढ़ के बाद राहत कार्य के अंतर्गत सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रात्रिकालीन सफाई अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। विपरीत परिस्थितियों में नगर निगम और नगर परिषद की टीमों का यह प्रयास सराहनीय है। *सतना चित्रकूट को फिर से संवारने के लिए रात में भी जारी है सफाई महाअभियान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस पल-पल ले रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *सतना / चित्रकूट।* बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं चित्रकूट में रहकर पल-पल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर के संकल्प - चित्रकूट को बेहतर बनाना - के साथ जिला प्रशासन के निर्देश पर रात में भी उसी ऊर्जा के साथ सफाई अभियान जारी है। नगर निगम सतना की टीम, नगर परिषद चित्रकूट सहित अन्य नगर परिषदों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई कार्य में जुटी हैं। टीम को लगातार ऊर्जा देने का कार्य जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह एवं एडीएम सतना विकास सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर निगम और नगर परिषदों के सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। बाढ़ के बाद राहत कार्य के अंतर्गत सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रात्रिकालीन सफाई अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। विपरीत परिस्थितियों में नगर निगम और नगर परिषद की टीमों का यह प्रयास सराहनीय है।
*सतना चित्रकूट को फिर से संवारने के लिए रात में भी जारी है सफाई महाअभियान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस पल-पल ले रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *सतना / चित्रकूट।* बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं चित्रकूट में रहकर पल-पल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर के संकल्प - चित्रकूट को बेहतर बनाना - के साथ जिला प्रशासन के निर्देश पर रात में भी उसी ऊर्जा के साथ सफाई अभियान जारी है। नगर निगम सतना की टीम, नगर परिषद चित्रकूट सहित अन्य नगर परिषदों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई कार्य में जुटी हैं। टीम को लगातार ऊर्जा देने का कार्य जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह एवं एडीएम सतना विकास सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर निगम और नगर परिषदों के सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। बाढ़ के बाद राहत कार्य के अंतर्गत सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रात्रिकालीन सफाई अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। विपरीत परिस्थितियों में नगर निगम और नगर परिषद की टीमों का यह प्रयास सराहनीय
है। *सतना चित्रकूट को फिर से संवारने के लिए रात में भी जारी है सफाई महाअभियान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस पल-पल ले रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *सतना / चित्रकूट।* बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं चित्रकूट में रहकर पल-पल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर के संकल्प - चित्रकूट को बेहतर बनाना - के साथ जिला प्रशासन के निर्देश पर रात में भी उसी ऊर्जा के साथ सफाई अभियान जारी है। नगर निगम सतना की टीम, नगर परिषद चित्रकूट सहित अन्य नगर परिषदों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई कार्य में जुटी हैं। टीम को लगातार ऊर्जा देने का कार्य जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह एवं एडीएम सतना विकास सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर निगम और नगर परिषदों के सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। बाढ़ के बाद राहत कार्य के अंतर्गत सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रात्रिकालीन सफाई अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। विपरीत परिस्थितियों में नगर निगम और नगर परिषद की टीमों का यह प्रयास सराहनीय है।
