हापुड़ और बुलंदशहर की सीमा से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ गाजियाबाद के मसूरी इलाके की मिशलगढ़ी निवासी 9 साल की परी अपने नाना के घर, हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रहरवा आई थी। रविवार दोपहर को गंगा में नहाते समय उसका हाथ छूट गया और वह गहरे पानी में डूब गई। घटना के बाद बहादुरगढ़ पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने बच्ची को खोजने के लिए घंटों तक कड़ा तलाशी अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन रहरवा के पास उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, शाम को बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र स्थित बुगरासी चौकी के गांव बसी बांगर में स्थानीय लोगों ने बच्ची के शव को गंगा में तैरते हुए देखा। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नरसेना और बुगरासी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है।
हापुड़ और बुलंदशहर की सीमा से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ गाजियाबाद के मसूरी इलाके की मिशलगढ़ी निवासी 9 साल की परी अपने नाना के घर, हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रहरवा आई थी। रविवार दोपहर को गंगा में नहाते समय उसका हाथ छूट गया और वह गहरे पानी में डूब गई। घटना के बाद बहादुरगढ़ पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने बच्ची को खोजने के लिए घंटों तक कड़ा तलाशी अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन रहरवा के पास उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, शाम को बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र स्थित बुगरासी चौकी के गांव बसी बांगर में स्थानीय लोगों ने बच्ची के शव को गंगा में तैरते हुए देखा। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नरसेना और बुगरासी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है।
- हापुड़ और बुलंदशहर की सीमा से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ गाजियाबाद के मसूरी इलाके की मिशलगढ़ी निवासी 9 साल की परी अपने नाना के घर, हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रहरवा आई थी। रविवार दोपहर को गंगा में नहाते समय उसका हाथ छूट गया और वह गहरे पानी में डूब गई। घटना के बाद बहादुरगढ़ पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने बच्ची को खोजने के लिए घंटों तक कड़ा तलाशी अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन रहरवा के पास उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, शाम को बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र स्थित बुगरासी चौकी के गांव बसी बांगर में स्थानीय लोगों ने बच्ची के शव को गंगा में तैरते हुए देखा। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नरसेना और बुगरासी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है।1
- जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र स्थित छावनी स्टैंड, खासकर उर्वशी मेडिकल स्टोर के पास, ठेले वालों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इन ठेले वालों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 9 (NH9) पर सड़क किनारे ठेले लगाए जाने से आए दिन हादसे होते हैं और रोड पर गंभीर जाम की स्थिति बन जाती है। इस अव्यवस्था के कारण सड़क पर किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।1
- अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बावन खेड़ी में श्री ज़ाहिद के घर से हफीज तक की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यह सड़क इतनी टूट चुकी है कि इससे छोटे बच्चों के गिरकर दुर्घटनाग्रस्त होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। बताया गया है कि पहली ही बारिश में यह सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है। स्थानीय लोगों ने ग्राम प्रधान से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस समस्या का संज्ञान लें और जल्द से जल्द इसका समाधान करें।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में गूगल मैप के बताए रास्ते का अनुसरण करना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। गूगल मैप के निर्देशों का पालन करते हुए जा रही परिवार की कार गहरे नाले में जा गिरी, जिसमें सवार एक ही परिवार के चार सदस्य फंस गए। यह परिवार करीब 2 घंटे तक अपनी कार सहित नाले में फंसा रहा। इस घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद नाले में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर कार को भी बाहर खींच लिया।3
- गढ़मुक्तेश्वर सिम्भावली पुलिस और एएनटीएफ मेरठ की एक संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 112 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक क्रेटा कार भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तस्कर ओडिशा राज्य से अवैध गांजे की खेप लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सप्लाई करते थे, जिससे वे मोटा आर्थिक लाभ कमाते थे। आरोपियों का यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त था। हापुड़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण और नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के विशेष अभियान के तहत, थाना सिम्भावली पुलिस और एएनटीएफ मेरठ की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर गंगा एक्सप्रेस-वे हाईवे कट खुडलिया के पास सघन चेकिंग अभियान के दौरान इन तीनों तस्करों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान ही वाहन से यह भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू सिंह उर्फ सोनवेर सिंह (निवासी ग्राम नारायणपुर वासका थाना कपूरपुर, हाल निवासी दिनेश