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सागर जनसुनवाई में मेनपानी से आई महिला ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास घरेलू हिंसा के मामले मे सुसराल वालों के खिलाफ करवाई को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा न्याय नही मिलने से उठाया कदम महिला सुरक्षा कर्मी ने पेट्रोल डालते ही पकड़ लिया । सागर जनसुनवाई में मेनपानी से आई महिला ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास घरेलू हिंसा के मामले मे सुसराल वालों के खिलाफ करवाई को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा न्याय नही मिलने से उठाया कदम महिला सुरक्षा कर्मी ने पेट्रोल डालते ही पकड़ लिया ।
नीरज वैद्यराज पत्रकार
सागर जनसुनवाई में मेनपानी से आई महिला ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास घरेलू हिंसा के मामले मे सुसराल वालों के खिलाफ करवाई को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा न्याय नही मिलने से उठाया कदम महिला सुरक्षा कर्मी ने पेट्रोल डालते ही पकड़ लिया । सागर जनसुनवाई में मेनपानी से आई महिला ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास घरेलू हिंसा के मामले मे सुसराल वालों के खिलाफ करवाई को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा न्याय नही मिलने से उठाया कदम महिला सुरक्षा कर्मी ने पेट्रोल डालते ही पकड़ लिया ।
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- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले नारी शक्ति का 'वंदन' नहीं, भाजपा राज में हो रहा है 'दमन' प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी ने भाजपा के पाखंड और महिलाओं के खिलाफ संगठित अपराधों का किया पर्दाफाश महिला आरक्षण के नाम पर मोदी सरकार का 'असंवैधानिक खेल' बेनकाब; 2029 से ही लागू हो 33% आरक्षण - रेखा चौधरी बीना/सागर/लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संसद में मिली जीत का स्वागत करती है। मोदी सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के माध्यम से सत्ता पर एकाधिकार जमाने की जो साज़िश रची थी, विपक्ष की एकजुटता ने उसे विफल कर दिया है। संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर हुए मतदान ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। यह बात मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने मंगलवार को संभागीय मुख्यालय सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन में आयोजित इस पत्रकार वार्ता का आयोजन जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वय भूपेंद्र सिंह मुहासा व महेश जाटव ने संयुक्त रूप से किया। पत्रकार वार्ता का संचालन प्रदेश मीडिया विभाग के डॉ संदीप सबलोक व आभार संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने व्यक्त किया। पत्रकार वार्ता में नगर निगम पार्षद नीलोफर चमन अंसारी, रोशनी वसीम खान, ऋचा सिंह गोंड, सुलेखा राकेश राय, सीमा चौधरी, संगीता अहिरवार के साथ ही महिला कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी रेखा सोनी किरण लता सोनी, पार्षद ताहिर खान की विशेष रूप से उपस्थिति रही। प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन से संबंधित संशोधन विधेयक पर हुए मतदान में कुल 528 मतों में से विधेयक के पक्ष में केवल 230 वोट पड़े, जबकि विरोध में 298 मत पड़े, जिसके फलस्वरूप यह असंवैधानिक संशोधन गिर गया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से देश की लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के मामले में भाजपा का "महिला विरोधी चरित्र" एक बार फिर सामने आ गया है। भाजपा सरकार की 'महिला विरोधी' नीतियों के चलते आरक्षण के नाम पर देश की आधी आबादी को 'संवैधानिक धोखे' में रखा जा रहा है। भाजपा के लिए नारी सम्मान केवल एक चुनावी इवेंट है, जबकि हकीकत में उनका हाथ हमेशा 'शोषकों' के साथ रहा है। भाजपा सरकार में महिलाओं का सम्मान केवल विज्ञापनों तक सीमित है, जबकि धरातल पर सत्ता के संरक्षण में महिलाओं की अस्मत को रौंदा जा रहा है। रेखा चौधरी ने सीधा आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जानबूझकर महिला आरक्षण को 'परिसीमन' और 'जनगणना' की उलझनो में फंसाया है। सरकार की मंशा महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि परिसीमन के बहाने बिना जातिगत जनगणना के मनमाने तरीके से चुनावी गणित को अपने पक्ष में मोड़ना था। सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ मिलाकर