- रामनगर थाना क्षेत्र के मर्यादपुर में जनचौपाल, पुलिस ने किया जागरूक मैहर/रामनगर। रामनगर थाना अंतर्गत मर्यादपुर में चौकी प्रभारी मर्यादपुर के नेतृत्व में जनचौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस ने आमजनों को महिला अपराध, साइबर अपराध, नशीली कफ सिरप के दुरुपयोग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए ओटीपी व बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने और अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की समझाइश दी। साथ ही नशीली कफ सिरप की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि अपराधों की रोकथाम में आमजन का सहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है।2
- *💥 नगर परिषद कार्यालय के सामने ही बनी गौशाला, डभौरा के हर चौराहे पर गोवंश का जमावड़ा - अध्यक्ष और CMO बने मूक दर्शक 💥* *👉 गौशाला संचालन करने वाली संस्था नहीं संभाल रही गौशाला, सड़कों पर भटकने को मजबूर गौ माताएं* *👉 युवा नेता प्रमोद जायसवाल 'जग्गा' ने दी चेतावनी - 10 दिन में हालात नहीं सुधरे तो नगर परिषद के सामने होगा उग्र आंदोलन* *डभौरा, रीवा (म.प्र.):* नगर परिषद डभौरा की लापरवाही अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। शासन द्वारा आवारा गोवंश के लिए गौशाला बनाने और उनके संरक्षण के लिए लाखों रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ताजा मामला नगर परिषद डभौरा का है, जहां की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में *"कार्यालय नगर परिषद डभौरा जिला रीवा (म.प्र.)"* के बोर्ड के ठीक सामने मुख्य सड़क पर 20 से 25 आवारा गायों का झुंड बैठा और घूमता हुआ नजर आ रहा है। इस तस्वीर ने नगर परिषद के गोवंश सुरक्षा के सारे दावों की पोल खोल दी है। *हर चौराहे पर गोवंश का कब्जा* यह हाल सिर्फ नगर परिषद कार्यालय के सामने का नहीं है। डभौरा के मुख्य बाजार, बस स्टैंड, हर चौराहे और गली-मोहल्ले में गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। दिन-रात गौ माताएं सड़कों पर भटकती हैं, कचरा खाती हैं और हादसों का शिकार होती हैं। कई बार बाइक सवार और राहगीर इनकी वजह से गिरकर घायल भी हो चुके हैं। *गौशाला संचालन करने वाली संस्था पर गंभीर आरोप* नगर के लोगों का आरोप है कि गौशाला के संचालन का ठेका जिस संस्था को दिया गया है, वह ईमानदारी से अपना काम नहीं कर रही है। गौशाला में गायों के लिए न तो चारे की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही देखरेख की। इसी कारण गोवंश को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस संस्था के कामकाज की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। *अध्यक्ष और CMO बने मूक दर्शक* इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद *नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ मूक दर्शक बने हुए हैं।* नागरिकों की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कार्यालय के सामने ही गायों का जमावड़ा इस बात का सबूत है कि नगर परिषद कितनी गंभीर है। *युवा नेता प्रमोद जायसवाल 'जग्गा' ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी* नगर परिषद की इस लापरवाही को लेकर अब युवाओं में आक्रोश है। *क्षेत्र के सक्रिय युवा नेता प्रमोद जायसवाल 'जग्गा'* ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। *प्रमोद जायसवाल जग्गा ने कहा* - "गौ माता हमारी आस्था का प्रतीक हैं, उनका इस तरह सड़कों पर भटकना और कचरा खाना बेहद शर्मनाक है। नगर परिषद और गौशाला संचालित करने वाली संस्था सिर्फ कागजों में गौ सेवा कर रही है। अगर 10 दिन के अंदर सड़कों से गोवंश को हटाकर गौशाला में नहीं रखा गया और व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो हम समस्त युवा साथियों के साथ नगर परिषद कार्यालय के सामने उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"_ उनकी इस चेतावनी के बाद अब नगर परिषद पर दबाव बढ़ गया है। देखना होगा कि 10 दिन में प्रशासन जागता है या फिर डभौरा को एक बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।1
