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अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड के आसपास उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ युवतियों के बीच अचानक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद उग्र रूप ले लिया और युवतियों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई, जिससे सड़क पर करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान हंगामा, रोना-धोना और तीखी बहस का दौर चलता रहा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ एक गुम हुआ मोबाइल फोन बताया जा रहा है। मोबाइल को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें अंबिकापुर सरगुजा जिले के गांधीनगर में 3 युवतियां आपस में भिड़ गईं।
जनता की ख़बर
अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड के आसपास उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ युवतियों के बीच अचानक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद उग्र रूप ले लिया और युवतियों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई, जिससे सड़क पर करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान हंगामा, रोना-धोना और तीखी बहस का दौर चलता रहा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ एक गुम हुआ मोबाइल फोन बताया जा रहा है। मोबाइल को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें अंबिकापुर सरगुजा जिले के गांधीनगर में 3 युवतियां आपस में भिड़ गईं।
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- जनपद पंचायत कुसमी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कंजिया में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया विवादों में घिर गई है। ग्रामीणों और वार्ड पंचों ने आरोप लगाया है कि इस पुलिया का निर्माण ऐसे स्थान पर कराया गया, जहाँ इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी, जबकि गांव में लंबे समय से सीसी रोड निर्माण की मांग को नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिया निर्माण की जानकारी न तो ग्रामसभा में दी गई और न ही उनसे कोई राय ली गई, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि कई जरूरी विकास कार्य लंबित होने के बावजूद अनावश्यक निर्माण को प्राथमिकता दी गई। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, पुलिया निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसमें 20 एमएम गिट्टी के स्थान पर डब्ल्यूएमएम डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है। पहली नजर में ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदिग्ध दिख रही है, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सीसी रोड की उनकी पुरानी मांग अब भी अधूरी है, जबकि पुलिया का निर्माण तेजी से पूरा कर दिया गया। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ग्रामीणों ने कहा है कि यदि जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक पांडे ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या निर्माण गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।3
- बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र में वन विभाग की नाक के नीचे ही 'पेड़ों की हत्या' का गंभीर खेल चल रहा है। यहां साहबों के दफ्तर के ठीक पीछे साल के पेड़ों को गाडलिंग कर सुखाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाद में उन पर अवैध कब्जा करना है। कांग्रेस जिला प्रभारी संजीत चौबे ने खुद एक वीडियो बनाकर इस पूरे मामले की पोल खोली है और विभाग की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के फॉरेस्ट अफसर इस स्थिति से भली-भांति परिचित होने के बावजूद अंधे-बहरे बने बैठे हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या अधिकारी कुंभकर्णी नींद में हैं या फिर उनका 'हिस्सा' उन तक पहुंच चुका है।1
- सोनभद्र जिले के रेणुकूट में मोहर्रम के पाक महीने की दसवीं तारीख पर श्रद्धा और अकीदत के साथ एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए मातम किया। इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैदी बरती। रेणुकूट में निकला यह जुलूस सुंदर और शांत रहा।2
- सोनभद्र के दुद्धी स्थित विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव में शनिवार को मोहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशूरा पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में हजारों अकीदतमंदों ने ताजिया, सीपट, इस्लामी परचम और भारतीय तिरंगे के साथ भागीदारी की। पूरे क्षेत्र में "या अली... या हुसैन..." की गूंज और मातम के बीच गम, अकीदत और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। जुलूस का पहला मिलान ट्रांसफार्मर के पास हुआ, जबकि मुख्य मिलान शनिचर बाजार में संपन्न हुआ। यहां विभिन्न ताजियादारों ने ताजिया और सीपट का मिलान कर आपसी एकता और सौहार्द का संदेश दिया। इसके बाद जुलूस रीवा-रांची मुख्य मार्ग से होते हुए महुली बस स्टैंड और