संविधान के ढांचे को बदलने और सारी 'Executive Power' अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और देश की अखंडता पर हमला था। रेखा चौधरी ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में 100% एकजुट है। हमने सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का समर्थन किया था और आज भी हमारी मांग स्पष्ट है—महिलाओं को उनका हक तुरंत मिलना चाहिए। आरक्षण के नाम पर 'पोस्ट-डेटेड चेक' का खेल: भाजपा जो आज 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का ढिंढोरा पीट रही है, वह वास्तव में महिलाओं के साथ किया गया एक ऐतिहासिक छल है। जब सितंबर 2023 में यह बिल 454 मतों के भारी समर्थन से संसद में पास हो चुका था, तो इसे 2024 के चुनावों में लागू क्यों नहीं किया गया? भाजपा ने 'परिसीमन' और 'जनगणना' की ऐसी पेचीदा शर्तें जोड़ी हैं कि महिलाओं को उनका हक 2029 या 2034 से पहले नहीं मिलने वाला। यह आरक्षण नहीं, बल्कि मोदी सरकार द्वारा महिलाओं को दिया गया एक 'पोस्ट-डेटेड चेक' है, जिसका बैंक पहले ही दिवालिया हो चुका है। आरक्षण: 2029 की 'तारीख' का धोखा पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने 1989 से पंचायती राज के माध्यम से महिलाओं को शक्ति देने का काम शुरू किया था। लेकिन मोदी सरकार परिसीमन और जनगणना की शर्त लगाकर इस हक को 2029 तक टाल रही है। हमारी मांग है कि 33% आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू हो। OBC महिलाओं के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण सुनिश्चित हो। जुमलेबाजी बंद हो और संसद में महिलाओं की भागीदारी तत्काल शुरू हो।" भाजपा को 'शर्म रैली' की आवश्यकता: आज भाजपा जो 'आक्रोश रैली' निकाल रही है, वह हास्यास्पद है। "भाजपा को आक्रोश रैली नहीं, बल्कि 'शर्म रैली' निकालनी चाहिए और देश की उन आधी आबादी से माफी मांगनी चाहिए जिन्हें उन्होंने 10 साल तक केवल जुमलों में उलझाए रखा।" देश में कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं: भाजपा का काला चेहरा हर बार सामने आया लखीमपुर से लेकर उत्तराखंड (अंकिता भंडारी कांड) तक भाजपा का खूनी इतिहास: लखीमपुर खीरी में किसानों की बेटियों के साथ हुए अत्याचार हों या उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या, जिसमें भाजपा नेता के बेटे का नाम आया—इन सभी घटनाओं में एक बात समान थी: "आरोपी भाजपा से जुड़े थे और सरकार उन्हें बचा रही थी।" हाथरस में रात के अंधेरे में बेटी को जलाना और कठुआ में आरोपियों के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकालना भाजपा के 'कथित संस्कारों' का असली प्रमाण है। मणिपुर का मौन: "बेटियों की नग्न परेड पर प्रधानमंत्री खामोश" "जब मणिपुर में हमारी बहनों को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाया जा रहा था, तब 56 इंच का सीना रखने वाले प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त थे। महीनों तक मणिपुर जलता रहा, बेटियां रोती रहीं, लेकिन सरकार का मौन नहीं टूटा। यह चुप्पी अपराधियों के लिए समर्थन और देश की महिलाओं के लिए अपमान का सबसे बड़ा प्रमाण है।" प्रज्वल रेवन्ना: भाजपा के 'अश्लील' गठजोड़ का चेहरा: "बेटी बचाओ" का नारा देने वाले प्रधानमंत्री उस समय मौन क्यों थे जब उनके गठबंधन के साथी प्रज्वल रेवन्ना की हजारों अश्लील सीडी और महिलाओं के शोषण के वीडियो सामने आ रहे थे? हजारों महिलाओं की अस्मत से खेलने वाले ऐसे 'नरपिशाचों' को संरक्षण देना क्या भाजपा का नारी वंदन है? कर्नाटक की बेटियों की चीखें मोदी जी के कानों तक क्यों नहीं पहुँची? सेना की महिला अधिकारी का अपमान: "वर्दी का भी सम्मान नहीं" जो सरकार सेना के नाम पर वोट मांगती है, उसी के मंत्री सेना की महिला अधिकारियों का सार्वजनिक रूप से अपमान करते हैं। "जब हमारी सेना की जांबाज महिला अफसरों को भाजपा के मंत्रियों द्वारा अपमानित किया जाता है और सरकार उन मंत्रियों को बर्खास्त करने के बजाय 'संरक्षण' देती है, तब स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा की नज़र में महिलाओं की योग्यता और पद की कोई कीमत नहीं है।" उमा भारती: "इस्तेमाल करो और फेंक दो" की नीति : भाजपा की आंतरिक राजनीति पर कड़ा हमला, "भाजपा महिलाओं को केवल सत्ता की सीढ़ी मानती है। 