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बीपी मंडल जयंती पर सियासी संग्राम: ‘वापस जाओ’ के नारों से गूंजा मंच, स्कूलों के नाम बदलने पर फूटा गुस्सा मधेपुरा के मुरहो में बीपी मंडल की 109वीं जयंती का समारोह उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के सामने ही ‘वापस जाओ’ के नारे गूंजने लगे। मंच पर मुख्य अतिथि के संबोधन की तैयारी चल रही थी, तभी बीपी मंडल के वंशजों और समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध की वजह थी विद्यालयों के नाम बदले जाने का फैसला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऐतिहासिक महापुरुषों और सामाजिक नेताओं के नाम पर बने स्कूलों का नाम बदलकर उनकी विरासत और पहचान को कमजोर किया जा रहा है। नारेबाजी बढ़ी तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने अपना संबोधन पूरा किया। मुरहो बीपी मंडल की जन्मभूमि 109वीं जयंती पर यहां राजकीय समारोह था। मंच पर बीपी मंडल की तस्वीर, श्रद्धांजलि का कार्यक्रम और बड़ी संख्या में जुटे लोग। लेकिन समारोह का माहौल उस वक्त अचानक बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को संबोधन के लिए मंच पर बुलाया गया। जैसे ही वे मंच की ओर बढ़े, सामने से विरोध के नारे सुनाई देने लगे। ‘वापस जाओ,वापस जाओ कुछ ही देर में नारेबाजी तेज हो गई और समारोह स्थल पर तनाव का माहौल बन गया। मंच के सामने पहुंचे प्रदर्शनकारी रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल अपने समर्थकों के साथ मंच के समीप पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूलों के नाम बदले जाने की नीति का विरोध किया। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए। प्रदर्शनकारियों को मंच से दूर रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बीपी मंडल की जयंती का यह समारोह बड़े टकराव में बदल सकता है। बाइट --प्रदर्शनकारियों 551 स्कूलों के नाम बदलने का दावा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में सरकार की नीति के तहत 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर मधेपुरा के रास बिहारी मंडल के नाम पर स्थापित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक स्कूल का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किया गया है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदलना सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों के सामने उस इतिहास की पहचान भी कमजोर हो सकती है। डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा विरोध के बीच प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने समझाया-बुझाया और हालात को सामान्य करने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद नारेबाजी शांत हुई। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव मंच पर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपना संबोधन दिया। सम्मान समारोह बना विरोध का अखाड़ा बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करने के लिए था। लेकिन मंच के सामने हुआ विरोध पूरे समारोह पर भारी पड़ गया। एक तरफ बीपी मंडल की विरासत को याद किया जा रहा था तो दूसरी तरफ उनके नाम और उनसे जुड़े सामाजिक इतिहास की पहचान को लेकर आवाजें बुलंद हो रही थीं। स्कूलों के नाम बदलने का विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रह गया है, बल्कि यह विरासत, पहचान और इतिहास से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है। मुरहो में बीपी मंडल की जयंती पर मंच सजा था सम्मान के लिए, लेकिन अचानक वही मंच विरोध के नारों से गूंज उठा। विधानसभा उपाध्यक्ष के सामने ‘वापस जाओ’ के नारे लगे, प्रदर्शनकारी मंच तक पहुंचे और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। हालांकि स्थिति को नियंत्रित कर कार्यक्रम पूरा करा लिया गया, लेकिन स्कूलों के नाम बदलने को लेकर उठी आवाज ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।क्या ऐतिहासिक नाम बदलना सिर्फ नाम बदलना है, या फिर इससे जुड़ी पूरी विरासत और पहचान भी बदल जाती है

14 hrs ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
14 hrs ago