- मऊगंज पुलिस की अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, दो दिन में 31 प्रकरण दर्ज, 114.26 लीटर शराब जब्त मऊगंज, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत के निर्देशन में संचालित "ऑपरेशन प्रहार-2" के तहत मऊगंज पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाते हुए 29 और 30 अगस्त को जिलेभर में प्रभावी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत 31 प्रकरण दर्ज किए गए तथा 114.26 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 60,810 रुपये बताई गई है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अलग- अलग कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की थाना मऊगंज में 4 प्रकरण दर्ज कर 19.26 लीटर देशी प्लेन शराब अनुमानित कीमत 9,220 रुपये जब्त की गई थाना नईगढ़ी में 5 प्रकरण दर्ज कर 20.34 लीटर देशी प्लेन शराब अनुमानित कीमत 13,700 रुपये बरामद की गई थाना लौर में 8 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 25.74 लीटर अवैध शराब अनुमानित कीमत 14,500 रुपये जब्त की गई थाना शाहपुर में 8 प्रकरण दर्ज कर 27.50 लीटर अवैध शराब, जिसमें देशी प्लेन एवं हाथ भट्टी महुआ शराब शामिल है, जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 12,140 रुपये है। थाना हनुमना में 6 प्रकरण दर्ज कर 21.42 लीटर देशी प्लेन शराब अनुमानित कीमत 11,250 रुपये बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मऊगंज पुलिस की अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, दो दिन में 31 प्रकरण दर्ज, 114.26 लीटर शराब जब्त मऊगंज, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत के निर्देशन में संचालित "ऑपरेशन प्रहार-2" के तहत मऊगंज पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाते हुए 29 और 30 अगस्त को जिलेभर में प्रभावी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत 31 प्रकरण दर्ज किए गए तथा 114.26 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 60,810 रुपये बताई गई है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अलग- अलग कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की थाना मऊगंज में 4 प्रकरण दर्ज कर 19.26 लीटर देशी प्लेन शराब अनुमानित कीमत 9,220 रुपये जब्त की गई थाना नईगढ़ी में 5 प्रकरण दर्ज कर 20.34 लीटर देशी प्लेन शराब अनुमानित कीमत 13,700 रुपये बरामद की गई थाना लौर में 8 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 25.74 लीटर अवैध शराब अनुमानित कीमत 14,500 रुपये जब्त की गई थाना शाहपुर में 8 प्रकरण दर्ज कर 27.50 लीटर अवैध शराब, जिसमें देशी प्लेन एवं हाथ भट्टी महुआ शराब शामिल है, जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 12,140 रुपये है। थाना हनुमना में 6 प्रकरण दर्ज कर 21.42 लीटर देशी प्लेन शराब अनुमानित कीमत 11,250 रुपये बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- खबर/मैहर/अमरपाटन मध्यप्रदेश टूरिज्म के अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला ने मदीना भवन का किया निरीक्षण* *मध्यप्रदेश टूरिज्म के अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला ने मदीना भवन का किया निरीक्षण* मैहर मे संगीत सम्राट बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां की समृद्ध संगीत विरासत को संरक्षित करने और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को उनकी कला एवं योगदान से परिचित कराने की दिशा में मैहर में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला ने सोमवार को मदीना भवन पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला ने बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां से जुड़ी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। उन्होंने बाबा द्वारा तैयार किए गए मैहर बैंड, नल तरंग सहित विभिन्न वाद्य यंत्रों तथा उनके उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने मदीना भवन के पुनरुद्धार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी, एसडीएम, समाजसेवी डॉ. कैलाश जैन, मदीना भवन के ट्रस्टी सहित संबंधित अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने आज 1 सितंबर को रेल रोको आंदोलन सफल हुआ जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एस के त्रिपाठी एवं गंगा विश्वकर्मा चंद्रिका द्विवेदी एवं जिला उपाध्यक्ष विष्णु सोनी दिलीप बुनकर रवि शंकर यादव नितिन शर्मा संजीव शर्मा विकास सिंह शशांक यादव जयपाल दहिया आसाराम करी विक्रम सिंह पंकज उपाध्याय नितिन शर्मा अनूप सतना सहित पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे1
