धरियावद क्षेत्र के जूना बोरिया गांव में वन विभाग द्वारा एक गरीब परिवार के मकान को ध्वस्त किए जाने के विरोध में ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को वन विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते हुए एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। विधायक डामोर ने आरोप लगाया कि जूना बोरिया गांव में जिस मकान को वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किया, वह असल में ग्राम पंचायत की भूमि पर निर्मित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सीमांकन की सही जानकारी के अभाव में विभाग ने यह कार्रवाई की, जिसके चलते एक गरीब परिवार बेघर हो गया। डामोर ने बताया कि इस मकान के टूटने से परिवार की महिला सहित दो मासूम बच्चों का आशियाना उजड़ गया है। विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार को भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित परिवार को शीघ्र आवास निर्माण तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक डामोर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पीड़ित परिवार को राहत नहीं मिली तो वे ग्रामीणों और किसानों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने थोड़ी देर के लिए सड़क को भी जाम कर दिया, जिसे प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कुछ देर में खोल दिया गया। हालांकि, अपनी मांगें पूरी न होने पर विधायक डामोर सहित सैकड़ों ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय में धरने पर बैठ गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
धरियावद क्षेत्र के जूना बोरिया गांव में वन विभाग द्वारा एक गरीब परिवार के मकान को ध्वस्त किए जाने के विरोध में ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को वन विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते हुए एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। विधायक डामोर ने आरोप लगाया कि जूना बोरिया गांव में जिस मकान को वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किया, वह असल में ग्राम पंचायत की भूमि पर निर्मित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सीमांकन की सही जानकारी के अभाव में विभाग ने यह कार्रवाई की, जिसके चलते एक गरीब परिवार बेघर हो गया। डामोर ने बताया कि इस मकान के टूटने से परिवार की महिला सहित दो मासूम बच्चों का आशियाना उजड़ गया है। विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार को भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित परिवार को शीघ्र आवास निर्माण तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक डामोर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पीड़ित परिवार को राहत नहीं मिली तो वे ग्रामीणों और किसानों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने थोड़ी देर के लिए सड़क को भी जाम कर दिया, जिसे प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कुछ देर में खोल दिया गया। हालांकि, अपनी मांगें पूरी न होने पर विधायक डामोर सहित सैकड़ों ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय में धरने पर बैठ गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- जूना बोरिया में वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के संदर्भ में विधायक थावरचंद डामोर ने जनता को संबोधित करते हुए एक संदेश दिया है। इस संदेश में विधायक ने क्या कहा है, इस जानकारी को सुनने के लिए कहा गया है।1
- प्रतापगढ़ जिले में स्थित कार्यालय क्रय विक्रय सरकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसानों और महिलाओं की बड़ी संख्या में कतारें देखी गईं। पिछले साल, यूरिया खाद दुकानों पर अधिक दाम में मिली थी, जिसके कारण इस बार बारिश के पहले किसानों ने यूरिया खाद के लिए लंबी कतारें लगाईं। इस दौरान किसानों ने अपनी आवश्यकता के अनुसार यूरिया खाद प्राप्त किया।1
- दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।1
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र में स्थित चारभुजा नाथ का मंदिर एक जाना-माना और प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह मंदिर 'बड़े मंदिर' के नाम से भी विख्यात है, जहाँ हर साल हजारों भक्त दर्शन करने और धार्मिक लाभ प्राप्त करने आते हैं। इस चारभुजा मंदिर में विशेष रूप से हर पूर्णिमा के दिन हवन और पूजा का आयोजन किया जाता है, जिससे कई श्रद्धालु धर्म लाभ उठाते हैं।2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।1
- धरियावद क्षेत्र के जूना बोरिया गांव में वन विभाग द्वारा एक गरीब परिवार के मकान को ध्वस्त किए जाने के विरोध में ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को वन विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते हुए एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। विधायक डामोर ने आरोप लगाया कि जूना बोरिया गांव में जिस मकान को वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किया, वह असल में ग्राम पंचायत की भूमि पर निर्मित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सीमांकन की सही जानकारी के अभाव में विभाग ने यह कार्रवाई की, जिसके चलते एक गरीब परिवार बेघर हो गया। डामोर ने बताया कि इस मकान के टूटने से परिवार की महिला सहित दो मासूम बच्चों का आशियाना उजड़ गया है। विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार को भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित परिवार को शीघ्र आवास निर्माण तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक डामोर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पीड़ित परिवार को राहत नहीं मिली तो वे ग्रामीणों और किसानों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने थोड़ी देर के लिए सड़क को भी जाम कर दिया, जिसे प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कुछ देर में खोल दिया गया। हालांकि, अपनी मांगें पूरी न होने पर विधायक डामोर सहित सैकड़ों ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय में धरने पर बैठ गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- संगेसरा बस स्टैंड पर भारी कीचड़ के कारण यात्रियों और आम लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते आने-जाने वाले लोगों को हर दिन मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। शिकायत है कि ग्राम पंचायत संगेसरा इस समस्या को दूर करने के लिए कोई भी काम नहीं कर रही है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।1