बीपी मंडल जयंती पर सियासी संग्राम: ‘वापस जाओ’ के नारों से गूंजा मंच, स्कूलों के नाम बदलने पर फूटा गुस्सा मधेपुरा के मुरहो में बीपी मंडल की 109वीं जयंती का समारोह उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के सामने ही ‘वापस जाओ’ के नारे गूंजने लगे। मंच पर मुख्य अतिथि के संबोधन की तैयारी चल रही थी, तभी बीपी मंडल के वंशजों और समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध की वजह थी विद्यालयों के नाम बदले जाने का फैसला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऐतिहासिक महापुरुषों और सामाजिक नेताओं के नाम पर बने स्कूलों का नाम बदलकर उनकी विरासत और पहचान को कमजोर किया जा रहा है। नारेबाजी बढ़ी तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने अपना संबोधन पूरा किया। मुरहो बीपी मंडल की जन्मभूमि 109वीं जयंती पर यहां राजकीय समारोह था। मंच पर बीपी

मंडल की तस्वीर, श्रद्धांजलि का कार्यक्रम और बड़ी संख्या में जुटे लोग। लेकिन समारोह का माहौल उस वक्त अचानक बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को संबोधन के लिए मंच पर बुलाया गया। जैसे ही वे मंच की ओर बढ़े, सामने से विरोध के नारे सुनाई देने लगे। ‘वापस जाओ,वापस जाओ कुछ ही देर में नारेबाजी तेज हो गई और समारोह स्थल पर तनाव का माहौल बन गया। मंच के सामने पहुंचे प्रदर्शनकारी रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल अपने समर्थकों के साथ मंच के समीप पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूलों के नाम बदले जाने की नीति का विरोध किया। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए। प्रदर्शनकारियों को मंच से दूर रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बीपी मंडल की जयंती का यह समारोह बड़े टकराव में बदल सकता है। बाइट --प्रदर्शनकारियों 551 स्कूलों के नाम बदलने का दावा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में सरकार

की नीति के तहत 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर मधेपुरा के रास बिहारी मंडल के नाम पर स्थापित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक स्कूल का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किया गया है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदलना सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों के सामने उस इतिहास की पहचान भी कमजोर हो सकती है। डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा विरोध के बीच प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने समझाया-बुझाया और हालात को सामान्य करने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद नारेबाजी शांत हुई। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव मंच पर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपना संबोधन दिया। सम्मान समारोह बना विरोध का अखाड़ा बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सामाजिक और

राजनीतिक योगदान को याद करने के लिए था। लेकिन मंच के सामने हुआ विरोध पूरे समारोह पर भारी पड़ गया। एक तरफ बीपी मंडल की विरासत को याद किया जा रहा था तो दूसरी तरफ उनके नाम और उनसे जुड़े सामाजिक इतिहास की पहचान को लेकर आवाजें बुलंद हो रही थीं। स्कूलों के नाम बदलने का विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रह गया है, बल्कि यह विरासत, पहचान और इतिहास से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है। मुरहो में बीपी मंडल की जयंती पर मंच सजा था सम्मान के लिए, लेकिन अचानक वही मंच विरोध के नारों से गूंज उठा। विधानसभा उपाध्यक्ष के सामने ‘वापस जाओ’ के नारे लगे, प्रदर्शनकारी मंच तक पहुंचे और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। हालांकि स्थिति को नियंत्रित कर कार्यक्रम पूरा करा लिया गया, लेकिन स्कूलों के नाम बदलने को लेकर उठी आवाज ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।क्या ऐतिहासिक नाम बदलना सिर्फ नाम बदलना है, या फिर इससे जुड़ी पूरी विरासत और पहचान भी बदल जाती है

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    बीपी मंडल जयंती पर सियासी संग्राम: ‘वापस जाओ’ के नारों से गूंजा मंच, स्कूलों के नाम बदलने पर फूटा गुस्सा
मधेपुरा के मुरहो में बीपी मंडल की 109वीं जयंती का समारोह उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के सामने ही ‘वापस जाओ’ के नारे गूंजने लगे। मंच पर मुख्य अतिथि के संबोधन की तैयारी चल रही थी, तभी बीपी मंडल के वंशजों और समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध की वजह थी विद्यालयों के नाम बदले जाने का फैसला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऐतिहासिक महापुरुषों और सामाजिक नेताओं के नाम पर बने स्कूलों का नाम बदलकर उनकी विरासत और पहचान को कमजोर किया जा रहा है। नारेबाजी बढ़ी तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने अपना संबोधन पूरा किया।
मुरहो बीपी मंडल की जन्मभूमि 109वीं जयंती पर यहां राजकीय समारोह था। मंच पर बीपी मंडल की तस्वीर, श्रद्धांजलि का कार्यक्रम और बड़ी संख्या में जुटे लोग।