श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान पहुंचा। मैदान में अखाड़ों के कलाकारों ने लाठी, डंडा, तलवार और आग के रोमांचकारी करतब दिखाए, जिससे दर्शकों ने उनकी खूब सराहना की। इस आयोजन में दुलदुल घोड़ा वाला ताजिया और ताजमहल की आकृति वाला ताजिया विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मोहर्रम का यह दिन इस्लाम में त्याग, सत्य और इंसाफ के लिए हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। इसी शहादत को याद करते हुए अकीदतमंदों ने गम का इजहार किया। शाम 6:55 बजे रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया, जिसके बाद सभी ताजियादार ताजिया और सीपट लेकर कर्बला पहुंचे। वहां फातेहा पढ़ने के बाद पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने श्रद्धालुओं के लिए शरबत और खिचड़ा वितरित कराया, साथ ही विभिन्न ताजियादारों को अंगवस्त्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे कार्यक्रम के दौरान मुस्तैद रहा। पुलिस की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अंजुमन कमेटी महुली के सदर कलामुद्दीन सिद्दीकी, अखाड़ा समिति के अध्यक्ष यूनुस, संरक्षक सेकरार आलम, जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम सहित अनवर आलम, शमशेर आलम, सैफ अली, नफीस आलम, शहंशाह आलम, शमीम अंसारी, सैयद, दिलीप कुमार कन्नौजिया और हजारों की संख्या में अकीदतमंद व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।4
- सोनभद्र जिले के दुद्धी कस्बे में शुक्रवार को नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने मिलकर पारंपरिक मोहर्रम जुलूस निकाला। यह जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें समुदाय की एकता और सांस्कृतिक धरोहर की स्पष्ट झलक देखने को मिली। जुलूस में ताज़िये, सिप्पड़ और कई अखाड़े शामिल थे। ढोल-ताशे की गूँज के बीच लोगों ने 'या अली, या हुसैन' के नारे लगाकर मातम और श्राद्ध की अपनी परंपरा को बनाए रखा। यह जुलूस देर शाम संकटमोचन मंदिर तिराहे पर स्थित अखाड़े में समाप्त हुआ, जहाँ घंटों तक अखाड़ा प्रदर्शन चला। कलाकारों ने विशेष रूप से लाठी-डंडे के हैरतअंगेज पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि और विशिष्ट आगंतुकों द्वारा नगद इनाम और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह खिचड़ी और जलपान की व्यवस्था की, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया। इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी और केंद्रीय अखाड़ा कमेटी ने आयोजन में शांति बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भी सुचारु संचालन में सहयोग दिया। जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। नगर और मार्गों पर पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही। मौके पर सीओ राजेश कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, एएसआई संजय सिंह, एसआई अमित कुमार और श्यामजी यादव मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षा और मार्ग संचालन का जायजा लिया, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। देर रात निकले ताज़ियों को बढ़नी नाला स्थित कर्बला पर सुपुर्दे-खाक किया गया। कार्यक्रम में नगरपंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, केंद्रीय अखाड़ा समिति के अध्यक्ष मुजीब खान, सचिव मैनुद्दीन खलीफा, जामा मस्जिद के सदर कल्लन खान, तालिब खान, राकेश आजाद, मुख्तार अन्सारी, अहमद अली, कलीमुल्लाह खान, निजामुद्दीन, रफी खां, इब्राहिम खां, राकेश आज़ाद, सेराज खान, फिरोज खलीफा, टुन्नू खान, रौशन अली, महबूब खान, नेहाल खलीफा और मन्नू खान सहित बड़ी संख्या में नगरवासी व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।4
- विंढमगंज. आरबीएस क्लब के खिताब अपने नाम किया -विंढमगंज. आरबीएस क्लब के खिताब अपने नाम किया - विंढमगंज. आरबीएस क्लब के खिताब अपने नाम किया -4
- सोनभद्र जिले के रेणुकूट में मातमी त्योहार मोहर्रम पूरी अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। जामा मस्जिद और दर्जी मार्केट में विशेष रूप से आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की। इस दौरान, उपस्थित जनसमूह ने लकड़ी, फरी गतका और लाठी भाजना जैसे अपने-अपने पारंपरिक हुनर और कला का अद्भुत प्रदर्शन किया।1
- अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड के आसपास उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ युवतियों के बीच अचानक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद उग्र रूप ले लिया और युवतियों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई, जिससे सड़क पर करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान हंगामा, रोना-धोना और तीखी बहस का दौर चलता रहा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ एक गुम हुआ मोबाइल फोन बताया जा रहा है। मोबाइल को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें अंबिकापुर सरगुजा जिले के गांधीनगर में 3 युवतियां आपस में भिड़ गईं।1