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महिंद्रा ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चलाया गया रेलवे पर जो कि गांव पड़ता है लक्ष्मीनिया वार्ड नंबर 9 में जो की रेलवे में मिटटी भराई चल रहा था वहां पर ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चला दिया
Ashish Kingofbihar सोशल मीडिया
महिंद्रा ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चलाया गया रेलवे पर जो कि गांव पड़ता है लक्ष्मीनिया वार्ड नंबर 9 में जो की रेलवे में मिटटी भराई चल रहा था वहां पर ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चला दिया
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- सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में भैया-बहनों ने निकाली भव्य कांवड़ यात्रा कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में सावन माह के अंतिम सोमवार को भैया-बहनों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजित कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दी। कुछ भैया बहन पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित माता पार्वती व शिव वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। स्कूल परिसर में ही कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहनशीलता, सहयोग और सेवा-भाव का विकास करना था। कांवड़ यात्रा बच्चों के जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और आत्मविश्वास के साथ सामना करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम ने भैया बहनों में संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह का संचार किया। इस अवसर विद्यालय के आचार्य जितेन्द्र कुमार झा, मदन कुमार, आरती कुमारी, नीतू राज, उषा कुमारी, राजू साह, पिंकी कुमारी, निलेश यादव एवं अन्य कर्मचारी गण और दर्जनों भैया बहन उपस्थित थे।1
- करते हैं भैया के साली से प्यार तो इस वीडियो को जरूर देखिए हो जाइए सावधान! करते हैं भैया के साली से प्यार तो इस वीडियो को जरूर देखिए हो जाइए सावधान!1
- बीपी मंडल जयंती पर सियासी संग्राम: ‘वापस जाओ’ के नारों से गूंजा मंच, स्कूलों के नाम बदलने पर फूटा गुस्सा मधेपुरा के मुरहो में बीपी मंडल की 109वीं जयंती का समारोह उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के सामने ही ‘वापस जाओ’ के नारे गूंजने लगे। मंच पर मुख्य अतिथि के संबोधन की तैयारी चल रही थी, तभी बीपी मंडल के वंशजों और समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध की वजह थी विद्यालयों के नाम बदले जाने का फैसला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऐतिहासिक महापुरुषों और सामाजिक नेताओं के नाम पर बने स्कूलों का नाम बदलकर उनकी विरासत और पहचान को कमजोर किया जा रहा है। नारेबाजी बढ़ी तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने अपना संबोधन पूरा किया। मुरहो बीपी मंडल की जन्मभूमि 109वीं जयंती पर यहां राजकीय समारोह था। मंच पर बीपी मंडल की तस्वीर, श्रद्धांजलि का कार्यक्रम और बड़ी संख्या में जुटे लोग। लेकिन समारोह का माहौल उस वक्त अचानक बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को संबोधन के लिए मंच पर बुलाया गया। जैसे ही वे मंच की ओर बढ़े, सामने से विरोध के नारे सुनाई देने लगे। ‘वापस जाओ,वापस जाओ कुछ ही देर में नारेबाजी तेज हो गई और समारोह स्थल पर तनाव का माहौल बन गया। मंच के सामने पहुंचे प्रदर्शनकारी रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल अपने समर्थकों के साथ मंच के समीप पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूलों के नाम बदले जाने की नीति का विरोध किया। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए। प्रदर्शनकारियों को मंच से दूर रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बीपी मंडल की जयंती का यह समारोह बड़े टकराव में बदल सकता है। बाइट --प्रदर्शनकारियों 551 स्कूलों के नाम बदलने का दावा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में सरकार की नीति के तहत 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर मधेपुरा के रास बिहारी मंडल के नाम पर स्थापित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक स्कूल का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किया गया है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदलना सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों के सामने उस इतिहास की पहचान भी कमजोर हो सकती है। डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा विरोध के बीच प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने समझाया-बुझाया और हालात को सामान्य करने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद नारेबाजी शांत हुई। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव मंच पर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपना संबोधन दिया। सम्मान समारोह बना विरोध का अखाड़ा बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करने के लिए था। लेकिन मंच के सामने हुआ विरोध पूरे समारोह पर भारी पड़ गया। एक तरफ बीपी मंडल की विरासत को याद किया जा रहा था तो दूसरी तरफ उनके नाम और उनसे जुड़े सामाजिक इतिहास की पहचान को लेकर आवाजें बुलंद हो रही थीं। स्कूलों के नाम बदलने का विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रह गया है, बल्कि यह विरासत, पहचान और इतिहास से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है। मुरहो में बीपी मंडल की जयंती पर मंच सजा था सम्मान के लिए, लेकिन अचानक वही मंच विरोध के नारों से गूंज उठा। विधानसभा उपाध्यक्ष के सामने ‘वापस जाओ’ के नारे लगे, प्रदर्शनकारी मंच तक पहुंचे और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। हालांकि स्थिति को नियंत्रित कर कार्यक्रम पूरा करा लिया गया, लेकिन स्कूलों के नाम बदलने को लेकर उठी आवाज ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।क्या ऐतिहासिक नाम बदलना सिर्फ नाम बदलना है, या फिर इससे जुड़ी पूरी विरासत और पहचान भी बदल जाती है4