- *सतना चित्रकूट को फिर से संवारने के लिए रात में भी जारी है सफाई महाअभियान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस पल-पल ले रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *सतना / चित्रकूट।* बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं चित्रकूट में रहकर पल-पल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर के संकल्प - चित्रकूट को बेहतर बनाना - के साथ जिला प्रशासन के निर्देश पर रात में भी उसी ऊर्जा के साथ सफाई अभियान जारी है। नगर निगम सतना की टीम, नगर परिषद चित्रकूट सहित अन्य नगर परिषदों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई कार्य में जुटी हैं। टीम को लगातार ऊर्जा देने का कार्य जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह एवं एडीएम सतना विकास सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर निगम और नगर परिषदों के सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। बाढ़ के बाद राहत कार्य के अंतर्गत सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रात्रिकालीन सफाई अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। विपरीत परिस्थितियों में नगर निगम और नगर परिषद की टीमों का यह प्रयास सराहनीय है। *सतना चित्रकूट को फिर से संवारने के लिए रात में भी जारी है सफाई महाअभियान, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस पल-पल ले रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *सतना / चित्रकूट।* बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस स्वयं चित्रकूट में रहकर पल-पल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर के संकल्प - चित्रकूट को बेहतर बनाना - के साथ जिला प्रशासन के निर्देश पर रात में भी उसी ऊर्जा के साथ सफाई अभियान जारी है। नगर निगम सतना की टीम, नगर परिषद चित्रकूट सहित अन्य नगर परिषदों की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई कार्य में जुटी हैं। टीम को लगातार ऊर्जा देने का कार्य जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह एवं एडीएम सतना विकास सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नगर निगम और नगर परिषदों के सफाई कर्मियों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। बाढ़ के बाद राहत कार्य के अंतर्गत सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रात्रिकालीन सफाई अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। विपरीत परिस्थितियों में नगर निगम और नगर परिषद की टीमों का यह प्रयास सराहनीय है।2
- *बाढ़ प्रभावित वार्ड 6,7,8के निचली बस्ती में रहने वाले व्यक्तियों को रॉयल कॉम्पलेक्स और वार्ड नंबर 1 से 5 तक के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बालाजी पैलेस में रहने और खाने की व्यवस्था की गई* *बाढ़ प्रभावित वार्ड 6,7,8के निचली बस्ती में रहने वाले व्यक्तियों को रॉयल कॉम्पलेक्स और वार्ड नंबर 1 से 5 तक के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बालाजी पैलेस में रहने और खाने की व्यवस्था की गई*1
- *जब देश मना रहा था आजादी का जश्न, तब कस्तरा गांव में लोग अपनी जान बचाने का रास्ता खोज रहे थे* *मैहर / अमरपाटन।* जब पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था, उस समय जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुना के कस्तरा टोला के 100 घरों में जश्न नहीं, बल्कि खौफ का मंजर था। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। ग्रामीणों को एक ही चिंता सता रही थी कि कैसे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित किया जाए। मन में एक ही डर था कि कहीं गांव में पानी घुस गया तो क्या होगा। रात के अंधेरे में लोग डर के मारे सहमे रहे और दूसरे दिन भी परेशानियों से जूझते रहे। कस्तरा गांव चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है। गांव से बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही मुख्य मार्ग है। मुकुंदपुर मुख्य बाजार, जहां से ग्रामीण रोजमर्रा की खरीददारी करते हैं, उसी रास्ते से जाना पड़ता है, लेकिन हल्की सी बारिश में ही वह रास्ता उफान पर आ जाता है। *बीमार बुजुर्ग दवा को तरसे* रपटा पर पानी आने से गांव पूरी तरह कैद हो गया। गांव में मौजूद बीमार बुजुर्ग दवाइयों के लिए तरस रहे हैं। जरूरत की सामग्री तक नहीं पहुंच पा रही है। आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण सिर्फ एक रास्ते के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। *कुमार अर्जुन सिंह के समय का जर्जर रपटा* ग्रामीणों ने बताया कि मुर्जुआ नाले में जो रपटा बना है, वह कुमार अर्जुन सिंह के समय का है। वह अब बहुत गहराई में चला गया है, जर्जर हो चुका है। थोड़ा सा पानी बढ़ते ही उसके ऊपर से बहने लगता है और आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। जब तक रपटा से पानी नीचे नहीं उतरता, ग्रामीण गांव में ही कैद रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विपरीत परिस्थिति आ जाए तो हम खुद को कैसे बचाएंगे, यह सबसे बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा। खबर अमरपाटन/ग्राम पंचायत जमुना कस्तरा ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला प्रशासन मैहर से मांग की है कि इस जर्जर रपटा की जगह ऊंचा पक्का पुल बनाया जाए, ताकि कस्तरा गांव के 100 परिवार मुख्य मार्ग से जुड़ सकें और उन्हें इस कैद से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सके। खबर अमरपाटन/ग्राम पंचायत जमुना कस्तरा रपटे में पानी बढ़ते हैं ग्रामीण हुए कैद जान जोखिम में डालकर लोग करते हैं रपटा पर कस्तरा गांव के लोग#news#mihar#mpliveupdate #ख़बर1इंडिया #ndtvnews *जब देश मना रहा था आजादी का जश्न, तब कस्तरा गांव में लोग अपनी जान बचाने का रास्ता खोज रहे थे* *मैहर / अमरपाटन।* जब पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था, उस समय जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुना के कस्तरा टोला के 100 घरों में जश्न नहीं, बल्कि खौफ का मंजर था। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। ग्रामीणों को एक ही चिंता सता रही थी कि कैसे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित किया जाए। मन में एक ही डर था कि कहीं गांव में पानी घुस गया तो क्या होगा। रात के अंधेरे में लोग डर के मारे सहमे रहे और दूसरे दिन भी परेशानियों से जूझते रहे। कस्तरा गांव चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है। गांव से बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही मुख्य मार्ग है। मुकुंदपुर मुख्य बाजार, जहां से ग्रामीण रोजमर्रा की खरीददारी करते हैं, उसी रास्ते से जाना पड़ता है, लेकिन हल्की सी बारिश में ही वह रास्ता उफान पर आ जाता है। *बीमार बुजुर्ग दवा को तरसे* रपटा पर पानी आने से गांव पूरी तरह कैद हो गया। गांव में मौजूद बीमार बुजुर्ग दवाइयों के लिए तरस रहे हैं। जरूरत की सामग्री तक नहीं पहुंच पा रही है। आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण सिर्फ एक रास्ते के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। *कुमार अर्जुन सिंह के समय का जर्जर रपटा* ग्रामीणों ने बताया कि मुर्जुआ नाले में जो रपटा बना है, वह कुमार अर्जुन सिंह के समय का है। वह अब बहुत गहराई में चला गया है, जर्जर हो चुका है। थोड़ा सा पानी बढ़ते ही उसके ऊपर से बहने लगता है और आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। जब तक रपटा से पानी नीचे नहीं उतरता, ग्रामीण गांव में ही कैद रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विपरीत परिस्थिति आ जाए तो हम खुद को कैसे बचाएंगे, यह सबसे बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा। ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला प्रशासन मैहर से मांग की है कि इस जर्जर रपटा की जगह ऊंचा पक्का पुल बनाया जाए, ताकि कस्तरा गांव के 100 परिवार मुख्य मार्ग से जुड़ सकें और उन्हें इस कैद से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सके।1
- 🚨 BREAKING NEWS | रामघाट (UP) 🌊 बाढ़ के बीच NDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन रामघाट (उत्तर प्रदेश) में बाढ़ के चलते फंसे स्थानीय लोगों को NDRF की टीम लगातार रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। ⚠️ मुश्किल हालात में NDRF के जवानों का रेस्क्यू अभियान जारी। 📍 रामघाट, उत्तर प्रदेश #BreakingNews #Ramghat #UP #NDRF #RescueOperation #Flood #Chitrakoot 🚨 BREAKING NEWS | रामघाट (UP) 🌊 बाढ़ के बीच NDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन रामघाट (उत्तर प्रदेश) में बाढ़ के चलते फंसे स्थानीय लोगों को NDRF की टीम लगातार रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। ⚠️ मुश्किल हालात में NDRF के जवानों का रेस्क्यू अभियान जारी। 📍 रामघाट, उत्तर प्रदेश #BreakingNews #Ramghat #UP #NDRF #RescueOperation #Flood #Chitrakoot1