2003 में उमा भारती जी के चेहरे पर चुनाव लड़ा गया, लेकिन जैसे ही बहुमत मिला, उन्हें षड्यंत्र के तहत मुख्यमंत्री पद से हटाकर किनारे कर दिया गया। जिस महिला ने भाजपा को मप्र में खड़ा किया, आज उन्हें ही अपनी पार्टी में हाशिए पर धकेल दिया गया है। यह भाजपा की 'इस्तेमाल करो और फेंक दो' वाली मानसिकता का जीवंत उदाहरण है।" मध्य प्रदेश: महिला अपराधों का 'कब्रिस्तान': मध्य प्रदेश आज महिला अपराधों में देश में नंबर-1 बन चुका है। सागर सहित पूरे प्रदेश में बेटियां असुरक्षित हैं। भाजपा के नेता कभी महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी करते हैं तो कभी उन्हें 'टंच माल' कहकर अपमानित करते हैं। यह 'बदजुबानी' केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि भाजपा की उस सामंती मानसिकता का हिस्सा है जो महिलाओं को केवल वस्तु समझती है। सत्ता की ठसक में भाजपा नेताओं ने जिस तरह महिलाओं को प्रताड़ित किया, वह राज्य के इतिहास में काला अध्याय है। "चाहे पटवारी भर्ती हो या धाकड़ कांड, भाजपा से जुड़े रसूखदार लोग हमेशा जांच की आंच से बच जाते हैं और पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए दर-दर भटकती हैं।" भाजपा का असली नारा है: बेटी डराओ, अपराधी बचाओ और सत्ता पाओ प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि संभागीय मुख्यालय सागर की धरती से शुरू हुआ यह जन-आक्रोश प्रदेश की हर चौखट तक जाएगा और आगामी समय में महिलाएं इस 'छल' का जवाब अपने वोट से देंगी।कांग्रेस पार्टी और हमारे नेता राहुल गांधी जी की मांग स्पष्ट है—यदि सरकार की मंशा साफ है, तो आरक्षण को आज और इसी वक्त वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए। इसमें OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि उनके बिना 'नारी शक्ति' की बात करना बेमानी है। जनगणना और परिसीमन के बहाने इसे टालना बंद करें। यदि महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सुरक्षा नहीं मिली, तो सागर संभाग सहित पूरे मध्य प्रदेश की नारी शक्ति सड़क पर उतरकर इस 'दमनकारी' सरकार की ईंट से ईंट बजा देगी। अब बेटियां 'वंदन' नहीं, अपना 'अधिकार' और 'न्याय' मांग रही हैं। इस अवसर पर सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, कमलेश तिवारी, दीनदयाल तिवारी, चमन अंसारी, वसीम खान, आनंद हेला, हेमराज रजक कमल चौधरी हेमलता कुर्मी, ज्योति मलैया, रेखा अहिरवार, महेश अहिरवार, अजय अहिरवार, संजय सराफ आदि की उपस्थिति रही।3
- सागर जनसुनवाई में मेनपानी से आई महिला ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास घरेलू हिंसा के मामले मे सुसराल वालों के खिलाफ करवाई को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा न्याय नही मिलने से उठाया कदम महिला सुरक्षा कर्मी ने पेट्रोल डालते ही पकड़ लिया ।1
- कड़ी धूप ने आज फिर इम्तिहान ले लिया, छांव भी दूर रही, वक्त ने क्या दे दिया। 💯😍❤️🔥🙏😀3
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- लोकेशन :- बीना रिपोर्टर:-बिजय चोहान बीना :- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत सोमवार को कृषि उपज मंडी परिसर में सामूहिक1
- लोकेशन :- बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना :- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत सोमवार को कृषि उपज मंडी परिसर में सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया। आयोजन में हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों के साथ कुल 50 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। हिंदू परंपरा के अनुसार 49 जोड़ों ने विधि-विधान से सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की, वहीं एक जोड़े का निकाह संपन्न कराया। कार्यक्रम में विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संस्कार पूर्ण कराए, जबकि शहर काजी रिजवान हाशमी ने मुस्लिम जोड़े का निकाह पढ़ा। सम्मेलन में शामिल सभी जोड़े सजे-धजे नजर आए और सम्मेलन में एक दूसरे को वरमाला पहनाने के साथ मंत्रोच्चारण के बीच अग्नि के साथ फेरे लेकर दाम्पत्य जीवन शुरू किया। विवाह संपन कराने वाले पंडित सौरभ ने सात-पांच वचन भी सुनाए। इसके अलावा जीवन में इसका महत्व भी बताया। पुरैना की सुनील चौधरी ने भाभी से विवाह कर सामाजिक ताने-बाने को दिखाया ठेंगा सम्मेलन मैं एक ऐसा भी उदाहरण आया जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया पुरैना के 27 वर्षीय सुनील अहिरवार ने अपनी 24 वर्षीय विधवा भाभी से विवाह कर जहां सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया वहीं उसने अपने भतीजे को पिता का साया दिया। फैरो की समय 4 वर्षीय पुत्र सूर्यांश भी मौजूद रहा। अतिथियों ने की सराहना विवाह सम्मेलन में अतिथि के रूप में विधायक निर्मला सप्रे, नगरपालिका अध्यक्ष लता सकवार, जनपद