- सौर बाजार के पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव के निधन के बाद मिलने पहुंचे सांसद पप्पु यादव पूर्णियां सांसद पप्पू यादव रविवार को सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के अजगेबा पंचायत पहुंचे जहां बीते दिनों पूर्व प्रमुख लक्ष्मीनारायण यादव का निधन हो गया था। शोक संतप्त परिवार से मिलकर मृतक के आत्मा को शांति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए बताया की प्रमुख साहब एक जन प्रतिनिधि ही नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने वाले महा पुरुष भी थे जिनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है जिसे पूरा नहीं किया जा सकता है। हम लोगों को चाहिए की उनके बताए हुए मार्ग पर चले जिससे समाज में सामंजस की स्थिति बनी रहे। भले ही वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं लेकिन वे सदा याद आते रहेंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर केन्द्र सरकार पर प्रहार करते हुए मीडिया से बातचीत के दौरान क्या कुछ कहा पेश है खास रिपोर्ट.1
- छात्र आंदोलन में कूदा 6 साल का बच्चा ,सरकार को दे दिया चेतावनी1
- सुपौल में ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स का भव्य शुभारंभ, खुला ईस्ट ज़ोन का सबसे बड़ा महिंद्रा वर्कशॉप एवं बॉडीशॉप सुपौल में ईस्ट ज़ोन के सबसे बड़े महिंद्रा वर्कशॉप एवं बॉडीशॉप का भव्य शुभारंभ एंकर/वीओ: सुपौल में ऑटोमोबाइल सेवा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है। ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने कमलदाहा में अपने अत्याधुनिक महिंद्रा वर्कशॉप एवं बॉडीशॉप का भव्य शुभारंभ किया है। करीब 48 हजार वर्गफुट में फैली इस सुविधा को ईस्ट ज़ोन के सबसे बड़े महिंद्रा वर्कशॉप एवं बॉडीशॉप के रूप में विकसित किया गया है। सीमांचल और कोसी क्षेत्र में अपनी सेवाओं के जरिए पहचान बनाने के बाद अब ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स ने मिथिलांचल के ग्राहकों को भी बेहतर और विश्वस्तरीय ऑटोमोबाइल सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस अत्याधुनिक वर्कशॉप में आधुनिक मशीनरी, नवीनतम डायग्नोस्टिक सिस्टम, प्रशिक्षित तकनीकी मैनपावर, अत्याधुनिक बॉडी रिपेयर और पेंट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब सुपौल और आसपास के महिंद्रा ग्राहकों को सर्विस, रिपेयर, बॉडी रिपेयर, एक्सीडेंट रिपेयर और पेंट से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। वीओ: वर्कशॉप के भव्य उद्घाटन समारोह में महिंद्रा के ज़ोनल हेड श्री वेणु मंडला मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि रीजनल कस्टमर केयर मैनेजर श्री राहुल रघुवंशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा महिंद्रा और ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स के कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, ग्राहक और गणमान्य लोग भी समारोह में मौजूद रहे। ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स के प्रोपराइटर श्री ब्रजेश चंद्र मिश्रा और श्री राजेश चंद्र मिश्रा समेत कंपनी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और पूरी टीम ने इस नई सुविधा के शुभारंभ को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वीओ: ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स के प्रबंधन का कहना है कि मिथिलांचल और सीमांचल के लोगों ने पिछले चार दशकों से कंपनी पर जो भरोसा जताया है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सुपौल में इस विश्वस्तरीय वर्कशॉप का शुभारंभ उसी विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वीओ: खास बात यह भी है कि ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स अपनी स्थापना के 40 वर्ष पूरे होने का उत्सव भी मना रहा है। चार दशकों की इस यात्रा में कंपनी ने विश्वास, सेवा, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि को अपनी पहचान बनाया है। कंपनी का कहना है कि 40 साल सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ बने रिश्ते, विश्वास और सेवा की लंबी यात्रा का प्रतीक है। वीओ: 48 हजार वर्गफुट में फैली इस नई सुविधा में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक रिपेयर टेक्नोलॉजी, प्रशिक्षित तकनीकी टीम और अत्याधुनिक बॉडीशॉप एवं पेंट सुविधा मौजूद है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता के साथ तेज और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना है। समापन वीओ: सुपौल में नए वर्कशॉप का शुभारंभ और ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स के 40 साल—दोनों उपलब्धियां कंपनी की नई शुरुआत और गौरवशाली विरासत का प्रतीक हैं। अब ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स का लक्ष्य है कि मिथिलांचल, सीमांचल और कोसी क्षेत्र के ग्राहकों को लगातार बेहतर ऑटोमोबाइल सेवा और शानदार ग्राहक अनुभव उपलब्ध कराया जाए। ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड — “Drive Your Trust” 40 Years of Trust, Service, Excellence & Commitment.1
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