मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
- मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
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- बीपी मंडल जयंती पर मधेपुरा में सुरों का महासंगम, रितिका राज की आवाज पर झूमा पूरा स्टेडियम मधेपुरा में बीपी मंडल की 109वीं जयंती सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक न्याय की विरासत के साथ कला और संस्कृति का भी भव्य उत्सव बन गई। बीएन मंडल स्टेडियम में सजी राजकीय सांस्कृतिक संध्या में जब इंडियन आइडल फेम रितिका राज ने मंच संभाला, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। लोकनृत्य, गायकी और सूफी संगीत के रंगों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। मंच पर रोशनी सामने हजारों की भीड़ और माहौल में संगीत की गूंज। बीपी मंडल की 109वीं जयंती पर मधेपुरा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बीएन मंडल स्टेडियम में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री शीला मंडल, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, जिलाधिकारी अभिषेक रंजन समेत तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के बाद मंच पर शुरू हुआ कला और संस्कृति का सिलसिला। सृजन दर्पण के रंगकर्मी विकास कुमार और उनकी टीम ने लोकनृत्य के जरिए बिहार की मिट्टी और परंपरा की खूबसूरत तस्वीर पेश की। इसके बाद इप्टा के कलाकारों ने नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों की तालियां बटोरीं। उमेश राम, मधुबाला भारती और संजीव कुमार की गायकी ने भी माहौल में संगीत का रंग घोल दिया। लेकिन कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण तब आया, जब भागलपुर के सूफी बैंड के बाद मंच पर पहुंचीं इंडियन आइडल फेम रितिका राज सिंह। रितिका के मंच पर आते ही दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। तालियों और सीटियों के बीच रितिका ने अपनी सुरीली आवाज में गीतों की ऐसी महफिल सजाई कि पूरा स्टेडियम सुरों में डूब गया। युवा दर्शक हों या परिवार के साथ पहुंचे लोग हर कोई रितिका की प्रस्तुति का आनंद लेता नजर आया। लोकप्रिय गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकार का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम का संचालन संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जायसवाल ने किया। आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। बीपी मंडल की जयंती पर सजी ये सांस्कृतिक शाम एक संदेश भी दे गई,सामाजिक न्याय की जिस चेतना ने बीपी मंडल को पहचान दी, उसी धरती पर कला और संस्कृति की आवाज भी उतनी ही बुलंद है।4
- दिन के उजाले में अपराधियों ने घर घुसकर हाथ साफ किया सहरसा जिले के पस्तपार थाना क्षेत्र में दिन-दहाड़े लूट की गई जिससे स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल हुआ, पामा गाँव वार्ड नंबर 9 के निवासी, बलराम कुमार उर्फ राजा कुमार पिता: स्वर्गीय भोला मेहता सुबह में जिरवा चौँक के समीप एक किराना का दुकान खोल रखा है, सभी परिवार साथ में बच्चे उसी दुकान पर थे, ग्रामीणों द्वारा बलराम उर्फ राजा को सूचना मिले की आप के घर पर शोर गुल हो रहा है। तब वह सभी परिवार घर पर आए तो देखें कि मकान के रूम का ताला टूटा हुआ घर में अटैची एवं बक्से का कपड़ा सामान बिखरा हुआ था, अज्ञात अपराधियों ने निशाना बनाया। लूटपाट की। वारदात के दौरान अपराधी घर में रखे सोने-चांदी, सोने कि नकमुनी, कान का झुमका, गले चैन, चांदी का पायल एवं तीन लाख सतासि हजार नगद राशि, पाँच लाख कि लगभग जेवरात कीमती जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए। पस्तपार् थाना अध्यक्ष को सूचना मिलने के बाद, पूरा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर के सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल एवं चर्चा की पीड़ित परिवार ने पस्तपार थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के खुलासे के लिए स्क्वायड डॉग को भी मौके पर बुलाया। डॉग स्क्वायड की मदद से अपराधियों के भागने की दिशा और संभावित सुराग जुटाने की कोशिश की गई, 1
- चुनाव आते ही मुखिया जी का प्यार जाग गया 😂 चुनाव आते ही चाचा-भैया-बाबूजी वाली रिश्तेदारी शुरू! 😂 WhatsApp पर प्रणाम और आशीर्वाद की बाढ़… लेकिन जनता पूछ रही है—पाँच साल का हिसाब कहाँ है? 🔥 देखिए Lock Mood News का मजेदार चुनावी Roast! 😄1
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- सौर बाजार अंचल कार्यालय परिसर में सी पी एम का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन महंगाई के खिलाफ CPM का हल्लाबोल, अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन सौर बाजार। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भूमिहीनों की समस्याओं को लेकर CPM सौर बाजार अंचल कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता कामरेड केशव कुमार ने की, जबकि संचालन कामरेड कुलानन्द कुमार ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CPM के सहरसा जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और महंगाई पर रोक लगाने सहित भूमिहीनों को वास-आवास एवं पर्चाधारियों को दखल-दिहानी दिलाने की मांग की। धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व अधिकारी को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। वहीं, अंचलाधिकारी के प्रतिनिधियों से वार्ता किए बिना चले जाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए घंटों कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन में सैकड़ों CPM कार्यकर्ता मौजूद रहे।1