अध्यक्ष उषा राय, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है। लेट पहुंचे जौड़े की भी की नगर पालिका ने व्यवस्था कराई। विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात पहुंच जौड़ा रजिस्ट्रेशन क्रमांक 18 पर दर्ज वर पक्ष नीरज प्रजापति, वधू पक्ष हर्षिता प्रजापति मनोरमा वार्ड बीना पहुंचते ही नगर पालिका के जितेंद्र भिलवारे, नंदकिशोर अहिरवार एवं उनकी टीम ने तत्काल भोजन व्यवस्था कराई, एवं वधू पक्ष के खाते में राशि पहुंचने का आश्वासन दिया। इस बार दानदाता, एवं सामाजिक संगठन पीछे रहे। पहली बार होगा मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन में दानदाता एवं सामाजिक संगठन, नेतागण दान करने में पीछे रहे केवल विधायक निर्मला सप्रे द्वारा समस्त जोड़ों को कुकर प्रदान किया गया। अन्य सभी पीछे रहे।कुछ लोगों का कहना था की बार-बार चंदा कहां तक दें। अंत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव ने सभी का आभार व्यक्त किया।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *सागर पुलिस की संवेदनशीलता: ऑटो में छूटी 3 लाख की PFT मशीन 6 घंटे में बरामद, रोते हुए आए युवक के चेहरे पर लौटाई मुस्कान* *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम की टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ढूँढ निकाला ऑटो* बीना।सागर | दिनांक: 21 अप्रैल 2026 सागर पुलिस ने एक बार फिर *'देशभक्ति-जनसेवा*' के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए एक गरीब युवक के रोजगार के साधन को चंद घंटों में सुरक्षित वापस लौटाया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) लोकेश कुमार सिन्हा के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में कंट्रोल रूम की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ऑटो में छूटी करीब 3 लाख रुपये की मशीन बरामद कर उसे उसके असली मालिक तक पहुँचाया। *घटना का विवरण:* जब फफक-फफक कर रो पड़ा युवक आज सुबह लगभग 11:00 बजे पंकज दुबे, जो सिप्ला कंपनी में 'ब्रीथ फ्री एजुकेटर' के पद पर कार्यरत हैं, बदहवास हालत में कंट्रोल रूम सागर पहुँचे। उन्होंने रोते हुए बताया कि वह मकरोनिया से ऑटो लेकर मेडिकल कॉलेज के पास जा रहे थे, लेकिन बस स्टैंड पर उतरते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया। *बैग की अहमियत:* कीमती उपकरण: बैग में PFT (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) मशीन थी, जिसकी कीमत लगभग 2.80 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है। आजीविका का संकट: पंकज की मासिक आय मात्र 15,000 रुपये है। उनके लिए यह मशीन न केवल महंगी थी, बल्कि उनके रोजगार का एकमात्र साधन भी थी। *एएसपी के निर्देश और पुलिस की त्वरित कार्रवाई* युवक की पीड़ा और उसकी स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कंट्रोल रूम प्रभारी आर के एस चौहान और स्टाफ को सक्रिय होकर बैग खोजने के निर्देश दिए। *सीसीटीवी ट्रैकिंग*: महिला आरक्षक रेखा रजक एवं योगेश ने बिना समय गंवाए बस स्टैंड और मकरोनिया मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संबंधित ऑटो की पहचान की गई *सोशल मीडिया और वायरलेस का जाल:* ऑटो के फुटेज और जानकारी को तत्काल पुलिस के सभी ग्रुपों में वायरल किया गया और शहर के सभी फिक्स पिकेट्स व थानों को अलर्ट भेजा गया। *दबाव का असर:* पुलिस की सक्रियता और सूचना के प्रसार के चलते जब ऑटो चालक को जानकारी मिली, तो उसने चेक किया और पाया कि बैग सुरक्षित है। *6 घंटे का सस्पेंस और सुखद अंत* लगातार 6 घंटे की मशक्कत के बाद ऑटो चालक को थाना गोपालगंज बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में बैग की जांच की गई, जिसमें कीमती PFT मशीन पूरी तरह सुरक्षित और चालू हालत में मिली। जैसे ही पंकज दुबे को उनकी मशीन वापस मिली, जो युवक सुबह गम के आंसू रो रहा था, उसके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। पंकज ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय एवं कंट्रोल रूम के समस्त स्टाफ की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पुलिस प्रशासन का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। *सराहनीय कार्य* अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में प्रभारी कंट्रोल रूम आर के एस चौहान ,महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक आरक्षक योगेश एवं कंट्रोल रूम की टीम का सराहनीय योगदान रहा "पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करता है।"3