प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के ढाई साल बाद नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति कर दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अंबिकापुर नगर निगम के साथ-साथ सीतापुर और लखनपुर नगर पंचायतों के लिए मनोनीत पार्षदों की सूची जारी की है। अंबिकापुर निगम में नौ, जबकि लखनपुर और सीतापुर नगर पंचायत में तीन-तीन एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इस घोषणा के बाद तीनों ही नगरीय निकायों के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद यह पहला अवसर है जब एल्डरमैनों की नियुक्ति हुई है। ये नियुक्तियाँ छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए की गई हैं। सभी मनोनीत पार्षदों को तत्काल प्रभाव से अपनी जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं, और वे आगामी आदेश तक अपने पदों पर बने रहेंगे। अंबिकापुर नगर निगम के लिए जिन नौ एल्डरमैनों की नियुक्ति हुई है, उनमें करता राम गुप्ता, सावित्री जायसवाल, राजबहादुर सिंह, शरद सिन्हा, किरण सोनी, संतोष दास, तजिंदर बग्गा, रमेश जायसवाल और श्रीधर केशरी (दिव्यांग) शामिल हैं। इन नियुक्तियों के साथ, अंबिकापुर नगर निगम में अब महापौर और 48 पार्षदों के अलावा नौ मनोनीत पार्षद हो गए हैं। नवनियुक्त एल्डरमैनों में करता राम गुप्ता पूर्व पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, वहीं संतोष दास और तजिंदर बग्गा सहित अन्य मनोनीत पार्षद लंबे समय से पार्टी में पदाधिकारी और कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। इसी प्रकार, लखनपुर नगर पंचायत में दिनेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और मालती कश्यप को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि सीतापुर नगर पंचायत के लिए नेमलाल गुप्ता, अमृता पैंकरा और अनेश्वर गुप्ता को मनोनीत पार्षद बनाया गया है। इन मनोनीत पार्षदों और उनके परिजनों तथा समर्थकों में अपनी सूची में नाम देखकर हर्ष का माहौल है, और उनका मुंह मीठा कराकर एवं फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के ढाई साल बाद नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति कर दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अंबिकापुर नगर निगम के साथ-साथ सीतापुर और लखनपुर नगर पंचायतों के लिए मनोनीत पार्षदों की सूची जारी की है। अंबिकापुर निगम में नौ, जबकि लखनपुर और सीतापुर नगर पंचायत में तीन-तीन एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इस घोषणा के बाद तीनों ही नगरीय निकायों के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद यह पहला अवसर है जब एल्डरमैनों की नियुक्ति हुई है। ये नियुक्तियाँ छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए की गई हैं। सभी मनोनीत पार्षदों को तत्काल प्रभाव से अपनी जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं, और वे आगामी आदेश तक अपने पदों पर बने रहेंगे। अंबिकापुर नगर निगम के लिए जिन नौ एल्डरमैनों की नियुक्ति हुई है, उनमें करता राम गुप्ता, सावित्री जायसवाल, राजबहादुर सिंह, शरद सिन्हा, किरण सोनी, संतोष दास, तजिंदर बग्गा, रमेश जायसवाल और श्रीधर केशरी (दिव्यांग) शामिल हैं। इन नियुक्तियों के साथ, अंबिकापुर नगर निगम में अब महापौर और 48 पार्षदों के अलावा नौ मनोनीत पार्षद हो गए हैं। नवनियुक्त एल्डरमैनों में करता राम गुप्ता पूर्व पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, वहीं संतोष दास और तजिंदर बग्गा सहित अन्य मनोनीत पार्षद लंबे समय से पार्टी में पदाधिकारी और कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। इसी प्रकार, लखनपुर नगर पंचायत में दिनेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और मालती कश्यप को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि सीतापुर नगर पंचायत के लिए नेमलाल गुप्ता, अमृता पैंकरा और अनेश्वर गुप्ता को मनोनीत पार्षद बनाया गया है। इन मनोनीत पार्षदों और उनके परिजनों तथा समर्थकों में अपनी सूची में नाम देखकर हर्ष का माहौल है, और उनका मुंह मीठा कराकर एवं फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
- बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र में वन विभाग की नाक के नीचे ही 'पेड़ों की हत्या' का गंभीर खेल चल रहा है। यहां साहबों के दफ्तर के ठीक पीछे साल के पेड़ों को गाडलिंग कर सुखाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाद में उन पर अवैध कब्जा करना है। कांग्रेस जिला प्रभारी संजीत चौबे ने खुद एक वीडियो बनाकर इस पूरे मामले की पोल खोली है और विभाग की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के फॉरेस्ट अफसर इस स्थिति से भली-भांति परिचित होने के बावजूद अंधे-बहरे बने बैठे हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या अधिकारी कुंभकर्णी नींद में हैं या फिर उनका 'हिस्सा' उन तक पहुंच चुका है।1
- कोरिया जिले के रामरामगढ़ में एक स्कूल की छात्रा ने कलेक्टर से संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा के संबंध में सवाल पूछा।1
- मोहर्रम के अवसर को देखते हुए कोरबा पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में, कोरबा पुलिस द्वारा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और व्यवस्था कायम रखने का स्पष्ट संदेश देना है।1
- बिलासपुर केंद्रीय जेल के भीतर एक बंदी की हत्या का मामला सामने आया है। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी मिलते ही, प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है।1
- जशपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह कीर्तिमान 766 जन चौपालों के एक साथ सफल आयोजन और एक व्यापक हेल्मेट जागरूकता अभियान के माध्यम से रचा गया है।1
- नगर पालिका निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक-9 गेल्हापानी में पेयजल संकट अब एक रोजमर्रा की समस्या बन चुका है। इस वार्ड में पानी की आपूर्ति एसईसीएल के माध्यम से की जाती है, परंतु मोटर खराब होने और बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति बाधित हो रही है।1
- कोरबा जिले में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई है, जिससे इलाके में गंभीर चर्चा का माहौल है। इस मामले की जांच अब इस गुत्थी में उलझ गई है कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का। पुलिस इन दोनों संभावनाओं के बीच सच्चाई का पता लगाने का प्रयास कर रही है।1
- अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड के आसपास उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ युवतियों के बीच अचानक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद उग्र रूप ले लिया और युवतियों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई, जिससे सड़क पर करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान हंगामा, रोना-धोना और तीखी बहस का दौर चलता रहा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ एक गुम हुआ मोबाइल फोन बताया जा रहा है। मोबाइल को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें अंबिकापुर सरगुजा जिले के गांधीनगर में 3 युवतियां आपस में भिड़ गईं।1