लेकिन समारोह का माहौल उस वक्त अचानक बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को संबोधन के लिए मंच पर बुलाया गया।
जैसे ही वे मंच की ओर बढ़े, सामने से विरोध के नारे सुनाई देने लगे।
‘वापस जाओ,वापस जाओ
कुछ ही देर में नारेबाजी तेज हो गई और समारोह स्थल पर तनाव का माहौल बन गया।
मंच के सामने पहुंचे प्रदर्शनकारी
रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल अपने समर्थकों के साथ मंच के समीप पहुंच गए।
प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूलों के नाम बदले जाने की नीति का विरोध किया।
मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए।
प्रदर्शनकारियों को मंच से दूर रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई।
कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बीपी मंडल की जयंती का यह समारोह बड़े टकराव में बदल सकता है।
बाइट --प्रदर्शनकारियों
551 स्कूलों के नाम बदलने का दावा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में सरकार की नीति के तहत 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं।
इसी मुद्दे को लेकर मधेपुरा के रास बिहारी मंडल के नाम पर स्थापित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने पर भी सवाल उठाए गए।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक स्कूल का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किया गया है।
उनका कहना है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदलना सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों के सामने उस इतिहास की पहचान भी कमजोर हो सकती है।
डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा
विरोध के बीच प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया।
डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
अधिकारियों ने समझाया-बुझाया और हालात को सामान्य करने की कोशिश की।
काफी प्रयास के बाद नारेबाजी शांत हुई।
इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव मंच पर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपना संबोधन दिया।
सम्मान समारोह बना विरोध का अखाड़ा
बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करने के लिए था।
लेकिन मंच के सामने हुआ विरोध पूरे समारोह पर भारी पड़ गया।
एक तरफ बीपी मंडल की विरासत को याद किया जा रहा था
तो दूसरी तरफ उनके नाम और उनसे जुड़े सामाजिक इतिहास की पहचान को लेकर आवाजें बुलंद हो रही थीं।
स्कूलों के नाम बदलने का विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रह गया है, बल्कि यह विरासत, पहचान और इतिहास से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है।
मुरहो में बीपी मंडल की जयंती पर मंच सजा था सम्मान के लिए, लेकिन अचानक वही मंच विरोध के नारों से गूंज उठा।
विधानसभा उपाध्यक्ष के सामने ‘वापस जाओ’ के नारे लगे, प्रदर्शनकारी मंच तक पहुंचे और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा।
हालांकि स्थिति को नियंत्रित कर कार्यक्रम पूरा करा लिया गया, लेकिन स्कूलों के नाम बदलने को लेकर उठी आवाज ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।क्या ऐतिहासिक नाम बदलना सिर्फ नाम बदलना है, या फिर इससे जुड़ी पूरी विरासत और पहचान भी बदल जाती है
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    14 hrs ago
  • मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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    मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह 
मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला  चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    42 min ago
  • छात्र आंदोलन में कूदा 6 साल का बच्चा ,सरकार को दे दिया चेतावनी
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    छात्र आंदोलन में कूदा 6 साल का बच्चा ,सरकार को दे दिया चेतावनी
    user_Amardip Kumar
    Amardip Kumar
    सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    10 hrs ago
  • महिंद्रा ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चलाया गया रेलवे पर जो कि गांव पड़ता है लक्ष्मीनिया वार्ड नंबर 9 में जो की रेलवे में मिटटी भराई चल रहा था वहां पर ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चला दिया
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    महिंद्रा ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चलाया गया रेलवे पर जो कि गांव पड़ता है लक्ष्मीनिया वार्ड नंबर 9 में जो की रेलवे में मिटटी भराई चल रहा था वहां पर ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चला दिया