नगर, पिलखुवा), विनोद कुमार (निवासी ग्राम करीमपुर भाईपुर मिलक थाना कपूरपुर) और राहुल (निवासी ग्राम मसौता थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और बरामद मादक पदार्थ तथा वाहन को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, बरामद गांजे की मात्रा और तस्करी के नेटवर्क को देखते हुए पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। इस कार्रवाई को जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- भारतीय किसान यूनियन बाबा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहसिन उर्फ बबलू भैय्या जी के आदेशानुसार और युवा यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान वाहिद जी के नेतृत्व में, विश्व विख्यात संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गौमाता के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौवंश की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौमाता के प्रति क्रूरता, अवैध वध और दुराचार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, ताकि समाज में कानून का सम्मान बना रहे और गौसंरक्षण को मजबूती मिल सके। राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान वाहिद जी ने इस दौरान जोर देकर कहा कि गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार हैं, जो सदियों से सेवा, त्याग, करुणा और समृद्धि का प्रतीक रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौसंरक्षण केवल किसी एक धर्म, जाति या वर्ग का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज की साझा जिम्मेदारी है। वाहिद जी ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज गौमाता के नाम पर राजनीति करने के बजाय, उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने उन असामाजिक और राजनीतिक तत्वों की कड़ी निंदा की जो गाय के नाम पर समाज में नफरत फैलाकर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि गाय के नाम पर किसी समुदाय को निशाना बनाना या समाज में विभाजन पैदा करना न तो धर्म के अनुरूप है और न ही देशहित में। वाहिद जी ने भारत की विविधता, गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को देश की पहचान बताते हुए, इसे हर हाल में मजबूत बनाए रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि गौसंरक्षण प्रेम, सेवा और संवेदनशीलता का विषय है, न कि वैमनस्य और टकराव का। उन्होंने बल दिया कि कानून का उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध संविधान और न्यायालय के दायरे में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति, समाज या समुदाय को बदनाम करना उचित नहीं है, क्योंकि देश कानून और संविधान से चलता है और सभी नागरिकों को समान सम्मान तथा न्याय मिलना चाहिए। इसी क्रम में ठाकुर धर्मेंद्र शिशोदिया जी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन बाबा हमेशा किसानों, मजदूरों, गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाती रही है। संगठन का मानना है कि गौवंश की रक्षा के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना भी आवश्यक है, क्योंकि किसान और गौवंश एक-दूसरे के पूरक हैं, और किसान के मजबूत हुए बिना गौसंरक्षण का उद्देश्य पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकता। इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को सर्वोपरि बताते हुए धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करने तथा प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मंडल कार्यकारिणी सदस्य दीवांग ठाकुर (मेरठ), जिला अध्यक्ष उमेश गौतम (हापुड़), धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया ठाकुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि अमी चंद बाबा महेश नदीम धर्मेंद्र सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी सनी चौधरी ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमले का शिकार हुए जहाज से सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनके साथ जहाज पर 20 अन्य भारतीय कर्मी भी मौजूद थे। सनी चौधरी पिछले एक वर्ष से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और उनकी ड्यूटी 'एमटी जगवीर' नामक जहाज पर थी, जो कोर फकान पोर्ट से माल लेकर न्यू मैंगलोर (भारत) आ रहा था। 15 मई को अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज पर फायरिंग की और उसे वापस लौटने का आदेश दिया, जिसके बाद कैप्टन जहाज को ओमान के सिनास पोर्ट ले गए। जहाज लगभग एक महीने तक समुद्र में ही खड़ा रहा, जिससे चालक दल के पास राशन और पानी की किल्लत हो गई थी। संकट तब और गहरा गया जब 11 जून की सुबह करीब 7:30 बजे अमेरिकी नौसेना ने बिना किसी पूर्व सूचना के जहाज पर मिसाइल हमला कर दिया। इस भीषण हमले में जहाज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और जहाज पर सवार सनी चौधरी सहित सभी 20 भारतीय कर्मियों की जान खतरे में पड़ गई। हमले की सूचना मिलते ही ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत संज्ञान लिया और उनके अनुरोध पर ओमान नौसेना ने फौरन एक युद्धपोत मौके पर भेजा। ओमान नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर समय रहते सभी 20 भारतीयों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सनी चौधरी ने बताया कि यदि बचाव कार्य में कुछ घंटों की भी देरी होती, तो किसी का भी बचना असंभव था। सिनास पोर्ट पहुंचने के बाद भारतीय दूतावास ने सभी कर्मियों के रहने, खाने और वतन वापसी के पुख्ता इंतजाम किए। सकुशल खुर्जा पहुंचने पर परिजनों ने सनी चौधरी का स्वागत किया। सनी ने भारत सरकार और ओमान में भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण ही सभी 20 भारतीय सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट पाए हैं।2