    user_Ashish Kingofbihar सोशल मीडिया
    Ashish Kingofbihar सोशल मीडिया
    त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार•
    3 hrs ago
  • दिन के उजाले में अपराधियों ने घर घुसकर हाथ साफ किया सहरसा जिले के पस्तपार थाना क्षेत्र में दिन-दहाड़े लूट की गई जिससे स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल हुआ, पामा गाँव वार्ड नंबर 9 के निवासी, बलराम कुमार उर्फ राजा कुमार पिता: स्वर्गीय भोला मेहता सुबह में जिरवा चौँक के समीप एक किराना का दुकान खोल रखा है, सभी परिवार साथ में बच्चे उसी दुकान पर थे, ग्रामीणों द्वारा बलराम उर्फ राजा को सूचना मिले की आप के घर पर शोर गुल हो रहा है। तब वह सभी परिवार घर पर आए तो देखें कि मकान के रूम का ताला टूटा हुआ घर में अटैची एवं बक्से का कपड़ा सामान बिखरा हुआ था, अज्ञात अपराधियों ने निशाना बनाया। लूटपाट की। वारदात के दौरान अपराधी घर में रखे सोने-चांदी, सोने कि नकमुनी, कान का झुमका, गले चैन, चांदी का पायल एवं तीन लाख सतासि हजार नगद राशि, पाँच लाख कि लगभग जेवरात कीमती जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए। पस्तपार् थाना अध्यक्ष को सूचना मिलने के बाद, पूरा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर के सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल एवं चर्चा की पीड़ित परिवार ने पस्तपार थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के खुलासे के लिए स्क्वायड डॉग को भी मौके पर बुलाया। डॉग स्क्वायड की मदद से अपराधियों के भागने की दिशा और संभावित सुराग जुटाने की कोशिश की गई, ​
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    दिन  के उजाले में  अपराधियों ने घर घुसकर हाथ  साफ किया 

सहरसा जिले के पस्तपार थाना क्षेत्र में दिन-दहाड़े लूट की गई जिससे स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल हुआ, 
पामा गाँव वार्ड नंबर 9 के निवासी,  बलराम कुमार उर्फ राजा कुमार पिता: स्वर्गीय भोला मेहता सुबह में जिरवा चौँक के समीप एक किराना का दुकान खोल रखा है, सभी परिवार साथ में बच्चे उसी दुकान पर थे, ग्रामीणों द्वारा बलराम उर्फ राजा को सूचना मिले की आप के घर  पर शोर गुल हो रहा है। तब वह सभी परिवार घर पर आए तो देखें कि  मकान के रूम का ताला टूटा हुआ घर में अटैची एवं बक्से का कपड़ा सामान बिखरा हुआ था, अज्ञात अपराधियों ने निशाना बनाया।
लूटपाट की। वारदात के दौरान अपराधी घर में रखे सोने-चांदी, सोने कि नकमुनी, कान का झुमका, गले चैन, चांदी का पायल एवं तीन लाख सतासि हजार नगद राशि, पाँच लाख कि लगभग जेवरात  कीमती जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए।
पस्तपार् थाना अध्यक्ष को सूचना मिलने के बाद, पूरा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर के सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल एवं चर्चा की
पीड़ित परिवार ने पस्तपार थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई
जल्द गिरफ्तारी की मांग की। 
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के खुलासे के लिए स्क्वायड डॉग  को भी मौके पर बुलाया। डॉग स्क्वायड की मदद से अपराधियों के भागने की दिशा और संभावित सुराग जुटाने की कोशिश की गई, ​
    user_Kabindar kumar
    Kabindar kumar
    सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    4 hrs ago
  • चुनाव आते ही मुखिया जी का प्यार जाग गया 😂 चुनाव आते ही चाचा-भैया-बाबूजी वाली रिश्तेदारी शुरू! 😂 WhatsApp पर प्रणाम और आशीर्वाद की बाढ़… लेकिन जनता पूछ रही है—पाँच साल का हिसाब कहाँ है? 🔥 देखिए Lock Mood News का मजेदार चुनावी Roast! 😄
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    चुनाव आते ही मुखिया जी का प्यार जाग गया 😂 चुनाव आते ही चाचा-भैया-बाबूजी वाली रिश्तेदारी शुरू! 😂
WhatsApp पर प्रणाम और आशीर्वाद की बाढ़… लेकिन जनता पूछ रही है—पाँच साल का हिसाब कहाँ है? 🔥
देखिए Lock Mood News का मजेदार चुनावी Roast! 😄
    user_Lock Mood News
    Lock Mood News
    Local News Reporter सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    7 hrs ago
  • सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में भैया-बहनों ने निकाली भव्य कांवड़ यात्रा कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में सावन माह के अंतिम सोमवार को भैया-बहनों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजित कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दी। कुछ भैया बहन पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित माता पार्वती व शिव वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। स्कूल परिसर में ही कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहनशीलता, सहयोग और सेवा-भाव का विकास करना था। कांवड़ यात्रा बच्चों के जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और आत्मविश्वास के साथ सामना करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम ने भैया बहनों में संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह का संचार किया। इस अवसर विद्यालय के आचार्य जितेन्द्र कुमार झा, मदन कुमार, आरती कुमारी, नीतू राज, उषा कुमारी, राजू साह, पिंकी कुमारी, निलेश यादव एवं अन्य कर्मचारी गण और दर्जनों भैया बहन उपस्थित थे।
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    सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में भैया-बहनों ने निकाली भव्य कांवड़ यात्रा

कुमारखंड।
प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में सावन माह के अंतिम सोमवार को भैया-बहनों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजित कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दी। कुछ भैया बहन पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित माता पार्वती व शिव वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। स्कूल परिसर में ही कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहनशीलता, सहयोग और सेवा-भाव का विकास करना था। कांवड़ यात्रा बच्चों के जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और आत्मविश्वास के साथ सामना करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम ने भैया बहनों में संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह का संचार किया। इस अवसर विद्यालय के आचार्य जितेन्द्र कुमार झा, मदन कुमार, आरती कुमारी, नीतू राज, उषा कुमारी, राजू साह, पिंकी कुमारी, निलेश यादव एवं अन्य कर्मचारी गण और दर्जनों भैया बहन उपस्थित थे।
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    18 hrs ago
  • सौर बाजार अंचल कार्यालय परिसर में सी पी एम का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन महंगाई के खिलाफ CPM का हल्लाबोल, अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन सौर बाजार। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भूमिहीनों की समस्याओं को लेकर CPM सौर बाजार अंचल कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता कामरेड केशव कुमार ने की, जबकि संचालन कामरेड कुलानन्द कुमार ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CPM के सहरसा जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और महंगाई पर रोक लगाने सहित भूमिहीनों को वास-आवास एवं पर्चाधारियों को दखल-दिहानी दिलाने की मांग की। धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व अधिकारी को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। वहीं, अंचलाधिकारी के प्रतिनिधियों से वार्ता किए बिना चले जाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए घंटों कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन में सैकड़ों CPM कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    सौर बाजार अंचल कार्यालय परिसर में सी पी एम का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन 
महंगाई के खिलाफ CPM का हल्लाबोल, अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन
सौर बाजार। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भूमिहीनों की समस्याओं को लेकर CPM सौर बाजार अंचल कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।
धरना की अध्यक्षता कामरेड केशव कुमार ने की, जबकि संचालन कामरेड कुलानन्द कुमार ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CPM के सहरसा जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और महंगाई पर रोक लगाने सहित भूमिहीनों को वास-आवास एवं पर्चाधारियों को दखल-दिहानी दिलाने की मांग की।
धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व अधिकारी को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। वहीं, अंचलाधिकारी के प्रतिनिधियों से वार्ता किए बिना चले जाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए घंटों कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन में सैकड़ों CPM कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    57 min ago
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